गौ सुरक्षा अभियान: बिरकाली की श्री कृष्ण गौशाला में संत रामपाल जी महाराज ने 1500 क्विंटल सूखा चारा पहुंचाया, करीब 1000 गौवंश को मिली बड़ी राहत

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राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील के गांव बिरकाली की श्री कृष्ण गौशाला में सूखे चारे की कमी एक गंभीर समस्या बन गई थी। कम बारिश के कारण क्षेत्र में अकाल जैसी स्थिति बताई गई और इसका असर गौशाला की व्यवस्थाओं पर भी पड़ा। गौशाला में करीब 989 से 1000 गौवंश की देखभाल की जा रही थी, लेकिन सही सूखा चारा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं था। गौशाला प्रबंधन के अनुसार स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि केवल दो-चार दिन की तुड़ी शेष बची थी।

ऐसे समय में गौशाला कमेटी और ग्रामवासी सहायता की प्रार्थना लेकर संत रामपाल जी महाराज के समक्ष पहुंचे। प्रार्थना के बाद गौशाला का सर्वे कराया गया। सर्वे के दौरान गौवंश की संख्या और चारे की वास्तविक जरूरत को देखा गया। इसके बाद संत रामपाल जी महाराज के आदेश से 1500 क्विंटल सूखा चारा बिरकाली की श्री कृष्ण गौशाला के लिए स्वीकृत किया गया और यह चारा गौशाला तक पहुंचाकर कमेटी को सौंप दिया गया।

इतना ही नहीं, गौशाला की आगे की जरूरत को देखते हुए 220/70 फीट के शेड की मांग भी स्वीकृत की गई। इसका निर्माण नंबर आने पर किया जाएगा। इस तरह एक ओर तत्काल चारे की व्यवस्था हुई, वहीं दूसरी ओर गौवंश के लिए छाया की स्थायी व्यवस्था की दिशा में भी कदम बढ़ा।

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बिरकाली की श्री कृष्ण गौशाला में करीब 1000 गौवंश, चारे का गंभीर संकट

बिरकाली गांव की श्री कृष्ण गौशाला में बड़ी संख्या में गौवंश की देखभाल की जा रही है। गौशाला समिति की ओर से बताया गया कि यहां करीब 1000 गौवंश हैं। सर्वे के दौरान आश्रम की टीम ने एक-एक पशु की गिनती की और 989 पशु पाए गए। छोटे बछड़ों को मिलाकर संख्या करीब 1000 मानी गई।

लेकिन कम बारिश के कारण सूखे चारे की उपलब्धता लगातार कम होती गई। गौशाला प्रबंधन के अनुसार तुड़ी की स्थिति इतनी खराब हो चुकी थी कि नाम मात्र का चारा बचा था। करीब दो-चार दिन की व्यवस्था शेष होने की बात समिति ने बताई।

चारे की कमी के कारण गौवंश को मजबूरी में मूंग का नीरा खिलाने की बात भी सामने आई। समिति के अनुसार इससे पशुओं की तबीयत खराब होने का खतरा बना रहता था। इसलिए गौशाला के सामने तत्काल पर्याप्त सूखे चारे की व्यवस्था करना जरूरी हो गया था।

गौशाला समिति और ग्रामीण पहुंचे प्रार्थना लेकर, हुआ सर्वे

गंभीर स्थिति को देखते हुए श्री कृष्ण गौशाला समिति के प्रतिनिधि और ग्रामीण संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रार्थना लेकर पहुंचे। समिति के एक पदाधिकारी ने बताया कि करीब 26 लोग गौशाला से प्रार्थना लेकर गए थे। रास्ते में सोनडी और बरवाली से दो अन्य लोग भी उनके साथ जुड़े।

प्रतिनिधि धनाना धाम आश्रम पहुंचे, जहां प्रवेश से पहले व्यवस्था के अनुसार जांच की गई। इसके बाद उन्हें बैठाया गया और चाय-नाश्ते की व्यवस्था की गई। आगे उन्हें पंडाल में ले जाया गया, जहां उन्होंने संत रामपाल जी महाराज के दर्शन किए और गौशाला की चारे की समस्या रखी।

इसके बाद गौशाला की स्थिति जानने के लिए सर्वे टीम भेजी गई। टीम ने गौशाला में मौजूद गौवंश की संख्या और चारे की स्थिति को देखा। सर्वे में 989 पशु मिले और छोटे बछड़ों को मिलाकर करीब 1000 गौवंश की संख्या बताई गई।

सर्वे के बाद 1500 क्विंटल सूखा चारा गौशाला तक पहुंचा

सर्वे में गौशाला की वास्तविक जरूरत सामने आने के बाद 1500 क्विंटल सूखा चारा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। कुछ ही समय बाद चारे से भरे वाहन बिरकाली पहुंचने लगे और चारा श्री कृष्ण गौशाला समिति को हैंडओवर किया गया।

गौशाला समिति की ओर से चारा प्राप्त होने की पुष्टि की गई। समिति ने बताया कि जिस समय सहायता पहुंची, उस समय गौशाला में चारे की स्थिति बेहद खराब थी। एक क्विंटल भी तुड़ी उपलब्ध नहीं होने और केवल दो-चार दिन की व्यवस्था बचने की बात समिति की ओर से कही गई।

समिति के अनुसार, ऐसे समय में 1500 क्विंटल सूखा चारा पहुंचना बड़ी राहत है। चारा मिलने से करीब 1000 गौवंश के भोजन की तत्काल व्यवस्था को सहारा मिला।

220/70 फीट शेड की मांग भी हुई स्वीकृत

बिरकाली की श्री कृष्ण गौशाला की ओर से केवल चारे की मांग नहीं रखी गई थी। गौशाला में गौवंश के लिए 220/70 फीट के शेड की आवश्यकता भी बताई गई थी।

इस शेड की मांग को भी स्वीकृति मिली है। इसका निर्माण नंबर आने पर किया जाएगा। बताया गया कि अन्य गौशालाओं में भी कार्य चल रहा है और बिरकाली की गौशाला का नंबर आने पर 220/70 फीट का शेड बनाया जाएगा। इससे गौशाला को केवल तत्काल चारे की सहायता ही नहीं, बल्कि भविष्य में गौवंश के लिए छाया की व्यवस्था मिलने की उम्मीद भी बनी है।

चारे की गाड़ियां पहुंचीं तो गांव में दिखा उत्साह

जब 1500 क्विंटल सूखा चारा बिरकाली पहुंचा तो गांव में लोगों का उत्साह देखने को मिला। सैकड़ों ग्रामीण स्वागत के लिए एकत्रित हुए। फूलों की मालाएं लेकर लोग गांव के बाहर खड़े रहे। मंगलाचरण हुआ और पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया।

ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों की मौजूदगी में कार्यक्रम हुआ। ग्रामीणों ने सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। गौशाला के सामने चारे से भरे वाहन पहुंचने का दृश्य ग्रामीणों के लिए राहत का कारण बना। समिति के अनुसार, जिस समय गौशाला में चारे का संकट था, उसी समय इतनी बड़ी मात्रा में सूखा चारा पहुंचना महत्वपूर्ण सहायता रही।

गौशाला समिति प्रधान ने जताया आभार, बताया बड़ा सहयोग

श्री कृष्ण गौशाला समिति के प्रधान ने सहायता के लिए संत रामपाल जी महाराज का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि गौशाला में तुड़ी की कमी की समस्या थी और इसी कारण वह लोग प्रार्थना लेकर गए थे।

उन्होंने बताया कि प्रार्थना के बाद 1500 क्विंटल सूखा चारा गौशाला को मिला। समिति की ओर से आगे भी सहयोग की उम्मीद जताई गई। प्रधान ने यह भी कहा कि गौशाला के लिए शेड की मांग रखी गई थी, जिसे स्वीकृति मिली है। उन्होंने संत रामपाल जी महाराज और उनकी टीम का धन्यवाद किया तथा ग्रामीणों की ओर से भी आभार व्यक्त किया।

ग्रामीण बोले—संकट के समय पहुंची बड़ी राहत

मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने 1500 क्विंटल सूखा चारा पहुंचने पर खुशी जताई। एक ग्रामीण ने कहा कि इस सहायता से गौशाला को बहुत फायदा होगा और हजारों गौवंश के लिए राहत मिलेगी।

एक अन्य ग्रामीण ने बताया कि पहले उन्होंने संत रामपाल जी महाराज के बारे में सुना था, लेकिन अब प्रत्यक्ष रूप से सेवा कार्य देखा। उन्होंने गौशाला में इतनी बड़ी मात्रा में चारा पहुंचने पर आभार व्यक्त किया।

ग्रामीणों ने कहा कि अकाल जैसी स्थिति के बीच इतनी बड़ी मात्रा में सूखा चारा मिलना उनके लिए महत्वपूर्ण सहायता है। कुछ लोगों ने इसे गौवंश की देखभाल के लिए बड़ा सहयोग बताया।

1500 क्विंटल चारे की सहायता से गौशाला को मिली तत्काल राहत

बिरकाली की गौशाला में करीब 1000 गौवंश की देखभाल हो रही थी। ऐसे में रोजाना चारे की आवश्यकता बनी रहती है। कम बारिश के कारण जब सूखे चारे की उपलब्धता कम हुई तो गौशाला समिति के सामने समस्या बढ़ गई।

स्थिति यहां तक पहुंची कि समिति के अनुसार केवल दो-चार दिन की तुड़ी बची थी। ऐसे समय में 1500 क्विंटल सूखा चारा पहुंचने से तत्काल चारे की व्यवस्था को सहारा मिला। गौशाला समिति ने बताया कि यह सहायता उस समय आई जब वास्तव में चारे की जरूरत थी। चारा गौशाला तक पहुंचाकर समिति को सौंप दिया गया।

गौ सुरक्षा अभियान के तहत सेवा कार्यों का उल्लेख

कार्यक्रम के दौरान गौ सुरक्षा अभियान के तहत विभिन्न गौशालाओं में किए गए सेवा कार्यों का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि जिन गौशालाओं की ओर से सहायता के लिए प्रार्थना की गई, वहां जरूरत के अनुसार सर्वे कराया गया और सेवा पहुंचाने की प्रक्रिया अपनाई गई।

बिरकाली की गौशाला में भी पहले प्रार्थना रखी गई, उसके बाद सर्वे हुआ और गौवंश की संख्या तथा चारे की जरूरत का निरीक्षण किया गया। इसके बाद 1500 क्विंटल सूखा चारा पहुंचाया गया।

कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि सेवा का उद्देश्य केवल दिखावा नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर सहायता पहुंचाना बताया गया। बिरकाली में चारा पहुंचने के बाद गौशाला समिति और ग्रामीणों ने इसे प्रत्यक्ष सहायता के रूप में देखा।

अन्नपूर्णा मुहिम और अन्य सामाजिक कार्यों का भी हुआ उल्लेख

कार्यक्रम के दौरान अन्नपूर्णा मुहिम का भी उल्लेख किया गया। वक्ताओं ने बताया कि इस मुहिम के तहत जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन और अन्य सहायता से जुड़े कार्य किए जाते हैं।

इसके अलावा बच्चों की शिक्षा, गरीब परिवारों के लिए आवास, कपड़े और किसानों के लिए खेती से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराने जैसी सेवाओं का भी उल्लेख किया गया। वक्ताओं ने दहेज-मुक्त विवाह और जरूरतमंद परिवारों की सहायता जैसे सामाजिक कार्यों की जानकारी भी साझा की।

इन सभी बातों का उल्लेख कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं की ओर से किया गया। बिरकाली के कार्यक्रम में मुख्य रूप से गौशाला को मिली 1500 क्विंटल सूखे चारे की सहायता और 220/70 फीट शेड की स्वीकृति पर ध्यान रहा।

ग्रामवासियों ने फूल-मालाओं और पुष्प वर्षा के साथ किया स्वागत

बिरकाली में सहायता पहुंचने के अवसर पर ग्रामीणों ने विशेष स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया। गांव के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। फूलों की मालाएं लेकर ग्रामीण स्वागत के लिए खड़े रहे।

मंगलाचरण के बाद स्वागत और सम्मान का कार्यक्रम हुआ। माताएं-बहनें भी कार्यक्रम में पहुंचीं। ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों और अन्य ग्रामीणों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। चारे की गाड़ियों के गौशाला पहुंचने और समिति को सहायता सौंपे जाने के बाद ग्रामीणों ने खुशी जताई। पूरे कार्यक्रम में गौशाला और गौवंश की सेवा को लेकर लोगों की भागीदारी दिखाई दी।

बिरकाली की कहानी: संकट के समय पहुंचा चारा, गौशाला में लौटी राहत

बिरकाली की श्री कृष्ण गौशाला में जब सूखे चारे की समस्या गंभीर हो गई थी, तब समिति और ग्रामीणों ने सहायता के लिए संत रामपाल जी महाराज के पास प्रार्थना रखी। सर्वे में करीब 989 पशु मिले और छोटे बछड़ों को मिलाकर संख्या करीब 1000 बताई गई।

गौशाला में चारे की स्थिति इतनी खराब थी कि समिति के अनुसार केवल दो-चार दिन की व्यवस्था बची थी। इसी संकट के बीच 1500 क्विंटल सूखा चारा गौशाला तक पहुंचा और समिति को सौंपा गया। ग्रामीणों ने इस सहायता का स्वागत किया और गौशाला समिति ने आभार व्यक्त किया। साथ ही 220/70 फीट शेड की स्वीकृति ने गौशाला की आगे की जरूरतों को लेकर भी उम्मीद जगाई।

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