आज के दौर में जब आम आदमी बुनियादी समस्याओं और विकट परिस्थितियों के सामने खुद को असहाय पाता है, तब संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में संचालित होने वाले निःस्वार्थ सेवा कार्य समाज के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आ रहे हैं। चाहे अनाथ बच्चों के सिर पर छत और भोजन की व्यवस्था करना हो, मूक गोवंश के चारे और संसाधनों का संकट हो, या फिर समाज में फैली कुरीतियों को दूर कर आध्यात्मिक ज्ञान का प्रसार, आश्रम की ओर से हर वर्ग की सुध ली जा रही है।
हाल ही में हरियाणा, राजस्थान और बिहार के विभिन्न इलाकों से पत्रकार, गौशाला प्रधान, पूर्व सरपंच, जिला पार्षद और ग्रामीण संत रामपाल जी महाराज जी के दर्शन करने सतलोक आश्रम पहुंचे। आइए इन 6 प्रमुख मुलाकातों और उनके मुख्य बिंदुओं पर एक नज़र डालते हैं:
एक नज़र: प्रमुख जनसेवाएं और संस्मरण
| क्र. | आगंतुक का नाम / पद | स्थान (राज्य) | प्रमुख चर्चाएं एवं आभार |
| 1. | गौशाला प्रधान एवं प्रतिनिधि (32 सदस्य) | थलड़का, हनुमानगढ़ (राजस्थान) | गौमाता की सेवा और अन्नपूर्णा मुहिम के तहत किसानों व गरीबों की मदद पर आभार तथा सभी मांगें मंजूर होने पर कृतज्ञता। |
| 3. | पूर्व सरपंच (बलराज सिंह नांदल) | कुताना, रोहतक (हरियाणा) | संत रामपाल जी महाराज के लोकहितकारी कार्यों और आशीर्वाद पर चर्चा व आभार। |
| 4. | गौशाला प्रधान (गोपाल गौशाला) | सुलियावास, सीकर (राजस्थान) | गौशाला के लिए ट्रैक्टर, चारा भंडार और चारे की मांग रखने पर तुरंत स्वीकृति मिलने पर धन्यवाद। |
| 5. | युवा जिला पार्षद, सरपंच एवं प्रतिनिधि | समस्तीपुर (बिहार) | तीन अनाथ बच्चों के लिए मात्र 50 दिनों में पक्के मकान का निर्माण कराने और नियमित राशन मिलने पर अभूतपूर्व सराहना व सम्मान। |
| 6. | मारुति वर्कर एवं श्रद्धालु | गुड़गांव, गुरुग्राम (हरियाणा) | संत जी के नेक कार्यों और समाज सेवा के प्रति समर्पण की सराहना तथा भ्रामक अफवाहों पर चर्चा। |
मुलाकातों का विस्तृत ब्यौरा एवं मुख्य अंश
थलड़का गौशाला के प्रधान व ग्रामीणों द्वारा संत रामपाल जी महाराज का अभिनंदन (हनुमानगढ़, राजस्थान)
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के थलड़का क्षेत्र से गौशाला के प्रधान और 32 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल आश्रम पहुंचा। उन्होंने गौमाता की सेवा और अन्नपूर्णा मुहिम के तहत चलाए जा रहे लोक कल्याणकारी कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। संत जी ने उनकी सभी उचित मांगों को तुरंत स्वीकार करते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
नरवाना के पत्रकार द्वारा सतलोक आश्रम के सेवा कार्यों की वास्तविकता की समीक्षा (जींद, हरियाणा)
हरियाणा के नरवाना से आए एक पत्रकार ने विशेष मुलाकात के दौरान साझा किया कि पहले वे आश्रम के खिलाफ नकारात्मक खबरें चलाते थे। परंतु जब उन्होंने खुद बाढ़ और संकट के समय डूबे घरों व खेतों के पीड़ितों से मिलकर सच्चाई की तह तक जांच की, तो उन्हें पता चला कि संत रामपाल जी महाराज के माध्यम से किस प्रकार ज़मीनी स्तर पर वास्तविक और निःस्वार्थ सहायता पहुंचाई जा रही है।
कुताना के पूर्व सरपंच द्वारा संत रामपाल जी महाराज के दर्शन व आशीर्वाद (रोहतक, हरियाणा)
रोहतक जिले के कुताना गांव से आए पूर्व सरपंच बलराज सिंह नांदल ने सतलोक आश्रम पहुंचकर संत रामपाल जी महाराज से भेंट की। उन्होंने संत जी के प्रति अपनी गहरी आस्था प्रकट करते हुए समाज हित में चल रहे अभियानों की सराहना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।
सीकर गौशाला प्रधान द्वारा संसाधनों की मांग और त्वरित सहायता पर आभार (सुलियावास, राजस्थान)
राजस्थान के सीकर जिले के सुलियावास स्थित गोपाल गौशाला के प्रधान अपने साथियों के साथ आश्रम पहुंचे। उन्होंने गौवंश की सेवा के लिए चारा भंडार, चारे और ट्रैक्टर की आवश्यकता बताई। संत जी ने उनकी मांगों को सुनकर तुरंत स्वीकृति प्रदान की, जिससे गौसेवकों में भारी प्रसन्नता छा गई।
बिहार के जनप्रतिनिधियों द्वारा अनाथ बच्चों के आवास निर्माण पर आभार (समस्तीपुर, बिहार)
बिहार के समस्तीपुर से आए युवा जिला पार्षद, विभिन्न गांवों के सरपंचों और जनप्रतिनिधियों ने ऐतिहासिक मुलाकात की। उन्होंने बताया कि संत रामपाल जी महाराज जी के सौजन्य से अत्यंत गरीब और अनाथ तीन बच्चों के लिए मात्र 50 दिनों में सुंदर पक्का मकान तैयार किया गया है तथा अन्नपूर्णा योजना के तहत नियमित राशन दिया जा रहा है। बिहार की मिथिला संस्कृति के प्रतीक पाग और अंगवस्त्र से संत जी का सम्मान करते हुए जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जो कार्य सरकारें नहीं कर पा रही हैं, वह संत जी की मुहिम से संभव हो रहा है।
गुड़गांव के श्रद्धालुओं द्वारा संत रामपाल जी महाराज के सेवा कार्यों की सराहना (गुरुग्राम, हरियाणा)
हरियाणा के गुरुग्राम (गुड़गांव) से आए श्रद्धालुओं और मारुति वर्कर ने आश्रम का दौरा किया। उन्होंने समाज में संत जी के खिलाफ फैलाई जाने वाली भ्रामक अफवाहों पर चर्चा की, जिस पर मार्गदर्शन देते हुए बताया गया कि संत समाज अपने निर्धारित सेवा और परोपकार के मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहता है।
मानवता के उत्थान की सच्ची तस्वीर
उपरोक्त सभी मुलाकातें इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि निःस्वार्थ भाव से चलाई जा रही जनसेवा का दायरा कितना व्यापक और असरदार है। अनाथ बच्चों के लिए आवास निर्माण, गौवंश संरक्षण, अन्नपूर्णा योजना के तहत राशन वितरण और संकट में फंसे ज़रूरतमंदों की सहायता जैसे कार्य यह साबित करते हैं कि संत रामपाल जी महाराज जी के कदम संपूर्ण मानव समाज के लिए एक प्रेरणास्त्रोत हैं।



