संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों ने अपने गांव और परिवारों से जुड़े अनुभव साझा किए। किसी ने गांव में पेयजल की समस्या दूर होने पर धन्यवाद दिया, तो किसी ने बाढ़ के दौरान पाइप और मोटर उपलब्ध कराने के लिए आभार जताया। वहीं, कुछ लोगों ने जरूरतमंद परिवारों के लिए राशन, मकान, शिक्षा और चिकित्सा सहायता की बात भी रखी।
गांव में पानी की समस्या हुई दूर
बड़छप्पर से आए एक व्यक्ति ने बताया कि उनके गांव में पीने के पानी की व्यवस्था के लिए पाइपलाइन और ट्यूबवेल से जुड़ी व्यवस्था की गई है। उन्होंने इसके लिए संत रामपाल जी महाराज का धन्यवाद किया। उन्होंने यह भी बताया कि पिछली 10 तारीख को बारिश के बाद आई समस्या के दौरान 2,200 फीट पाइप और तीन मोटर भेजी गई थीं। इसके लिए भी उन्होंने आभार व्यक्त किया।
एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि वह पहले भी पानी की समस्या को लेकर आए थे और उस समय मोटर व पाइप दिए गए थे। इसके बाद पानी की समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई।
जरूरतमंद परिवार के लिए मकान और बच्चों की शिक्षा का आश्वासन
एक गरीब परिवार की समस्या भी सामने रखी गई। बताया गया कि परिवार में एक व्यक्ति के दोनों पैर कटे हुए हैं और परिवार में तीन बच्चे हैं। परिवार के पास कमाने वाला कोई व्यक्ति नहीं है और उनके सिर पर पक्की छत भी नहीं है।
इस पर संत रामपाल जी महाराज ने परिवार की पूरी मदद करने की बात कही। साथ ही बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था कराने और परिवार के लिए मकान बनवाने का आश्वासन दिया गया। उन्होंने संबंधित परिवार का पूरा पता नोट कर सेवा जल्द शुरू करने की बात भी कही।
दिल्ली के अस्पताल से आए डॉक्टरों ने जताया आभार
दिल्ली के सीके बिड़ला हॉस्पिटल से आए डॉक्टर ने भी संत रामपाल जी महाराज का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से आए एक मरीज का ऑपरेशन होना है और उन्हें जानकारी मिली कि मरीज के इलाज का पूरा खर्च आश्रम की ओर से किया जा रहा है।
डॉक्टर ने इस बात पर विश्वास जताते हुए संत रामपाल जी महाराज से मिलने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने अपनी ऑर्थोपेडिक्स टीम के साथ दर्शन करने की बात कही और जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सेवा के लिए उपलब्ध रहने की बात भी कही। इस पर संत रामपाल जी महाराज ने जरूरतमंद लोगों की पूरी मदद करने की बात कही।
अन्नपूर्णा मुहिम से प्रभावित होने की बात
एक व्यक्ति ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम से कई लोग प्रभावित हुए हैं। उनके अनुसार, पहले उनके कुछ मित्र इस मुहिम का विरोध करते थे, लेकिन मुहिम के कार्यों को देखने के बाद वे भी इससे जुड़ना चाहते हैं।
उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र में भी अन्नपूर्णा मुहिम के तहत जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंच रही है। उनका कहना था कि जहां भी किसी व्यक्ति के दुख और जरूरत की जानकारी मिलती है, वहां सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।
गरीब परिवारों के लिए राशन और आत्मनिर्भरता तक सहायता
अन्नपूर्णा मुहिम के तहत जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली सामग्री का भी उल्लेख किया गया। इसमें आटा, अलग-अलग प्रकार की दाल और देसी घी जैसी खाद्य सामग्री दिए जाने की बात कही गई। साथ ही यह भी बताया गया कि जरूरतमंद परिवारों को तब तक सहायता देने की बात कही जाती है, जब तक वे अपने पैरों पर खड़े नहीं हो जाते।
एक मुस्लिम परिवार का उदाहरण भी साझा किया गया। बताया गया कि जिस व्यक्ति ने पहले संत रामपाल जी महाराज के बारे में आपत्तियां व्यक्त करते हुए पोस्ट की थी, उसी परिवार को जरूरत पड़ने पर अन्नपूर्णा मुहिम के बारे में जानकारी मिली और उसके बाद परिवार को हर महीने राशन मिलने लगा। बाद में उस व्यक्ति ने संत रामपाल जी महाराज की प्रशंसा करते हुए अपनी बात साझा की।
सेवा कार्यों को लेकर लोगों ने जताया आभार
अलग-अलग लोगों ने पानी, चिकित्सा, राशन, मकान और शिक्षा जैसी जरूरतों से जुड़े सेवा कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया। कई लोगों ने संत रामपाल जी महाराज को जरूरतमंदों का सहारा बताते हुए अपनी बात रखी।
इन अनुभवों में ग्रामीण क्षेत्रों की पानी की समस्या दूर करने के लिए 2,200 फीट पाइप और तीन मोटर उपलब्ध कराने से लेकर जरूरतमंद परिवार के लिए मकान और बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था कराने तक की बातें सामने आईं। वहीं, चिकित्सा सहायता और अन्नपूर्णा मुहिम के तहत राशन उपलब्ध कराने के अनुभव भी साझा किए गए।



