January 16, 2026

संत रामपाल जी महाराज ने बाढ़ प्रभावित सरहेड़ा गांव को दी जीवन रेखा, 24 घंटे में पहुंचाई मदद

Published on

spot_img

सरहेड़ा, हिसार – संत रामपाल जी महाराज ने हरियाणा के हिसार जिले के बाढ़ग्रस्त गांव सरहेड़ा में निर्णायक करुणा का प्रदर्शन करते हुए तत्काल महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। जब कई एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई थी और किसानों की अगली फसल की बुआई की उम्मीदें खत्म हो गई थीं, तब संत रामपाल जी महाराज ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा संपर्क किए जाने के मात्र 24 घंटों के भीतर एक स्थायी समाधान प्रदान किया, जो स्थानीय प्रशासन और राजनेता करने में विफल रहे थे।

निराशा में डूबा एक गांव

सरहेड़ा में स्थिति गंभीर थी। लगभग 550 एकड़ कृषि भूमि बाढ़ के पानी में डूबी हुई थी, जिससे किसानों के लिए अगली गेहूं की फसल बोना असंभव हो गया था। एक ऐसे समुदाय के लिए जिसकी पूरी आजीविका फसल पर निर्भर करती है, यह एक आर्थिक तबाही थी। पानी न केवल बची-खुची फसलों को नष्ट कर चुका था, बल्कि रिहायशी इलाकों में भी घुस रहा था, जिससे चारों ओर संकट का माहौल था। ग्रामीणों ने अपने घरों, फसलों और पशुओं को हुए भारी नुकसान का वर्णन किया। 

इस आपदा का सामना करते हुए, ग्रामीणों ने स्थानीय राजनेताओं और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। हालांकि, उनकी गुहारों का जवाब झूठे आश्वासनों के अलावा और कुछ नहीं था, जिससे समुदाय ने खुद को असहाय और निराश महसूस किया।

मदद की गुहार और एक चमत्कारी प्रतिक्रिया

तभी गांव के एक निवासी, जो संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी थे, ने ग्राम पंचायत को एक उच्च शक्ति से मदद मांगने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आग्रह किया, “देरी आपकी ओर से है, गुरुजी तो देने के लिए तैयार बैठे हैं।” इस प्रेरणा से, सरपंच प्रतिनिधि श्री पवन कुमार के नेतृत्व में पूरी पंचायत ने संत रामपाल जी महाराज से मदद मांगने का फैसला किया। उन्होंने बरवाला जाकर एक प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें खेतों से पानी निकालने के लिए दो बड़ी 20 हॉर्स पावर (HP) की मोटरें और 13,000 फुट पाइप की मांग की गई थी।

प्रतिक्रिया ऐसी थी जिसका ग्रामीणों ने कभी अनुभव नहीं किया था। संत रामपाल जी महाराज ने उनकी प्रार्थना तत्काल स्वीकार कर ली। सरकारी माध्यमों से मिली निराशाजनक चुप्पी के ठीक विपरीत, 24 घंटे से भी कम समय में राहत सामग्री से भरे ट्रकों का एक विशाल काफिला सरहेड़ा पहुंच गया।

पहुंचाई गई सहायता: एक पूर्ण और विचारशील समाधान

संत रामपाल जी महाराज ने न केवल उनकी मांग पूरी की, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव जरूरत का अनुमान लगाया कि राहत कार्य निर्बाध रूप से चले। सहायता पैकेज एक संपूर्ण समाधान था, जिसमें शामिल थे:

  • दो 20-HP की मोटरें: भारी मात्रा में पानी को तेजी से बाहर निकालने के लिए पर्याप्त शक्तिशाली।
  • 13,000 फुट उच्च गुणवत्ता वाले पाइप: पानी को खेतों से दूर ले जाने के लिए।
  • संपूर्ण सामान: इस राहत सामग्री में स्टार्टर, केबल, नट, बोल्ट, पाइप के बैंड, वाल्व और यहां तक कि चिपकाने के लिए फेविकोल भी शामिल था।

संत रामपाल जी महाराज का निर्देश स्पष्ट था: पहले से ही संकटग्रस्त किसानों को किसी भी एक छोटे सामान के लिए भी परेशान न होना पड़े। हर छोटे हिस्से का प्रावधान यह सुनिश्चित करता था कि जल निकासी प्रणाली को बिना किसी देरी के चालू किया जा सके।

कृतज्ञता की आवाजें: “वह हमारे लिए भगवान हैं”

सहायता काफिले के आगमन ने सरहेड़ा के निवासियों में अत्यधिक राहत और खुशी की भावना ला दी। उनकी निराशा गहरे आभार में बदल गई जब उन्होंने अपनी प्रार्थना के ठोस परिणाम देखे।

सरपंच प्रतिनिधि पवन कुमार ने कहा, “संत रामपाल जी महाराज जी ने जो सहायता की है, उसके लिए हम उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हैं।”

ग्रामीणों ने राजनेताओं की उदासीनता के साथ इस निःस्वार्थ कार्य की तुलना करते हुए खुलकर प्रशंसा की। एक निवासी ने टिप्पणी की, “राजनेता आते हैं, अपनी तस्वीरें खिंचवाते हैं और चले जाते हैं। लेकिन जो संत रामपाल जी महाराज ने किया है, वह किसी साधारण इंसान का काम नहीं है; यह केवल परमात्मा ही कर सकते हैं। वह हमारे लिए भगवान के रूप में आए हैं।”

Also Read: 24 घंटे में बदली भैणी भैरों गाँव की किस्मत: संत रामपाल जी महाराज ने बचाया रोहतक का डूबता गाँव

एक अन्य ग्रामीण ने भावुक होकर कहा, “सरकार केवल झूठे दिलासे देती है। संत रामपाल जी महाराज ने समस्या को समझा और इसे हल करने के लिए 13,000 फुट पाइप और दो 20-HP की मोटरें भेजीं। यह परोपकार का सच्चा कार्य है।”

एक स्थायी समाधान और कार्रवाई का आह्वान

सामग्री के साथ, संत रामपाल जी महाराज ने ग्रामीणों को एक पत्र भेजा। उन्होंने गांव वालों से आग्रह किया कि वे मिलकर जल्द से जल्द पानी निकालें और अगली फसल की समय पर बुआई सुनिश्चित करें।

महत्वपूर्ण रूप से, उन्होंने इस सहायता को एक अस्थायी उपाय के रूप में नहीं बल्कि एक स्थायी उपहार के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने ग्रामीणों को भविष्य में बाढ़ से बचाने के लिए पाइपों को जमीन के नीचे दबाने की सलाह दी। संदेश में कहा गया, “आपकी बाढ़ की समस्या का सदा के लिए समाधान कर दिया।”

इस सहायता के साथ जिम्मेदारी की एक अपील भी थी। संत रामपाल जी महाराज ने स्पष्ट किया कि समुदाय को सामग्री का प्रभावी ढंग से उपयोग करना चाहिए। ग्राम पंचायत ने स्वीकृति पत्र पर हस्ताक्षर किए, यह आश्वासन देते हुए कि वे पूरी निष्ठा के साथ योजना को क्रियान्वित करेंगे।

यह मदद पाकर सरहेड़ा के ग्रामीणों को एक नया हौसला मिला है। संत रामपाल जी महाराज ने न केवल उनकी तात्कालिक समस्या का समाधान किया, बल्कि एक स्थायी समाधान देकर उन्हें भविष्य के लिए भी सुरक्षित कर दिया है। अब उन्हें पूरा यकीन है कि संत रामपाल जी महाराज की दया से वे जल्द ही इस आपदा से बाहर निकल जाएंगे।

निस्वार्थ सेवा की सच्ची मुहीम

सरहेड़ा गाँव को दी गई सहायता कोई अकेली घटना नहीं है। यह संत रामपाल जी महाराज द्वारा आयोजित “अन्नपूर्णा मुहिम” नामक एक विशाल और निरंतर बाढ़ राहत पहल का हिस्सा है, जिसने 200 से अधिक गाँवों तक मदद पहुँचाई है। इस मानवीय मिशन को सुनिश्चित करने के लिए, उन्होंने अपने 12 आश्रमों और 500 से अधिक नामदान केंद्रों पर सभी निर्माण कार्यों को रोकने का सख्त आदेश दिया, ताकि सभी धन और जनशक्ति को बाढ़ प्रभावित गाँवों को बचाने में लगाया जा सके। सभी प्रयासों का पूर्ण कवरेज SA NEWS CHANNEL द्वारा सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रलेखित और प्रकाशित किया जा रहा है।

इस पहल की विस्तृत रिपोर्टिंग पढ़ें: सामाजिक कल्याण | SA News Channel

संत रामपाल जी महाराज ने यह प्रदर्शित किया है कि जब सरकार और अफसरशाही की देरी एक संकट को और बिगाड़ सकती है, तब निर्णायक, करुणामय और जवाबदेह नेतृत्व कैसा दिखता है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया सरहेड़ा गाँव के संबंध में हमारी व्यापक कवरेज देखें:

Latest articles

जहाँ सरकार हुई विफल, वहाँ “भगवान” बनकर पहुँचे संत रामपाल जी महाराज: किशोरपुर गाँव की बदली तकदीर

आज के दौर में जब आम आदमी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटकर निराश हो...

विपदा से विकास तक: संत रामपाल जी महाराज ने रची इस्माइलपुर की जल-निकासी की गौरवगाथा

जींद ज़िले के नरवाना शहर के अंतर्गत आने वाला गांव इस्माइलपुर गाँव अत्यधिक वर्षा...

​मात्र 2 घंटे में निराशा बदली उम्मीद में: सतगुरु रामपाल जी महाराज ने बचाया गांव बूढ़ा खेड़ा लाठर (जींद, हरियाणा)

हरियाणा के जींद जिले के गाँव बूढ़ा खेड़ा लाठर की कहानी उस रफ़्तार की...

Indian Army Day 2026: The Day for the Unsung Heroes of the Country

Last Updated on 14 January 2026 IST | Indian Army Day is an annual...
spot_img

More like this

जहाँ सरकार हुई विफल, वहाँ “भगवान” बनकर पहुँचे संत रामपाल जी महाराज: किशोरपुर गाँव की बदली तकदीर

आज के दौर में जब आम आदमी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटकर निराश हो...

विपदा से विकास तक: संत रामपाल जी महाराज ने रची इस्माइलपुर की जल-निकासी की गौरवगाथा

जींद ज़िले के नरवाना शहर के अंतर्गत आने वाला गांव इस्माइलपुर गाँव अत्यधिक वर्षा...

​मात्र 2 घंटे में निराशा बदली उम्मीद में: सतगुरु रामपाल जी महाराज ने बचाया गांव बूढ़ा खेड़ा लाठर (जींद, हरियाणा)

हरियाणा के जींद जिले के गाँव बूढ़ा खेड़ा लाठर की कहानी उस रफ़्तार की...