राजस्थान राज्य के श्रीगंगानगर जिले के पाकिस्तान सीमा के निकट स्थित गांव 57 जीबी में स्वर्गीय प्यारा सिंह हेयर की स्मृति में संचालित गौशाला को संत रामपाल जी महाराज द्वारा सहायता प्रदान की गई है। इस गौशाला में लगभग पांच सौ से पांच सौ पच्चीस गोवंश आश्रित हैं। इस क्षेत्र में सावन और भादो मास में वर्षा न होने के कारण भीषण सूखा और छप्पनियां अकाल की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, जिसके फलस्वरूप किसानों की नरमा की फसलें जल चुकी हैं और गौशाला में चारे का गंभीर संकट पैदा हो गया था।
गौशाला समिति का सतलोक आश्रम दौरा एवं संत रामपाल जी महाराज से भेंट
गौशाला समिति के प्रतिनिधिमंडल जिसमें रमेश जी, हीरालाल जी, जगदीप जी मल्लिक, मदन जी खींचड़, रूपाराम जी तथा पैंतीस वर्ष का पत्रकारिता अनुभव रखने वाले उनसठ वर्षीय नागरिक शामिल थे, ने घटना से पांच दिन पूर्व सतलोक आश्रम, धनाना धाम (सोनीपत, हरियाणा) की यात्रा की। समिति सदस्यों ने वहां प्राप्त अभूतपूर्व आतिथ्य का उल्लेख किया, जिसमें कैंसर कारक प्लास्टिक डिस्पोजेबल के स्थान पर स्टील के गिलासों में पानी, चाय और बिस्कुट प्रदान किए गए। समिति सदस्यों ने किसी बिचौलिए या पर्ची व्यवस्था के बिना संत रामपाल जी महाराज से प्रत्यक्ष भेंट कर क्षेत्र में उत्पन्न चारे की कमी से अवगत कराया।
संत रामपाल जी महाराज द्वारा स्वीकृत सहायता एवं राहत सामग्री का विवरण
गौशाला समिति द्वारा प्रस्तुत मांगों पर विचार करते हुए संत रामपाल जी महाराज ने निम्नलिखित सहायता तत्काल स्वीकृत की और उसका वितरण आरंभ कराया:
- सूखा चारा (तूड़ी): पांच सौ गोवंश के लिए प्रतिदिन पांच किलोग्राम (ढाई किलो सुबह और ढाई किलो शाम) के हिसाब से एक माह के लिए सात सौ से साढ़े सात सौ क्विंटल सूखा चारा स्वीकृत किया गया। मौके पर चौदह से पंद्रह पिकअप और ट्रकों के काफिले के माध्यम से सात सौ क्विंटल तूड़ी गौशाला परिसर में पहुंचाई गई।
- गौशाला शेड: गौशाला परिसर में एक सौ गुना दो सौ फीट का विशाल शेड निर्माण कार्य नवंबर माह से प्रारंभ करने की स्वीकृति दी गई।
- पेयजल समाधान: क्षेत्र में भूमिगत जल खारा और पांच से छह सौ फीट गहरा होने के कारण बोरवेल और नलकूप स्थापना की मांग को भी स्वीकृत किया गया।
गौशाला राहत एवं सहायता विवरण सारांश तालिका
| विवरण श्रेणी | विवरण / मात्रा | स्थान / संदर्भ |
| भौगोलिक स्थिति | गांव 57 जीबी, तहसील व जिला श्रीगंगानगर (राजस्थान) | पाकिस्तान बॉर्डर के निकट |
| गौशाला नाम | स्वर्गीय प्यारा सिंह हेयर गौशाला (श्री श्याम गौ सेवा समिति) | ग्राम 57 जीबी |
| आश्रित गोवंश | लगभग 500 से 525 पशु | गौशाला परिसर |
| चारा सहायता | 700 क्विंटल सूखा चारा (तूड़ी) | 14-15 वाहनों द्वारा प्रेषित |
| शेड निर्माण | 100 × 200 फीट शेड | नवंबर से निर्माण प्रारंभ |
अन्नपूर्णा मुहिम एवं राष्ट्रव्यापी सामाजिक कल्याणकारी योजनाएं
संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित अन्नपूर्णा मुहिम और गौ सुरक्षा अभियान के अंतर्गत देश भर में व्यापक सामाजिक कल्याण कार्य किए जा रहे हैं:
- कृषि सहायता: ढाई एकड़ (ढाई हेक्टेयर) तक की भूमि वाले किसानों को डीएपी खाद, बीज, दवाइयां और स्प्रे निःशुल्क प्रदान किए जाते हैं। इसके लिए किसान को फरद, मेरी फसल मेरा ब्यौरा और आधार कार्ड प्रस्तुत करना होता है।
- निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं: गंभीर तथा असाध्य रोगों एवं कैंसर के अंतिम चरण के रोगियों के लिए हिसार, भिवानी, रोहतक पीजीआई, पीजीआई चंडीगढ़, मेदांता और फोर्टिस अस्पतालों में निःशुल्क उपचार कराया जाता है।
- लंगर एवं राशन वितरण: आश्रमों में चौबीस घंटे निःशुल्क लंगर संचालित होता है, जिसमें अट्ठारह हजार रोटियां प्रति घंटे बनाने वाली मशीनें तथा हजारों परिवारों के लिए पच्चीस किलो आटा, पांच किलो चावल, तेल, मसाले और साबुन की राशन किट वितरित की जाती हैं। हाल ही में भंडारे में डेढ़ करोड़ रुपये का देसी घी (वीटा घी) उपयोग किया गया।
- आपदा प्रबंधन: आगरा से अमृतसर तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नावों द्वारा जल निकासी और चूरू, नौर, हनुमानगढ़ व गंगानगर में सूखे के दौरान हजारों ट्रैक्टरों से चारे की आपूर्ति की जाती है।
- आध्यात्मिक कार्यक्रम: साधना चैनल पर प्रतिदिन शाम साढ़े सात से साढ़े आठ बजे तक सत्संग प्रसारित होता है, तथा शास्त्रों के विरुद्ध आचरण करने वालों को चुनौती देते हुए डिबेट में शास्त्रार्थ प्रमाणित करने पर एक लाख रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया है।
सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीण विकास और सामाजिक सहभागिता पर व्यापक प्रभाव
श्रीगंगानगर जिले के सीमावर्ती गांव 57 जीबी, राम सिंहपुर और आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों ने प्रशासनिक उपेक्षा के विपरीत संत रामपाल जी महाराज द्वारा एक सप्ताह के भीतर बिना किसी बाधा के सीधे राहत सामग्री उपलब्ध कराए जाने पर गहरी संतुष्टि व्यक्त की है। स्थानीय नागरिकों और समिति पदाधिकारियों ने इस प्रकार के विशाल सेवा कार्यों को ऐतिहासिक करार देते हुए संत रामपाल जी महाराज के प्रति बार-बार आभार प्रकट किया है। इस अन्नपूर्णा मुहिम और गौ सुरक्षा अभियान से कलयुग में सतयुग जैसी व्यवस्था स्थापित होने का संदेश मिल रहा है, जिससे पीड़ित मानवता को वास्तविक राहत प्राप्त हो रही है।



