संत रामपाल जी महाराज लेटेस्ट न्यूज: एक और मामले में संत रामपाल जी महाराज हुए बरी

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संत रामपाल जी महाराज लेटेस्ट न्यूज 2021: संत रामपाल जी महाराज को हिसार जिला न्यायलय ने सतलोक आश्रम बरवाला से जुड़े एक और केस से बरी किया है। इससे ये बात फिर से साबित हो गई कि संत रामपाल जी महाराज पर सभी झूठे आरोप लगाए गए हैं। जिनमें से कई में वे पहले ही बरी हो चुके हैं। इन बेबुनियाद आरोपों में “ड्रग एवं कॉस्मेटिक केस” का आरोप भी शामिल था जिसमें सोमवार हिसार जिला न्यायलय ने संत रामपाल जी को कोई सबूत न होने के कारण बरी किया है। जज वेद प्रकाश सिरोही, सेशन जज हिसार द्वारा दिनांक 26 जुलाई 2021 को संत रामपाल जी सहित अनुयायियों जिनमें डॉक्टर ओम प्रकाश सिंह हुड्डा, राजेंदर, बलजीत, बिजेन्दर सम्मिलित हैं को केस नम्बर 5, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कोई भी साक्ष्य न होने के कारण एवं आरोपों के बेबुनियाद साबित करते हुए उन्हें बाइज्जत बरी किया है।

संत रामपाल जी महाराज लेटेस्ट न्यूज: क्या था मामला?

सतलोक आश्रम बरवाला के संचालक संत रामपाल जी महाराज (जानकारी के लिए बता दें कि कोई भी संपत्ति संत रामपाल जी महाराज की नहीं पाई गई है। सारा कुछ ट्रस्ट के नाम पर है) पर कई झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने कई आरोप लगाए किन्तु उन आरोपों को सिद्ध करने के लिए कोई भी सबूत प्रस्तुत करने में वह असफल रही। इस कारण कोर्ट ने भी संत रामपाल जी महाराज को सही पाया और उन्हें बरी किया है। संत रामपाल जी महाराज के सत्यवाचन और सही तत्वज्ञान का परिणाम ये हुआ कि बड़ी संख्या में लोग उनसे जुड़ने लगे। संत रामपाल जी महाराज पर पूर्णतः निर्दोष होते हुए भी कई आरोप लगाए गए। निरीक्षण समिति सतलोक आश्रम बरवाला, जिला हिसार का मुआयना करने पहुँची एवं अपने हिसाब से बेबुनियाद आरोप तैयार किये गए।

sant rampal ji news by dainik bhaskar

संत रामपाल जी महाराज लेटेस्ट न्यूज: क्या है ड्रग एवं कॉस्मेटिक केस

सतलोक आश्रम बरवाला, जिला हिसार में भक्तों का जमावड़ा लगा ही रहता था। दूर-दूर से अलग अलग प्रदेशों से भक्तजन आते और संत रामपाल जी महाराज से नामदीक्षा एवं तत्वज्ञान ग्रहण करते। एक बड़े पैमाने पर जब लोग इकट्ठा होते तो कई बार बच्चों, बुजुर्गों एवं अन्य आयु वर्ग के लोगों के लिए प्राथमिक चिकित्सा के लिए एक स्थान बनाया गया था जिसमें केवल प्राथमिक चिकित्सा में दी जाने वाली दवाइयां जो सभी घरों, विद्यालयों, संस्थाओं आदि में होती हैं, वे ही रखी गईं थीं। कोर्ट ने यह बात भी कही कि सिर्फ किसी जगह पर दवाइयां मिलने से किसी को आरोपी नहीं बनाया जा सकता जब तक कि यह ना साबित हो जाए कि दवाइयां बेची जा रही थी।

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डॉक्टर ओम प्रकाश सिंह हुड्डा उस समय प्राथमिक चिकित्सा की सेवा में उपस्थित थे। निरीक्षण समिति ने कुछ ना पाकर 23 दिसम्बर 2014 को अनुसूची के साथ पठित धारा 18 सी, शेड्यूल ड्रग के तहत; धारा 22 (1) (cca), 22(3) के तहत एवं धारा 18 (ए) (vi) और प्रसाधन सामग्री, 1940 (बाद में दवा अधिनियम के रूप में सन्दर्भित) के तहत नोटिस तत्कालीन ड्रग नियंत्रण अधिकारी रमन कुमार के द्वारा डॉक्टर ओमप्रकाश हुड्डा पर जबरदस्ती मनमाने ढंग से व बेबुनियाद रूप से जारी किया गया।

सत्य कभी पराजित नही होता

संत रामपाल जी महाराज के समर्थक एवं अनुयायियों की संख्या कई लाखों में है जो उनके जेल जाने के बावजूद लगातार बढ़ती गई। यह अन्य विषय है कि संत रामपाल जी की शिक्षा पर चलकर इन समर्थकों ने एक अद्भुत सुंदर, स्वच्छ एवं मर्यादित समाज का निर्माण किया है। संत रामपाल जी ने अपने अनुयायियों को सदैव कानून और संविधान पर भरोसा करने की शिक्षा दी है। एवं स्वयं भी संविधान के अनुरूप न्याय चाहते रहे हैं एवं सीबीआई जांच की मांग भी की है।

मीडिया द्वारा अंधाधुंध तरीके से संत रामपाल जी महाराज के विषय मे दुष्प्रचार किया है हालांकि कई बार उन्होंने गलत खबरों के लिए माफीनामा भी पेश किया लेकिन जिस धमाल के साथ दुष्प्रचार किया उसी जोश के साथ माफी मांगने में इनकी सिट्टी पिट्टी गुल रही। अब जब इन झूठे आरोपों में पुलिस कोई भी साक्ष्य जुटा पाने में नाकाम रही है तब हिसार जिला न्यायलय के समक्ष संत रामपाल जी को इस केस में भी बाइज्जत बरी किया है।

संत रामपाल जी के खिलाफ दुष्प्रचार में मीडिया की अहम भूमिका 

लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ पत्रकारिता ढह चुका है। मीडिया ने धड़ल्ले से संत रामपाल जी के खिलाफ दुष्प्रचार आरम्भ कर दिया। संत रामपाल जी महाराज पर सभी आरोप झूठे हैं लेकिन मीडिया ने लगे हुए झूठे आरोपों से भी इतर अपने मनगढ़ंत आरोप संत रामपाल जी पर लगाए एवं दुष्प्रचार किया। मीडिया द्वारा समय समय पर माफीनामे भी पेश किए गए हैं। मीडिया ने कितना भी दुष्प्रचार किया लेकिन तत्वज्ञान सुनकर शूरवीरों की भांति लाखों की संख्या में भक्त संत रामपाल जी महाराज से दीक्षा लेते रहे हैं। साँच को आँच नहीं वाली कहावत यहाँ चरितार्थ नज़र होती आ रही है। संत रामपाल जी के अद्भुत ज्ञान ने जो उन्होंने गीता, वेद, बाइबल और कुरान से खोलकर समाज के समक्ष रख दिये हैं उस ज्ञान को पढ़कर लोग लाखों की संख्या में अब भी शरण में आते जा रहे हैं।

पूरे विश्व में एकमात्र तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ही हैं, वही तत्वदर्शी संत जिसका जिक्र न केवल वेदों बल्कि गीता अध्याय 4 के श्लोक 34 में भी है। इतिहास गवाह है कि दुनिया कभी भी समय रहते संत का सम्मान करना नहीं जान सकी, सदैव संतो को कष्ट दिए गए और अंत मे लोगो को पछताना पड़ा। इस बार सबके पास मौका है तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज से ज्ञान प्राप्त कर उनसे नाम दीक्षा लेकर मोक्ष की ओर अग्रसर होने का और अपने पुण्य कर्मों का खजाना इकट्ठा करने का।

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