Ramaini News Shivpuri

Published on

spot_img

लोको पायलट लड़का,पढ़ी लिखी लड़की ने किया, यूँ सादगी भरा विवाह…

एक सरकारी नौकरी लगने के बाद, लड़का और उसके घरवाले ज्यादा दहेज की कामना करते हैं।

लेकिन शिवपुरी में हुई शादी में लड़का लखन (Loco Pilot)पुत्र भरोसी जी की तरफ से लड़की पक्ष अंजू( Bcom BSW) पुत्री रामदास जी से किसी भी प्रकार दहेज नहीं लिया गया और समाज में एक मिसाल कायम की जिसकी चर्चा शिवपुरी सहित पूरे ग्वालियर चंबल संभाग में हो रही है ।

बता दें कि अंचल सहित पूरे भारत में इस प्रकार के विवाह आए दिन देखने को संपूर्ण होते हैं । जिसमें किसी प्रकार का बैंड बाजा ,बारात, पकवान, हल्दी आदि रस्म त्याग कर सिर्फ बंदी छोड़ गरीबदास जी महाराज द्वारा हस्तलिखित असुर निकंदन रमैनी जिसको जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के मुखारविंद द्वारा उच्चारित ऑडियो के द्वारा संपन्न किया जाता है । इस विवाह में वर-वधू संत रामपाल जी महाराज एवं परमात्मा कबीर साहिब जी की फोटो के सामने ज्योति जला कर विवाह होता हैं।

स्थानीय विधायक जसवंत जाटव (करैरा )भी इस विवाह के साक्षि बने,और उन्होंने इस विवाह की बहुत सराहना की और कहा ऐसे विवाह समाज के लिए एक नई दिशा दिखा रहे हैं।बड़ी संख्या में आम लोग मौजूद हुए।

Latest articles

​राजस्थान के डीग स्थित अवार गांव की 13000 बीघा जलमग्न भूमि को संत रामपाल जी महाराज ने उबारा

राजस्थान के डीग जिले की रार तहसील का अवार गांव पिछले दो वर्षों से...

डीग (राजस्थान): कौंरेर गांव के किसानों के लिए मसीहा बने संत रामपाल जी महाराज

राजस्थान के डीग जिले का कौंरेर गांव पिछले पांच वर्षों से एक अत्यंत गंभीर...

​जब सिस्टम ने पल्ला झाड़ा, तब संत रामपाल जी महाराज बने दुल्हेड़ा का सहारा

​एक किसान के लिए उसकी फसल ही उसके जीवन की पूंजी होती है। लेकिन...

धरौदी का उद्धार: 10 साल की तबाही से सुनहरी हरियाली तक का सफर

 जींद जिले की नरवाना तहसील का धरौदी गांव आज एक ऐसी विजय गाथा लिख...
spot_img

More like this

​राजस्थान के डीग स्थित अवार गांव की 13000 बीघा जलमग्न भूमि को संत रामपाल जी महाराज ने उबारा

राजस्थान के डीग जिले की रार तहसील का अवार गांव पिछले दो वर्षों से...

डीग (राजस्थान): कौंरेर गांव के किसानों के लिए मसीहा बने संत रामपाल जी महाराज

राजस्थान के डीग जिले का कौंरेर गांव पिछले पांच वर्षों से एक अत्यंत गंभीर...

​जब सिस्टम ने पल्ला झाड़ा, तब संत रामपाल जी महाराज बने दुल्हेड़ा का सहारा

​एक किसान के लिए उसकी फसल ही उसके जीवन की पूंजी होती है। लेकिन...