Rajasthan Police Constable Admit Card 2020: राजस्थान पुलिस कांस्टेबल परीक्षा के प्रवेश पत्र जारी

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राजस्थान पुलिस कांस्टेबल परीक्षा के प्रवेश पत्र (Rajasthan Police Constable Admit Card 2020) जारी हो गए हैं। 6 नवम्बर से परीक्षा का आयोजन किया जाना है। प्रवेश पत्र की सूचना आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई है।

Rajasthan Police Constable Admit Card 2020 के मुख्य बिंदु

  • राजस्थान पुलिस कांस्टेबल परीक्षा के प्रवेश पत्र हुए घोषित
  • अभ्यर्थियों द्वारा किया जा रहा इंतज़ार हुआ समाप्त
  • पूर्व सूचना में 6 नवम्बर से परीक्षा होने की पुष्टि की गई जिसके एडमिट कार्ड अब आये हैं
  • 5348 पदों के लिए हुए हैं आवेदन
  • भजन कर राम दुहाई रे- सर्व सुखों की प्रवेश परीक्षा के लिए हों तैयार

Rajasthan Police Constable Admit Card 2020 जारी

राजस्थान पुलिस की वेबसाइट के द्वारा पूर्व में जारी किए गए नोटिस के अनुसार 6 नवम्बर को परीक्षा शुरू होनी थी। इस परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए हैं। प्रवेश परीक्षा के लिए करीब 17 लाख उम्मीदवार गत दिवस प्रवेश पत्र का इंतज़ार करते रहे उनका इंतजार खत्म हुआ और अब आधिकारिक वेबसाइट पर प्रवेश पत्र अपलोड कर दिए गए हैं। अभ्यर्थी राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट www.police.rajasthan.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं।

पूर्व में जारी नोटिफिकेशन के अनुसार 6 नवम्बर से परीक्षा

10 दिन पूर्व राजस्थान पुलिस कांस्टेबल की आधिकारिक वेबसाइट के द्वारा जारी नोटिफिकेशन में सभी जिलों में परीक्षा केंद्र की जानकारी दी गई थी एवं 6 नवम्बर से परीक्षा आयोजित होने की बात कही गई। 6, 7 और 8 नवम्बर को विभिन्न पारियों में परीक्षा आयोजित होने की घोषणा की गई है।

100 अंकों की होगी परीक्षा

राजस्थान पुलिस कांस्टेबल परीक्षा जो कि 6,7 और 8 नवम्बर को आयोजित की जा रही है उसमें 150 प्रश्नों के लिए 75 अंक होंगे। नेगेटिव मार्किंग भी होगी। परीक्षा की अवधि 2 घण्टों की होगी और साथ ही 15 अंक शारीरिक दक्षता के होंगे। प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट बनाई जाएगी। अन्य राज्यों में रह रहे अनुसूचित जाति/जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को सामान्य वर्ग की श्रेणी में गिना जाएगा।

Rajasthan Police Constable Admit Card 2020: 4 दिसम्बर 2019 को जारी की गई थी अधिसूचना

राजस्थान पुलिस कांस्टेबल परीक्षा की अधिसूचना 4 दिसम्बर 2019 को राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की गई थी। परीक्षा मई माह में आयोजित की जानी थी जिसे कोरोना महामारी के चलते टाल दिया गया। 10 दिन पूर्व परीक्षा केंद्रों के विषय में अधिकारिक वेबसाइट पर सूचना जारी की गई। यह भी सूचित किया गया कि परीक्षा को 6, 7 और 8 नवम्बर 2020 से अलग अलग पारियों में आयोजित करना है। अब राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट से प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए हैं जिन्हें अभ्यर्थी वेबसाइट पर अपनी आईडी लॉगिन करके डाउनलोड कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें: Rajasthan Police Recruitment Exam Date: राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती की परीक्षा तिथियां व केंद्र हुए जारी 

क्या हैं सर्वसुखों के एडमिट कार्ड (Admit Card)?

इस लोक पर हर कोई दुःखी है कोई भी सुखी नहीं है। किसी को नौकरी का दुख, किसी को बीमारी का दुख , कोई संतान से दुखी तो कोई स्वयं नशे से, क्लेश से, भूख से, स्वास्थ्य से, धन से और दुखों की एक लम्बी और कभी खत्म न होने वालों फेहरिस्त हमारे सामने आ खड़ी होती है। इस लोक में सुख की कल्पना भी नहीं की जा सकती। कबीर साहेब कहते हैं-

साच कहूँ तो जग ना मानै, झूठ कही न जाई हो |
ब्रह्मा, विष्णु, शिव जी दुखिया,जिन यह राह चलाई हो |

सुरपति दुखिया भूपति दुखिया, रंक दुःखी बपरीति हो |
कहैं कबीर और सब दुखिया, एक सन्त सुखी मन जीती हो |

अर्थात इस लोक में ब्रह्मा, विष्णु और शिव भी जन्म मरण के बंधन में बंधे हैं। वे भी मुक्त नहीं है फिर मनुष्य की क्या बिसात? गीता अध्याय 10 के श्लोक 2 में गीता ज्ञानदाता ने स्पष्ट किया है कि अर्जुन तेरे और मेरे बहुत से जन्म हो चुके हैं। हम यहाँ अपनी गलती के कष्ट को भोग रहे हैं। हमें तत्वदर्शी सन्त से नामदीक्षा लेकर भक्ति करना होगा तब हमें छोड़ा जाएगा। गीता अध्याय 4 के श्लोक 34 में भी तत्वदर्शी सन्त की शरण मे जाने के लिए कहा गया है और अध्याय 18 के श्लोक 62 में कहा गया है कि अर्जुन तू परम् भाव से उस परमेश्वर की शरण में जा , उसकी कृपा से ही तू शांति और परमधाम को प्राप्त होगा।

क्या होगा सतलोक जाने के पश्चात?

पूर्ण तत्वदर्शी सन्त बिरला ही मिलता है। उससे नामदीक्षा लेकर भक्ति करने से मुक्ति सम्भव है। पूर्ण सन्त ही जीव को इस लोक से मुक्ति दिलाकर आदि, अमर स्थान सतलोक में ले जा सकता है। सतलोक जाने के पश्चात कोई जरा, मरण, रोग, शोक, दर्द, दुख, नशा, भय आदि नहीं होगा। वह स्थान सर्वसुखों से युक्त और सर्व दुखों से मुक्त है और उस स्थान को जाना ही मोक्ष है। सतलोक के समक्ष ब्रह्मलोक के स्वर्ग आदि की तुलना भी नहीं हो सकती। सतलोक सुंदर स्थान है जहाँ जाने के बाद इस संसार मे पुनः आगमन नहीं होता है।

तत्वदर्शी सन्त रामपाल जी महाराज से लें नामदीक्षा

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