January 28, 2026

सड़क दुर्घटना में पंकज त्रिपाठी के बहनोई की मौत! बहन है खतरे से बाहर, कोलकाता में चल रहा है इलाज 

Published on

spot_img

Pankaj Tripathi Brother in Law Accident: बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी के परिवार में बेहद दुःखद घटना घटी है। उनकी बहन सविता तिवारी और बहनोई राकेश तिवारी की कार धनबाद के जीटी रोड पर 3 फुट के डिवाइडर पर जाकर टकरा गई। जिससे उनके बहनोई की मृत्यु घटनास्थल पर ही हो गई, वहीं उनकी बहन गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह घटना उस समय हुई जब वे बिहार के गोपालगंज से पश्चिम बंगाल के चितरंजन को जा रहे थे।

जानकारी के मुताबिक पंकज त्रिपाठी के बहनोई बिहार के गोपालगंज जिले के रहने वाले हैं और पश्चिम बंगाल के चितरंजन में एक रेल्वे कर्मचारी के रूप में तैनात थे। जब वे अपनी पत्नी के साथ अपने गाँव से चितरंजन जा रहे थे। उसी दौरान शनिवार की शाम करीब चार बजे दिल्ली-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर झारखंड के धनबाद जिले के निरसा चौक से पास बने डिवाइडर पर जाकर उनकी कार टकरा गई। 

घटना की वीडियो सड़क पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें देखा जा सकता है कि कार की गति काफी तेज थी और अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। तेज रफ्तार की वज़ह से कार बहुत ही ज्यादा क्षतिग्रस्त हो गई और उनके बहनोई की मौत वहीं पर हो गई। उनकी बहन को गंभीर चोटें आईं। घटना के तुरंत बाद उन्हें एंबुलेंस से धनबाद के नजदीकी अस्पताल SNMMC में भर्ती कराया गया। जहां पर पंकज त्रिपाठी के बहनोई राजेश तिवारी को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं उनकी बहन को कोलकाता रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि सविता तिवारी अब खतरे से बाहर है। हालाँकि उनके एक पैर में फ्रैक्चर आ गया है। 

पंकज त्रिपाठी एक बॉलीवुड अभिनेता हैं। जिन्होंने अभी तक कई हिट फ़िल्मों में काम किया है। जिसमें उन्होंने अधिकतर विलेन का रोल किया हैं। काफी संघर्ष के बाद उन्होंने भारतीय सिनेमा में अपनी जगह बनाई थी। 

■ यह भी पढ़ें: Andhra Pradesh Train Accident [Hindi]: आंध्र ट्रेन दुर्घटना में 13 की मौत, 50 घायल, मानवीय भूल के कारण टक्कर की आशंका

Pankaj Tripathi Brother in Law | घटना वाले दिन शनिवार (20 अप्रैल 2024) को सुबह 4 बजे पंकज त्रिपाठी और उनके बहनोई एक साथ गोपालगंज से निकले थे। पंकज त्रिपाठी पटना एयरपोर्ट से मुंबई के लिए रवाना हुए थे तथा उनके बहन और बहनोई कार से पश्चिम बंगाल जाने के लिए निकले थे। जब पंकज त्रिपाठी मुंबई पहुंचे और अपने बहनोई को फोन किया, तब उन्हें जानकारी हुई कि रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। एक महीने पहले ही पंकज त्रिपाठी के पिताजी की मृत्यु 99 वर्ष की उम्र में हुई थी। जिसका गम वे भूले ही नहीं थे कि ये घटना घट गई। अब बहनोई की मौत का शोक मनाए कि दुर्घटना में घायल हुई बहन की सम्भाल करे! उनके लिए बेहद कष्टप्रद स्थिति बन चुकी है। 

इस तरह की घटनाएं हमें बताती है कि पूरे संसार में कहीं पर भी मानव सुख की साँस नहीं ले सकता क्योंकि चाहे अमीर हो या गरीब किसी को भी एक पल की चैन नहीं रहती है। तरह-तरह की समस्याएं हमारे जीवन में आती ही रहती है। फिर भी इंसान सुख की तलाश में ही लगा रहता है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज कहते हैं – 

“ब्रम्हांड इक्कीसों आग लगी है, कृत्रिम बाजी सभी ठगी है। “

यानि ये संसार और 21 ब्रह्मांड ही दुःखों का घर है। यहां सुख नाम की चीज़ ही नहीं है। हम जो सुख की तलाश करते हैं यह इसलिए क्योंकि हम सुखमय स्थान पर कभी रहा करते थे और अपनी गलती से हम उस सुख सागर सतलोक (जो हमारा निज निवास स्थान है) को छोड़कर इस काल के लोक में आ गए हैं। उस सतलोक के सुख की तलाश हम यहां पर कर रहें हैं जो कि हमारी महा भूल है। 

गुरुनानक जी ने भी कहा है – 

“ना जाने काल की कर डारे, किस विध ढल जा पासा वे। 

  जिन्हादे सिर ते मौत खुड़गदी, उन्हानू केहड़ा हांसा वे।।” 

भावार्थ है कि इस संसार में सभी की मृत्यु निश्चित है किंतु किसी को यह नहीं पता कि कब किस पर यह बिजली गिर जाए। यहां पर हर किसी के ऊपर इस तरह की आपत्ति मंडराती ही रहती है। फिर यहां हम किस चीज के लिए खुशी मनाते हैं? नाचते-गाते हैं? यहां तो प्रतिदिन ही रोना-पीटना है। इसलिये जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी कहते हैं कि भक्ति करनी चाहिए जिससे भगवान का सहारा मिल सकें और इस तरह की अकाल मृत्यु से हमारी रक्षा हो सकें। सतभक्ति करके हम अपने निज स्थान सतलोक में जाकर सदा के लिए सुखी हो सकते हैं।

आज पूरे विश्व में एकमात्र संत रामपाल जी महाराज जी ही वो भक्ति प्रदान कर रहे हैं जो सभी धर्मों के पवित्र सदग्रंथों से प्रमाणित है और मोक्षदायक है। संत रामपाल जी महाराज जी के आध्यात्मिक तत्वज्ञान को विस्तार पूर्वक समझने के लिए अवश्य देखें साधना चैनल पर उनके मंगल प्रवचन प्रतिदिन शाम 7:30 बजे से।

Latest articles

PM Modi to Inaugurate India Energy Week 2026: A New Era for Global Energy Cooperation

Prime Minister Narendra Modi is scheduled to virtually inaugurate the India Energy Week (IEW)...

Padma Awards 2026: शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और अकादमिक नेताओं पर राष्ट्रीय फोकस

पद्म पुरस्कार 2026 (Padma Awards 2026) ने भारत के शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और अकादमिक नेतृत्व...

30 January Martyrdom Day of Gandhi Ji Observed as Martyrs’ Day / Shaheed Diwas

Last Updated on 30 January 2026 IST | Martyrs’ Day 2026: Every year Shaheed...
spot_img

More like this

PM Modi to Inaugurate India Energy Week 2026: A New Era for Global Energy Cooperation

Prime Minister Narendra Modi is scheduled to virtually inaugurate the India Energy Week (IEW)...

Padma Awards 2026: शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और अकादमिक नेताओं पर राष्ट्रीय फोकस

पद्म पुरस्कार 2026 (Padma Awards 2026) ने भारत के शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और अकादमिक नेतृत्व...

30 January Martyrdom Day of Gandhi Ji Observed as Martyrs’ Day / Shaheed Diwas

Last Updated on 30 January 2026 IST | Martyrs’ Day 2026: Every year Shaheed...