National Voters Day 2022: राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर जाने कैसे बनेंगे अच्छे नागरिक ताकि हमारे उम्मीदवार भी हो नेक।

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National Voters Day 2022: भारत मे प्रतिवर्ष 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters Day 2022) के रूप में मनाया जाता है। 25 जनवरी 1950 को भारत निर्वाचन आयोग का गठन किया गया था। इस कारण 25 जनवरी को ही राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। आइए इस अवसर पर जानें क्या है मतदाता दिवस एवं इसका इतिहास। 

National Voters Day 2022: मुख्य बिंदु

  • 25 जनवरी 2022 को है राष्ट्रीय मतदाता दिवस।
  • 2011 में पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने की थी शुरुआत।
  • मतदान के अधिकार का प्रयोग है नागरिक का कर्त्तव्य।
  • इस वर्ष की थीम है – ‘चुनावों को समावेशी, सुगम और सहभागी बनाना’।
  • अपने आध्यात्मिक जीवन में भी करें सही चुनाव सुखसागर या भवसागर।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters Day) का इतिहास क्या है?

National Voters Day 2022: हमारे देश का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था। इस दिन भारत एक गणतांत्रिक देश बना। इसके ठीक एक दिन पहले 25 जनवरी 1950 को भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई। भारत निर्वाचन आयोग का कार्य भारत में निष्पक्ष रूप से लोकतांत्रिक चुनाव को पूरा करवाना है। भारतीय निर्वाचन आयोग के 61वें स्थापना दिवस अर्थात वर्ष 2011 के साथ इस दिवस की शुरुआत हुई। वर्ष 2011 में पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने इस दिन को राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters Day 2022) के रूप में मनाने की घोषणा की। 

राष्ट्रीय मतदाता दिवस का महत्व (Significance of National Voters Day)

भारत एक लोकतांत्रिक देश है। यहां लोग स्वयं अपनी सरकार चुनते हैं। प्रत्येक 18 वर्ष एवं इससे से अधिक आयु का वयस्क नागरिक मतदान करने का अधिकारी है। नागरिकों का मतदान का मतलब उनका अपनी सरकार चुनने में योगदान देने से है। प्रत्येक मतदान का अपना महत्व है क्योंकि बहुमत के आधार पर ही सरकार का निर्णय होता है अर्थात सरकारें बहुमत के आधार पर ही चुनी जाती हैं। 

यह दिवस भारत के सभी नागरिकों को अपने कर्त्तव्यों की याद दिलाता है। शपथ ग्रहण के साथ ही लोगों को मतदान के प्रति जागरूक भी किया जाता है। प्रतियोगिता, भाषण, मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) के वितरण के साथ इस दिन कई कार्यक्रम मनाए जाते है।

National Voters Day 2022: राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाने का उद्देश्य (Aim)

National Voters Day 2022: प्रत्येक वर्ष इस दिन मतदान केंद्रों पर मतदान के अधिकारी हो चुके नागरिकों की पहचान की जाती है एवं उन्हें मतदाता पहचान पत्र सौंपे जाते हैं। आज के दिन मतदाताओं को यह शपथ भी दिलाई जाती है कि वे जिम्मेदार नागरिक के तौर पर मतदान यानी वोटिंग करना नहीं भूलेंगे।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस की विषय वस्तु (Theme)

National Voters Day 2022 : प्रति वर्ष मतदाता दिवस पर एक थीम के तहत कार्यक्रमों का राष्ट्रीय एवं स्थानीय स्तर पर आयोजन किया जाता है। उदाहरण के लिए 

  • वर्ष 2020 में राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम (National Voters Day 2020 Theme) थी मज़बूत लोकतंत्र के लिए चुनावी साक्षरता। 
  • वर्ष 2021 की मतदाता दिवस पर थीम (National Voters Day 2021 Theme) थी मतदाता बनें सशक्त, सतर्क, सुरक्षित और जागरूक। 
  • वर्ष 2022 की थीम है- निर्वाचन को ‘समावेशी, सुगम एवं सहभागी बनाना’ (National Voters Day 2022 Theme : Making Election Inclusive, Accessible and Participative)। 

मतदाता दिवस पर दिए जाते है यह पुरस्कार 

राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters Day 2022) पर स्थानीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर भारत के चुनावों में अहम भूमिका निभाने वालों को प्रोत्साहित किया जाता है। चुनावों में लोगों की हिस्सेदारी बढ़ाने के मामले में सरकारी विभागों में सबसे अच्छा काम करने वालों को पुरस्कृत  दिया जाता है। इस वर्ष सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन के प्रधान महानिदेशक सत्येंद्र प्रकाश भी पुरस्कार प्राप्त करने वाले हैं। उनको ये पुरस्कार प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए काम के लिए 2019 के लोकसभा चुनाव और महाराष्ट्र, बंगाल, बिहार और केरल राज्यों में विधानसभा चुनावों में मतदाताओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए दिया जा रहा है।  

इस बार ऑनलाइन होंगे कार्यक्रम

25 जनवरी 2022 को भारत अपना ग्यारहवाँ मतदाता दिवस मनाने जा रहा है। निश्चित रूप से इस का उद्देश्य न केवल लोगों में मतदान के प्रति जागरूकता लाना है बल्कि चुनाव प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है। इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters Day 2022) पर कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान रखते हुए ऑनलाइन कार्यक्रम करवाए जाएँगे। कार्यक्रम जिला स्तरीय, मतदान केंद्रों, अनुमंडल स्तर में आयोजित किए जाएंगे।

National Voters Day 2022 : मतदान अधिकार है – नागरिक निभाएं कर्त्तव्य

National Voters Day 2022: मतदान चुनाव का अहम हिस्सा है। चुनाव के माध्यम से हम अपनी सरकार चुनते हैं। हमारे मौलिक अधिकारों के संरक्षण का जिम्मा हम सरकार पर छोड़ते हैं। इसके लिए हमें जागरूक रहना होगा कि कौन योग्य है। मतदान करना आवश्यक है। मतदान के माध्यम से आप लोकतन्त्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हैं। 

Read in English: National Voters’ Day: Why We Left Our Real Home?

सभी का मतदान करना सही मायनों में देश को लोकतांत्रिक बनाता है। मतदान करना आपका अधिकार है और इस अधिकार का प्रयोग करना आपका कर्त्तव्य। राष्ट्रीय मतदान दिवस 2022 के अवसर पर प्रत्येक वर्ष की तरह नागरिकों को इस कर्त्तव्य पालन की शपथ भी दिलाई जाएगी।

अपने जीवन में भी करें सही चुनाव

सरकार तो आप चुनते हैं लेकिन अपने जीवन संबंधी चुनाव के बारे में भी यह जानना जरूरी है कि मोक्ष और चौरासी लाख योनियों में आप क्या चुनते हैं। परमात्मा और काल में से किसे चुनते हैं। सत्यभक्ति और अंधविश्वास में से किसे चुनते हैं। बंधनों से छूटने एवं कर्मों की मार खाने में से किसे चुनते हैं। यह बहुत बार हमने सुना होता है कि जीवन में गुरु एवं भक्ति आवश्यक है किंतु चुनाव करते हुए यह नहीं भूलें कि गुरु तत्वदर्शी हो एवं भक्ति सत्यभक्ति हो। केवल यही आपको मोक्ष दिलाएगा। अन्य सभी गुरु, ऋषि, महर्षि या कितने भी बड़े साधु हों वे न तो नामदीक्षा देने के अधिकारी हैं और न ही उनसे आप मोक्ष के अधिकारी बन सकते हैं। 

आँखें खुली रखकर निष्पक्ष निर्णय लें

यह संसार नश्वर है और जीवन क्षणिक है। जीवन की भाग दौड़ में पता ही नहीं चलता कि एक के बाद एक कैसे पड़ाव आते जाते हैं और हम समय की कीमत अपनी आयु देकर चुकाते हैं। आइए समय रहते सही चुनाव करें एवं सतलोक एवं दुनिया में से अपने निजघर को चुनें। सतलोक स्थायी, सुख दायक, पूर्ण परमेश्वर का लोक है जबकि यह सम्पूर्ण ब्रह्मांड अस्थायी है एवं स्वर्ग लोक भी अस्थायी हैं। आँखें खुली रखें निष्पक्ष निर्णय लें। अधिक जानकारी के लिए देखें सतलोक आश्रम यूट्यूब चैनल 

स्वयं चुनाव करें कि आप बनें सतलोक के अधिकारी या बने रहें इस दुनिया के भिखारी

चुनाव सरकार का हो या आध्यात्मिक मार्ग का आँखे खुली रखना बेहद ज़रूरी है। सही तत्वदर्शी सन्त को पहचानें और अपनी यात्रा की शुरुआत करें। आप के इन चुनावों से निर्णय होगा सुखसागर या भवसागर अर्थात आप सतलोक के अधिकारी बनेंगे या बने रहेंगे इस दुनिया के भिखारी। क्योंकि सुख समृद्धि भी सत्यभक्ति से आएगी और मोक्ष भी उससे ही मिलेगा। यदि किसी पुण्यवश सुख मिलता है तो भी पुण्य खत्म होते ही आपसे सुख ऐसे छीने जाएंगे जैसे समय पूरा होते ही पद ले लिया जाता है। बुद्धिमानी से चुनाव करें। पूरी जानकारी के लिए पढें तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज कृत पवित्र पुस्तक ‘जीने की राह।  

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