संत रामपाल जी महाराज: वर्तमान में दुनिया के विघ्नहर्ता और मुक्तिदाता

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वर्तमान समय में हर तरफ जिस संत की बात हो रही है वह संत हैं संत रामपाल जी महाराज। संत रामपाल जी महाराज ने अध्यात्मिक ज्ञान की ऐसी क्रांति ला दी है कि अध्यात्म के क्षेत्र में संत रामपाल जी महाराज का ज्ञान सूर्य के समान रोशन हो रहा है आइए आज हम इस ब्लॉग के माध्यम से जानते हैं कि आखिर संत रामपाल जी महाराज कौन है

Table of Contents

परमात्मा का वास्तविक ज्ञान करवाने वाले संत

आज तक परमात्मा के बारे में अनेकों तरह की धारणाएं विभिन्न धर्मों संतो संतों और धर्मगुरुओं ने बना रखी थी जिससे भगत समाज किसी भी निर्णय पर नहीं पहुंच पाया परंतु संत रामपाल जी महाराज ने उस पूर्ण ब्रह्म परमात्मा का वास्तविक ज्ञान करवाया कि वह परमात्मा कौन है कहां रहता है कैसे मिलता है किसने देखा है उसकी वास्तविक भक्ति विधि क्या है

सभी पवित्र धर्म के पवित्र शास्त्रों का सार बताने वाले एक मात्र संत

संत रामपाल जी महाराज ने सर्व पवित्र धर्म के पवित्र शास्त्रों का सार बता कर अध्यात्मिक ज्ञान का एक ऐसा निष्कर्ष निकाल कर मानव समाज को दिया है जिससे आज मनुष्य अपने धर्म शास्त्रों में छुपे हुए गूढ़ रहस्य से अवगत हो कर उस पूर्ण परमात्मा को प्राप्त कर सकता है जिसकी गवाही सभी धर्मों के पवित्र शास्त्र धर्म ग्रंथ दे रहे हैं। संत रामपाल जी महाराज ने सभी पवित्र धर्मों के शास्त्रों से प्रमाणित किया है कि पूर्ण परमात्मा साकार है या नराकार है सतलोक में रहता है और उसका नाम कबीर है

संत रामपाल जी महाराज ही एक मात्र तत्वदर्शी संत हैं

संत रामपाल जी महाराज एक मात्र ऐसे संत हैं जिनके बारे में श्रीमद्भागवत गीता जी में अध्याय 15 के श्लोक 1 से 4 में कहा है कि जो उल्टे लटके हुए संसार रूपी वृक्ष को भूल सहित जानता है वही तत्वदर्शी संत है संत रामपाल जी महाराज ने उल्टे लटके हुए संसार रूपी वृक्ष का पूर्ण विवरण दिया है और बताया है कि इस संसार रूपी वृक्ष का मूल पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर कबीर जी हैं। संत रामपाल जी महाराज की अतिरिक्त अन्य कोई भी धर्म गुरु उल्टे लटके हुए संसार रूपी वृक्ष का विस्तृत वर्णन नहीं कर पाया है।

संत रामपाल जी महाराज जी पूर्ण सद्गुरु है

पूरे विश्व में केवल एक ही पूर्ण संत एक समय में होता है जो कि सच्चा सतगुरु होता है आज वर्तमान समय में संत रामपाल जी महाराज ही पूर्ण सतगुरु हैजिनके बारे में संत गरीब दास जी महाराज ने अपनी वाणी में लिखा है

गरीब, सतगुरु के लक्षण कहूं मधुरे बैन विनोद।

चार वेद छह शास्त्र कहै अठारा बोध ।।

अर्थात संत गरीबदास जी महाराज में सच्चे सद्गुरु के लक्षण बताते हुए कहा है कि वह संत चार वेद छह शास्त्र और 18 पुराण आदि सभी ग्रंथों का ज्ञान बताएगा। आज संत रामपाल जी महाराज में चारों वेद श्रीमद्भागवत गीता 18 पुराण छह शास्त्र पुराण बाइबिल श्री गुरु ग्रंथ साहिब और संतों की वाणी का ना सिर्फ ज्ञान बताया है बल्कि इन सभी सद ग्रंथों को प्रोजेक्टर और टीवी चैनलों के माध्यम से जन-जन को दिखाया है।

पाखंडवाद और अंधविश्वास का खात्मा करने वाले संत हैं संत रामपाल जी महाराज

आज यहां हर तरफ पाखंडी और अंधविश्वासी लोग धर्म का चोला पहनकर लोगों को मूर्ख बना कर उनका मानव जीवन बर्बाद कर रहे हैं वही संत रामपाल जी महाराज एकमात्र ऐसे संत हैं जो सभी सदस्यों से प्रमाणित ज्ञान देकर शास्त्र विधि अनुसार साधना करवा रहे हैं उन्होंने हमारे पवित्र धर्म शास्त्रों से पाखंडवाद और अंधविश्वास की धज्जियां उड़ा कर भगत समाज को भक्ति की सच्ची और सही राह दिखाई है

पूर्ण परमात्मा के शाश्वत स्थान अर्थात सतलोक की वास्तविक जानकारी देने वाले संत हैं संत रामपाल जी महाराज

आज तक अज्ञान बस हमने यही सुना था कि परमात्मा निराकार है वह किसी एक स्थान पर नहीं रहता वह वायु की तरह सभी जगह व्यापक है किसी ने भी उस परमात्मा को नहीं देखा है परंतु संत रामपाल जी महाराज ने हमारे ही पवित्र धर्म ग्रंथों से और परमात्मा प्राप्त महापुरुषों की वाणी से यह सिद्ध किया है कि पूर्ण परमात्मा शाश्वत स्थान सतलोक में रहता है सतलोक में ऐसी ही सृष्टि है और वह लोग तथा वहां के सर्वर पदार्थ तेजपुंज के हैं वहां पर जीव आत्माएं मानव सदृश्य तेजो में नूरी शरीर में रहती हैं जहां एक जीवात्मा के शरीर का प्रकाश 16 सूर्य के समान होता है

संत रामपाल जी महाराज ऐसे संत हैं जिन्होंने बताया है कि पूर्ण परमात्मा कौन है?

संत रामपाल जी महाराज ने सभी पवित्र धर्म ग्रंथों और परमात्मा प्राप्त महापुरुषों की वाणी से विकसित किया है कि वह पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब कबीर देव हैं जो काशी में आज से लगभग 600 वर्ष पहले 120 वर्ष तक एक जुलाहे की भूमिका करके शरीर अपने शाश्वत स्थान सतलोक चले गए थे। संत रामपाल जी महाराज ने बताया है कि वह पूर्ण परमात्मा चारों युगों में सह शरीर अपने निज स्थान सतलोक से आते हैं। जिनका प्रमाण हमारे चारों पवित्र वेदों में ही नहीं बल्कि कुरान शरीफ श्री गुरु ग्रंथ साहिब तथा बाइबिल में की है इसी प्रकार व सभी महापुरुष जिन्होंने परमात्मा को पाया उन्होंने भी अपनी अमृतवाणी में यही बताया है कि काशी में एक धान की भूमिका करने वाले कबीर साहेब ही पूर्णब्रह्म परमात्मा है

सृष्टि की रचना का संपूर्ण प्रमाणिक ज्ञान देने वाले संत हैं संत रामपाल जी महाराज

संत रामपाल जी महाराज एक ऐसे संत हैं जिन्होंने संपूर्ण अध्यात्मिक ज्ञान की मास्टर की सृष्टि रचना सभी शब्द ग्रंथों से प्रमाणित करके बताई है संत रामपाल जी महाराज द्वारा बताई गई सृष्टि रचना से आज तक उलझे हुए हमारे सभी सुउलझ गए और हमें या ज्ञान हुआ कि हम कौन हैं और कहां से आए हैं क्यों बार-बार यहां पर जन्म रहे हैं और मृत्यु को प्राप्त हो रहे हैं इस पृथ्वी लोक पर कितने कष्ट उठाते हैं और मृत्यु के उपरांत 8400000 प्राणियों के शरीरों में यात्राएं सहन करते हैं।

श्री ब्रह्मा श्री विष्णु और श्री शंकर जी की वास्तविक स्थिति बताने वाले संत हैं संत रामपाल जी महाराज

पवित्र हिंदू समाज आज तक श्री ब्रह्मा विष्णु और शिव जी को ही परमात्मा मानकर उनकी पूजा कर रहा था परंतु संत रामपाल जी महाराज ने पवित्र हिंदू धर्म के सद ग्रंथों के आधार पर यह सिद्ध किया कि श्री ब्रह्मा विष्णु और शिव जी पूर्ण परमात्मा नहीं है इनका आविर्भाव और तिरोभाव अर्थात जन्म मृत्यु होता है यह पूर्ण मोक्ष दायक परमात्मा नहीं है यह तीनों देवता तो तीन लोक में एक विभाग के मंत्री जानो।

अज्ञान पर ज्ञान का आक्रमण करने वाले संत हैं संत रामपाल जी महाराज

संत रामपाल जी महाराज ऐसे संत हैं जिन्होंने अपने सत्संग और पुस्तकों के माध्यम से अज्ञान पर ज्ञान का आक्रमण किया है संत रामपाल जी महाराज का ज्ञान इतना श्रेष्ठ है कि बड़े-बड़े पंथ्यों तथा संतों का ज्ञान उनके सामने टिक भी नहीं पाता। संत रामपाल जी महाराज ने आध्यात्मिक ज्ञान चर्चा के माध्यम सभी पंथो धर्मगुरुओं तथा संतो को आमंत्रित किया और इस ज्ञान चर्चा के माध्यम से नकली धर्म गुरुओं की सच्चाई जनता के सामने उजागर कर रहे हैं

ॐ तत्त सत् का भेद बताने वाले संत हैं संत रामपाल जी महाराज

संत रामपाल जी महाराज एकमात्र ऐसे संत हैं जिन्होंने श्रीमद भगवत गीता के अध्याय 17 श्लोक 23 में दिए गए संकेतिक शब्द ओम तत्सत का भेद बताया है जैसा कि वेदों में प्रमाण है कि जो तत्वदर्शी संत होगा वह वेदों और सद ग्रंथों के अधूरे वाक्यों को पूरा करेगा तो संत रामपाल जी महाराज ने श्रीमद भगवत गीता जी में जो ओम तत्सत का संकेत दिया है उसका विस्तृत भेद बताया है कि ओम किस शक्ति का मंत्र है तत् जो संकेतिक शब्द है इसका वास्तविक अर्थ क्या है यह कौन सा मंत्र है और कौन सी शक्ति की तरफ संकेत है जो सत शब्द है यह कौन सा मंत्र है और किस भगवान की तरफ संकेत किया गया है यह सभी चीजें विस्तार से बताने वाले एकमात्र संत संत रामपाल जी महाराज ही है

उल्टे लटके हुए संसार रूपी वृक्ष को विस्तार से बताने वाले संत हैं संत रामपाल जी महाराज

श्रीमद्भागवत गीता जी के अध्याय 15 के श्लोक 1 से 4 में उल्टा लटका हुआ संसार रूपी पीपल के वृक्ष का वर्णन मिलता हैसंत रामपाल जी महाराज ने इस संसार रूपी उल्टे लटके हुए वृक्ष के सभी भागों को विस्तृत रूप से बताया है कि इस वृक्ष की मूल जड़ पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब है इस वृक्ष का तना अक्षर पुरुष है निरंजन ब्रह्म इसकी डार है और तीनों देवता ब्रह्मा विष्णु और महेश इसकी शाखाएं हैं पात रूप में संसार है जैसा कि गीता अध्याय 15 के श्लोक 4 में कहा है कि इस उल्टे लटके संसार रूपी वृक्ष को जो विस्तार से जानता है वही तत्वदर्शी संत है वही वेदों के जाने वाला है तो वह वेदोंऔर शास्त्रों के पूर्ण ज्ञाता संत रामपाल जी महाराज ही हैं

करोड़ों लोगों का जीवन खुशहाल बनाने वाले संत हैं संत रामपाल जी महाराज

इस पृथ्वी पर या यूं कहें कि इस 21 ब्रह्मांड में कोई भी जीव सुखी नहीं है हर जीव के ऊपर तीनों गुणों का प्रभाव है और युगों युगों केकर्म लगे हैं जिनका दंड जी यहां भुगत रहा है परंतु संत रामपाल जी महाराज एकमात्र ऐसे संत हैं जिनके पास ऐसी भक्ति विधि है जो हमारे पाप कर्मों का नाश करके हमारे जीवन में आने वाले दुख को काट देती हैसंत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लेने के बाद लाखों-करोड़ों लो करोड़ों लोगों का पाप रूपी कर्म दंड समाप्त हुआ है आज वह एक खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं जबकि संत रामपाल जी महाराज की शरण में आने से पहले उनके ऊपर दुखों के पहाड़ टूटे हुए थे

जीने की राह दिखाने वाले संत हैं संत रामपाल जी महाराज

एक मनुष्य को अपना जीवन किस तरह से व्यतीत करना चाहिए समाज में परिवार में उसका व्यवहार किस तरह का होना चाहिए उसके जीवन की राह कैसी होनी चाहिए यह सभी बातें बताने वाले संत हैं संत रामपाल जी महाराज उनकी लिखी हुई पुस्तक जीने की राह ने लाखों लोगों को ऐसी राह दिखाई है कि आज वह मनुष्य नहीं बल्कि एक देवता जैसा जीवन व्यतीत कर रहे हैं उन्होंने संत रामपाल जी महाराज द्वारा दिखाए मार्ग से प्रभावित होकर सभी बुराइयों को त्याग दिया व्यर्थ ही संसार एक परंपराओं को त्याग दिया जिससे आज उनको एक ऐसी जीने की राम मिली है जिससे वे यहां भी सुखी हैं और आगे के लिए भी भक्ति संचित कर रहे हैं।

परमेश्वर के अवतार हैं संत रामपाल जी महाराज

पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी ने आज से लगभग 600 वर्ष पहले अपनी अमृतवाणी में प्रमाण दिया था कि जब कलयुग 5505 वर्ष बीत जाएगा तब मैं इस पृथ्वी पर आऊंगा और सत ज्ञान पर आधारित यथार्थ कबीर पंथ का प्रारंभ करूंगाअपनी वाणी में परमेश्वर कबीर जी ने प्रमाण दिया था कि जो 12 कबीर पंथ हैं उनमें से 12 पंथ संत गरीबदास जी महाराज जी का होगा और उस गरीब दास जी महाराज के माध्यम से मेरी महिमा की वाणी प्रकट होगी उसी बार में पंथ में आगे चलकर मैं स्वयं आऊंगा और यथार्थ पंथ चला लूंगा तो आज संत रामपाल जी महाराज उसी गरीब दास जी महाराज के बार में पंथ में खुद कबीर साहिब के रूप में प्रकट हैं और उन्होंने वह यथार्थ कबीर पंथ कलयुग के 5505 वर्ष जो 1997 में पूर्ण होते हैं से शुरू कर रखा है।

संत रामपाल जी महाराज वह महापुरुष हैं जिनका जिक्र विश्व के अनेक भविष्यवक्ताओं ने किया है

संत रामपाल जी महाराज जी के विषय में विश्व के अनेकों प्रसिद्ध भविष्य वक्ताओं ने बहुत सी भविष्यवाणियां पहले से कर रखी हैं फ्रांस देश के भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस जी ने संत रामपाल जी महाराज के विषय में बताया है किहिंदुस्तान देश के ऐसे प्रदेश में जहां पांच नदियां बहती है एक महापुरुष जन्म लेगा उसकी माताएं तीन बहन होंगीवह सत अध्यात्मिक ज्ञान की ऐसी क्रांति लाएगा कि जिससे हजारों सालों तक इस पृथ्वी परसतयुग जैसा माहौल रहेगा इसी तरह से फ्लोरेंस आदि अनेकों भविष्य वक्ताओं ने संत रामपाल जी महाराज जी के विषय में भविष्यवाणियां कर रखी है

सत्य भक्ति विधि द्वारा असाध्य रोगों से छुटकारा दिलाने वाले संत हैं संत रामपाल जी महाराज

वर्तमान समय में मनुष्य जहां मानसिक रूप से परेशान है वही शारीरिक रूप से भी उसे अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है ऐसे ऐसे असाध्य रोग से आज का मानव त्रस्त है कि उसे मेडिकल साइंस से भी कोई सहारा नहीं मिल पा रहा संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लेने के बाद अनेकों लोगों के असाध्य रोग ठीक हुए हैं जिनमें कैंसर और एड्स जैसी भयंकर और लाइलाज बीमारियां शामिल है जिसका परिमाण आप यूट्यूब पर संत रामपाल जी महाराज के भक्तों के इंटरव्यू से देख सकते हैं

लाखों लोगों का नशा छुड़ाने वाले संत हैं संत रामपाल जी महाराज

नशा एक ऐसी चीज है जो परिवार के साथ साथ समाज का विनाश करता हैपरंतु संत रामपाल जी महाराज ने जो अध्यात्मिक ज्ञान दिया है तथा उनके द्वारा बताए गए सत मंत्रों की शक्ति का ऐसा प्रभाव है जिससे लाखों लोगों ने संत रामपाल जी महाराज जी की शरण में आने के बाद नशा छोड़ दिया है ऐसे ऐसे परिवार जो नशे के कारणनर्क जैसा जीवन व्यतीत कर रहे थे आज वह ऋषि परिवार बनकर भक्ति कर रहे हैं जिन लोगों के हाथ में शराब की बोतल तंबाकू बीड़ी सिगरेट रहते थे आज संत रामपाल जी महाराज की शरण में आने के बाद उन लोगों के हाथ में माला है और वह भक्ति कर रहे हैं। 

समाजिक बुराईयों का खात्मा करने वाले संत हैं संत रामपाल जी महाराज

संत रामपाल जी महाराज ने आध्यात्मिक ही नहीं बल्कि सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भी एक ऐसा अभियान शुरू किया है जिससे एक निर्मल व स्वच्छ समाज तैयार हो रहा है संत रामपाल जी महाराज ने सदियों से चली आ रही दहेज जैसी कुरीति को बिल्कुल समाप्त करके दिखाया है संत रामपाल जी महाराज जी के जितने भी अन्याय हैं वह बिना किसी आडंबर और खर्च के दहेज रहित शादियां कर रहे हैं इसके अलावा भ्रूण हत्या मृत्यु भोज आदि जैसी जितनी भी सामाजिक व्यर्थ परंपराएं हैं जो मनुष्य के जीवन में अनेकों कठिनाइयां पैदा कर रही हैं उनको संत रामपाल जी महाराज ने समाप्त करके दिखाया है।

उपरोक्त बातें समय व स्थान की कमी के कारण बहुत संक्षिप्त में बताई गई है संत रामपाल जी महाराज के बारे में अगर विस्तार से लिखना हो तो कबीर साहिब की यह वाणी याद आती है इसमें वह कहते हैं 

कबीर सकल समुद्र की मसि करूं ,कलम करूं बनराय धरती का कागज करूं ,गुरु गुण लिखा न जाय।।

संत रामपाल जी महाराज जी के बारे में लिखना और उनकी महिमा का वर्णन करना संभव नहीं है फिर भी समझदार को संकेत प्राप्त होता है तो इस लेख के माध्यम से एक संकेत देने की कोशिश की गई है कि वह पूर्ण सद्गुरु तत्वदर्शी संत एवं पूर्ण परमात्मा के अवतार संत रामपाल जी महाराज के रुप में आज विद्यमान हैसमझदार और भक्ति की चाह रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति को इस समय का लाभ उठाना चाहिए और संत रामपाल जी महाराज जी से दीक्षा लेकर अपना तथा अपने परिवार का कल्याण करवाना चाहिए सत साहिब।

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