हरियाणा के जींद जिले की जुलाना तहसील के अंतर्गत आने वाले मेहरड़ा गाँव में संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा चलाए जा रहे ‘किसान मज़दूर बचाओ अभियान (Phase 3)’ के तहत कृषि सहायता सामग्री वितरित की गई। इस अभियान का उद्देश्य छोटे किसानों की खेती पर होने वाले वित्तीय बोझ को पूरी तरह समाप्त करना है।
लंबी कतारों और आर्थिक तंगी से मिली मुक्ति
धान (जीरी) व गेहूं की फसल के समय यूरिया और डीएपी खाद पाने के लिए किसानों को बाज़ार के चक्कर लगाने पड़ते थे, कई-कई दिनों तक कतारों में खड़ा होना पड़ता था और काफी पैसे खर्च करने पड़ते थे। संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाई गई निःशुल्क खाद-बीज सेवा से छोटे किसानों का हज़ारों रुपयों का खर्च बचा है और उन्हें सीधे अपने घर व गाँव में ही सामग्री प्राप्त हुई है।
पात्रता की जाँच के बाद मिली मदद
गाँव के पंजीकृत किसानों (जिनके पास ढाई एकड़ या उससे कम कृषि भूमि है और जो स्वयं खेती करते हैं) को उनकी आवश्यकता के अनुसार खाद व दवाईयाँ मुहैया कराई गईं।
- अंकित (पुत्र शाहबाज़, मेहरड़ा): 6 बैग यूरिया, 1 बैग डीएपी और कीटनाशक/फफूँदनाशक किट प्राप्त हुई।
- अन्य किसान (अमित, विकास, गांधी, शमशेर, धर्मवीर आदि): आवश्यकतानुसार यूरिया, डीएपी तथा दवाईयों के पैकेट ससम्मान सौंपे गए।
घर-घर पेयजल के बाद अब कृषि क्षेत्र में मिली बड़ी सहायता
गाँव के ग्रामीणों ने बताया कि इससे पूर्व भी मेहरड़ा गाँव में 30-35 वर्षों से चली आ रही पीने के पानी की गंभीर समस्या का समाधान संत रामपाल जी महाराज ने समर्सिबल, सोलर व पाइपलाइन बिछाकर घर-घर मीठा पानी पहुँचाकर किया था। अब कृषि सामग्री मुफ्त उपलब्ध करवाकर किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने का अभूतपूर्व कार्य किया गया है।
समानता और सम्मान के साथ पारदर्शी वितरण प्रणाली
संत रामपाल जी महाराज जी के सेवादारों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ज़रूरतमंद छोटे किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उनकी कृषि लागत को शून्य करना है। गाँव में चाहे 2 किसान रजिस्टर्ड हों या 100, संत रामपाल जी महाराज जी के आदेश से सेवा दल पूरे सम्मान के साथ वाहनों में सामग्री लेकर गाँव तक पहुँचता है और बायोमीट्रिक व सर्वे नियमों का पालन करते हुए पारदर्शी तरीके से सामग्री वितरित करता है।
हरियाणा के जिंद जिले के मेहरड़ा गाँव में पहुँची सहायता की विस्तृत जानकारी के लिए देखें हमारी पूरी वीडियो।



