February 26, 2026

हरियाणा के रोहतक जिले के मदीना गाँव का बाढ़ संकट: संत रामपाल जी महाराज ने बचाई सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि

Published on

spot_img

​हरियाणा के रोहतक जिले का मदीना गाँव पिछले दो दशकों से एक गंभीर समस्या से जूझ रहा था। गाँव की लगभग 300-400 एकड़ कृषि भूमि हर साल बाढ़ के पानी में डूब जाती थी, जिससे किसानों का भारी नुकसान होता था। उनकी 22 साल पुरानी गुहार अनसुनी रही। लेकिन, जब उन्होंने संत रामपाल जी महाराज से मदद मांगी, तो चमत्कार हुआ।

​संत रामपाल जी महाराज के आदेश पर तुरंत राहत सामग्री से भरा काफिला गाँव पहुँचा। संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत इस गाँव को 9000 फीट की 8-इंची पाइपलाइन और दो 15 HP शक्तिशाली मोटरें भेजीं। गाँव के सरपंच राजा के नेतृत्व में, गाँव वालों ने ढोल-नगाड़ों के साथ संत रामपाल जी महाराज की टीम का स्वागत किया। यह लेख बताता है कि कैसे इस निस्वार्थ सेवा ने न केवल पानी निकाला, बल्कि किसानों के जीवन में आशा की नई किरण भर दी।

​मदीना गाँव का 22 साल पुराना विकट संकट और किसानों की हताशा

​हरियाणा के रोहतक जिले का मदीना गाँव पिछले 22-23 सालों से एक अभूतपूर्व बाढ़ संकट का शिकार था। गाँव के छोटे किसान पूरी तरह तबाह हो गए थे, क्योंकि हर साल बरसात के कारण 300 से 400 एकड़ कृषि भूमि 4 से 5 फुट पानी में डूब जाती थी। एक फसल पहले ही नष्ट हो चुकी थी, और खेतों में भरा पानी निकलने का कोई साधन न होने से किसान आगामी गेहूँ की फसल भी नहीं बो पा रहे थे।

पुरानी पाइपलाइन इस जलभराव के लिए नाकाफ़ी थी। प्रशासनिक दफ्तरों के अनगिनत चक्कर काटने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं मिला। यह सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं थी, बल्कि गाँव के सैकड़ों परिवारों का पूरा साल का भोजन, कमाई और भविष्य दाँव पर था। किसानों के लिए यह स्थिति जीवन-मरण जैसी थी, क्योंकि उनकी सारी उम्मीदें सिर्फ़ फसल पर टिकी थीं।

Also Read: फतेहाबाद: जहां प्रशासन हुआ फेल, वहां मसीहा बने संत रामपाल जी महाराज; गदली गांव को ‘सेम’ से मुक्ति दिलाने को भेजी 13,200 फीट पाइपलाइन

​जब हालात हद से ज्यादा बिगड़ गए और सारी उम्मीदें खत्म होने लगीं, तभी गाँव की पंचायत ने आखिरी उम्मीद के रूप में संत रामपाल जी महाराज के पास जाने का निर्णय लिया। इसके बाद जो हुआ, वह पूरे गाँव की किस्मत बदल देने वाला मानवीय इतिहास बन गया।

पंचायत की संत रामपाल जी महाराज से मदद की गुहार

​अपनी 22 साल पुरानी समस्या का समाधान ढूँढ़ते हुए, मदीना गाँव की पंचायत ने संत रामपाल जी महाराज से सीधे मदद माँगने का निर्णय लिया और बरवाला स्थित सतलोक आश्रम के कार्यालय पहुँचकर पंचायत ने अपनी अर्जी दी जिसके अंतर्गत निम्न सामग्री माँगी:

  • ​9000 फुट पाइपलाइन
  • ​दो मोटरें (15 HP)

​गाँव के सरपंच राजा के नेतृत्व में पंचायत सदस्यों ने संत रामपाल जी महाराज के सामने गाँव का पूरा हाल बयाँ किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार हर साल पानी भर जाने से उनकी फसलें बर्बाद हो जाती हैं और अब पुरानी पाइपलाइन से भी पानी निकालना संभव नहीं है। उन्होंने संत रामपाल जी महाराज से प्रार्थना की कि वे ही अब किसानों के मसीहा बनकर इस बाढ़ संकट को दूर कर सकते हैं। संत रामपाल जी महाराज ने उनकी प्रार्थना को तत्काल स्वीकार किया।

राहत सामग्री का त्वरित और विशाल आगमन 

​प्रार्थना-पत्र जमा करवाने के कुछ ही दिनों में संत रामपाल जी महाराज के आदेश पर राहत का एक विशाल काफिला मदीना गाँव में पहुँचा। गाँव में 9000 फीट पाइपलाइन और मोटरों से भरी गाड़ियाँ दाखिल हुईं। गाँव वालों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ काफिले का अभूतपूर्व स्वागत किया।

​राहत सामग्री में शामिल था:

  • ​9000 फुट लंबी 8 इंची उच्च गुणवत्ता वाली पाइपलाइन, यानी लगभग ढाई किलोमीटर (2.5 कि.मी.)।
  • ​दो शक्तिशाली 15 HP मोटरें।
  • ​स्टार्टर, भारी केबल, सुंडियाँ-हांडी, उच्च ग्रेड फेविकोल आदि।

​संत रामपाल जी महाराज की दूरदर्शिता यह थी कि उन्होंने पूरा सेटअप कम्पलीट भेजा ताकि ग्रामीणों को “एक नट-बोल्ट भी बाहर से न खरीदना पड़े” – बस लगाओ और पानी निकालो।

​ संत रामपाल जी महाराज का “विशेष निवेदन पत्र” – स्पष्ट और सख्त निर्देश

​सामग्री सौंपते समय संत रामपाल जी महाराज की ओर से एक विशेष निवेदन-पत्र पढ़कर सुनाया गया। यह केवल सहायता नहीं, बल्कि संत रामपाल जी महाराज का स्पष्ट व सख्त आदेश था:

  • ​सामग्री कितनी भी लगे, गाँव से पानी हर हाल में निकालना है।
  • ​गेहूँ की बिजाई हर हाल में करवानी है।
  • ​अगर निर्धारित समय में पानी नहीं निकला तो आगे कोई सहायता नहीं दी जाएगी।

​साथ ही पारदर्शिता के लिए तीन ड्रोन वीडियो बनाने के निर्देश दिए गए: पानी भरे खेतों का, पानी निकलने के बाद का, और लहराती फसल का। ताकि संगत को पूरा विश्वास हो कि उनका दान निष्काम सेवा में ही लगा। संत रामपाल जी महाराज ने गाँव वालों को पाइपलाइन को ज़मीन में दबाने की सलाह दी ताकि भविष्य में यह समस्या स्थाई रूप से हल हो जाए।

​ ग्रामीणों की खुशी और आभार की अभिव्यक्ति 

​जब गाड़ियाँ गाँव में पहुँचीं और 9000 फीट पाइपलाइन तथा मोटरें उतारी गईं, तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। गाँव में तुरंत मिठाई और प्रसाद बाँटा गया। ​गाँव के एक बुजुर्ग ग्रामवासी ने भावुक होकर कहा, “यह काम इंसान नहीं कर सकता, यह तो भगवान ही है!” उन्होंने कहा कि संत रामपाल जी महाराज की टीम का स्वागत करते हुए हमें लगा कि आज संत रामपाल जी महाराज ने स्वयं आकर हमारा संकट दूर किया है।

​एक अन्य ग्रामीण, सुरेश, ने अद्भुत अनुभव साझा करते हुए बताया कि मदद आने से एक हफ़्ता पहले ही उन्हें अपने सपने में संत रामपाल जी महाराज का बैनर दिखाई देने लगा था।

​गाँव के सरपंच राजा ने पूरी पंचायत की ओर से संत रामपाल जी महाराज का कोटि-कोटि धन्यवाद करते हुए भरोसा दिलाया कि सामग्री का पूरा सदुपयोग होगा और पानी समय पर निकाला जाएगा।

​ सेवा का उद्देश्य और व्यापक प्रभाव

​यह सेवा संत रामपाल जी महाराज द्वारा “अन्नपूर्णा मुहिम” का हिस्सा है। संत रामपाल जी महाराज का उद्देश्य सिर्फ़ अन्न देना नहीं, बल्कि अन्न उत्पन्न करवाना भी है। उनकी सेवा का लक्ष्य सिर्फ़ बाढ़ से बचाना नहीं, बल्कि “रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान – हर गरीब को दे रहा कबीर भगवान” के नारे को साकार करना है। मदीना गाँव की यह कहानी संत रामपाल जी महाराज के निस्वार्थ समाज सुधार और मानवता की सेवा के प्रमाण के रूप में दर्ज हो गई है।

 संत रामपाल जी महाराज: कलयुग में मानवता के सच्चे रक्षक और पालनहार

​मदीना गाँव की यह घटना केवल एक समाचार नहीं, बल्कि मानवता के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखी जाने वाली गाथा है। जिस प्रकार संत रामपाल जी महाराज ने 22 साल से डूबते हुए गाँव को बचाया, वह सिद्ध करता है कि वे केवल एक संत नहीं, बल्कि दीन-दुखियों के सच्चे साथी और रक्षक हैं। उनकी दूरदर्शिता, सूक्ष्म नियोजन और निस्वार्थ भाव ने हजारों किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई है।

​सरकार और प्रशासन जहाँ 22 साल से विफल रहे, वहाँ संत रामपाल जी महाराज की सेवा, शक्ति और भक्ति ने विजय प्राप्त की। मदीना गाँव का बाढ़ संकट टल गया है और वहाँ का बच्चा-बच्चा आज संत रामपाल जी महाराज का ऋणी है।

Latest articles

World Wildlife Day 2026: Know How To Avoid Your Rebirth As An Animal

Last Updated on 25 February 2026 IST: World Wildlife Day 2026: Every year World...

​हरियाणा/हिसार: संदलाना गांव के खेतों में फिर लौटी बहार, संत रामपाल जी महाराज ने असंभव को किया संभव

हिसार जिले की बरवाला तहसील का संदलाना गांव, जो कुछ समय पहले तक निराशा...

सिंघवा राघो में संत रामपाल जी महाराज ने संभव की असंभव बिजाई

हरियाणा के हिसार जिले का सिंघवा राघो गांव आज मानवता और निस्वार्थ सेवा की...

Kerala To Be Renamed ‘Keralam’: Union Cabinet Approves Proposal Ahead Of Assembly Polls

The Union Cabinet, chaired by Prime Minister Narendra Modi, has approved the proposal to...
spot_img

More like this

World Wildlife Day 2026: Know How To Avoid Your Rebirth As An Animal

Last Updated on 25 February 2026 IST: World Wildlife Day 2026: Every year World...

​हरियाणा/हिसार: संदलाना गांव के खेतों में फिर लौटी बहार, संत रामपाल जी महाराज ने असंभव को किया संभव

हिसार जिले की बरवाला तहसील का संदलाना गांव, जो कुछ समय पहले तक निराशा...

सिंघवा राघो में संत रामपाल जी महाराज ने संभव की असंभव बिजाई

हरियाणा के हिसार जिले का सिंघवा राघो गांव आज मानवता और निस्वार्थ सेवा की...