Lumpy Virus [Hindi] | देश के 13 राज्यों में फैला लंपी वायरस, लाखों गाय प्रभावित

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Lumpy Virus [Hindi] : मनुष्य के लिए अभी कोरोना वायरस और मंकीपॉक्स वायरस का संकट टला नहीं था कि देश में मवेशियों के लिए Lumpy Virus संकट बनकर उभरा है। देश के सबसे बड़े जिले कच्छ से प्रारंभ हुई Lumpy Skin Disease देश के 13 राज्यों में फैल चुकी है। अब तक देश में 10 लाख से ज्यादा जानवर लंपी बीमारी से प्रभावित हो चुके हैं। जबकि Lumpy Skin Disease की वजह से अब तक लाखों मवेशियों की मौत हो चुकी है।

Lumpy Virus [Hindi]: मुख्य बिंदु

  • देश में Lumpy Virus का पहला मामला गुजरात के कच्छ जिले में 23 अप्रैल को रिपोर्ट किया गया था।
  • Lumpy Virus अब तक देश के 13 राज्यों को अपनी चपेट में ले चुका है।
  • अब तक Lumpy Skin Disease से 10 लाख से भी अधिक मवेशी ग्रसित हो चुके हैं। जबकि इस रोग से लाखों मवेशी मारे जा चुके हैं।
  • राजस्थान सरकार ने Lumpy Virus को महामारी घोषित करने की मांग की है।

Lumpy Virus का इतिहास (History of Lumpy Virus)

लंपी वायरस का पहला केस 1929 में अफ्रीकी देश जाम्बिया में मिला था, सन् 1949 में साउथ अफ्रीका में इस वायरस की वजह से 80 लाख मवेशी संक्रमित हुए थे। यह वायरस अफ्रीका महाद्वीप से बाहर इजराइल में 1989 में रिपोर्ट किया गया था। जिसके बाद यह धीरे धीरे अन्य महाद्वीप में फैल गया। और भारत में इसका पहला केस अगस्त 2019 में मिला था।

Lumpy Virus का भारत में पहला मामला

लंपी वायरस (Lumpy Virus) का पहला मामला 23 अप्रैल को गुजरात के कच्छ जिले में मिला था। देखते ही देखते Lumpy Skin Disease गुजरात, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, जम्मू कश्मीर समेत देश के 13 राज्यों में फैल चुकी है।

Lumpy Skin Disease का प्रभाव

Lumpy Skin Disease इतना भयावह रूप ले चुकी है कि अब तक देश में 10 लाख से भी अधिक जानवर इस बीमारी से ग्रसित हो चुके हैं। जबकि Lumpy Virus के कहर से अब तक लाखों मवेशियों की मौत हो चुकी है। इस बीमारी से सर्वाधिक गौधन प्रभावित हुआ है। जिससे दुग्ध उत्पादन भी प्रभावित हुआ है।

Lumpy Virus: सरकार के प्रयास

लंपी वायरस के कहर को कम करने के लिए राज्य सरकारें, केंद्र सरकार के साथ मिलकर इसकी रोकथाम के लिए प्रयास कर रहीं हैं। लेकिन Lumpy Skin Disease से जान गंवाने वाले मवेशियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं खबर अनुसार, भारतीय वैज्ञानिकों ने स्वदेशी वैक्सीन तैयार की है और इसके लिए टेस्टिंग की प्रक्रिया जारी है।

लंपी वायरस क्या है? (What is Lumpy Virus?)

लंपी वायरस (Lumpy Virus) एक स्कीन डिजीज है, जो केप्रीपॉक्‍स वायरस (capripox virus) के कारण होती है। यह वायरस गोटपॉक्स और शिपपॉक्स फैमिली का है। यह बीमारी गायों और भैसों को होती है। इस वायरस के प्रभाव से गाय और भैंस के शरीर पर मोटी मोटी गांठें दिखने लगती हैं।

Lumpy Virus कैसे फैलता है?

देश में लंपी वायरस (Lumpy Virus) के मामले तेजी से फैलते हुए दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यह फैलता कैसे है? Lumpy Virus मच्छर या खून चूसने वाले कीड़ों के जरिए फैलता है। इनमें मक्खी, मच्छर, चीचड़ आदि शामिल हैं। ये सभी कीड़े एक मवेशी से दूसरे मवेशी में इस बीमारी को फैलाने का काम करते हैं।

Lumpy Skin Disease के लक्षण (Symptoms)

जब किसी मवेशी में यह Lumpy Skin Disease होता है, तो उस मवेशी पर निम्न लक्षण दिखाई देते हैं – 

  1. हल्का बुखार आना
  2. शरीर पर मोटे दाने निकलना
  3. दानो का घाव में बदल जाना
  4. नाक बहना 
  5. मुंह से लार गिराना
  6. दूध की कमी होना

Lumpy Skin Disease से बचाव के उपाय

मवेशियों में लंपी वायरस का जल्द पता लगने से इसके प्रसार को सीमित किया जा सकता है। वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए 

  • प्रभावित मवेशियों को आइसोलेटिड कर देना चाहिए। 
  • स्वस्थ पशुओं को इस बीमारी से बचाव के लिए टीका लगवाएं। 
  • जिस क्षेत्र में इस वायरस से प्रभावित मवेशियों को रखा गया था, उस स्थान को ठीक से कीटाणुरहित किया जाना चाहिए।
  • इस बीमारी से मर चुके मवेशियों को उच्च तापमान पर जलाना चाहिए।

क्‍या इंसानों को भी संक्रमित कर सकता है?

लंपी वायरस के अभी तक के आंकड़ों के अनुसार यह सिर्फ मवेशियों यानि गाय और भैंसों को ही प्रभावित कर रहा है। अब तक दूसरे पशुओं में Lumpy Virus के मामले नहीं देखे गए हैं। अभी तक के आंकड़ों के मुताबिक यह वायरस इंसानों को प्रभावित नहीं करता है।

इंसान हों या जानवर सभी की बीमारियों का इलाज संभव

जैसे जैसे साइन्स द्वारा नई नई खोजें की जा रही हैं, वैसे ही नए नए वायरस बीमारियों का प्रचंड रूप ले रहे हैं। मानव जाति से कोरोना वायरस और मंकीपॉक्स वायरस का संकट टला नहीं था कि लंपी वायरस मवेशियों के लिए संकट बन चुका है। जिसका अभी तक कोई कारगर इलाज नहीं मिल सका है। लेकिन परमेश्वर ऐसी शक्ति है जो इंसानों सहित पशुधन को भी निरोग कर सकता है। बस शर्त यह होती है कि पूर्ण परमात्मा की सतभक्ति पूर्णसंत के बताए अनुसार करनी पड़ती है। शास्त्रविरुद्ध भक्ति से लाभ नहीं होता। जिसका विवरण श्रीमद्भागवत गीता अध्याय 16 श्लोक 23 में किया गया है।

लाईलाज बीमारियां का समाधान

इस वक्त पृथ्वी पर पूर्णसंत रूप में संत रामपाल जी महाराज विद्यमान हैं जो पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी की भक्ति शास्त्रानुकूल बताते हैं। जिससे उनके अनुयायियों को वो लाभ मिल रहे हैं जो परमात्मा देता है। लोगों की कैंसर, एड्स, अस्थमा आदि लाईलाज बीमारियां ठीक हो रही हैं। जिसका वर्णन ऋग्वेद मण्डल 10 सूक्त 161 मंत्र 2, 5, सूक्त 162 मंत्र 2, सूक्त 163 मंत्र 1-3 तथा ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 80 मंत्र 2 में लिखा है।

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