February 2, 2026

किसान संत गरीबदास गरिमा सम्मान समारोह: झज्जर के गिरावड़ गाँव में हजारों किसानों ने संत रामपाल जी महाराज को किया सम्मानित

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गिरावड़ (झज्जर): हरियाणा के झज्जर जिले के ऐतिहासिक गांव गिरावड़ की पावन धरा पर 11 जनवरी 2026 को एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। यहाँ ‘किसान संत गरीबदास गरिमा सम्मान’ समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसने न केवल क्षेत्र बल्कि पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। इस विशाल समारोह के केंद्र में रहे जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज, जिन्हें यहाँ उपस्थित लाखों किसानों और 36 बिरादरी के लोगों ने सम्मान से नवाजा।

गिरावड़ गांव के युवा सरपंच सोनू और 14 गामा प्रधान जोगेंद्र उर्फ भूंड़ू प्रधान (छारा) की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जनसैलाब का उत्साह देखते ही बनता था। झज्जर जिला सरपंच संघ, “14 गामा” खाप, गुलिया खाप और क्षेत्र की 36 बिरादरी ने संयुक्त रूप से इस समारोह का आयोजन किया। समारोह का मुख्य उद्देश्य संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाई जा रही ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के तहत बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में की गई निस्वार्थ सेवा और गरीब परिवारों को दिए गए संबल के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना था।

अन्नपूर्णा मुहिम: रोटी, कपड़ा, मकान और बाढ़ राहत का महाअभियान

संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में चल रही ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ आज समाज के वंचित और पीड़ित वर्ग के लिए आशा की एक नई किरण बनकर उभरी है। समारोह के दौरान प्रस्तुत की गई विस्तृत जानकारी और वक्ताओं के उद्बोधन से यह स्पष्ट हुआ कि यह मुहिम केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं है। इसका मूल मंत्र है—”रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान, हर जरूरतमंद को दे रहा कबीर भगवान।”

21 मार्च 2025 को शुरू की गई इस पहल ने अब तक हजारों परिवारों को नया जीवन दिया है। विशेष रूप से, गत वर्ष अगस्त-सितंबर में जब उत्तर भारत, और खासकर हरियाणा के कई जिले भयंकर बाढ़ की चपेट में थे, तब सरकारी मशीनरी जहां नाकाफी साबित हो रही थी, वहां संत रामपाल जी महाराज ने मोर्चा संभाला।

खेतों में कई-कई फुट पानी खड़ा था और किसानों की फसलें बर्बाद हो रही थीं। ऐसे संकट के समय में, गिरावड़ गांव के सरपंच सोनू और अन्य ग्रामीणों की एक अर्जी पर संत रामपाल जी महाराज के आदेश से तत्काल राहत सामग्री भेजी गई। गिरावड़ गांव में पानी निकालने के लिए 310 हॉर्स पावर की बड़ी मोटरें और लगभग 13,000 फुट पाइप (8 इंची) उपलब्ध कराए गए।

यह सहायता केवल गिरावड़ तक सीमित नहीं रही, बल्कि धनाना, बाली, मोखरा, मदीना, और आसपास के सैकड़ों गांवों में जहां-जहां जलभराव की समस्या थी, वहां युद्धस्तर पर पानी निकालने का कार्य किया गया। इससे किसान अपनी अगली फसल (गेहूं) की बुवाई समय पर कर सके। हरियाणा के अलावा पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गांव अछवारा, गावड़ी सहित कई गांवों में भी यह राहत सामग्री पहुंचाई गई।

धनाना के सुरेश और रोहित की दास्तां: जब उजड़े आशियाने को मिली छत

समारोह में ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के मानवीय पहलू को उजागर करती एक भावुक कर देने वाली कहानी धनाना गांव (सोनीपत) के सुरेश और उनके बेटे रोहित की साझा की गई। सुरेश, जो लकवाग्रस्त (पैरालाइज्ड) हैं और चल-फिर नहीं सकते, अपने बेटे रोहित के साथ एक कच्ची कोठरी में रहते थे। बाढ़ और बारिश के कारण उनकी छत गिर गई और वे मलबे में दब गए थे। मां का साया पहले ही उठ चुका था और पिता-पुत्र एक तिरपाल के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर थे।

जब यह सूचना संत रामपाल जी महाराज तक पहुंची, तो ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के तहत तत्काल प्रभाव से उन्होंने मदद पहुँचाई। आश्चर्यजनक रूप से, मात्र 15 से 20 दिनों के भीतर सुरेश के लिए एक पक्का मकान बनाकर तैयार कर दिया गया। इतना ही नहीं, परिवार को राशन, कपड़े, बिस्तर और रोहित की शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी भी संत रामपाल जी महाराज ने उठाई।

सुरेश और रोहित की नम आंखें और उनके द्वारा संत रामपाल जी को ‘भगवान’ का दर्जा देना, वहां उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर गया। धनाना के सरपंच अनिल ने पुष्टि की कि उनके गांव में ऐसे कई मकान जरूरतमंदों को बनाकर दिए गए हैं। यह केवल एक उदाहरण है; ऐसे अनेक परिवारों को इस योजना के तहत नया जीवन मिला है।

ग्लाइडर से पुष्प वर्षा और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम

गिरावड़ में आयोजित इस सम्मान समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि संत रामपाल जी महाराज के स्वरूप (चित्र) का स्वागत आसमान से ग्लाइडर द्वारा पुष्प वर्षा करके किया गया। यह दृश्य अत्यंत मनमोहक और ऐतिहासिक था। कार्यक्रम स्थल को फूलों और रंगोली से सजाया गया था।

कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने वाले रास्तों पर ट्रेक्टरों की लंबी कतारें थीं; अकेले छारा गांव से 220 और बिरधाना से 60-70 ट्रेक्टरों के काफिले ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सैकड़ों बसें और हजारों कारें भी इस समारोह में पहुंचीं। वक्ताओं ने अनुमान लगाया कि ट्रैफिक जाम और पार्किंग की चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों और गिरावड़ के स्थानीय ग्रामीणों ने बिना किसी पुलिस हस्तक्षेप के सुरक्षा, भोजन वितरण और यातायात प्रबंधन किया।

विभिन्न पंचायत प्रतिनिधियों और खाप प्रधानों ने किसान समुदाय की ओर से सम्मान के प्रतीक के रूप में “हल”, पगड़ी और माला भेंट की। संत रामपाल जी का चित्र ढोल-नगाड़ों की गूंज और निरंतर फूलों की बारिश के साथ मंच तक लाया गया। कार्यक्रम का संचालन कर रहे सरपंच सोनू और सुनील लाठर ने बताया कि यह आयोजन किसी एक जाति या धर्म का नहीं, बल्कि 36 बिरादरी का साझा प्रयास है। इस अवसर पर छारा टोल प्लाजा के संचालक बबलू ठेकेदार ने कहा कि समारोह में आने वाले वाहनों से कोई टोल टैक्स नहीं लिया गया और भविष्य में भी संत रामपाल जी के अनुयायियों के लिए उनका सहयोग जारी रहेगा।

किसानों द्वारा दिए गए सम्मान

क्रमदिनांकस्थानआयोजनकर्ता / संस्थाप्रदान किया गया सम्मान
112 अक्टूबर 2025महम, रोहतक (हरियाणा)महम चौबीसी खापमानवता रक्षक सम्मान
28 नवम्बर 2025धनाना, सोनीपत (हरियाणा)धनाना की 36 बिरादरीधनाना रत्न
39 नवम्बर 2025गुराना, हिसार (हरियाणा)नौगामा बूरा, पुनिया, भ्याण खाप एवं सरपंच एसोसिएशन (बरवाला) गुराना (हिसार, हरियाणा)किसान रक्षक सम्मान
416 नवम्बर 2025बनासकांठा, गुजरातकुंडालियां ग्राम पंचायतकिसान रक्षक सम्मान
524 नवम्बर 2025हिसार (हरियाणा)जाट धर्मशाला, हिसार (छोटूराम जयंती पर)शॉल और स्मृति चिह्न 
67 दिसम्बर 2025धीरणवास, हिसार (हरियाणा)सरपंच एसोसिएशन (हिसार ब्लॉक I&II) और 85 गांवों की खापें धीरणवास (हिसार, हरियाणा)किसान मसीहा सम्मान
79 दिसम्बर 2025दिल्लीकालीरमन फाउंडेशन / IICC, नई दिल्लीभारत गौरव अवार्ड
821 दिसम्बर 2025गांव डाया, हिसार (हरियाणा)भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) एवं किसान संगठन गाँव डाया (हिसार, हरियाणा)किसान रत्न सम्मान
928 दिसम्बर 2025शादीपुर, जींद (हरियाणा)जुलाना बारहा और सरपंच एसोसिएशन (ब्लॉक जुलाना) शादीपुर (जींद, हरियाणा)किसान जीवन रक्षक सम्मान
1001 जनवरी 2026पार्क एवेन्यू सैक्टर-1, हाँसी (हरियाणा)सरपंच एसोसिएशन हाँसी ब्लॉक 1 व टीम नरेश जन सेवक रत्न सम्मान
1104 जनवरी 2026बालंद गांव, रोहतक (हरियाणा)105 गाँव एवं सतगामा, तपा बालंद, सरपंच एसोसिएशन ब्लॉक रोहतक, कलानौरकिसान गौरव सम्मान
1211 जनवरी 2026गिरावड़ गांव, झज्जर (हरियाणा)सरपंच एसोसिएशन, समस्त खाप छारा 14 गामा खाप, गुलिया 24 गामा खाप, किसान यूनियन, ग्राम पंचायत गिरावड़ (झज्जर, हरियाण) (सरपंच सोनू एवं प्रधान जोगेंद्र उर्फ भूंड़ू की अध्यक्षता में)किसान संत गरीबदास गरिमा सम्मान

वक्ताओं का उद्घोष: “सरकारें हुई फेल, संत ने किया मेल”

समारोह को संबोधित करते हुए विभिन्न खाप प्रधानों और राजनीतिक हस्तियों ने संत रामपाल जी महाराज के कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

  • सरपंच एसोसिएशन झज्जर के प्रधान बलवान (हसनपुर) ने कहा, “निकम्मी सरकारों ने हाथ खड़े कर दिए थे, लेकिन संत रामपाल जी ने एक एप्लीकेशन पर करोड़ों रुपयों का सामान भेजकर किसानों को बर्बाद होने से बचा लिया।”
  • बादली से विधायक कुलदीप वत्स ने भावुक होते हुए कहा, “मैंने आज तक किसी को गुरु नहीं बनाया, लेकिन आज मैं संत रामपाल जी महाराज को अपना गुरु मानता हूं। बादली हलके के हर गांव में उन्होंने जो मदद पहुंचाई है, उसके लिए मैं ऋणी हूं और उनकी रिहाई की आवाज विधानसभा में उठाऊंगा।”
  • महम चौबीसी के सचिव रामफल राठी ने सरकारी तंत्र की धीमी गति पर टिप्पणी करते हुए कहा, “सरकारों को फाइलों, अनुमानों और बजटों की आवश्यकता होती है जिनमें महीनों लग जाते हैं, लेकिन संत रामपाल जी से सहायता एक साधारण निवेदन के कुछ दिनों के भीतर ही पहुंच गई।”
  • जयंत तंवर (डाबोदा) ने सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि ऐसे परोपकारी संत को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो समाज चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि संत रामपाल जी के योगदान को देखते हुए उन्हें तत्काल रिहा किया जाना चाहिए।
  • जगदीप लाठर (हरियाणा रोडवेज प्रधान) ने कहा कि जहाँ सरकारें विकास के नाम पर कुछ करोड़ रुपये देने में अक्षम होती हैं, वहां संत रामपाल जी ने बिना किसी सरकारी बजट के पूरे प्रदेश में विकास की गंगा बहा दी है।

कार्यक्रम में अनेक स्थानीय नेताओं ने भी संत रामपाल जी की रिहाई की मांग को लेकर जोरदार भाषण दिए। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि समाज सेवा और मानवता के कार्यों को देखते हुए सरकार को संवेदनशील होना चाहिए।

विशाल भंडारा और अगले समारोह की घोषणा

कार्यक्रम में एक विशाल लंगर (भंडारा) का आयोजन किया गया, जिसमें देसी घी का हलवा और अन्य व्यंजन शामिल थे। वक्ताओं ने बताया कि यह भंडारा कार्यक्रम से 11 दिन पहले से चल रहा था। 

एक नई क्रांति का आगाज

गिरावड़ का यह ऐतिहासिक समारोह केवल एक सम्मान कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह उस भरोसे का प्रतीक था जो आज किसान और गरीब वर्ग संत रामपाल जी महाराज में देखता है। गिरावड़ के सरपंच सोनू ने कहा, “इस कार्यक्रम ने हमारे छोटे से गाँव को विश्व मानचित्र पर ला दिया है।”

कार्यक्रम के अंत में 14 गामा प्रधान जोगेंद्र उर्फ भूंड़ू और सरपंच सोनू ने आए हुए सभी अतिथियों, खाप प्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। विशाल भंडारे के साथ इस गरिमामयी समारोह का समापन हुआ, जिसने हरियाणा की सामाजिक और आध्यात्मिक फिजा में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। यह कार्यक्रम हरियाणा के ग्रामीण किसान समुदाय द्वारा संत रामपाल जी महाराज के समर्थन में एकजुटता का एक प्रमुख संगम था।

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