हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के बाद बने हालात को लेकर पांच प्रमुख गांवों के सरपंचों, खाप प्रतिनिधियों तथा गौशाला प्रबंधन समितियों के सदस्यों ने संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान ग्रामीण प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों में संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों और सेवादारों द्वारा चलाए गए राहत व जल-निकासी अभियानों के लिए उनका तहे दिल से धन्यवाद व्यक्त किया।
ग्रामीणों और खाप पंचायतों का कहना था कि जब उनके इलाके पूरी तरह से पानी में डूब चुके थे और किसान लाचार महसूस कर रहे थे, उस कठिन समय में आश्रम के सेवादारों ने दिन-रात एक करके उनकी मदद की। इस बैठक में न केवल राहत कार्यों का लेखा-जोखा साझा किया गया, बल्कि भविष्य में भी समाज सेवा और गौशाला प्रबंधन के कार्यों में आपसी सहयोग बनाए रखने पर सहमति बनी।
जलभराव के संकट के बीच ग्रामीण इलाकों में संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों द्वारा राहत कार्य
हरियाणा के हांसी, न्योना, मिर्जापुर, रायपुर, बरवाला तथा आसपास के ग्रामीण अंचलों में भारी बारिश और पानी के जमाव के कारण स्थिति काफी गंभीर बनी हुई थी। खेतों और रिहायशी इलाकों में जलभराव की वजह से किसानों की फसलें बर्बाद होने के कगार पर थीं और आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका था। ग्रामीणों के अनुसार, संकट की इस घड़ी में संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से काम कर रहे सेवादारों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किए।
सेवादारों ने न केवल प्रभावित इलाकों से पानी निकालने के लिए पंपिंग सेट और भारी मशीनरी का प्रबंध किया, बल्कि भोजन और दैनिक जरूरतों की सामग्रियां भी लोगों तक पहुंचाईं। खाप प्रधानों ने बताया कि ग्रामीणों ने जितनी मदद या उपकरणों की मांग की थी, आश्रम द्वारा उससे कहीं अधिक संसाधन मौके पर मुहैया कराए गए। इस त्वरित सहायता से किसानों की डूबती फसलों और जमीन को भारी नुकसान से बचाया जा सका, जिसके लिए पूरे क्षेत्र के लोग आश्रम की भूमिका की सराहना कर रहे हैं।
न्योना, मिर्जापुर और रायपुर समेत पांचों गांवों के सरपंचों और खाप सरदारों का सतलोक आश्रम श्री धनाना धाम में लगा जमावड़ा
इस विशेष बैठक में पांच मुख्य गांवों—न्योना, मिर्जापुर, रायपुर और नजदीकी क्षेत्रों के नवनिर्वाचित सरपंच, खाप सरदार, गौशाला मैनेजमेंट कमेटी के प्रतिनिधि और स्थानीय किसान शामिल हुए। प्रतिनिधिमंडल ने संत रामपाल जी महाराज के सामने पहुंचकर उनका अभिवादन किया और उन्हें इलाके की जमीनी स्थिति से अवगत कराया।
बैठक के दौरान मिर्जापुर, न्योना और रायपुर के प्रमुख प्रतिनिधियों ने बारी-बारी से अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि आमतौर पर जब कोई प्राकृतिक आपदा आती है तो सरकारी तंत्र को सहायता पहुंचाने में समय लगता है, लेकिन आश्रम के स्वयंसेवकों ने बिना कोई समय गंवाए मौके पर मोर्चा संभाला।
स्थानीय प्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज को बताया कि हांसी से लेकर न्योना और बरवाला तक का पूरा इलाका जलमग्न हो चुका था, लेकिन सेवादारों की मेहनत की बदौलत पानी की निकासी संभव हो सकी और लोगों को बड़ी राहत मिली।
मिर्जापुर, न्योना और गौशाला प्रबंधन कमेटी के प्रमुखों ने की खुलकर बात
मुलाकात के दौरान मिर्जापुर के सरपंच और उनके साथ आए सरदारों ने विशेष रूप से गौशाला प्रबंधन समिति और स्थानीय किसानों की ओर से अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि मिर्जापुर और उसके आसपास के सात गांवों का पूरा क्षेत्र पानी से घिर गया था। ऐसे में गौशाला की रक्षा करना और मवेशियों के लिए चारे-पानी का प्रबंध करना एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया था।
गौशाला समिति के प्रतिनिधियों ने कहा कि आश्रम के सेवादारों ने न केवल पानी निकालने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी, बल्कि चारे और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए। प्रतिनिधियों का कहना था कि ग्रामीणों ने अगर 10 पंप या संसाधन मांगे थे, तो आश्रम ने 100 संसाधनों की व्यवस्था करके पूरे क्षेत्र को जलमग्न होने से बचा लिया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज के प्रति अपना आभार प्रकट किया और कहा कि उनके इस सहयोग को पूरा इलाका हमेशा याद रखेगा।
न्योना क्षेत्र के शमशेर सिंह, चतर सिंह नरवाल और शर्मा जी का विशेष योगदान
न्योना गांव और उसके आसपास के चार गांवों से आए प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीण बुजुर्गों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। इनमें न्योना से शमशेर सिंह, चतर सिंह नरवाल और शर्मा जी प्रमुख रूप से शामिल थे। शमशेर सिंह ने संत रामपाल जी महाराज का स्वागत करते हुए कहा कि उनके आगमन और सहयोग से पूरे गांव का हौसला बढ़ा है।
चतर सिंह नरवाल ने न्योना के चार गांवों की सरदारी की ओर से संत रामपाल जी महाराज को धन्यवाद देते हुए कहा कि आश्रम के सेवादारों ने न केवल पानी निकाला बल्कि जमीन में दबी और टूटी हुई पाइपलाइनों को भी ठीक करने का काम किया।
उन्होंने बताया कि पानी के तेज बहाव और मिट्टी के दबाव के कारण कुछ स्थानों पर पाइपलाइन दब गई थी, जिसे सेवादारों ने कड़ी मेहनत करके फिर से सुचारू बनाया। वहीं, शर्मा जी ने भी न्योना के ग्रामीणों की ओर से आभार जताते हुए कहा कि जिस निष्काम भाव से सेवादारों ने काम किया है, उसकी मिसाल मिलना मुश्किल है।
खाप प्रतिनिधि रामकिशन सहरावत और सुभाष सिहाग की भूमिका
इस कार्यक्रम में खाप पंचायत के वरिष्ठ प्रतिनिधि रामकिशन सहरावत और हरियाणा के सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष सिहाग भी मौजूद रहे। रामकिशन सहरावत ने पूरी सरदारी की तरफ से विचार रखते हुए कहा कि संत रामपाल जी महाराज और उनके अनुयायियों ने जनसेवा का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, उससे समाज में एक नया संदेश गया है।
सुभाष सिहाग ने कहा कि जब क्षेत्र के किसान और आम लोग मुसीबत में थे, तब आश्रम के सेवादारों ने बिना किसी स्वार्थ के दिन-रात मेहनत की। उन्होंने कहा कि इतिहास में ऐसे मौकों को याद रखा जाता है जब कोई सामाजिक संगठन सरकार और प्रशासन से भी आगे बढ़कर जनता की मदद के लिए हाथ बढ़ाता है।
संत रामपाल जी महाराज ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि वे और उनके अनुयायी केवल ईश्वर के सेवक हैं और मानव सेवा ही उनका सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने सभी ग्रामीणों और खाप प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि जब भी समाज को उनकी जरूरत होगी, आश्रम के सेवादार हमेशा मदद के लिए तत्पर रहेंगे।
गौशाला सेवा में जुटे युवा प्रतिनिधि सचिन, कपिल, दीक्षित और सुरजीत सिंह
बैठक में केवल बुजुर्ग और वरिष्ठ प्रतिनिधि ही शामिल नहीं थे, बल्कि क्षेत्र के उत्साही युवाओं ने भी बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें न्योना गौशाला और स्थानीय सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय युवा प्रतिनिधि सचिन, कपिल, दीक्षित और सुरजीत सिंह शामिल थे।
संत रामपाल जी महाराज ने इन युवाओं से बातचीत की और उनके द्वारा गौशाला तथा राहत कार्यों में दिए गए योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब गांव के जवान और ऊर्जावान बच्चे समाज सेवा और जीव-दया के कार्यों में आगे आते हैं, तो पूरा क्षेत्र प्रगति करता है।
सचिन और कपिल ने बताया कि जलभराव के दौरान उन्होंने आश्रम के सेवादारों के साथ मिलकर भारी मशीनरी चलाने, पाइप बिछाने और गौशाला की सफाई करने में दिन-रात काम किया। वहीं दीक्षित और सुरजीत सिंह ने कहा कि संत रामपाल जी महाराज के विचारों और प्रेरणा से ही उन्हें समाज सेवा करने का संबल मिला है।
प्रमुख हस्तियों के बयान
| हस्ती | पद/परिचय | बयान | वीडियो स्रोत |
| शमशेर सिंह | न्योना गांव के प्रतिनिधि | संत रामपाल जी महाराज के आगमन और सहयोग से ग्रामीणों का हौसला बढ़ा है तथा इलाके में बहुत बड़ा सेवा कार्य हुआ है। | वीडियो देखे |
| रामकिशन सहरावत | खाप प्रतिनिधि | संत रामपाल जी महाराज और उनके आश्रम द्वारा किए गए राहत कार्य अत्यंत सराहनीय हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। | वीडियो देखे |
| चतर सिंह नरवाल | न्योना (चार गांव सरदारी) के प्रतिनिधि | आश्रम के सेवादारों ने जलभराव से प्रभावित चार गांवों में दबी पाइपलाइनों को ठीक कर पानी निकालने में अभूतपूर्व मदद की है। | वीडियो देखे |
| सुभाष सिहाग | हरियाणा से सामाजिक प्रतिनिधि | संकट के समय में संत रामपाल जी महाराज और उनके अनुयायियों ने किसानों को नया जीवन देने का काम किया है। | वीडियो देखे |
| शर्मा जी | न्योना गांव के प्रतिनिधि | आश्रम के सेवादारों ने न्योना गांव और आसपास के इलाकों में बिना किसी कमी के दिन-रात सेवा कार्य अंजाम दिए हैं। | वीडियो देखे |
| सचिन | न्योना गौशाला युवा सेवादार | जलभराव के समय गौशाला और गांव में पानी निकालने के काम में सेवादारों के साथ मिलकर निरंतर प्रयास किए। | वीडियो देखे |
| कपिल | युवा सामाजिक कार्यकर्ता | आपदा के समय गौशाला की सुरक्षा और जल-निकासी अभियानों में सक्रियता से भाग लिया और सेवा दी। | वीडियो देखे |
| दीक्षित | ग्रामीण युवा | संत रामपाल जी महाराज के आशीर्वाद से गांव में आई आपदा से निपटने में सफलता मिली और सेवा का मौका मिला। | वीडियो देखे |
| सुरजीत सिंह | न्योना गौशाला प्रतिनिधि | न्योना गौशाला और आसपास के क्षेत्रों में आश्रम की ओर से मिली त्वरित सहायता के लिए आभार जताया। | वीडियो देखे |
मानव सेवा और सामाजिक एकजुटता का अनूठा संदेश
खाप सरदारों, सरपंचों और संत रामपाल जी महाराज के बीच हुई यह मुलाकात केवल एक धन्यवाद सभा तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने यह सिद्ध कर दिया कि जब पूर्ण गुरु का आशीर्वाद मिलता हैं, तो बड़ी से बड़ी आपदा से निपटा जा सकता है।
हांसी, बरवाला, न्योना और मिर्जापुर के जलभराव प्रभावित इलाकों में जिस तरह से राहत कार्य चलाए गए, उससे हजारों किसानों की आजीविका और पशुधन की रक्षा हो सकी। ग्रामीण प्रतिनिधियों का कहना है कि संकट की इस घड़ी में मिली सहायता से क्षेत्र के लोगों में नया विश्वास जागा है और आने वाले समय में भी वे आपसी भाईचारे तथा सेवा भाव के साथ एक-दूसरे का हाथ थामकर आगे बढ़ते रहेंगे।



