हरियाणा के जिला जींद की जुलाना तहसील स्थित गांव करसोला में किसान मजदूर बचाओ अभियान के तीसरे चरण का संचालन किया गया। संत रामपाल जी महाराज ने छोटे किसानों को निशुल्क कृषि सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य किया है। इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य उन किसानों को सीधी आर्थिक राहत प्रदान करना है जो महंगे कृषि इनपुट, बाजार में खाद की कमी और लंबी कतारों की समस्या से प्रभावित होते हैं।
पात्रता और आवेदन के मानक
इस राहत अभियान का लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं:
- भूमि सीमा: किसान के पास ढाई एकड़ (2.5 एकड़) या उससे कम कृषि भूमि होनी चाहिए।
- स्वयं जुताई: किसान अपनी भूमि पर स्वयं खेती करता हो।
- आय का साधन: खेती के अतिरिक्त आय का कोई अन्य स्रोत उपलब्ध न हो।
सतलोक आश्रम धनाना धाम में आवेदन प्रक्रिया
संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत पात्र किसानों के लिए आवेदन एवं वितरण की प्रक्रिया को अत्यंत सरल रखा है:
- दस्तावेज जमा करना: किसानों को अपने आधार कार्ड के साथ सतलोक आश्रम धनाना धाम पहुंचना होता है।
- फॉर्म और बायोमेट्रिक: आश्रम में आवेदन फॉर्म भरकर अंगूठे का निशान दर्ज कराया जाता है।
- आतिथ्य सत्कार: आश्रम में आने वाले सभी किसानों के लिए चाय, बिस्कुट, हलवा-पूड़ी तथा लंगर/भंडारे की निशुल्क व्यवस्था की जाती है।
- सत्यापन एवं सर्वे: आवेदन जमा होने के उपरांत आश्रम की टीम द्वारा जमीनी सर्वे करके पात्रता की पुष्टि की जाती है।
- घर तक आपूर्ति: पात्रता सिद्ध होने पर कृषि सामग्री वाहनों के माध्यम से सीधे किसान के गांव तथा घर तक निशुल्क पहुंचाई जाती है।
गांव करसोला के लाभार्थी किसानों के विवरण और वक्तव्य
गांव करसोला के अनेक पात्र किसानों ने इस अभियान से मिले लाभ और अपनी पूर्व स्थितियों की जानकारी इस प्रकार दी:
1. रामनिवास (भूमि: 1.75 एकड़ / पौने दो किला)
- पूर्व स्थिति: पहले खाद और बीज के लिए मंडी में दिनभर लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था। समय पर खाद न मिलने और मंडी में पुलिस के डंडों के कारण फसल अधूरी रह जाती थी।
- प्राप्त सहायता: संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत आवेदन के तीसरे दिन ही रामनिवास को यूरिया, डीएपी, बीज और कीटनाशक दवाइयां बिल्कुल निशुल्क उपलब्ध करा दीं।
2. राम कुमार (भूमि: 2.5 एकड़ / ढाई किला)
- पूर्व स्थिति: खेती की सामग्री खरीदने के लिए ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज लेना पड़ता था, जिससे वित्तीय संकट उत्पन्न होता था।
- प्राप्त सहायता: सतलोक आश्रम धनाना धाम में फॉर्म भरने के अगले ही दिन वाहन द्वारा उनके गांव तक समस्त कृषि सामग्री निशुल्क पहुंचा दी गई।
3. रोशन लाल (भूमि: 2.5 एकड़ / ढाई किला)
- पूर्व स्थिति: आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण ब्याज पर पैसा उठाकर खाद और दवाइयां खरीदनी पड़ती थीं।
- प्राप्त सहायता: संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से आधार कार्ड जमा होने के अगले दिन ही संपूर्ण कृषि सामग्री निशुल्क प्रदान की।
4. राम कुमार (द्वितीय लाभार्थी, भूमि: 2.5 एकड़ / ढाई किला)
- पूर्व स्थिति: कृषि इनपुट की ऊंची लागत और किल्लत के कारण खेती करना कठिन हो गया था।
- प्राप्त सहायता: सतलोक आश्रम धनाना धाम में फॉर्म भरकर अंगूठा लगाने के बाद निशुल्क सामग्री प्राप्त हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया में एक अठन्नी या चवन्नी भी शुल्क नहीं लिया गया।
निशुल्क वितरित की जाने वाली कृषि सामग्रियों की सूची
संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत किसानों की फसल आवश्यकता के अनुसार निम्नलिखित वस्तुएं प्रदान की हैं:
- उर्वरक: यूरिया (Urea) और डीएपी (DAP)।
- बीज: फसल के अनुसार उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज।
- फसल सुरक्षा: कीटनाशक दवाइयां एवं आवश्यक कृषि रसायन।
- परिवहन सेवा: संपूर्ण सामग्री को वाहनों के जरिए सीधे किसानों के घर तक पहुंचाने की निशुल्क सेवा।
कृषि राहत अभियान का संक्षिप्त विवरण
| विवरण श्रेणी | विवरण तथ्य |
| स्थान | गांव करसोला, तहसील जुलाना, जिला जींद (हरियाणा) |
| अभियान का नाम | किसान मजदूर बचाओ अभियान (फेज 3) / अन्नपूर्णा मुहिम |
| मुख्य आयोजक/प्रेरक | संत रामपाल जी महाराज |
| पात्रता मानदंड | 2.5 एकड़ या उससे कम भूमि वाले स्वयं खेती करने वाले किसान |
| आवेदन केंद्र | सतलोक आश्रम धनाना धाम |
| आवश्यक दस्तावेज | आधार कार्ड एवं आवेदन फॉर्म |
| वितरित सामग्री | यूरिया, डीएपी, बीज और कीटनाशक दवाइयां |
| सेवा शुल्क | पूर्णतः निशुल्क (शून्य रुपये) |
| वितरण माध्यम | वाहनों द्वारा सीधे गांव/घर तक डिलीवरी |
छोटे किसानों को आर्थिक बोझ और कर्ज से मुक्ति
संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के जरिए छोटे किसानों को भारी ब्याज वाले कर्ज, बाजार की अनिश्चितता और मंडी की कतारों से राहत प्रदान की है। समय पर निशुल्क यूरिया, डीएपी, बीज और कीटनाशक मिलने से किसानों की फसल अधूरी रहने का जोखिम समाप्त हुआ है और हजारों रुपये की सीधी बचत हुई है। सतलोक आश्रम धनाना धाम में प्राप्त आवेदनों के आधार पर निष्पक्ष सर्वे कर जरूरतमंद किसानों तक सीधी मदद पहुंचाई जा रही है।



