Kappa Variant in UP: उत्तर प्रदेश में कप्पा वेरिएंट के दो मामले, जीनोम सीक्वेंसिंग में हुई पुष्टि

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यह जानना बहुत जरुरी है, अभी कोरोना की दूसरी लहर खत्म नहीं हुई है। इसके दैनिक मामलों में उतार-चढ़ाव जारी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 45 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं। लेकिन इस बीच कोरोना के मिल रहे अलग-अलग वैरिएंट ने चिंताएं काफी बढ़ा दी हैं। इस कारण कह सकते है कि देश में कोरोना की तीसरी लहर भी आ सकती है। खबर है कि उत्तर प्रदेश में पहली बार कोरोना का कप्पा वैरिएंट (Kappa Variant) मिला है।

यह कोरोना के बी.1.617 वंश के म्यूटेशन से पैदा हुआ है, जो डेल्टा वैरिएंट के लिए भी जिम्मेदार है। दरअसल, कोरोना के बी.1.617.2 वैरिएंट को डेल्टा वैरिएंट के नाम से जाना जाता है, जबकि बी.1.617.1 को कप्पा वैरिएंट कहा जाता है। कुछ महीने पहले ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ यानी घातक घोषित किया है। उत्तर प्रदेश में नया स्वरूप ‘कप्पा’ बना चिंता का कारण, मिले कप्पा वेरिएंट के दो मामले, जीनोम सीक्वेंसिंग में हुई पुष्टि। 

Corona Kappa Variant: मुख्य बिंदु 

  • UP में डेल्टा प्लस के बाद कोविड का एक और नया रूप सामने आया है -‘कप्पा’
  • जीनोम सीक्वेसिंग के दो नमूनों में ‘कप्पा वायरस’ की हुई है पुष्टि
  • KGMU में 109 नमूनों की जीनोम सीक्वेसिंग द्वारा प्राप्त रिपोर्ट में 107 नमूने डेल्टा प्लस के पाए गए जबकि 2 ‘कप्पा’ वैरिएंट के पाए गए हैं
  • यूपी के संत कबीर नगर के कप्पा वेरिएंट से पॉजिटिव 66 वर्षीय व्यक्ति की मृत्यु हो गई है
  • यूपी के अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि ‘कप्पा वायरस’ का इलाज है संभव इसलिए नहीं है चिंता का विषय

कोरोना के स्वरूप ‘कप्पा’ नामक वायरस के बारे में विस्तार से

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में लोगों में चिंता का विषय बन गया है कोरोना का एक और नया रूप। इससे पहले डेल्टा प्लस से जूझ रहे थे लोग, फिर से बदल लिया कोरोना ने रूप, कप्पा वैरिएंट ने बढ़ा दी है चिंता । UP में जीनोम सीक्वेसिंग के चलते दो नमूनों में वायरस के ‘कप्पा’ (Kappa Variant) स्वरूप की हुई है पुष्टि। यहाँ प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में शुक्रवार के दिन बैठक हुई.

जिसके बाद जारी किए सरकारी बयान के अनुसार ‘विगत दिनों  के KGMU (किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय) में 109 नमूनों की जीनोम सीक्वेसिंग की गई जिसमें जब रिपोर्ट सामने आई तो 107 नमूनों में कोरोना की दूसरी लहर में सामने आया डेल्टा प्लस नामक रूप की ही पुष्टि हुई है। दूसरी ओर 2 नमूनों में वायरस का जो नया रूप है ‘कप्पा’ पाया गया है । यूपी के संत कबीर नगर के कप्पा वेरिएंट से पॉजिटिव 66 वर्षीय व्यक्ति की मृत्यु हो गई है। 

कप्पा वैरिएंट (Kappa Variant) का इलाज है सम्भव: अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) 

खबर के अनुसार एक बयान में बताया गया कि ‘दोनों ही स्वरूप प्रदेश में नए नहीं हैं । आपको बता दें कि वर्तमान में दैनिक संक्रमण दर 0.04 प्रतिशत है । कोरोना वायरस का नए स्वरूप ‘कप्पा’  के बारे में जब पूछा गया तो अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि कोरोना का वर्तमान में जो नया स्वरूप ‘कप्पा’ सामने आया है, यह कोई नई बात नहीं है। पहले भी इस स्वरूप के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसलिए किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं  है। आपको बता दें कि अमित मोहन प्रसाद जी ने कहा कि यह कोरोना वायरस का एक सामान्य स्वरूप हैं और इसका इलाज संभव हैं। इस बात से लोगों के दिल और दिमाग में थोड़ी शांति है। हालांकि उन्होंने इस बात की जानकारी नहीं दी कि ‘कप्पा वैरिएंट के मामले कहाँ मिले हैं ।

उत्तर प्रदेश में अभी भी मंडरा रहा है मौत का साया

भारत COVID-19  से 1.5  साल से जूझ रहा है। कभी वायरस शांत हो जाता है तो कभी संक्रमण फैलाना शुरू कर देता है। अब तो लोग बहुत परेशान हो गए है क्योंकि इसके कारण कितनों के परिवार उजड़ गए है और कितने इस महामारी से लड़ रहे हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश में गुरुवार के दिन कोरोना संक्रमण द्वारा पीड़ित 10 लोगों की मौत हो गई और 112 नए मरीज मिले हैं।

उत्तर प्रदेश की सरकार द्वारा जारी किए गए बयान के अनुकूल इस घातक संक्रमण से 10 और मरीजों की मौत होने के बाद मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 22,676 हो गई। यदि दूसरी ओर देखा जाए तो राज्य में 112 नए मामलों के साथ ही संक्रमितों की संख्या बढ़कर 17,07,044 हो गई है। यह बहुत ही चिंता का विषय बन गया है क्योंकि कोरोना के डेल्टा प्लस स्वरूप के बाद ‘कप्पा’ सामने आ गया है। वायरस समय के अनुसार अपना स्वरूप भी बदल रहा है। डॉक्टर भी समझ नहीं पा रहे है कि यह किस तरह कंट्रोल किया जाए। यह दिन-प्रतिदिन संक्रमण बढ़ा ही रहा है ।

प्रदेश के कई जिलों में COVID के मामले सामने आए हैं  

अभी लोगों में सोच थी कि कोरोना वायरस अब तो धीमा हो गया है। इसका दुष्प्रभाव कम हो गया है। लेकिन यह तो अपने स्वरूप को ही बदलता जा रहा है। डॉक्टर भी करें तो क्या करें यह वायरस सबको भूल भुलैया में डाल रहा है। आपको बता दें कि स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार जानकारी से पता चला है कि प्रदेश के गई जिलों में कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। पिछले 24 घंटों में एटा में तीन, अमेठी और शाहजहांपुर में दो-दो, सिद्धार्थनगर, प्रतापगढ़ व मुरादाबाद में एक-एक मरीज की मौत हो गई। कोविड के ताजा मामलों में से 11 वाराणसी से भी पाए गए हैं ।  लखनऊ में भी 9 मामले सामने आए हैं और 8 कानपुर नगर से सामने आए हैं ।

साथ ही आपको खुशी की बात भी बता दें कि पिछले 24 घंटों के दौरान 258 मरीज स्वस्थ भी हुए है। राज्य में अब तक कुल 16,82,579 मरीज संक्रमण से मुक्ति पा चुके हैं। अब तो समझ आ रहा है कि भगवान ही इस भयानक संकट से हमें बचा सकते हैं। क्योंकि इंसान को हरा दिया है इस वायरस ने, कोई दवा काम नहीं कर रही है ।

Kappa Variant के मरीज कहाँ मिले है उत्तर प्रदेश में?

जानने योग्य बात यह है कि ‘कप्पा’  कहाँ – कहाँ  है यूपी में। प्रदेश के देवरिया और गोरखपुर में डेल्टा प्लस स्ट्रेन के दो मामले पाए जाने के बाद अब कोविड-19 के कप्पा स्ट्रेन से एक मरीज पॉजिटिव पाया गया है जो कि संत कबीर नगर का रहना वाला है। इसी सप्ताह उत्तर प्रदेश में पहली बार डेल्टा प्लस स्ट्रेन के भी दो मामले दर्ज किए गए। UP में 66 साल के मरीज की मौत हो गई है। जीनोम अनुक्रमण अभ्यास के दौरान स्ट्रेन का पता चला था।

Kappa Variant in Up | Credit: OneIndia Hindi

आपको बता दें कि उनका नमूना 13 जून को नियमित रूप से इक्ठ्ठा किया गया था और सीएसआईआर के इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी, नई दिल्ली को भेजा गया था, जिसने नमूने में कप्पा स्ट्रेन की पुष्टि की है। डेल्टा प्लस की तरह, कप्पा को भी चिंता का एक रूप घोषित किया गया है । 

सभी के लिए जरूर बात, क्या यह भूल हम तो नहीं कर रहे हैं

विशेषज्ञ कहते हैं कि डेल्टा से लेकर कप्पा या B.1.1.28.2, चाहे कोरोना का कोई भी वैरिएंट हो, उससे बचने के लिए सबसे जरूरी है कि मास्क लगाएं, सुरक्षित शारीरिक दूरी बनाए रखें और वैक्सीन जरूर लगवाएं। वैक्सीन लगवाने से संक्रमण की गंभीरता को कम किया जा सकता है। हमें इस महामारी से बचने के लिए इन नियमों का पालन जारी रखना पड़ेगा, नहीं तो इस विकट वायरस के संक्रमण से बचना मुश्किल है ।

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