JEE NEET CBSE Exams 2021 On Reduced Syllabus: तीस फीसदी तक कम किया गया सीबीएसई का पाठ्यक्रम

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JEE NEET CBSE Exams 2021: सोमवार को भारत सरकार के शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने केंद्रीय विद्यालयों के शिक्षकों और छात्रों से लाइव वेबिनार के जरिए बातचीत की। निशंक ने बताया कि आगामी परीक्षाएं संशोधित पाठ्यक्रम के आधार पर आयोजित की जाएंगी। हैं। पाठक गण यह भी विचार करेंगे कि मानव जीवन की परीक्षा में इस अनमोल जीवन का उद्देश्य पशु-पक्षियों से भिन्न है और उसे सतभक्ति में लगाकर कैसे नैया पार कराएं।

JEE NEET CBSE Exams 2021 on Reduced Syllabus के मुख्य बिंदु

  • सोमवार को लाइव वेबिनार के जरिए निशंक ने केंद्रीय विद्यालयों (Kendriya Vidyalaya) के छात्रों से बात की
  • आगामी नीट एवं जेईई परीक्षाएं 2021 संशोधित पाठ्यक्रम के आधार पर होंगी आयोजित
  • तीस फीसदी तक कम किया गया है सीबीएसई का पाठ्यक्रम
  • कोरोना महामारी के चलते छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था इस कारण यह निर्णय लिया गया है
  • शिक्षा के साथ-साथ आवश्यक है तत्वज्ञान की पहचान

निशंक ने केंद्रीय विद्यालयों (Kendriya Vidyalaya) के छात्रों से की बात

शिक्षा मंत्री निशंक सोमवार को केंद्रीय विद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से एक वेबिनार के जरिये जुड़े व कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। चर्चा में परीक्षा के सिलेबस पर विशेष रूप से बात हुई।

JEE और NEET परीक्षाएं 2021 में आयोजित होंगी संशोधित पाठ्यक्रम के आधार

JEE NEET CBSE Exams 2021: सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक (Ramesh Pokhriyal) ने केंद्रीय विद्यालय के शिक्षकों और छात्रों के साथ लाइव वेबिनार के जरिए बातचीत की। निशंक ने कहा कि संशोधित पाठ्यक्रम के आधार पर 10वीं और 12वीं के CBSE बोर्ड परिक्षाएं आयोजित की जाएंगी। उसी आधार पर JEE परीक्षा 2021 (Joint Entrance Exams ) और NEET परीक्षा 2021 (National Eligibility Entrance Test) में भी संशोधित पाठ्यक्रम (Revised Syllabus) के आधार पर ही प्रश्न होंगे।

यह भी पढ़ें: JEE Main 2020 Result: The Importance of Education 

बोर्ड परीक्षाओं के लिए CBSE ने कम किया है 30 फीसदी सिलेबस

सोमवार को लाइव वेबिनार के जरिए निशंक से देशभर के केंद्रीय विद्यालयों (Kendriya Vidyalaya) के छात्रों से बातचीत में JEE Main 2021 और NEET 2021 के सिलेबस को लेकर भी प्रश्न किये गए थे। जिसके उत्तर में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि छात्रों को परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। CBSE बोर्ड परीक्षाओं के लिए जो 30 फीसदी सिलेबस कम किया है, उसी पाठ्यक्रम के आधार पर ही JEE मेन, एडवांस्ड और NEET में भी प्रश्न पूछे जाएंगे।

JEE NEET CBSE Exams: जो पढ़ाया जाएगा सवाल उनसे ही पूछे जाएंगे

केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक ने बताया कि जेईई व नीट की परीक्षाओं में जो भी सवाल पूछे जाएंगे वे पढ़ाये गए पाठ्यक्रम से ही पूछे जाएंगे। पाठ्यक्रम का तीस फीसदी हिस्सा जो कम किया गया है उससे कोई सवाल नहीं पूछा जाएगा। तीस फीसदी हिस्सा कोरोना काल में छात्रों द्वारा सामना की गई कठिनाइयों के कारण कम किया गया था।

केंद्रीय विद्यालय चरणबद्ध तरीके से जल्द ही खोले जाएंगे

वार्ता में शिक्षा मंत्री निशंक ने सूचित किया कि देशभर में सभी केंद्रीय विद्यालय चरणबद्ध तरीके से पुनः खोले जाएंगे। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि नियमित स्कूल खोले जाने पर भी फिलहाल ऑनलाइन क्लासेस का विकल्प जारी रखा जाएगा क्योंकि 100 फीसदी छात्रों की उपस्थिति संभव नहीं होगी। इसलिए नियमित फिजिकल और ऑनलाइन क्लासेस मिलजुल कर चलाए जाएंगे।

JEE NEET CBSE Exams 2021: छात्रों का किया प्रोत्साहन

निशंक ने छात्रों के साथ हुई बातचीत में उन्हें प्रोत्साहित किया। अपने कोरोना संकट काल के अनुभवों को डायरी में उकेरने की सलाह दी एवं अपनी लिखी कविता भी सुनाई। छात्रों को प्रोत्साहित करने के साथ ही उन्होंने शिक्षकों, प्राचार्यों एवं अभिभावकों के सहयोग की सराहना की।

शिक्षा के समान ही आवश्यक है तत्वज्ञान

वर्तमान शिक्षा का क्या उद्देश्य है? वर्तमान शिक्षा का उद्देश्य है, उच्चतम अंक लाने का प्रयत्न और एक बढ़िया पैकेज वाली नौकरी पाना और कुल मिलाकर यही जीवन का उद्देश्य बन गया है। नौकरी पाना, परिवार का विस्तार करना और मर जाना। ठीक यही कार्य पशु करते हैं। मानव जीवन पशुओं से इतर है, उनसे श्रेष्ठ है। तो विचार करें कि इस अनमोल मानव जीवन का उद्देश्य भी पशु-पक्षियों से भिन्न ही है।

प्रारब्ध कर्मों के फलस्वरूप कष्टों का भोगना स्वाभाविक है

हम सभी आत्माएँ मूल रूप से सतलोक की हैं। अपनी गलती से इस काल ब्रह्म के ब्रह्मांड में कष्ट भोग रहे हैं। मोक्ष मात्र तत्वदर्शी संत के द्वारा बताए रास्ते से होता है। विचार करें, व्यक्ति वृद्ध होता है, मृत्यु होती है, प्रियजनों का साथ छूटता है। संसार में दुख, तकलीफ़, बीमारी की कोई कमी नहीं है। यह सब व्यक्ति स्वयं आमंत्रित नहीं करता किन्तु उसके साथ ऐसा हो जाता है। क्यों? प्रारब्ध कर्मों के फलस्वरूप ऐसा होना स्वाभाविक है।

तत्वज्ञान ही बनाएगा मानव जीवन को सफल

ऐसी कौन सी भक्ति है जो पापकर्म काट सके? आयु बढ़ा सकें? कर्मबन्धन नष्ट कर सके? वह भक्ति है एकमात्र तारणहार परमेश्वर कबीर जी द्वारा प्रदान की हुई सतभक्ति। वही सतभक्ति ऐसी है जो तत्वदर्शी संत की शरण में मर्यादा में रहने पर की जाए तो फलदायी है। वर्तमान में पूरे विश्व में एकमात्र तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज हैं। अधिक जानकारी के लिए देखें सतलोक आश्रम यूट्यूब चैनल एवं संत रामपाल जी महाराज जी से नामदीक्षा लेकर अपन कल्याण करवाएं।

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