JEE Mains Registration 2021 (संयुक्त प्रवेश परीक्षा) के लिए पंजीकरण शुरू, जानिए सद्भक्ति रूपी परीक्षा कैसे होगी उत्तीर्ण?

Published on

spot_img

JEE Mains Registration 2021: संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE- Mains) 2021 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण (Registration) मंगलवार 15 दिसम्बर 2020 से 15 जनवरी 2021 तक है। योग्य उम्मीदवार परीक्षा के लिए JEE Mains की अधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण (Registration) कर सकते हैं। आइए जानिए कि मनुष्य जन्म में सद्भक्ति रूपी परीक्षा के लिए कैसे ले सकेंगे पंजीकरण (Registration) तथा सद्भक्ति रूपी परीक्षा को कैसे करेंगे उत्तीर्ण?

JEE Mains Registration 2021: मुख्य बिंदु

  • 15 दिसम्बर 2020 से 15 जनवरी 2021 तक करवा सकते हैं पंजीकरण
  • प्रवेश पत्र फरवरी के पहले सप्ताह में होंगे आवंटित
  • 13 भाषाओं में चार चरणों में आयोजित होगी परीक्षा
  • • उम्मीदवार को कक्षा 12 उत्तीर्ण या समकक्ष होना चाहिए
  • • मनुष्य जन्म का मूल उद्देश्य सद्भक्ति रूपी परीक्षा को उत्तीर्ण करना है

JEE Mains 2021: क्या है संयुक्त प्रवेश परीक्षा [JEE]?

संयुक्त प्रवेश परीक्षा (Joint Entrance Examination) भारत में एक इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा है जो विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है इसका गठन Mains और Advanced द्वारा किया जाता है। इस परीक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सबसे अधिक स्नातक प्रतिस्पर्धी परीक्षा में से एक माना जाता है। JEE- Mains राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है जिसका आयोजन राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NITs) और अन्य केंद्र वित्त पोषित तकनीकी संस्थानों (CFITs) में BE/BTech, BPlan और BArch में पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित किया जाती है।

JEE Mains 2021: ऑनलाइन पंजीकरण (Registration) के लिए किस आधिकारिक बेबसाइट पर जाएँ?

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की सूचना विवरणिका के अनुसार संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE- Mains) 2021 के लिए योग्य उम्मीदवार JEE Mains की अधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण (Registration) 15 दिसम्बर से 15 जनवरी तक कर सकते हैं।

JEE Mains 2021: इस बार परीक्षा पद्धति में क्या बदलाव किए जाएंगे?

  • वैश्विक महामारी COVID-19 के चलते हुए विलंब के कारण इस बार संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE Mains) 2021 दो चरणों की अपेक्षा चार चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण 22 फरवरी से 25 फरवरी 2021 के बीच होगा। इसके बाद दूसरा चरण मार्च, तीसरा अप्रैल और चौथा मई में होगा।
  • परीक्षा में वैकल्पिक प्रश्नों को हल कर सकेंगे परीक्षार्थी
  • कुल 13 भाषाओं में होगी परीक्षा – अंग्रेजी, हिंदी, गुजराती, बांग्ला, असमी, कन्नड़, मराठी, मलयालम, उड़िया, तमिल, उर्दू, तेलुगू, पंजाबी में आयोजित होगी। अभी तक जेईई परीक्षा अंग्रेजी, हिंदी, गुजराती में होती रही है। ऑनलाइन पंजीकरण (Registration) करते समय उम्मीदवार परीक्षार्थी इन 13 भाषाओं में से किसी एक ऐच्छिक भाषा का चुनाव कर सकते हैं।
  • इस बार उत्तरप्रदेश राज्य प्रवेश परीक्षा (UPSEE) का आयोजन नहीं होगा। यूपी के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (AKTU) के 750 कॉलेजों में 1.40 लाख सीटों पर जेईई मेन 2021 के स्कोर के आधार पर स्टूडेंट्स को दाखिला मिलेगा।

JEE Mains 2021: पंजीकरण के लिए आवंटित शुल्क

संयुक्त प्रवेश परीक्षा (Mains) 2021 के लिए इच्छुक उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग शुल्क तय किया गया है। सामान्य/पिछड़ा वर्ग श्रेणी के भारतीय छात्रों के लिए 650 रुपए और विदेशी छात्रों के लिए 3000 रुपए रखी गई है। जबकि महिलाओं और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/दिव्यांग और ट्रांसजेंडर श्रेणी भारतीय छात्रों के लिए 325 रुपए और विदेशी छात्रों के लिए 1500 रुपए होगी। फीस संबंधी अधिक जानकारी और छूट पात्रता शर्तों के लिए JEE Mains की अधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें।

देखें: INFORMATION BULLETIN JEE (Main) April – 2020 Important Dates

मनुष्य जन्म में पूर्ण गुरु बनाना अति आवश्यक क्यों है?

गीता अध्याय 4 के श्लोक 34 में गीता ज्ञान दाता स्वयं अर्जुन को उपदेश कर रहे हैं कि वह तत्वदर्शी संत की खोज करे तथा तत्वदर्शी संत की प्राप्ति के पश्चात उन्हें दण्डवत प्रणाम कर उनसे नम्रता पूर्वक प्रश्न करे। तत्वदर्शी संत (सतगुरु) की शरण में जाकर अनमोल सतज्ञान का उपदेश लेने से साधक का जन्म-मरण चक्र रूपी दीर्घकालीन रोग समाप्त हो जाता है।

गुरु बिन काहू न पाया ज्ञाना, ज्यों थोथा भुस छड़े मूढ़ किसाना।
गुरु बिन वेद पढ़ै जो प्राणी, समझे न सार रहे अज्ञानी।।

मनुष्य जन्म का प्रमुख उद्देश्य सद्भक्ति रूपी परीक्षा उत्तीर्ण करना है

इस समय सम्पूर्ण पृथ्वी पर संत रामपाल जी महाराज जी के अतिरिक्त और कोई पूर्ण संत नहीं हैं। सर्व दुःखों से पूर्ण छुटकारा पाने तथा मनुष्य जीवन को सफल बनाने के लिए आज ही संत रामपाल जी महाराज से निःशुल्क नाम दीक्षा प्राप्त करें और अपने मनुष्य जन्म रूपी खेत में सद्भक्ति रूपी बीज बोयें और दुःख रूपी खरपतवार से छुटकारा पाएं।

कैसे जाने तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज का अनमोल तत्वज्ञान?

संत रामपाल जी महाराज के अनमोल सत्संगों का श्रवण करने के लिए प्रतिदिन अवश्य देखें साधना TV शाम 7:30 पर भारतीय समयानुसार। अधिक जानकारी के लिए “सतलोक आश्रम यूट्यूब चैनल” विजिट करें। संत रामपाल जी महाराज जी के द्वारा लिखित अध्यात्मिक पुस्तक “ज्ञान गंगा” का अवश्य नियमित रूप से पाठन करें।

Latest articles

हरियाणा के सबसे बड़े दानवीर: संत रामपाल जी महाराज की ऐतिहासिक अन्नपूर्णा मुहिम और जनकल्याणकारी सेवाएं

हरियाणा के सबसे बड़े दानवीर के रूप में संत रामपाल जी महाराज का नाम...

संत रामपाल जी महाराज ने श्रीगंगानगर के गांव 57 जीबी की गौशाला को भेजा चारा

राजस्थान राज्य के श्रीगंगानगर जिले के पाकिस्तान सीमा के निकट स्थित गांव 57 जीबी...

संत रामपाल जी महाराज ने चूरू के गांव झांझनी की गौशाला को भेजा चारा

राजस्थान राज्य के चूरू जिले के अंतर्गत स्थित गांव झांझनी की गौशाला में गोवंश...

International Day of Girl Child 2026: Girls’ Vision for the Future Empowered By Equality & Spiritual Enlightenment

The International Day of the Girl Child celebrated on October 11, is an attempt to raise awareness about the issues that girls face. This year's events range from seminars to the launch of a campaign to end child marriage. To commemorate the occasion, the United Nations stated that this year they will advocate for equal access to the Internet and digital devices for girls, as well as targeted investments to provide them with meaningful opportunities to use, access, and lead technology.
spot_img

More like this

हरियाणा के सबसे बड़े दानवीर: संत रामपाल जी महाराज की ऐतिहासिक अन्नपूर्णा मुहिम और जनकल्याणकारी सेवाएं

हरियाणा के सबसे बड़े दानवीर के रूप में संत रामपाल जी महाराज का नाम...

संत रामपाल जी महाराज ने श्रीगंगानगर के गांव 57 जीबी की गौशाला को भेजा चारा

राजस्थान राज्य के श्रीगंगानगर जिले के पाकिस्तान सीमा के निकट स्थित गांव 57 जीबी...

संत रामपाल जी महाराज ने चूरू के गांव झांझनी की गौशाला को भेजा चारा

राजस्थान राज्य के चूरू जिले के अंतर्गत स्थित गांव झांझनी की गौशाला में गोवंश...