आज हम आप को International labour day (मजदूर दिवस) के इतिहास, महत्व, मई दिवस, मजदूर दिवस कहाँ कब और कैसे मनाया जाता है?, भारत में कैसे हुई मजदूर दिवस की शुरुआत? आदि के बारे में बताएँगे. आइए जानते है international labour day in hindi के बारें में विस्तार से.

अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस और महत्व

अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस को लेबर डे, मई दिवस, श्रमिक दिवस Labour Day 2020, International Labour Day 2020 या May Day 2020 आदि विभिन्न नामों से पूरे विश्व में जाना जाता है। यह एक दिन मजदूरों को समर्पित है, जिसे उनके सम्मान में मनाया जाता है। भारत में मजदूर दिवस की शुरुआत चेन्नई से हुई

कहाँ कब और कैसे मनाया जाता है?

दुनिया के लगभग 80 देशों में इस दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है। जबकि बहुत सारे देशों में इसे अनाधिकारिक तौर पर मनाया जाता है। अमेरिका व कनाडा में मजदूर दिवस सितंबर महीने के पहले सोमवार को होता है। यूरोप में इसे पारंपरिक तौर पर बसंत की छुट्टी घोषित किया गया है।

भारत में कैसे हुई शुरुआत?

किसी भी समाज की रचना में कामकाजी लोगों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। इसकी शुरूआत लेबर किसान पार्टी ऑफ हिन्दुस्तान के नेता कामरेड सिंगरावेलू चेट्यार ने की थी। भारत में मद्रास हाईकोर्ट के सामने एक बड़ा प्रदर्शन किया गया। एक संकल्प पत्र पारित करके यह सहमति बनाई गई कि इस दिवस को भारत में भी कामगार दिवस के तौर पर मनाया जाये और इस दिन छुट्टी का ऐलान किया जाये। लेबर किसान पार्टी ऑफ हिन्दुस्तान ने 1 मई 1923 को मद्रास में इसकी शुरुआत की। इस दिन पहली बार लाल झंडे का इस्तेमाल किया गया था, जो मजदूर वर्ग की एकता को प्रदर्शित करता है।

क्या हुआ बदलाव?

मजदूर वर्ग की सबसे बड़ी समस्या काम के घंटों को लेकर थी। सामंतवादी वर्ग हमेशा मजदूरों के शोषण के लिए जाना जाता रहा है। पहले मजदूरों के काम के घंटे निश्चित नहीं होते थे। दिन भर काम करने के बदले उन्हें बेहद कम मेहनताना मिलता था।

International Labour Day in Hindi: ऐसा माना जाता है कि 8 घंटे के कार्य दिवस की जरुरत को बढ़ावा देने के अलावा मजदूरों और मालिकों के बीच संघर्ष को खत्म करने के लिये अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस की शुरुआत हुई। इसका असर कुछ दिन बाद नजर भी आया। कंपनियों ने मजदूरों के काम करने का समय निर्धारित कर दिया। इस तरह आठ घंटे काम करने की परंपरा शुरू हुई।

International Labour Day in Hindi-देश को संदेश

महात्मा गांधी ने कहा था कि किसी देश की तरक्की उस देश के कामगारों और किसानों पर निर्भर करती है। गुरू नानक देव जी ने किसानों, मज़दूरों और कामगारों के हक में आवाज़ उठाई थी। गुरू नानक देव जी ने, ‘काम करना, नाम जपना, बाँट छकना और दसवंध निकालना’ का संदेश दिया। गरीब मज़दूर और कामगार को मनमुख से गुरमुख तक की यात्रा करने का संदेश दिया।

मजदूर दिवस का इतिहास (History Of Labour Day)

अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस (International Worker’s Day) की शुरुआत 1 मई 1886 को हुई, जब अमेरिका में कई मजदूर यूनियनों ने काम करने का समय 8 घंटे से ज्यादा न रखे जाने के लिए हड़ताल की थी। इस हड़ताल के दौरान शिकागो की हेमार्केट में बम धमाका हुआ था। यह बम किस ने फेंका इसका कुछ पता नहीं चला। लेकिन प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए पुलिस ने गोलियां चला दीं और कई मजदूर मारे गए।

यह भी पढें: सच्ची मजदूरी क्या है?

  • शिकागो शहर में शहीद मजदूरों की याद में पहली बार मजदूर दिवस मनाया गया।
  • इसके बाद पेरिस में 1889 में अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन में ऐलान किया गया कि हेमार्केट नरसंहार में मारे गये निर्दोष लोगों की याद में 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
  • इस दिन सभी कामगारों और श्रमिकों का अवकाश रहेगा। तब से ही दुनिया के करीब 80 देशों में मजदूर दिवस को राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाया जाने लगा।
  • भारत में मजदूर दिवस को अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  • इसे ‘कामगार’ दिवस भी कहते हैं। इसे महाराष्ट्र दिवस और गुजरात दिवस के रूप में भी दोनों राज्यों में मनाया जाता है ।

मजदूर दिवस का महत्‍व (Significance of Worker’s Day)

मजदूर दिवस का एक विशेष महत्‍व है और हो भी क्‍यों न? यह दिवस उन लोगों के नाम है जो इस दुनिया के विकास की रीढ़ है। यह दिवस याद दिलाता है कि अगर मजदूर न होते तो आधुनिकता की जिस चमक पर हम गर्व महसूस करते हैं वह अस्तित्‍व में ही नहीं होती। यह विकास, संपन्नता और ऐशो-आराम मजदूरों की ही देन है। ऐसे में हमें मजदूर दिवस के बहाने इन मेहनतकश लोगों का कोटि-कोटि धन्यवाद करना चाहिए।

कोविड से मजदूरों को बड़ी चुनौतियाँ

हालांकि इस बार कोरोनावायरस (Coronavirus) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश भर में लॉकडाउन है। ऐसे में मजदूर दिवस से जुड़े सभी कामों को पहले ही रद्द कर दिया गया है। बड़ी संख्या में मजदूर अपने घरों से दूर फंसे हुए हैं। फैक्ट्रियों के बंद हो जाने से एक बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है । सरकारों को कठिन प्रयास करने होंगे और आने वाला समय बेरोजगारी और भुखमरी से बचाने के लिए बहुत चुनौती भरा होगा।

International Labour day Hindi Quotes

समाज में गरीबों के सहयोग के बिना अमीर कभी भी धन संचय नहीं कर सकते – महात्मा गांधी

International labour day Hindi Quotes

कभी किसी को कुछ नहीं मिलता, जब तक कि वह उसकी कीमत के हिसाब से कठिन परिश्रम नहीं करता

बूकर टी वॉशिंगटन

कार्य का आनंद लेने वाले ही उसे सही तरीके से कर सकते हैं – अरस्तू

International labour day 2020 Hindi Quotes

अपने आपको उन लोगों के बीच रखो जिनसे आपको खुशी मिलती है

– कार्ल मार्क्स

आध्यात्मिकता ही एक मात्र समाधान

प्रकृति तो हमेशा काल के साथ मिलकर ऐसे अवसर खड़े करती है जिससे जीव कष्ट प्राप्त करता है। जीवों से पाप कर्म प्रकृति कराती है और जीव समझता है कि वह कर्ता है, इसी कारण वह उसका परिणाम भुगतता है । इससे बचने का एक मात्र साधन प्रकृति और काल ब्रह्म से ऊपर पूर्ण परमात्मा की भक्ति करने में है ।

गुरु समान दाता नहीं , याचक सीष समान ।
तीन लोक की सम्पदा, सो गुरु दिन्ही दान ।।

पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब की गुरु शिष्य परंपरा से वर्तमान में तत्वदर्शी संत सतगुरु रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेकर अपने पापकर्म दूर कर सांसारिक सुखों को भोगकर अंत समय में सतलोक गमन कर पूर्ण मोक्ष प्राप्त करें ।