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International Day Against Drug Abuse 2021: एक परमसंत से नाम दीक्षा प्राप्त कर, करोड़ों लोग हुए नशा मुक्त

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अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य निषेध दिवस (International Day Against Drug Abuse 2021) हर साल 26 जून को दुनियाभर में मनाया जाता है। इसे पहली बार साल 1987 में मनाया गया था। जब संयुक्त राष्ट्र ने साल 1987 में एक प्रस्ताव पेश कर समाज को नशा मुक्त करने की बात की थी। इस प्रस्ताव को सदस्य देशों की सहमति मिली। इसके बाद से हर साल 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस मनाया जाने लगा। इसका मुख्य मकसद लोगों को नशा और इससे होने वाले कुप्रभाव के प्रति जागरूक करना है।

International Day Against Drug Abuse 2021: मुख्य बिंदु

  • 26 जून को हर साल अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य निषेध दिवस मनाया जाता है 
  • इसका उद्देश्य ड्रग्स की लत और इसके दुष्प्रभावों से होने वाली मौतों से लोगों को बचाना है 
  • संयुक्त राष्ट्र ने अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य निषेध दिवस के लिए साल 2021 की थीम “शेयर फैक्ट्स ऑन ड्रग्स, सेव लाइव’” रखी है 
  • प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर, नशा मुक्ति के लिए ज़मीनी स्तर पर काम करने वालों की सराहना की 
  • दुनिया भर में करीब 23.4 करोड़ लोग ड्रग्स का इस्तेमाल करते हैं
  • हर साल ड्रग्स के कारण करीब 2 लाख लोग जान गंवा बैठते हैं
  • कोरोना महामारी का नशीली चीजों की तस्करी पर कोई फर्क नहीं पड़ा  
  • हिंदुस्तान के एकमात्र तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के आशीर्वाद मात्र से लाखों-करोड़ों युवा हुए नशा मुक्त 

Importance of International Day Against Drug Abuse 2021 (अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस का महत्व) 

अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस (International Day Against Drug Abuse 2021) का मुख्य मकसद लोगों को नशे से दूर रखना और नशा तस्करी पर लगाम कसना है ताकि बच्चे और बड़ों का भविष्य उज्ज्वल और स्वर्णिम बने। इस मौके पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जाता है। नशा करने से न केवल अर्थ यानी धन की क्षति होती है, बल्कि कई बीमारियां शरीर में घर कर जाती हैं इससे मानसिक और शारीरिक सेहत पर बुरा असर पड़ता है। कई लोगों की मौत हो जाती है तो कुछ मानसिक तनाव के कारण स्वयं आत्महत्या कर लेते हैं। यह एक बहुत बुरी लत है जो आसानी से नहीं छूटती, भारत में भी इसके खिलाफ सख्त कानून बने हैं। हालांकि, सामाजिक सशक्तिकरण और समाज को नशा मुक्त करने के लिए और भी सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

ड्रग्स के नशे के कारण देश और दुनिया में उत्पन्न है भयंकर स्थिति 

भारत के घरेलू बाज़ार में ड्रग्स की खपत चिंताजनक रूप से बढ़ रही है। पिछले तीन वर्षों में भारत में ड्रग्स का बाजार 455 फीसदी बढ़ा है।

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संयुक्त राष्ट्र एजेंसी यूएनओडीसी के वर्ष 2015 के आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर में करीब 23.4 करोड़ लोग ड्रग्स का इस्तेमाल करते हैं। हर साल ड्रग्स के कारण करीब 2 लाख लोग जान गंवा बैठते हैं।

कब हुई थी अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस की शुरुआत

अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र की आमसभा ने 7 दिसंबर साल 1987 को की थी जिसके अंदर दुनिया को नशे और उसके दुष्प्रभावों से बचाने के लिए 26 जून को अन्तरराष्ट्रीय मादक द्रव्य निषेध (नशा मुक्ति/निवारण) दिवस मनाने का फैसला किया गया। कई लोग यह दिन लिन जेक्स्यू द्वारा ह्यूमेन, गुआंगडोंग, चीन में पहले अफीम युद्ध से पहले अफीम के व्यापार को समाप्त करने के प्रयास के लिए भी जाना जाता है।

Theme of International Day Against Drug Abuse 2021 (अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस की थीम)

संयुक्त राष्ट्र ने अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य निषेध दिवस के लिए साल 2021 की थीम “शेयर फैक्ट्स ऑन ड्रग्स, सेव लाइव” रखी है जिसका मतलब लोगो के साथ नशे से होने वाले नुकसान साझा करने से है ताकि लोगो को इससे बचाया जा सके।

International Day Against Drug Abuse 2021 पर क्या कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने? 

प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ”अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य निषेध दिवस पर आज मैं उन सभी लोगों की सराहना करता हूं जो ज़मीनी स्तर पर नशे से समाज को मुक्त करने के लिए काम कर रहे हैं। जीवन बचाने के लिए ऐसे सभी प्रयास महत्वपूर्ण हैं। आखिरकार, नशा अपने साथ अंधेरा, बर्बादी और तबाही लेकर आता है अर्थात हमें नशा नहीं करना चाहिए।

कौन है भारत के वह परमसंत जिनके आशीर्वाद मात्र से लाखों-करोड़ों युवाओं ने नशा करना छोड़ा ? 

वे परम संत कोई और नहीं जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज हैं। उनके अनुयाई किसी भी प्रकार का कोई भी नशा नहीं करते और जिन लोगों में पहले से नशा करने की बुरी लत थी, संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा (निशुल्क) लेने के बाद, उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद उनकी भी नशे की आदत छूमंतर हो गयी। नशा मुक्ति के लिए दुनियाभर की सरकारें तमाम प्रयास कर रही है किंतु सब व्यर्थ साबित हो रहा है। वहीं दूसरी ओर हिंदुस्तान के एक परम संत के आशीर्वाद और सतज्ञान से लाखों-करोड़ों युवा नशा मुक्त हो रहे हैं और स्वस्थ जीवन जी रहे हैं।

यदि आप भी हर प्रकार के नशे से मुक्ति चाहते हैं तो साधना टीवी पर प्रत्येक शाम को 7:30 बजे से 8:30 बजे तक सत्संग सुनें, जब ज्ञान समझ में आ जाए तो नाम दीक्षा लेकर, भक्ति करके अपना जीवन सफल बनाएं। आज ही पढ़े जीने की राह पुस्तक और अपने जीवन को सुखमय बनाए।


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