Good Friday 2026 [Hindi]: गुड फ्राइडे पर जानिए पवित्र बाइबल के अनसुने रहस्य

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Last Updated on 3 April 2026 IST: Good Friday 2026 in Hindi: ईसा मसीह जी के बलिदान को याद करते हुए प्रतिवर्ष पूरे विश्व में गुड फ्राइडे मनाया जाता है, जो इस वर्ष 3 अप्रैल को पूरी दुनिया में मनाया जाएगा। इस गुड फ्राइडे पर जानिए कि आखिर वह पूर्ण परमात्मा कौन है जिसकी कभी जन्म और मृत्यु नहीं होती है। क्योंकि ईसा मसीह जी जन्म-मृत्यु के चक्कर में है? ईसाई धर्म ग्रंथों के अनुसार जिस दिन ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया व ईसा मसीह ने प्राण त्यागे थे उस दिन शुक्रवार का दिन था और उसी की याद में गुड फ्राइडे मनाया जाता है। यह भी जानेंगे कि कौन हैं वर्तमान में परमात्मा के वह मसीहा जो विश्व में शांति स्थापित करेगा?

Table of Contents

Good Friday in Hindi (गुड फ्राइडे): मुख्य बिन्दु 

  • गुड फ्राइडे ईस्टर संडे से पहले आता है।
  • इस वर्ष गुड फ्राइडे का त्योहार 3 अप्रैल 2026 को है।
  • इस दिन ईसा मसीह जी को सूली पर चढ़ाया गया था।
  • यीशु मसीह जी की मृत्यु तीस (30) वर्ष की आयु में हुई।
  • इस दिन ईसाई धर्म के अनुयायी गिरजाघर जाकर  यीशु जी की कुर्बानी को याद करते हैं।

गुड फ्राइडे कब मनाया जाता है ?

गुड फ्राइडे का त्योहार हर साल अप्रैल और मई में मनाया जाता है। यह फ्राइडे ईस्टर संडे से पहले आता है, यह त्योहार यहूदियों के त्योहार पासोवर के साथ होता है। यह त्योहार पूरे सप्ताह भर मनाया जाता है। इस वर्ष गुड फ्राइडे का त्योहार 18 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा।

Good Friday 2026 in Hindi: भारत में ही नहीं बल्कि लगभग पूरी दुनिया में इस दिन अवकाश होता है। जिन देशों में गुड फ्राइडे पर अवकाश नहीं होता है, वहां दोपहर 3 बजे के बाद आमतौर पर कुछ घंटों के लिए कामकाज बंद कर दिए जाते हैं।

इसे गुड फ्राइडे क्यों कहते हैं ?

ईसा मसीह जी के समुदाय के लोग इसे शोक के दिवस के रुप में मनाते हैं। क्रिश्चियन समुदाय उस दिन को याद करते हैं, जिस दिन ईसा मसीह जी ने मनुष्य जाति की भलाई के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। इस दिन को ईसा मसीह जी को शूली पर चढ़ाने के कारण हुई मृत्यु के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। यह त्योहार ईस्टर संडे से पहले आने वाले फ्राइडे को मनाते है। इसे होली फ्राइडे, ग्रेट फ्राइडे और कुछ लोग इसे ब्लैक फ्राइडे के नाम से भी जानते हैं।

गुड फ्राइडे ईसा मसीह की दर्दनाक मृत्यु का दिन है, इस दिन ईसा मसीह जी को सूली पर चढ़ाया गया था। वह पूर्ण रूप से निर्दोष थे। महज तीस (30) वर्ष की आयु में शुक्रवार (फ्राइडे) के दिन एक लकड़ी के क्रूस के ऊपर ईसा जी को खड़ा करके हाथों में व पैरो में मेेख (मोटी कील) गाड़ दी गई। यीशु जी 6 (छः) घण्टे तक सूली पर यातना सहते रहे थे। सूली पर लटकाए रखे जाने के आखिरी के तीन (3) घंटे के दौरान दोपहर से 3 बजे तक पूरे देश में अंधेरा छाया रहा। एक जोरदार चीख से यीशु मसीह की अति पीड़ा से मृत्यु हुई । 

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ऐसा माना जाता है कि इस दिन ईसा मसीह जी ने सब के गुनाहों की खातिर अपने आपको क्रूस पर बलिदान कर दिया ताकि मानवों को पापों का दंड न मिले और सब शैतान की गुलामी से छुटकारा पाएं। तो इसके लिए इसे गुड फ्राइडे के रुप में मनाते है लेकिन धार्मिक शास्त्र बताते है कि मनुष्य के कर्म का भोग खुद उसे ही भोगना पड़ता है।

पवित्र बाइबिल गुड फ्राइडे (Good Friday in Hindi) के बारे में क्या कहती है?

पवित्र बाइबिल तीन पवित्र पुस्तकों- तोराह (तौरेत), इंजिल और ज़बूर का संग्रह है। यीशु मसीह जी को इंजिल का ज्ञान दिया गया था। पवित्र बाइबिल के अनुसार यीशु मसीह जी की मृत्यु तीस (30) वर्ष की आयु में हुई। जो पहले ही निर्धारित थी। स्वयं यीशु जी ने कहा कि मेरी मृत्यु निकट है तथा तुम (मेरे बारह शिष्यों) में से एक मुझे विरोधियों को पकड़वाएगा। उसी रात्रि में सर्व शिष्यों सहित ईसा जी एक पर्वत पर चले गए। वहां उनका दिल घबराने लगा और उन्होंने अपने शिष्यों से कहा कि आप जागते रहना। मेरा दिल घबरा रहा है। मेरा जी निकला जा रहा है। मुझे सहयोग देना, ऐसा कहकर कुछ दूरी पर जाकर मुंह के बल पृथ्वी पर गिरकर प्रार्थना की। वापस चेलों के पास लौटे तो वे सो रहे थे। यीशु ने कहा क्या तुम मेरे साथ एक पल भी नहीं जाग सकते। जागते रहो प्रार्थना करते रहो ताकि तुम परीक्षा में फेल ना हो जाओ ।

Good Friday 2026 (Hindi): मेरी आत्मा तो मरने को तैयार है, परंतु शरीर दुर्बल है इसी प्रकार यीशु मसीह ने तीन बार कुछ दूर जाकर प्रार्थना की तथा फिर वापस आए तो सभी शिष्यों को तीनों बार सोते पाया। ईसा मसीह के प्राण जाने को थे परंतु उनके शिष्य मस्ती में सोए पड़े थे। गुरुजी की आपत्ति का कोई गम नहीं तीसरी बार भी सोए पाया तब कहा मेरा समय आ गया है तुम अब भी सोए पड़े हो। इतने में तलवार तथा लाठी लेकर बहुत बड़ी भीड़ आई तथा उनके साथ एक ईसा मसीह का खास यहूदा इकसरौती नामक शिष्य था। जिसने कुछ पैसों के लालच में अपने गुरु जी को विरोधियों के हवाले कर दिया। (मत्ती 26:24-55)

परमात्मा कबीर खुद ईसा मसीह के रूप में 2 दिन बाद अवतरित हुए

Good Friday 2026 (Hindi): ईसा मसीह के साथ हुए इस घटनाक्रम से लोगो का भगवान से विश्वास उठ सकता था लेकिन परमात्मा कबीर साहेब जी ने ऐसा नही होने दिया। वे खुद ईसा मसीह का रूप बनाकर कुछ लोगों को उनकी मृत्यु के तीसरे दिन रविवार को फिर दिखाई दिए। यीशु उन्हें मिले और कहा; “सुखी रहो” और उन्होंने पास आकर और यीशु मसीह के पाँव पकड़कर उन्हे प्रणाम किया। तब यीशु ने उनसे कहा, “मत डरो; मेरे शिष्यों से जाकर कहो, कि गलील को चलें जाएँ वहाँ मुझे देखेंगे।” (मत्ती 28:9-10)

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और ग्यारह चेले गलील में उस पहाड़ पर गए, जिसे यीशु ने उन्हें बताया था। और उन्होंने उसके दर्शन पाकर उसे प्रणाम किया, पर किसी किसी को सन्देह हुआ। (मत्ती 28:16-17-18) 40 (चालीस) दिन कई जगह अपने शिष्यों को दिखाई दिए। जिस कारण भक्तो में परमात्मा के प्रति आस्था दृढ़ हुई। 

यीशु जी की अन्तिम सात वाणी कौन सी है ? 

Good Friday 2026 (Hindi): लोग गुड फ्राइडे के दिन चर्च जाते हैं और अपने ईसा मसीह को याद कर शोक मनाते हैं। इसी के साथ गुड फ्राइडे के दिन ईसा के अंतिम सात वाक्यों की विशेष व्याख्या की जाती है जो क्षमा, मेल-मिलाप, सहायता और त्याग पर केंद्रित होती है। यीशु द्वारा क्रूस/सूली पर बोली गई सात वाणी जो गुड फ्राइडे को ईसाई अनुयाई चर्च में याद करते हैं

1. हे पिता इन्हें क्षमा कर । 

(लुका 23:34)

2. आज ही तू मेरे साथ स्वर्ग लोक में होगा ।

 लुका (26:43)

3. हे नारी देख ये तेरा पुत्र है ।

यहुन्ना (19:25-26)  

4. हे मेरे परमेश्वर तूने मुझे क्यों छोड़ दिया ।

मत्ती (27:45 – 46)

5. मैं प्यासा हूँ  ।

यहुन्ना (19:28)

6. मेरा कार्य पूरा हुआ ।

यहुन्ना 19:30

7. हे पिता मैं अपनी आत्मा तुझे सौपता हूँ।

लुका (26:46)

लुका 23:34 में कहां है कि हे पिता इन्हें क्षमा कर क्योंकि ये नही जानते है कि ये क्या कर रहे हैं? जिन लोगों ने यीशु जी को क्रूस पर चढ़ाया उन्होंने उन्हें कोड़े मारे, उन्हें कीले ठोकी उनके ऊपर थूका, उनका मजाक उड़ाया। ईसा मसीह जी उनके लिए ही प्रार्थना कर रहे हैं। परमात्मा इन्हे क्षमा करें ये नहीं जानते कि ये क्या पाप कर रहे हैं। ईसा मसीह जी हमें यह संदेश देना चाहते हैं कि हमें भी दूसरों के अपराध को क्षमा करना चाहिए। चाहे किसी ने हमारे विरोध में कितनी ही गलतियां की हो परंतु हमे भी यीशु मसीह की तरह क्षमा करना चाहिए। 

और कौन थे ईसा मसीह के साथ सूली पर?

Good Friday 2026 (Hindi): यीशु मसीह के साथ क्रॉस पर दो कुकर्मी डाकू भी लटकाए गए थे और उनमें से एक ने ईसा मसीह का मजाक उड़ाया था और कहा कि अगर तू सचमुच में मसीह है तू खुद को और हमें बचा। इस पर दूसरे ने उसे डांटकर कहा क्या तू परमेश्वर से भी नहीं डरता? तू भी तो वहीं दंड पा रहा है और यीशु मसीह से प्रार्थना की कि हे प्रभु जब तू अपने राज्य में आए तो प्रभु मेरी सुधि लेना मुझे याद रखना।

तो इस पर यीशु मसीह ने उन्हें वचन दिया कि तू आज ही मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा। दोस्तों उस डाकू ने जीवन भर गुनाह किए, अपराध किए परंतु जीवन के अंतिम क्षणों में यीशु मसीह को परमात्मा का भेजा गया अवतार माना और अपना कल्याण करवाया।

यीशु मसीह का अपनी मां और शिष्य को आखिरी संदेश

यीशु मसीह ने अपनी माता मरियम से कहा हे नारी देख यह तेरा बेटा है और अपने चेले जिससे वह प्रेम रखता था। कहा कि यह मेरी माता आज से तेरी माता हैं। दोस्तों मरियम अपने बेटे यीशु मसीह को अपने आंखों के सामने क्रूस पर मरते हुए देख रही थी और वह बहुत दुखी थी। बहुत रो रही थी और यीशु मसीह भी अपनी माता के लिए बहुत चिंतित थे। इसलिए कहा कि हे नारी यह तेरा बेटा यहून्ना है आज से तेरी देखभाल यही करेगा आज से तुझे संभालेगा। यीशु अपनी माता से बहुत प्रेम करते थे और वह नहीं चाहते थे कि उनका पूरा जीवन दुखों में और परेशानियों में व्यतीत हो ।

गुड फ्राइडे का महत्व (Importance of Good Friday in Hindi)?

Good Friday 2026 (Hindi): ईसाइयों के बीच गुड फ्राइडे का बहुत बड़ा महत्व है। गुड फ्राइडे ईसाई समुदाय के प्रमुख त्योहारों में से एक होता है। भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के ईसाइयों में यह पवित्र त्योहार बहुत महत्वपूर्ण हैं। गुड फ्राइडे के दिन ईसाई धर्म के अनुयायी गिरजाघर जाकर यीशु जी को याद करते हैं। ईसाई लोगों के लिए गुड फ्राइडे विशेष महत्व रखता है। इस दिन ईसा ने सलीब पर अपने प्राण त्यागे थे। यद्यपि वे निर्दोष थे तथापि उन्हें दंडस्वरूप सलीब पर लटका दिया गया। उन्होंने सजा देने वालों पर दोषारोपण नहीं किया बल्कि यह कहा कि ‘हे ईश्वर इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं।

Good Friday 2026 (Hindi): गुड फ्राइडे के दिन आपको क्या नहीं करना चाहिए ?

कहते है कि ईसा मसीह जी ने दूसरों को पाप से बचाने के लिए अपनी जिंदगी की कुर्बान कर दी। लेकिन आज हम मांसाहारी होते जा रहे हैं और दूसरे जीवों को मारकर पापों का ढेर लगा रहें हैं ।

■ पवित्र बाइबल, उत्पत्ति 1:29

तब भगवान ने कहा, “मैं तुम्हें पूरी पृथ्वी और हर पेड़ के चेहरे पर बीज बोने वाला पौधा देता हूं, जिसमें बीज के साथ फल होते हैं। वे भोजन के लिए तुम्हारे हो जाएंगे। भगवान ने शाकाहारी होने का आदेश दिया। हमें

  • शराब नहीं पीनी चाहिए।
  • मांस नहीं खाना चाहिए ।
  • जीव हत्या पूर्ण रूप से बंद करना चाहिए।
  • गुड फ्राइडे को मांसाहार त्यागने का प्रण लेंना चाहिए।
  • दूसरो के द्वारा किए गए अपराधों को क्षमा करना चाहिए।

यीशु परमेश्वर के पुत्र थे, वे भगवान नही है!

पवित्र बाइबिल में साकार पूर्ण परमात्मा (God) के विषय में जानकारी दी है –

  • पवित्र बाइबल उत्पत्ति 1:27:- परमेश्वर ने अपनी छवि (स्वरूप) में मानव जाति को नर और मादा करके उत्पन्न किया।
  • उत्पत्ति 3:22:- और यहोवा परमेश्वर ने कहा, वह मनुष्य अब हम में से एक जैसा हो गया है। यह कहता है- हम में से एक की तरह। यह साबित करता है कि भगवान मानव रूप में, हमारे जैसे हैं। ईश्वर निराकार नहीं है। यह एक आधारहीन सिद्धांत है कि ईश्वर निराकार है। पवित्र बाइबल साबित करती है कि परमेश्वर मानव रूप में है।
  • स्वर्गदूत ने हमेशा यीशु को परमेश्वर के पुत्र के रूप में उल्लेख किया। हालांकि, संपूर्ण ईसाई समुदाय पवित्र यीशु की ईश्वर के रूप में पूजा करता है जो पृथ्वी पर मानव जाति के पापों को क्षमा करने के लिए आया था। निम्नलिखित छंद से स्पष्ट होता है यीशु परमेश्वर के पुत्र थे।

पवित्र बाइबल स्पष्ट रूप से कहती है कि यीशु परमेश्वर के पुत्र थे

  • इब्रानी 1: 5, मत्ती 17: 5, मरकुस 1:11 और लूका 20:13 स्पष्ट रूप से इंगित करते हैं कि यीशु ईश्वर के पुत्र थे। सर्वशक्तिमान अनादि है, उसका मानव जैसा रूप है, वह जन्म और मृत्यु के चक्र में नहीं पड़ता है। उपरोक्त विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए, पवित्र यीशु मसीह सर्वोच्च ईश्वर नहीं हो सकता क्योंकि उसने पवित्र कुंवारी मैरी (मरियम) से जन्म लिया था और क्रूस पर उनकी मृत्यु हो गई थी। 
  • पवित्र बाइबिल कुरिन्थियों 2:12-17 आयतों में पवित्र बाइबल में सबूत है कि आत्माएँ यीशु के पास थीं और निर्देश देती थीं। यह इंगित करता है कि आत्माएँ यीशु के अंदर प्रवेश कर जाती थी।
  • पवित्र बाइबिल जॉन 9:1–41 में स्पष्ट है कि ईसा मसीह द्वारा किए गए सभी चमत्कार पूर्व निर्धारित थे। यीशु को अपने अंत समय के बारे में भी पता था जिससे वह घबरा गए थे और चिंतित थे।
  • पवित्र बाइबिल मत्ती 26:24-55 में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि यीशु की मृत्यु लिखी गई है और यीशु को पहले से पता था कि उनका एक शिष्य उन्हें धोखा देगा और उन्हें गिरफ्तार करवाएगा। यह साबित करता है कि यहां तक ​​कि यीशु भी उससे बच नहीं सके थे। जिसे आम लोग “डेस्टिनी” कहते हैं। जिससे यह स्पष्ट होता है कि यीशु जन्म और मृत्यु के चक्र में थे और यीशु द्वारा किए गए चमत्कार इस दुनिया के शासक द्वारा पहले से ही निर्धारित किए गए थे।

पूर्ण परमेश्वर की क्या पहचान है?

Good Friday (Hindi): यीशु सर्वोच्च भगवान नहीं हैं। अय्यूब 36:5 में सर्वोच्च सर्वशक्तिमान का नाम स्पष्ट रूप से रूढ़िवादी यहूदी बाइबिल (और्थोडौक्स यहूदी बाइबल) में वर्णित है। सर्वशक्तिमान मां के गर्भ से कभी जन्म नहीं लेता है, कुँआरी गायों द्वारा पोषित होता है, वह चारों युगों में पृथ्वी पर उतरता है और अपने शरीर के साथ अपने अमर लोक में वापस लौटता है।  

किस शैतान ने ईसा मसीह को भ्रमित किया?

यीशु मसीह परमेश्वर होने की उपरोक्त शर्तों को पूरा नहीं करते हैं। यीशु जी को भी वह सर्वशक्तिमान कबीर साहेब जी सत्यलोक (स्वर्ग से भी ऊपर) से आकर मिले तथा उन्हें एक परमेश्वर का मार्ग समझाया। इसके बाद ईसा जी एक ईश्वर की भक्ति समझाने लगे। लोगों ने बहुत विरोध किया। फिर भी वे अपने मार्ग से विचलित नहीं हुए परंतु बीच-बीच में ब्रह्म (काल/ज्योति निरंजन) के फरिश्ते यीशु मसीह को विचलित करते रहें तथा वास्तविक ज्ञान को दूर रखा। यीशु जी का जन्म तथा मृत्यु व जो-जो भी चमत्कार उन्होंने किए वे पहले ही ब्रह्म (ज्योति निरंजन) के द्वारा निर्धारित थे। यह प्रमाण पवित्र बाइबल में है।

Good Friday 2026 (Hindi): वास्तव में पूर्ण परमात्मा ने ही ईसा जी के रुप में प्रकट होकर प्रभु भक्ति को जीवित रखा था। काल (ज्योति निरंजन/ब्रह्म) तो चाहता है यह संसार नास्तिक हो जाए। परंतु पूर्ण परमात्मा जिसे हम कबीर साहेब जी (जो काशी शहर उत्तर प्रदेश भारत में अवतरित हुए थे) जिसे पवित्र बाइबिल में सर्व शक्तिमान कहा है ने यह भक्ति वर्तमान समय तक जीवित रखनी थी अब यह पूर्ण रूप से फैलेगी।

कौन है वर्तमान मसीहा?

बहुत सारे भविष्यवक्ताओं ने बताया है कि एक मसीहा आगे आएगा जो विश्व में शांति स्थापित करेगा। वो और कोई नहीं बल्कि सतगुरु रामपाल जी महाराज ही हैं क्योंकि जिस तरह यीशु जी ने सत्य के लिए संघर्ष किया जिसका परिणाम उनका घोर विरोध हुआ और उनको सूली पर चढ़ाया गया। उसी प्रकार आज सतगुरु रामपाल जी महाराज भी सत्य के लिए संघर्ष करते हुए जेल में हैं। वह भक्ति आज परम संत रामपाल जी महाराज के द्वारा शुरू की गई है। सभी सांसारिक सुख पाने और पूर्ण परमेश्वर के पास जाने के लिए इस भवसागर से पूर्ण मोक्ष प्राप्त करने के सतगुरु की शरण में आयें। अधिक जानकारी के लिए संत रामपाल जी महाराज एप्प डाउनलोड करें।   

Good Friday 2026 in Hindi: FAQ

Qus. इस वर्ष गुड फ्राइडे कब मनाया जाएगा?

Ans. 18 अप्रैल

Qus. गुड फ्राइडे क्यों मनाया जाता है?

Ans. इस दिन ईसा मसीह को क्रस किया गया था। उसी की याद में प्रतिवर्ष गुड फ्राइडे मनाया जाता है।

Qus. ईसा मसीह स्वयं ईश्वर थे या ईश्वर के पुत्र थे?

Ans. ईश्वर के पुत्र थे। प्रमाण पवित्र बाइबल, इब्रानी 1: 5, मत्ती 17: 5, मरकुस 1:11 और लूका 20:13

Qus. बाइबल के अनुसार सर्वशक्तिमान परमेश्वर कौन है?

Ans. रूढ़िवादी यहूदी बाइबिल, अय्यूब 36:5 के अनुसार सर्वशक्तिमान परमेश्वर कबीर साहेब जी हैं।

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