सतलोक आश्रम धनाना धाम और सतलोक आश्रम शामली में लगा मुफ्त दंत चिकित्सा कैंप

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संत रामपाल जी महराज अपने सामाजिक सुधार कार्यों के लिए जाने जाते हैं। प्रति दो या तीन महीने में उनके समागम होते हैं और इस दौरान कई समाजोपयोगी कार्य करवाए जाते हैं। इस बार बीते दिनों संत रामपाल जी महाराज बोध दिवस तथा कबीर साहेब निर्वाण दिवस का आयोजन हुआ। इस अवसर पर सतलोक आश्रम धनाना धाम और सतलोक आश्रम शामली में मुफ़्त दंत चिकित्सा कैंप का आयोजन किया गया।

बीते दिनों 17,18,19 तथा 20 फरवरी 2024 को संत रामपाल जी महाराज जी के बोध दिवस तथा कबीर साहेब प्रकट दिवस का आयोजन देश भर के प्रत्येक सतलोक आश्रम में किया गया। जिस दिन साधक अपने गुरु से नाम लेकर दीक्षित होता है वह साधक का आध्यात्मिक जन्म माना जाता है। संत रामपाल जी महाराज जी ने स्वामी रामदेवानन्द जी से नामदीक्षा 17 फरवरी 1988 को ग्रहण की, इस आधार पर यह दिन उनका बोध दिवस माना जाता है। कबीर साहेब निर्वाण दिवस वह घटना है जब परमेश्वर कबीर जी हजारों लोगों के समक्ष काशी से चलकर मगहर आए और सहशरीर सतलोक गए। 

निश्चित रूप से आज के समय में संत रामपाल जी महाराज सच्चे अर्थों में समाज सुधारक हैं। संत रामपाल जी महाराज ने समाज में सत्यभक्ति के साथ साथ अनेकों समाज सुधार किए हैं। ये सुधार महज़ कोरा ज्ञान नहीं है बल्कि इनके पीछे तर्क भी हैं। उनका तत्वज्ञान ऐसा है जिसने लोगों को भ्रष्टाचार, चोरी, नशे आदि बुराइयों से दूर करके सत्यभक्त बनाया है। उनके अनुयाई सभी बुराइयों से दूर है और अपने अन्य भाई बहनों को भी समझाते हैं। गौरतलब है कि हर दो तीन महीने के अंतराल में उनके द्वारा समागम का आयोजन कराया जाता है। इन अवसरों पर अखंड पाठ और विशाल भंडारे का आयोजन होता है। इन विशेष अवसरों पर दहेजमुक्त विवाह रमैनी, रक्तदान शिविर, नेत्र जांच शिविर, दांत चिकित्सा शिविर, देहदान आदि कार्यक्रमों का भी आयोजन होता है। उनके अनुयाई परहित के लिए अपने नेत्रदान एवं देहदान का संकल्प लेते हैं।

सतलोक आश्रम धनाना धाम और सतलोक आश्रम शामली में इस बार संत रामपाल जी महाराज बोध दिवस और कबीर साहेब निर्वाण दिवस के अवसर पर दंत चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया था। आने जाने वाले सभी भाइयों और बहनों के लिए इसका आयोजन था। जिन्होंने संत रामपाल जी महाराज से नामदीक्षा नहीं ली है उनके लिए भी यह व्यवस्था थी। यह व्यवस्था सबके लिए पूरी तरह निशुल्क थी। एक्सपर्ट डाक्टरों की टीम ने सभी आने जाने वालों का ना केवल इलाज दिया बल्कि उन्हें अन्य मसलों पर बेहतरीन चिकित्सकीय सुझाव पेश किए। कई लोगों के दांतों का इलाज हुआ तथा कईयों को चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। इस तरह इन चारों दिनों के समागम में सतलोक आश्रम धनाना धाम में करीब 1150 लोगों को निशुल्क कैंप में सेवाएं दी गईं। वहीं सतलोक आश्रम शामली में कुल 160 लोगों को सेवाए दी गईं जिसमे 25 लोगों की दांतों की सफ़ाई, 10 लोगों ने दांत लगाए, 25 ने दांत भरवाए और 100 लोगों ने दवा ली। संत रामपाल जी महराज के सानिध्य में होने वाले इस तरह के कार्य सराहनीय और अनुकरणीय हैं जहां समाज को विभिन्न प्रकार की सेवाएं मिलती हैं।

लगभग हर दो या तीन महीनों के अंतराल में ऐसे समागम संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में होते रहते हैं। इन समागमों में संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा अनेकों समाज हित के कार्य करवाए जाते हैं। संत रामपाल जी महाराज ने दहेजमुक्त समाज की स्थापना की है। उनके आश्रमों में दहेज मुक्त विवाह रमैणी करवाई जाती है जिसमें उनके अनुयाई जोड़े बिना किसी बाह्य आडंबर के मात्र 17 मिनट में पवित्र बंधन में गुरुवाणी के माध्यम से जुड़ते हैं। बिना किसी दान दहेज के होने वाले इस तरह के विवाह समाज में अनोखा उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। 

लाखों की संख्या में बेटियां सुखी वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रही हैं। संत रामपाल जी महाराज के तत्वज्ञान ने लाखों लोगों का नशा छुड़वाया है। लाखों परिवार टूटने से बच गए, संभल गए और अब प्रेमपूर्वक जीवन जी रहे हैं। यह संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान का ही असर है कि उनके अनुयाई रिश्वत, परस्त्री पर बुरी दृष्टि, भ्रष्टाचार, चोरी आदि को ज़हर समझते हैं और दूर रहते हैं। समाज में इतना बड़ा परिवर्तन लाने वाले एकमात्र संत रामपाल जी महाराज ही हैं। कोरोनाकल में अथवा बाढ़ आदि में भी संत रामपाल जी महाराज अपने अनुयाईयों को बढ़ चढ़ कर सेवाओं के लिए अन्न जल के साथ पहुंचाते हैं।

सामाजिक सेवाओं और सामाजिक सुधार कार्य में संत रामपाल जी महाराज ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। संत रामपाल जी महराज एकमात्र ऐसे संत हैं जिन्होंने वास्तविक अर्थों में समाज हित में कार्य किए हैं जिन कार्यों को करने में सरकार भी असफल रही उन्हें संत रामपाल जी महाराज ने कर दिखाया है। संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों में इस नए समाज का निर्माण हो राहा है। इस अद्भुत समाज की नींव रखी जा चुकी है जिसमें कोई चोरी, भ्रष्टाचार, दहेज, नशा, लूट, बलात्कार, बेइमानी, ईर्ष्या, नफरत का स्थान नहीं है। संत रामपाल जी महराज अपने ज्ञान के माध्यम से ही ये परिवर्तन लाए हैं। संत रामपाल जी महराज का ज्ञान सबसे वैज्ञानिक, तार्किक और शास्त्र आधारित ज्ञान है। 

जिस तत्वज्ञान ने ऐसे निर्मल समाज का निर्माण किया हो, जिस तत्वज्ञान ने दहेज जैसे प्रथा पर लगाम कसी हो जिसने लाखों बेटियों की जान ली, जिस तत्वज्ञान ने लोगों को नशे छोड़ने पर मजबूर किया हो, जिस तत्वज्ञान ने परस्त्री को बहन बेटी से देखने की नियत सभी के हृदय में डाल दी हो, जिस तत्वज्ञान ने गलत तरीके से कमाया धन जहर के समान बताया हो वह तत्वज्ञान आम नहीं हो सकता। इस ज्ञान को एक बार अवश्य ही सुनना चाहिए जो शास्त्रों पर आधारित है। अधिक जानकारी के लिए देखें संत रामपाल जी महाराज यूट्यूब चैनल।

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