संत रामपाल जी महाराज ने फेज़ 2 के तहत झज्जर के भदानी गांव  को सौंपी बाढ़ राहत सामग्री

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हरियाणा के झज्जर जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत भदानी में पिछले कई वर्षों से गंभीर जलभराव की समस्या बनी हुई थी। गांव के लगभग 300 एकड़ खेतों में चार-चार फीट गहरा पानी भरा हुआ था, जिसके कारण किसानों की फसलें लगातार नष्ट हो रही थीं। स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन के स्तर पर कोई समाधान नहीं होने के कारण भदानी गांव के खेतों में पिछले 4 से 5 वर्षों से बिजाई का कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ था।

इस आपदा की स्थिति में पिछले वर्ष बाढ़ के समय संत रामपाल जी महाराज ने अपने प्रथम चरण (फेज़ 1) के राहत अभियान के तहत इस डूबते गांव की सहायता की थी। उस समय संत रामपाल जी महाराज ने गांव को जलमग्न होने से बचाने के लिए निम्नलिखित सामग्री भिजवाई थी:

  • 10,000 फुट लंबा और 8 इंची व्यास का पाइप
  • 15 एचपी (हॉर्स पावर) की तीन विशाल मोटरें

इस प्रथम चरण की सहायता के परिणामस्वरूप भदानी गांव के 150 एकड़ से अधिक जलमग्न खेतों से पानी को सफलतापूर्वक निकाला गया। इस भूमि पर चार साल के लंबे अंतराल के बाद पुनः हरियाली लौटी और गेहूं की सफल बिजाई तथा फसल उत्पादन संभव हो सका।

फेज़ 2 के तहत नई अर्जी, त्वरित वैज्ञानिक सर्वे और प्रशासनिक प्रक्रिया

प्रथम चरण की सहायता से 150 एकड़ भूमि को तो कृषि योग्य बना लिया गया था, परंतु गांव के सरपंच शक्ति राज के अनुसार गांव का आधा हिस्सा यानी लगभग 150 एकड़ क्षेत्र अभी भी पूरी तरह जलमग्न था। इस बचे हुए हिस्से से स्थाई रूप से पानी निकालने और जमीन को उपजाऊ बनाने के लिए भदानी गांव की ग्राम पंचायत ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष पुनः दूसरी बार अर्जी लगाई।

ग्राम पंचायत की ओर से प्रारंभिक प्रार्थना पत्र में 30,000 फुट पाइप और 5 मोटरों की मांग लिखित रूप में की गई थी। इस प्रार्थना के प्राप्त होते ही संत रामपाल जी महाराज के आदेश पर एक विशेष सेवादार सर्वे टीम को तुरंत भदानी गांव भेजा गया। सर्वे टीम ने एक से दो घंटे के भीतर संपूर्ण प्रभावित क्षेत्र का बारीकी से स्थलीय निरीक्षण किया।

वैज्ञानिक और वास्तविक आवश्यकताओं के आधार पर किए गए सर्वे में टीम ने पाया कि मौके पर 16,000 फुट पाइप की आवश्यकता है। सर्वे टीम द्वारा निर्धारित की गई वास्तविक आवश्यकताएं इस प्रकार थीं:

  • कुल 16,000 फुट 8 इंची पाइप की आवश्यकता।
  • कुल 6 जल निकासी पॉइंट चिन्हित किए गए।
  • इन पॉइंट्स के लिए 5 नई मोटरों की आवश्यकता पाई गई, जबकि 1 मोटर पूर्व की सहायता से गांव के पास सुरक्षित बची हुई थी।

सर्वे टीम ने इस रिपोर्ट को उसी शाम संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसके बाद राहत सामग्री भेजने की तुरंत स्वीकृति प्रदान की गई।

भदानी गांव में वितरित राहत सामग्री एवं तकनीकी विवरण

चरण (Phase)वितरित पाइप की लंबाई (फुट)पाइप का व्यास (इंच)विद्युत मोटर (संख्या)अतिरिक्त तकनीकी सामग्री
प्रथम चरण (Phase-1)10,000 फुट8 इंची3 मोटरें (15 HP)बुनियादी सहायक उपकरण
द्वितीय चरण (Phase-2)16,000 फुट8 इंची5 मोटरें (आदेशित)फेविकॉल, एसआर सॉल्वेंट, फिक्स एयर वाल्व
कुल सहायता26,000 फुट8 इंची8 मोटरें (कुल)

गांव में सामग्री का आगमन, ग्रामीणों का उत्साह और सामाजिक प्रतिक्रिया

अर्जी लगाने के मात्र 24 घंटे के भीतर ही सामग्री की नई खेप भदानी गांव पहुंच गई। सरपंच शक्ति राज ने बताया कि वे दोपहर 12:00 बजे प्रार्थना लगाने गए थे, शाम को सर्वे हुआ और अगले दिन सुबह 5:00 बजे पाइप से भरे ट्रक और ट्रैक्टर गांव पहुंच गए।

सामग्री के आगमन पर पूरे भदानी गांव में उत्सव जैसा माहौल देखा गया। ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज के स्वागत और सामग्री को कार्यक्रम स्थल तक ले जाने के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं की थीं:

  • दर्जनों ट्रैक्टरों और मोटरसाइकिलों की एक लंबी कतारबद्ध रैली निकाली गई।
  • ग्रामीण डीजे और संगीत के साथ ट्रकों की अगवानी करने पहुंचे।
  • ग्रामीणों और सरपंच ने आदरपूर्वक संत रामपाल जी महाराज के स्वरूप (चित्र) को हाथों में थामकर काफिले का नेतृत्व किया।
  • कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद मंगलाचरण की रस्म पूरी की गई।

गांव के बुजुर्ग सुरजन सिंह और किसान अशोक ने बताया कि उनके पास 5 किले (एकड़) जमीन है जो 5 साल से जलभराव के कारण खाली पड़ी थी, जो अब इस मदद से दोबारा जीवित हो जाएगी। ग्रामीणों ने इस सेवा की गति की तुलना ‘बिजली की गति’ से की और कहा कि इतनी तत्परता से सरकारी तंत्र या स्वयं के परिजन भी सहायता नहीं पहुंचा पाते।

संत रामपाल जी महाराज के राष्ट्रव्यापी सामाजिक और कल्याणकारी अभियान

भदानी गांव के कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित प्रधान और अन्य प्रमुख वक्ताओं ने संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न लोक कल्याणकारी अभियानों पर विस्तृत प्रकाश डाला। संत रामपाल जी महाराज ने समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण के लिए कई स्तरों पर मुहिम चलाई हुई है, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित शामिल हैं:

  • किसान मजदूर बचाओ अभियान: इसके अंतर्गत अब तक भारत के 400 से अधिक गांवों में जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याओं से निपटने के लिए स्थाई पाइपलाइन और मोटरें प्रदान की जा चुकी हैं।
  • अन्नपूर्णा मुहिम: समाज के गरीब, असहाय और असमर्थ परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं और भोजन की स्थाई व्यवस्था की जाती है।
  • नशा मुक्ति अभियान: युवा पीढ़ी को नशे की सामाजिक बुराई से पूरी तरह मुक्त कर एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना।
  • दहेज उन्मूलन: समाज में बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शादियों में होने वाले भारी खर्च व कुरीतियों को समाप्त करने के लिए बिना दहेज की सादगीपूर्ण शादियां (रमैनी) आयोजित करवाना।
  • सद्भाव और भाईचारा: समाज के विभिन्न गोत्रों और जातियों (जैसे भदानी में मौजूद तीन गोत और तीन पाने) के बीच आपसी मेलजोल और एकता को सुदृढ़ करना।

वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि संत रामपाल जी महाराज का यह संगठन किसी भी प्रकार की राजनीति में भाग नहीं लेता है और न ही यह किसी राजनीतिक लाभ के लिए कार्य करता है, बल्कि इसका एकमात्र उद्देश्य वैश्विक धरातल पर कलयुग के भीतर सतयुग जैसी मानवीय व्यवस्था स्थापित करना है।

भदानी गांव में स्थाई पाइपलाइन बिछाने की योजना और भविष्य की रूपरेखा

संत रामपाल जी महाराज ने भदानी गांव के विकास के लिए एक स्पष्ट और अनुशासित रूपरेखा जारी की है। इस निर्देश के अनुसार, गांव के सभी नागरिकों को आपसी मतभेद भुलाकर और एकजुट होकर इस 16,000 फुट नई पाइपलाइन को जमीन के नीचे भूमिगत (Underground) दबाने का कार्य तुरंत शुरू करना होगा।

सरपंच शक्ति राज और ग्राम पंचायत के प्रधानों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि अगले 10 से 15 दिनों के भीतर इस पूरी पाइपलाइन को भूमिगत करने का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। संत रामपाल जी महाराज का स्पष्ट आदेश है कि जैसे ही ग्रामीण इस पाइपलाइन को सफलतापूर्वक दबाकर इसकी सूचना आश्रम में देंगे, वैसे ही स्वीकृत की गई 5 नई विद्युत मोटरें भी तुरंत गांव को सौंप दी जाएंगी। प्रथम और दूसरे चरण को मिलाकर गांव में कुल 26,000 फुट पाइपों का एक स्थाई भूमिगत नेटवर्क तैयार हो रहा है, जो इस क्षेत्र को भविष्य में हमेशा-हमेशा के लिए बाढ़ और जलभराव की समस्या से मुक्त कर देगा। इस सहायता से प्रभावित होकर संपूर्ण भदानी गांव ने निकट भविष्य में संत रामपाल जी महाराज के मुख्य समागम में सपरिवार सम्मिलित होने और नाम दीक्षा ग्रहण करने का सामूहिक संकल्प व्यक्त किया है।

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