हरियाणा के रोहतक जिले के रिटौली गांव की कहानी महज़ एक बार की बाढ़ की नहीं, बल्कि उस स्थायी समस्या की है जो वर्षों से किसानों की कमर तोड़ती आई है। इस वर्ष भी लगातार बारिश और जलभराव के कारण खड़ी धान की फसल नष्ट होने की कगार पर थी। खेतों में पानी इतना भरा था कि अगली गेहूं की बुवाई की संभावना भी लगभग समाप्त हो चुकी थी। गांव के किसान कई बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा चुके थे, लेकिन हर बार जवाब मिलता, “पाइप नहीं हैं”, “मोटर नहीं है”, “कुछ दिनों में मिल जाएगा।” ग्रामीणों की उम्मीदें टूट चुकी थीं, लेकिन तभी सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें एक नई किरण दिखाई दी।
पंचायत ने संत रामपाल जी महाराज से लगाई मदद की पुकार
गांव के सरपंच प्रतिनिधि मंजीत कुमार ने सोशल मीडिया पर संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाए जा रहे बाढ़ राहत अभियान के बारे में जाना। इसके बाद पूरी पंचायत ने अंतिम उम्मीद के तौर पर बरवाला जाकर प्रार्थना पत्र सौंपा। इस पत्र में गांव से पानी निकालने के लिए दो 15 हॉर्स पावर की मोटरें और 6000 फुट पाइप की मांग की गई थी। पंचायत के प्रतिनिधि, बुजुर्ग, नंबरदार और अन्य ग्रामीण संत रामपाल जी महाराज के चरणों में यह गुहार लेकर पहुंचे।
चमत्कारिक ढंग से कुछ ही दिनों में पहुंची राहत सामग्री
जिस तेजी के साथ राहत पहुँची वह ग्रामीणों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था। अर्जी देने के कुछ ही दिनों बाद, रात के समय एक लंबा राहत काफिला रिटौली गांव पहुँचा। यह दृश्य गांव के लिए आश्चर्य और राहत दोनों लेकर आया। ट्रकों में भरकर पहुंची सामग्री में शामिल था-
- 6000 फुट उच्च गुणवत्ता वाले 8 इंची पाइप
- दो 15 HP की पावरफुल मोटरें
- स्टार्टर, केबल और संचालन से जुड़ी सभी ज़रूरी वस्तुएँ
- ग्रामीणों को एक भी सामान बाहर से न लाना पड़े, इसकी पूर्ण व्यवस्था
यह मदद न केवल तत्काल समस्या समाधान के लिए थी बल्कि किसानों के लिए एक नई शुरुआत जैसी थी। उन्हें एक भी सामान या पुर्जा बाहर से नहीं लाना पड़ा और सारा सामान उच्च गुणवत्ता स्तर का था।
300 से अधिक गांवों में चल रहा है राहत अभियान
मुनीन्द्र धर्मार्थ ट्रस्ट की टीम के अनुसार, अब तक हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों के 300 से अधिक गांवों में बाढ़ राहत सामग्री पहुंच चुकी है। संत रामपाल जी महाराज का स्पष्ट आदेश है कि यह सेवा बिना किसी दिखावे के, पूरी निष्ठा और ईमानदारी से हर जरूरतमंद तक पहुंचाई जाए। संत रामपाल जी महाराज वो दर है जहाँ कोई भी जा सकता है। जब सारे दरवाज़े बंद होते हैं तब वो दरवाज़ा खुला रहता है। संत रामपाल जी महाराज जी ने लोगों द्वारा जो मांगा गया, वो दिया यहाँ तक कि जरूरत से अधिक प्रदान किया है।

रात में भी नहीं रुकी सेवा: समर्पण से भरपूर अभियान
रिटौली गांव में राहत सामग्री रात के समय पहुंचाई गई। अंधेरे और समय की परवाह किए बिना सेवादारों ने गांव के अंदर तक सामान उतारा और पंचायत को सुपुर्द किया। पूरा गांव एकत्र होकर इस सेवा भाव को देख रहा था। बुजुर्गों, किसानों, मजदूरों और महिलाओं ने इसे ईश्वर की विशेष कृपा बताया।
स्थानीय प्रतिनिधियों ने जताया आभार, उदाहरण रखी कई कहानियाँ
गांव के जिला पार्षद, पंचायत प्रतिनिधियों और आस-पास के गांवों के लोगों ने संत रामपाल जी महाराज की सेवा के कई उदाहरण साझा किए
- बालंद गांव में कैंसर से पीड़ित एक गरीब परिवार को 17 दिन में दो मंजिला मकान बनाकर देना
- सरकारी स्कूल में पानी की सुविधा, खिड़की-दरवाजों की मरम्मत और वाटरकूलर लगवाने का कार्य
- स्कूल में CCTV, LED और इंटरलॉक टाइल्स से रास्ता बनवाना
- डिग गांव में RO प्लांट और वाटर कूलर की मंजूरी
इन सभी कार्यों का उल्लेख करते हुए स्थानीय नेताओं ने कहा कि समाज को ऐसे संतों की अत्यधिक आवश्यकता है जो वास्तविक और जमीनी स्तर पर सेवा कर रहे हों। ये तो मात्र बानगी है संत रामपाल जी महारा जी की रहमतें गिनी ही नहीं जा सकतीं।

किसानों के लिए जीवनरेखा बना यह अभियान
रिटौली और आसपास के किसानों ने बताया कि बाढ़ के कारण उनकी कई महीनों की मेहनत बर्बाद होने की कगार पर थी। सरकारी स्तर पर पूरी कोशिश करने के बावजूद भी समाधान नहीं मिल पाया। लेकिन संत रामपाल जी महाराज के निर्देश पर भेजे गए पाइप और मोटरों ने उन्हें नई उम्मीद दी है। अब खेतों से पानी निकालकर वे अपनी गेहूं की फसल समय पर बो सकेंगे।
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किसानों के दर्द को केवल संत रामपाल जी महाराज जी ने समझा है। ग्रामवासियों ने कहा कि यह काम तो सरकार भी नहीं कर सकती जो संत रामपाल जी महाराज जी ने किया है। राहत सामग्री पाकर ग्रामवासी बहुत भावुक हुए और उन्होंने संत रामपाल जी महाराज जी को बहुत धन्यवाद दिया।
पाइप और मोटरें स्थायी रूप से गांव को भेंट
गांव में यह सवाल भी उठा कि क्या यह सामग्री बाद में वापस ली जाएगी? सेवादारों ने स्पष्ट किया कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी जाने वाली सभी सामग्री स्थायी रूप से गांव की होती है, उसे लौटाना नहीं पड़ता। यह बात सुनकर ग्रामीणों की खुशी दोगुनी हो गई। इस गांव की समस्या सदा सदा के लिए हल हो गई। संत रामपाल जी महाराज ने एक पत्र भी गांववासियों को भेजा जिसमें यह लिखा था कि सामान यदि और भी जरूरत पड़ती है तो दिया जाएगा लेकिन समय पर पानी निकालकर अगली फसल की बुवाई करना जरूरी है। संत रामपाल की महाराज ने जो भी दिया है वह हमेशा के लिए दिया है। यदि गांववासी समय पर पानी नहीं निकालते हैं तो आगे से उन्हें कोई सहायता नहीं दी जाएगी। संत रामपाल जी महाराज किसानों का दर्द समझते हैं और स्वयं भी किसान परिवार से रहे हैं।
अभियान का उद्देश्य: किसानों की अगली फसल बचाना
संत रामपाल जी महाराज का बाढ़ राहत अभियान केवल वर्तमान समस्या हल करने तक सीमित नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य है, “किसानों की अगली फसल बचाना और किसी भी घर में भूख, बीमारी या बेबसी न रहे।” संत रामपाल जी महाराज चाहते है कि आगामी फसल चक्र में किसानों को कोई बाधा न आए। संत रामपाल जी महाराज जी ने कहा है कि सामान चाहे जितना ले लें लेकिन गेहूँ की अगली फसल की बुवाई जरूर करें।
‘सतयुग जैसा समाज बनाने’ का संकल्प
सतलोक आश्रम के प्रतिनिधियों ने कहा कि संत रामपाल जी महाराज का उद्देश्य है:
- कोई भी भूखा न सोए
- कोई गरीब बिना मकान के न रहे
- बच्चों की पढ़ाई न रुके
- इलाज के अभाव में कोई परेशान न हो
- किसानों की फसल और मेहनत सुरक्षित रहे
उनके अनुसार वर्तमान कलयुग में भी सतयुग जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। रिटौली के किसानों, मजदूरों और बुजुर्गों ने कहा कि यह राहत सिर्फ सामग्री नहीं, बल्कि उनके लिए ‘आशीर्वाद’ है। कई लोगों ने इसे वर्षों की सबसे बड़ी मदद बताया और कहा कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा जो सेवा की जा रही है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण बनेगी। गांव वासी अत्यंत प्रसन्न
संत रामपाल जी महाराज दुनिया के तारणहार
संत रामपाल जी महाराज आज केवल आध्यात्मिक जगत में ही नहीं, बल्कि सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी एक विशिष्ट पहचान रखते हैं। गरीब परिवारों को मकान, विद्यार्थियों को शिक्षा सुविधा, बीमारों का इलाज, महिलाओं की सुरक्षा और किसानों की फसल बचाने जैसी अनेक सेवाएं उनके नेतृत्व में निरंतर की जा रही हैं। उनका संदेश स्पष्ट है, मानवता सबसे बड़ा धर्म है, और समाज में सुख-शांति तभी संभव है जब हर व्यक्ति की मूलभूत जरूरतें पूरी हों। संत रामपाल जी महाराज बिना किसी भेदभाव सब पर अपनी कृपा बरसाते हैं।
वे सर्व समर्थ संत हैं। संत रामपाल जी महाराज ने जो किया वह ना तो प्रशासन के वश की बात थी और ना ही किसी अन्य संत के। साधारण संत ये नहीं कर सकता। यह केवल भगवान कर सकते हैं जो संत रामपाल जी महाराज ने किया। अन्नपूर्णा मुहिम के तहत संत रामपाल जी महाराज जी ने अनेकों बच्चों के आँसू पोछें हैं। यह विश्व संत रामपाल जी महाराज का सदैव ऋणी रहेगा।



