हरियाणा के कैथल जिले की कलायत तहसील स्थित हरिपुरा गांव में लगभग तीन दशकों से भीषण जल संकट बना हुआ था। गांव का जोहड़ वर्ष के अधिकांश समय सूखा रहता था या फिर उसमें दूषित एवं ठहरा हुआ पानी भर जाता था, जिससे पशुओं और ग्रामीणों दोनों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था। जब मानवीय प्रयास और प्रशासनिक व्यवस्थाएं कोई स्थायी समाधान देने में असफल रहीं, तब जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने अपनी दिव्य कृपा से मदद की। अपनी जनकल्याणकारी पहल—अन्नपूर्णा मुहिम (किसान मजदूर बचाओ अभियान) फेज़ 2—के अंतर्गत उन्होंने निराशा को स्थायी राहत में बदल दिया और यह सिद्ध किया कि सच्ची दिव्य शक्ति समस्त प्राणियों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करती है।
गांव की वर्तमान स्थिति
लगभग 25 से 30 वर्षों तक हरिपुरा गांव स्वच्छ जल व्यवस्था के अभाव में अत्यंत गंभीर संकट का सामना करता रहा। गांव का जोहड़ या तो सूखा रहता था अथवा उसमें गंदा एवं दूषित पानी जमा रहता था।
- जोहड़ में जमा जहरीली गैसों और भारी मात्रा में कीचड़ ने उसे मृत्यु के जाल में बदल दिया था, जिसके कारण पशुओं तथा छोटे बच्चों के डूबने जैसी दुखद घटनाएं भी हुईं।
- पशुओं के लिए न तो स्वच्छ पेयजल उपलब्ध था और न ही स्नान की उचित व्यवस्था, जिससे उनमें बार-बार बीमारियां फैलती थीं और पशुधन की भारी हानि होती थी।
- ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन, विधायकों, मंत्रियों तथा जिला अधिकारियों से अनेक बार सहायता की अपील की, लेकिन उन्हें कोई ठोस कार्रवाई या स्थायी समाधान प्राप्त नहीं हुआ।
ग्रामीणों की भावपूर्ण प्रार्थना
दशकों की उपेक्षा से निराश होकर हरिपुरा गांव की ग्राम पंचायत और ग्रामीण श्रद्धापूर्वक संत रामपाल जी महाराज की शरण में पहुंचे। उन्होंने विनम्रतापूर्वक निम्नलिखित सहायता की प्रार्थना की:
- हरिपुरा माइनर नहर से गांव के जोहड़ तक स्वच्छ जल पहुंचाने के लिए एक तकनीकी समाधान।
- दूरी को जोड़ने के लिए प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 3,500 फीट पाइपलाइन।
- अन्नपूर्णा मुहिम (किसान मजदूर बचाओ अभियान) फेज़ 2 के अंतर्गत “पशुधन बचाओ, शुद्ध जल पिलाओ” अभियान के तहत सहायता।
संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की गई सहायता
संत रामपाल जी महाराज ने अभूतपूर्व गति और सटीकता के साथ केवल 24 घंटे के भीतर संपूर्ण राहत उपलब्ध कराई।
- तकनीकी सर्वे: प्रार्थना प्राप्त होने के 24 घंटे से भी कम समय में संत रामपाल जी महाराज ने विशेषज्ञ तकनीकी सर्वे टीम को हरिपुरा माइनर से गांव के जोहड़ तक के मार्ग का निरीक्षण करने भेजा। सर्वे में आवश्यक दूरी 3,000 फीट निर्धारित की गई।
- प्रदान की गई सामग्री: 10 इंच की 3,000 फीट विशेष हैवी-ड्यूटी PVC पाइपलाइन तुरंत गांव भेजी गई।
- सहायक सामग्री: राहत सामग्री में एयर वाल्व, PVC बेंड, एडहेसिव सॉल्यूशन, आयरन प्लेट, सॉल्वेंट सीमेंट तथा स्टेनलेस स्टील के नट-बोल्ट शामिल थे।
- कार्यान्वयन की योजना: राहत अभियान के दौरान निर्धारित योजना के अनुसार पहले विस्तृत सर्वे किया गया। 10 इंच की 3,000 फीट पाइपलाइन को भूमिगत बिछाने के बाद सुचारु जल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए मोटर भी उपलब्ध कराई जाएंगी। गांव के प्रतिनिधियों को मोटर स्थापना संबंधी संपूर्ण तकनीकी निर्देश भी प्रदान किए गए।
- स्थायी एवं निःशुल्क सहायता: समस्त सामग्री तथा परिवहन सहित सभी व्यवस्थाएं पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं तथा ग्राम पंचायत को स्थायी रूप से सौंप दी गईं।
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ग्रामीणों की जुबानी
दिव्य सहायता प्राप्त होने पर हरिपुरा गांव के लोगों ने गहरी भावनाओं और श्रद्धा के साथ अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
- एक ग्रामीण ने वर्षों की पीड़ा साझा करते हुए कहा, “25 से 30 वर्षों तक यह गंदा पानी यहां जमा रहता था। जहरीली गैसों के कारण पशु भी इसके अंदर नहीं जा पाते थे और पहले कुछ बच्चों की भी इसमें डूबकर मृत्यु हो चुकी थी। हमने हर मंत्री, विधायक और डीसी से गुहार लगाई, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। संत रामपाल जी महाराज ने मात्र 24 घंटे के भीतर अपनी टीम भेज दी।”
- एक अन्य ग्रामीण ने गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा, “मैंने आज तक ऐसा कोई संत न देखा और न सुना, जो एक प्रार्थना पर किसी पूरे गांव की समस्या का तुरंत समाधान कर दे। वे ऐसे दाता हैं जो केवल देते हैं, बदले में कुछ भी नहीं लेते।”
- गांव के एक बुजुर्ग ने कहा, “वे इतना विशाल जनकल्याणकारी अभियान चला रहे हैं। वे भगवान के ही एक स्वरूप हैं, जिन्होंने गरीबों का उद्धार करने का कार्य अपने हाथ में लिया है।”
भव्य स्वागत एवं विशेष आयोजन
जब 10 इंच की 3,000 फीट पाइपलाइन से भरा राहत काफिला हरिपुरा गांव पहुंचा, तब पूरे गांव में उत्सव का वातावरण बन गया। श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने हरिपुरा बस स्टैंड पर पवित्र मंगलाचरण का आयोजन किया। ग्रामीणों ने पुष्पमालाओं से स्वागत किया और जयकारों के साथ अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। गांव के बुजुर्गों और जनप्रतिनिधियों ने इस दिव्य पहल का सम्मान करते हुए स्वीकार किया कि संत रामपाल जी महाराज की राहत सेवा ने उनके गांव में वास्तविक सुख-समृद्धि और खुशहाली का मार्ग प्रशस्त किया है।
विश्व उद्धारक: संत रामपाल जी महाराज
संत रामपाल जी महाराज केवल एक आध्यात्मिक गुरु नहीं हैं, बल्कि वे विश्व उद्धारक, किसान मसीहा, तत्वदर्शी संत, वर्तमान युग के एकमात्र पूर्ण संत तथा पृथ्वी पर पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब के एकमात्र प्रतिनिधि हैं। अन्नपूर्णा मुहिम (किसान मजदूर बचाओ अभियान) फेज़ 2 के माध्यम से वे मानव और पशुओं की भोजन, स्वच्छ जल, स्वास्थ्य एवं आश्रय जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। मूक पशुओं की रक्षा और ग्रामीण आजीविका को सुरक्षित बनाकर वे दिव्य प्रेम का प्रत्यक्ष उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं तथा स्वयं को पूर्ण परमात्मा के सभी गुण युक्त तुल्य सिद्ध कर रहे हैं।



