Ebola Outbreak in Congo क्या है?

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SA News, Congo: आज आप जानेंगे कि Ebola outbreak in Congo क्या है? अभी कोरोनावायरस थमा नहीं कि इबोला ने फिर से दस्तक दे दी है। COVID-19 के संकट के बीच इबोला और परेशानी में डाल सकता है।

कोरोना के बाद अब इबोला की दस्तक

कोरोनावायरस से पूरा विश्व जूझ रहा है और इसी बीच एक और महामारी E bola ने मध्य अफ्रीकी शहर कांगो में दस्तक दे दी है। हालांकि शहर में पहले भी E bola के मामले सामने आ चुके हैं लेकिन महामारी ने फिर से हमला किया है। कांगो के स्थानीय अधिकारियों ने जानकारी दी है कि कांगो में E bola के छह नए मामले सामने आए हैं, इनमें से चार की मौत हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इसकी पुष्टि की है।

मुख्य बिंदु

  • मध्य अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो ने दर्ज किए E bola के नए मामले।
  • कोरोनावायरस के बाद कांगो में अब Ebola virus की दस्तक।
  • इबोला के 6 नए मामलों में से 4 की मौत।
  • EBola और कोरोनवायरस के बीच कोई सम्बन्ध नहीं – WHO की पुष्टि।

कांगो में E bola virus से 4 की मौत

वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के दूसरे दौर में साथ अब कांगो में E bola virus ने दस्तक दे दी है। कांगो के मबाण्डाका, जो कि इक्वाटेर प्रान्त की राजधानी है, में वर्ष 2018 के मई और जुलाई के महीनों में E bola virus से 33 जानें गईं थीं। इसके बाद इस देश के पूर्वी क्षेत्र में लगभग 2280 मौतें दर्ज कीं। अब जब सरकार 25 जून को देश को E bola मुक्त देश घोषित कर रही थी तभी मात्र 3 दिन पहले E bola के तीन नए मामले सामने आ गए हैं। 1976 के बाद से अब तक ये देश में ग्यारहवां प्रकोप है। कांगो E bola के साथ कोरोनावायरस महामारी से भी जूझ रहा है, जिसमे अब तक 3000 से अधिक लोग संक्रमित हुए।

Ebola Outbreak Congo-पुष्टि के साथ WHO ने चेताया

Ebola Outbreak in Congo: Ebola virus के मामले सामने आने पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के चीफ डॉक्टर टेड्रोस ने कहा, ‘इबोला का प्रकोप हमें यह याद दिलाता है कि कोरोनावायरस ही एकमात्र खतरा नहीं है जिसका दुनिया सामना कर रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम वहां पर है और मदद कर रही है। WHO लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और स्वास्थ्य को लेकर उठे आपातकालीन मामलों की निगरानी कर रहा है।’ WHO के अनुसार कोरोनावायरस और Ebola वायरस के बीच कोई सम्बंध नहीं है।

Ebola Outbreak Congo-कांगो में E-bola virus का फैलाव

कांगो के स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि पश्चिमी शहर मबाण्डाका में Ebola virus के 6 नए मामले सामने आए हैं। जहाँ Ebola virus के मामले सामने आए हैं, वहां कोरोनावायरस का अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है। ऐसे में इस शहर में प्रशासन को यहां सिर्फ एक वायरस से ही मुकाबला करना होगा। डेमोक्रैटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के पूर्वी इलाके में पहले से ही इबोला फैला हुआ था, अब पश्चिमी शहर मबाण्डाका में भी यह वायरस पहुंच गया है। दोनों शहरों के बीच करीब 620 मील की दूरी है।

क्या है Ebola virus?

यह इबोला वाइबोला विषाणु रोग (EVD) या इबोला हेमोरहैजिक बुखार (EHF) है, जो कि एक महामारी के तौर पर बीते कुछ सालों में सामने आया है। सर्वप्रथम इबोला वायरस को साल 1976 में पहचाना गया था, मार्च 2014 में पश्चिमी अफ्रीका में इबोला के नए मामले सामने आए थे।

मानव शरीर में E bola के लक्षण

  1. यह वायरस अफ्रीका के उष्ण कटिबंधीय वर्षा वन वाले इलाके की क्षेत्रीय बीमारी है, जो इससे संक्रमित व्यक्ति के शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थ के संपर्क में आने पर फैलती है।
  2. इसमें उल्टी की शिकायत के साथ कान, नाक या मुंह से खून आ सकता है. पेट में दर्द रहना, कमजोरी या फ्लू जैसे लक्षण महसूस करना
  3. शरीर के अलग-अलग हिस्सों में दर्द होना या शरीर के अलग अलग अंगों पर फुंसियां निकल जाना
  4. डायरिया और कुछ मामलों में अंदरूनी और बाहरी रक्तस्राव होता है।
  5. अधिक रक्तस्राव से मौत होने का खतरा रहता है। जल्द से जल्द चिकित्सकीय परामर्श लेना लाभदायक होता है।

E bola virus के फैलने का माध्यम

  • संक्रमित व्यक्ति के खून या शारीरिक द्रव्यों के संपर्क में आने से।
  • यह वायरस काफी दिनों तक शरीर में रह सकता है। अतः संक्रमित व्यक्ति के द्रव्यों में कई महीनों बाद भी इबोला के वायरस रह सकते हैं।
  • संक्रमित सुइयां जिन्हें कीटाणु मुक्त नहीं किया गया हो।
  • मनुष्यों में इसका संक्रमण संक्रमित जानवरों, जैसे चिंपैंजी, चमगादड़ और हिरण आदि के सीधे संपर्क में आने से होता है। अधपका बुशमीट खाने से या उसका प्रयोग करने से।

Ebola Outbreak in Congo-E bola Vaccine

कांगो में E bola virus की 2 वैक्सीन काम में ली जा रही हैं, वैक्सीन के इस्तेमाल के बाद भी अब तक 2260 लोगों की मौत हो चुकी है। कांगो अपने पूर्वी इलाके में फैले इबोला वायरस के दूसरे सबसे बड़े प्रकोप से जूझ रहा है।

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