संत रामपाल जी के सानिध्य में उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सम्पन्न हुए दहेज रहित विवाह (रमैनी)

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बिना बैंड बाजा होने वाले विवाह बने चर्चा का विषय

क्या आपने ऐसा कोई विवाह देखा है जहां दूल्हा दुल्हन साधारण वेशभूषा में हों। जहाँ बिना हल्दी, मंडप आदि रस्मों के पूर्ण परमात्मा की उपस्थिति में विवाह सम्पन्न हुआ हो? जहां दहेज के नामोनिशान न हो? ऐसे एक नहीं अनेक विवाह हुए हैं। जगतगुरु तत्वदर्शी सन्त रामपाल जी महाराज जी के सान्निध्य में होने वाले विवाह अनोखे हैं जिनमें बिना बैंड बाजे के, साधारण वेशभूषा में होने वाले विवाह चर्चा का विषय बने हुए हैं।

गुरुवाणी से मात्र 17 मिनट में सम्पन्न हुए विवाह

  • ऐसा एक विवाह जिला जालौन, उत्तरप्रदेश में देखने को मिला जहाँ दहेज रहित विवाह संपन्न हुए। साधारण वेशभूषा में कम लोगो की उपस्थिति के साथ बिना नाच गाने के बहुत ही शालीन व सभ्य तरीके से विवाह संपन्न हुआ।
  • वहीं जिला झालवाड़, तहसील पिडावा, गांव अकोदिया निवासी लेखराम दास की पुत्री भावना दासी का विवाह कंवर लाल दास के पुत्र महावीर दास के साथ बहुत ही साधारण तरीके से हुआ। इस विवाह में नाममात्र लोग शामिल हुए साथ ही दहेज का कोई नामोनिशान नहीं था। जिसमें गुरुवाणी से मात्र 17 मिनट में दूल्हा दुल्हन विवाह बंधन में बंध गए।
  • राजस्थान, जिला कोटा, तहसील पीपल्दा के गांव बिनायका के निवासी रामेश्वर दास की पुत्री किरण दासी का विवाह मोहन दास के पुत्र प्रकाश दास निवासी उदगांव, सवाई माधोपुर के साथ इसी रीति से बिना दहेज के मात्र 17 मिनट में हुआ। प्रकाश जी आजीविका के लिए ड्राइविंग का कार्य करते हैं।

सबसे श्रेष्ठ विधि के हैं ये विवाह

रमैनी के माध्यम से होने वाले विवाह सबसे श्रेष्ठ विधि के हैं। ये वेदों में वर्णित विधि पर आधारित हैं। और इसी प्रकार आदिशक्ति ने अपने तीनो बेटों ब्रह्मा, विष्णु और महेश का विवाह किया था। इस विवाह में पूर्ण परमेश्वर कविर्देव के साथ विश्व के सभी देवी देवताओं का आव्हान किया जाता है। इससे पूर्ण परमेश्वर तो साथ रहते ही हैं साथ ही विश्व के सभी देवी देवता भी उस विवाहित जोड़े की सदा सहायता करते हैं। ऐसे दहेजमुक्त विवाहों ने बेटियों का जीवन आसान कर दिया है।

■ Also Read: जगतगुरु संत रामपाल जी के सानिध्य में सम्पन्न हुए सादगीपूर्ण अद्भुत विवाह 

दहेजमुक्त भारत केवल सन्त रामपाल जी महाराज के तत्वज्ञान से सम्भव

दहेज प्रथा से मुक्ति के लिए सरकार ने कानून भी बनाये किन्तु सब निष्फल रहा। इस कार्य को तत्वज्ञान के बिना कर पाना सम्भव नहीं था। यह तत्वज्ञान तो केवल कोई तत्वदर्शी सन्त ही दे सकते हैं। और पूर्ण तत्वदर्शी सन्त पूरे विश्व मे एक ही होता है जिसका तत्वज्ञान नशा, दहेज, चोरी, भ्रष्टाचार आदि से मुक्ति दिला सकता है। तत्वज्ञान होने के पश्चात व्यक्ति स्वयं ही इन सभी बुराइयों से दूर होने लगता है उसे अपने कर्मों की सजा मालूम होती है।

किंतु यह तभी सम्भव है जब सन्त पूर्ण तत्वदर्शी हो। सन्त रामपाल जी महाराज के ज्ञान के कारण आज लोग स्वयं ही दहेज लेने से इंकार कर देते हैं। नशाखोरी से दूर हैं यहाँ तक कि सन्त रामपाल जी महाराज के शिष्यों को रिश्वत देना भी मुमकिन नहीं है। सन्त रामपाल जी महाराज का ज्ञान इतना अच्छा है कि लालच, मोह, लोभ से व्यक्ति स्वतः दूर हटने लगता है।

तत्वज्ञान दे ही होगा मोक्ष

ये दहेजमुक्त अद्भुत विवाह तो केवल बानगी हैं। तत्वज्ञान ने तो लोगों का जीवन सरल एवं सुगम बना दिया है। लोग सन्त रामपाल जी महाराज जी के ज्ञान से प्रेरित होकर उनसे नामदीक्षा लेकर अपना कल्याण करवा रहे हैं। क्योंकि मोक्ष तो केवल तत्वदर्शी सन्त की शरण में जाने से ही सम्भव है। अधिक जानकारी के लिए देखें सतलोक आश्रम यूट्यूब चैनल।

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