January 28, 2026

‘धनाना रत्न’ से विभूषित: ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के जनक संत रामपाल जी महाराज

Published on

spot_img

आज जब देश का एक बड़ा वर्ग गरीबी, भुखमरी और सामाजिक असमानता की गंभीर चुनौती से जूझ रहा है, ऐसे में हर व्यक्ति तक गरिमा के साथ सामाजिक सुरक्षा पहुँचाने की जिम्मेदारी हम सबकी है। लेकिन इन समस्याओं का समाधान करने की पहल की हरियाणा के गाँव धनाना में जन्मे संत रामपाल जी महाराज ने। संत जी ने समस्त मानव जाति को उनके जीवन का सही लक्ष्य पहचान करवाने मे, सही जीवन पद्यति अपनाने और सत्य साधना करके पूर्ण मोक्ष प्राप्त करने की प्रेरणा दी। उन्होंने छत्तीस बिरादरियों की बिना किसी भेदभाव के सेवा की है। उन्होंने समाज की समस्याओं को चिन्हित करके बिना समय बर्बाद किए उनका निराकरण इस प्रकार किया है कि समाज में लाभार्थी अपने को सम्मानित भी महसूस करे। इस कारण धनाना गाँव की 36 बिरादरियों ने सर्वसम्मति से जीवन–निर्वाहिनी सेवा–प्रधान ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के लिए संत रामपाल जी महाराज को ‘धनाना रत्न’ से आभूषित करने का निर्णय लिया है। यह कार्यक्रम गांव धनाना (जिला सोनीपत) में होगा, जब 36 बिरादरी की ओर से जगत उद्धारक तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज को उनकी महान “अन्नपूर्णा मुहिम” के लिए “धनाना रत्न” सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान समारोह शहीद कप्तान सिंह स्टेडियम, गांव धनाना अहलादपुर (सोनीपत) में सुबह 12 बजे शनिवार यानी आज बड़े हर्षोल्लास और जनसमूह की उपस्थिति में आयोजित किया जा रहा है।

  • सम्मान: “धनाना रत्न”
  • सम्मानित व्यक्तित्व: जगत उद्धारक तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज
  • आधार: अन्नपूर्णा मुहीम के अंतर्गत राशन सहायता, आवास निर्माण, बस संचालन, आपदा में जल निकास हेतु पम्प–मोटर–पाइप व्यवस्था और जवाबदेही–आधारित सेवा मॉडल
  • तारीख/दिन: 8 नवम्बर 2025 (शनिवार)
  • स्थान: शहीद कप्तान सिंह खेल स्टेडियम, ग्राम धनाना अहलादपुर, ज़िला सोनीपत (हरियाणा)

संत रामपाल जी महाराज: जीवन, शिक्षा और सेवा की प्रेरक यात्रा

हरियाणा के सोनीपत ज़िले के गाँव धनाना में जन्मे संत रामपाल जी महाराज ने तकनीकी/इंजीनियरिंग शिक्षा प्राप्त कर सरकारी सेवा में योगदान दिया। कबीर परंपरा के संत स्वामी रामदेवनन्द जी महाराज से नाम–दीक्षा मिलने के बाद उनका शास्त्र–सम्मत सत्भक्ति और समाज निर्माण का सफर शुरू हुआ।

संत रामपाल जी महाराज ने कई समाज सुधार के कार्यक्रम चलाए हैं जैसे:

  • अन्नपूर्णा मुहिम (भूख मुक्त सेवा अभियान)
  • दहेज–मुक्त रमैणी (सामूहिक विवाह)
  • रक्तदान और देहदान
  • शिक्षा–स्वास्थ्य सहयोग
  • आपदा राहत, नशा–मुक्ति, पौधारोपण
  • सामाजिक चेतना

इन सबके माध्यम से संत रामपाल जी महाराज ने स्पष्ट किया कि अध्यात्म केवल साधना नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का पथ है। उनके विचार विश्व भर में लाखों लोगों को मानवता और आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित करते हैं।

सेवा का उत्सव, केवल सम्मान का नहीं

यह सम्मान केवल आभार नहीं, उस सेवा–दृष्टि की सार्वजनिक स्वीकृति है जिसमें दिखावे से परे, ज़रूरत, गरिमा और परिणाम को सर्वोपरि रखा जाता है। अब कोई पेट खाली नहीं रहेगा, कोई सिर बेघर नहीं रहेगा। संत रामपाल जी महाराज की सोच से शुरू हुआ यह सफर अब हर गाँव में आत्मसम्मान और अपनत्व की लौ जला रहा है। यही असली विरासत है — सबका साथ, सबका सम्मान।

भूख से गरिमा तक: “अन्नपूर्णा मुहिम” की प्रभावी यात्रा

कई गाँवों में इस मुहिम ने सैकड़ों परिवारों के जीवन में सुरक्षा और आत्मसम्मान लौटाया है। “किसी का पेट खाली न रहे” — इस संकल्प से शुरू हुई यह पहल अब आवास, आवागमन और जल–प्रबंधन जैसे ज़रूरी क्षेत्रों तक पहुँच गई है।

सेवा का तरीका अनोखा है: लाभार्थी को गरिमा के साथ निःशुल्क राशन पहुँचाना — बिना भीड़, बिना कैमरों के। सहायता की पुनःपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हेल्पलाइन भी उपलब्ध है।

सेवा का मानवीय चेहरा

सेवादार सबसे पहले परिवार की परिस्थिति और ज़रूरत समझते हैं, फिर ज़रूरत अनुसार किट उपलब्ध कराते हैं — जब तक परिवार आत्मनिर्भर न हो जाए। सहयोग सिर्फ पेट भरने तक सीमित नहीं — दवाई , किताबें, कपड़े, घर निर्माण और बच्चों की पढ़ाई तक इसका विस्तार है।

Also Read: संकट में किसानों के मसीहा बने संत रामपाल जी महाराज – 9 नवंबर को गुराना में दिया जाएगा “किसान रक्षक सम्मान” 

अभियान की खूबसूरती: कोई भी सहायता लेने वाला खुद को ‘कमज़ोर’ महसूस नहीं करता। हर वितरण में व्यवहार और भाषा में गरिमा झलकती है; यही कारण है कि इस अभियान ने लोगों का भरोसा जीत लिया है।

धनाना और निकटवर्ती गाँवों में विविध सेवा कार्य: नयापन और राहत

  • राशन सहायता: सैकड़ों परिवारों को गरिमा के साथ नियमित रूप से भोजन उपलब्ध।
  • आवास निर्माण: सबसे ज़रूरतमंद परिवारों के लिए सुरक्षित, स्थायी घर।
  • बस संचालन: विद्यार्थियों, बुज़ुर्गों और महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं सुलभ आवागमन।
  • चिकित्सा सेवा: धनाना धाम में नेत्र और दंत चिकित्सा की निरंतर सुविधा।
  • आपदा नियंत्रण: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पम्प–मोटर–पाइप व्यवस्था से फसल और घरों की रक्षा।

गांव धनाना की पहल बनी मिसाल

गांव धनाना हरियाणा की सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का प्रतीक रहा है। इस गांव ने पहले भी सामाजिक समरसता और एकता के लिए कई उदाहरण पेश किए हैं। लेकिन इस बार गांव ने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया है। यहां की 36 बिरादरियों ने एक साथ मिलकर संत रामपाल जी महाराज को “धनाना रत्न” से सम्मानित करने का निर्णय लिया है — यह अपने आप में अत्यंत दुर्लभ और प्रेरणादायक कदम है।

“धनाना रत्न सम्मान” समारोह से सीधा प्रसारण (Live)

गांव के वरिष्ठ समाजसेवियों और पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि “जब कोई व्यक्ति समाज, धर्म और मानवता की सेवा बिना किसी स्वार्थ के करता है, तब वह किसी एक समुदाय का नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव जाति का धरोहर बन जाता है।” यही कारण है कि सभी बिरादरियों ने एक स्वर में संत रामपाल जी महाराज के प्रति अपना आभार और श्रद्धा व्यक्त की है।

जन्मभूमि की आस्था, आने वाली पीढ़ियों की प्रेरणा

धनाना — संत रामपाल जी महाराज की जन्मभूमि — आज इस सम्मान के ज़रिए समाज की नई विरासत रच रही है। गाँव की गलियों से लेकर चौपालों तक, बदलाव की शुरुआत उस जगह से हो रही है, जहाँ संत रामपाल जी महाराज के चरणों की रज मौजूद है।

इस सम्मान ने युवाओं, किसानों, महिला–मंडलों और विद्यार्थियों में आध्यात्मिक चेतना का नया भाव जगाया है। “धनाना रत्न” इस भावना का प्रतीक है कि सच्ची सेवा वही, जो बिना शोर–शराबे के — हर हाथ तक गरिमा से पहुँचे।

हरियाणा की खाप पंचायतों द्वारा सामूहिक समर्थन और सम्मान पहल

धनाना की छत्तीस बिरादरी के निर्णय के साथ हरियाणा की अन्य खाप पंचायतों ने भी समान रूप से सम्मान समारोहों का आयोजन किया है। यह संत रामपाल जी महाराज के प्रति लोगी के बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। 

  • 12 अक्टूबर 2025 — महम चौबीसी खाप पंचायत: “मानवता रक्षक सम्मान” प्रदान कर समाज–सेवा के संरचित मॉडल को सार्वजनिक स्वीकृति दी।
  • 9 नवंबर 2025 — नौगामा बूरा खाप, पुनिया खाप और सरपंच एसोसिएशन, बरवाला:  “किसान रक्षक सम्मान” देने की घोषणा की।

इन सभी आयोजनों का साझा संदेश स्पष्ट और सशक्त है—दिखावे से परे जाकर, ज़मीनी परिणाम वाली सेवा को समुदाय का नेतृत्व औपचारिक मान्यता दे रहा है।

सम्मान का महत्व

  • जन–स्वीकृति का प्रमाण:  किए गए सेवा–कार्य वास्तविक, प्रभावकारी और समाज द्वारा स्वीकार्य हैं।
  • सेवा–मॉडल की वैधता: अन्नपूर्णा योजना, आवास निर्माण, बस सेवा, पम्प–मोटर–पाइप सहयोग जैसे ठोस मॉडल को पंचायतों की आधिकारिक मान्यता मिल रही है।
  • जवाबदेही और पारदर्शिता: “समय पर पानी निकासी” और तीन-चरणीय प्रगति वीडियो (निकासी → बोवाई → लहराती फसल) से सहायता का सही उपयोग सुनिश्चित होता है।
  • सामाजिक पूँजी में वृद्धि: समुदाय द्वारा दिए गए सम्मान से विश्वास, सहयोग और प्रतिष्ठा सुदृढ़ होती है।
  • नीति–समन्वय का पुल: खाप पंचायतें, प्रशासन, आश्रम और किसान समूहों के बीच तालमेल मज़बूत होता है, जिससे राहत से आगे पुनर्वास और आजीविका पर कार्य तेज़ी से बढ़ता है।
  • विस्तार और प्रतिरूपण: सफल सेवा–मॉडल पड़ोसी गाँवों में सहजता से अपनाए जा सकते हैं, जिससे प्रभाव स्थायी और मापनीय बनता है।
  • युवा–प्रेरणा और नागरिक भागीदारी: ऐसे सम्मान ज़मीनी सेवा की संस्कृति को प्रोत्साहित करते हैं; युवा, महिला और किसान समूहों की भागीदारी को बल मिलता है।

सामाजिक एकता की नई मिसाल

इस समारोह की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह किसी एक धर्म या संप्रदाय का आयोजन नहीं, बल्कि समस्त समाज की सामूहिक भावना का प्रतीक है। 36 बिरादरियों का एक साथ आना, अपने आप में हरियाणा की गौरवशाली परंपरा की पुनर्स्थापना है। इस अवसर पर गांव के कई बुजुर्गों ने कहा, “सदियों बाद यह दृश्य देखने को मिलेगा जब सभी जाति-समुदाय एक मंच पर खड़े होकर मानवता की सेवा करने वाले संत को प्रणाम करेंगे।”

समाज के लिए संदेश और आह्वान

आज जब समाज विभाजन, प्रतिस्पर्धा और स्वार्थ के दौर से गुजर रहा है, तब संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम एक नई आशा की किरण के रूप में उभरी है। इसने यह प्रमाणित किया है कि यदि पूर्ण गुरु की शरण मिल जाए, तो हर असंभव कार्य संभव बन सकता है।

“धनाना रत्न सम्मान” केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि समाज के उस विश्वास की पुनर्पुष्टि है कि समाज के सबसे बड़े उपकारी कोई और नहीं बल्कि पूर्ण संत होते है।

Latest articles

PM Modi to Inaugurate India Energy Week 2026: A New Era for Global Energy Cooperation

Prime Minister Narendra Modi is scheduled to virtually inaugurate the India Energy Week (IEW)...

Padma Awards 2026: शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और अकादमिक नेताओं पर राष्ट्रीय फोकस

पद्म पुरस्कार 2026 (Padma Awards 2026) ने भारत के शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और अकादमिक नेतृत्व...

30 January Martyrdom Day of Gandhi Ji Observed as Martyrs’ Day / Shaheed Diwas

Last Updated on 30 January 2026 IST | Martyrs’ Day 2026: Every year Shaheed...
spot_img

More like this

PM Modi to Inaugurate India Energy Week 2026: A New Era for Global Energy Cooperation

Prime Minister Narendra Modi is scheduled to virtually inaugurate the India Energy Week (IEW)...

Padma Awards 2026: शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और अकादमिक नेताओं पर राष्ट्रीय फोकस

पद्म पुरस्कार 2026 (Padma Awards 2026) ने भारत के शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और अकादमिक नेतृत्व...

30 January Martyrdom Day of Gandhi Ji Observed as Martyrs’ Day / Shaheed Diwas

Last Updated on 30 January 2026 IST | Martyrs’ Day 2026: Every year Shaheed...