Delhi School Reopen from 5 February: 5 फरवरी, 2021 से 9th और 11th के विद्यार्थियों के लिए स्कूल में कक्षाएं शुरू: शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया

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पिछले एक साल से घर पर बैठ कर ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए खुशखबरी। कोरोना काल में प्रोटोकॉल के साथ 9वीं और 11वीं की कक्षा के छात्रों के लिए स्कूल जाना होगा अनिवार्य। स्कूल खोलने का हुआ एलान। पढ़ें पूरी खबर। दिल्ली में 10वीं और 12वीं की कक्षाएं खुलने के बाद अब 9वीं और 11वीं की कक्षाएं खोलने का ऐलान हो गया है। डेप्युटी सीएम (उपमुख्यमंत्री) मनीष सिसोदिया ने कहा है कि 5 फरवरी से 9वीं और 11वीं की कक्षाओं के लिए स्कूल खोले जाएंगे (Delhi School Reopen from 5 February)। उन्होंने डिग्री, पॉलिटेक्निक और आईटीआई संस्थाओं को भी खोलने की घोषणा की है।

Delhi School Reopen from 5 February: 10th और 12th की कक्षाओं के बाद अब 9th और 11th के छात्र भी जाएंगे स्कूल

दिल्ली में 18 जनवरी से 10th और 12th की कक्षाएं शुरू की जा चुकी हैं। अब 5 फरवरी से 9th और 11th के छात्रों को भी स्कूल जाना होगा। साथ ही साथ कॉलेज, डिग्री या डिप्लोमा इंस्टीट्यूट को भी खोलने की अनुमति प्रदान की जायेगी और छात्रों की सुरक्षा से संबंधित कोरोना प्रोटोकॉल्स का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा।

क्या कहा है दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने Delhi School Reopen from 5 February के बारे में

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि, पिछले दस महीनों तक, स्कूल व कॉलेज बंद होने के बाद अब परीक्षाओं व प्रैक्टिकल की तैयारियों के लिए खोला जा रहा है ताकि विद्यार्थी अपनी तैयारी अच्छी तरीके से कर सकें । परीक्षा से पहले छात्रों की बेहतर तैयारी और काउंस‍िलिंग बहुत ज़रूरी है इसलिए सतर्कता बरतते हुए स्कूलों व कॉलेजों को खोलने का निर्णय लिया गया है ताकि बच्चे परीक्षा से पहले वहां के माहौल को समझ सकें। पिछले लगभग एक साल के दौरान पढ़ाई में हुए नुकसान की भरपाई तो नहीं हो पाएगी, लेकिन बाकी बचे समय का सदुपयोग किया जा सकता है। हमारा पहला फोकस शिक्षा संस्थानों को अच्छी तरह खोलने और कोरोना से सुरक्षा पर है इसके बाद हम रिज़ल्ट, व अन्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

Delhi School Reopen from 5 February: कोरोना से बचाव के लिए स्कूलों में क्या होंगे प्रोटोकॉल्स ?

उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्कूलों व कॉलेजों में जाकर कोरोना से बचाव के सभी नियमों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है ।

  • हर कक्षा में सामाजिक दूरी का पालन किया जाएगा।
  • सैनिटाइजर की उपलब्धता हो, मास्क लगाना आवश्यक होगा।
  • स्कूल को कैंपस में एक क्वारंटीन रूम की व्यवस्था करनी होगी।
  • सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा। इसके लिए स्कूलों को निर्देश दिये गये हैं कि वे सोशल डिस्टेंसिंग का ठीक से पालन करने के लिए 6 फीट की दूरी बनाए रखें।
  • रूटीन गेस्ट के विजिट को फिलहाल रोक दिया जाएगा। हालांकि इमर्जेंसी की स्थिति में माता-पिता को कोविड उपयुक्त व्यवहार (CAB) प्रोटोकॉल के साथ आने की अनुमति दी जा सकती है।
  • कोविड से बचाव के उपायों से जुड़े पोस्टर और स्टैंड प्रमुखता से स्कूल कैंपस में प्रदर्शित किए जाने चाहिए।
  • स्कूल कैंपस के कॉमन एरिया में विद्यार्थियों की भीड़ को इकट्ठा करना प्रतिबंधित किया गया है।
  • बच्चों के आने व जाने को लेकर अलग-अलग लाइनों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
  • सभी महत्वपूर्ण जगहों, जैसे कि क्लासरूम , एंट्री पॉइंट्स, पार्किंग और वॉशरूम जैसी सभी जगहों पर कोरोना से जुड़े नियमों के पोस्टर व संदेश चिपकाए जाने चाहिए ।

शिक्षा विभाग द्वारा 9वीं एवं 11वीं कक्षाओं के लिए जारी दिशा-निर्देश –

  • सबसे पहले 1 मार्च से विद्यालयों में प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट कार्य व आंतरिक मूल्यांकन आयोजित किया जाएगा।
  • 20 मार्च से 15 अप्रैल तक परीक्षाएं दो बजे दोपहर से शाम 5:30 तक के बीच आयोजित कराई जाएंगी।
  • वार्षिक परीक्षा शुरू होने से पहले आंतरिक ग्रेड का मूल्यांकन पूर्ण हो तथा वार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्र कम किए गए पाठ्यक्रम के अनुसार हो ।
  • पाठ्यक्रम शिक्षा विभाग के वेबसाइट से प्राप्त किया जा सकता है ।
  • पीरियोडिक मूल्यांकन फरवरी के अतिंम व मार्च के प्रथम सप्ताह में आयोजित की जा सकती है।
  • 1 अप्रैल से 15 अप्रैल के दौरान मध्यावधि, परीक्षाएं अपराह्न दो बजे से शाम 5:30 के बीच आयोजित की जा सकती हैं तथा शीतकालीन अवकाश के दौरान विद्यार्थियों को दिए गए प्रोजेक्ट कार्यों और होम असाइनमेंट का सब्जेक्ट एनरिचमेंट गतिविधि के रूप मूल्यांकन किया जाएगा ।

10वीं और 12वीं की कक्षाओं को 18 जनवरी से शुरू कर दिया गया था

दिल्ली सरकार ने पहले ही दसवीं और बारहवीं के लिए 18 जनवरी से स्कूल खोलने के आदेश दिए थे । यह फैसला बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को देखते हुए लिया गया था। दिल्ली में कोरोना महामारी को देखते हुए 16 मार्च, 2020 को केजरीवाल सरकार ने सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया था। राजधानी के सभी स्कूल तभी से बंद हैं। हालांकि ऑनलाइन क्लास चल रही हैं। कोरोना के थमने और कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत के साथ ही स्कूलों को खोलने के आदेश कर दिए गए।

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डिग्री व डिप्लोमा देने वाले शिक्षण संस्थान भी खुल सकेंगे

5 फरवरी 2021 से डिग्री, डिप्लोमा देने वाले शैक्षणिक संस्थान भी खुलेंगे।  अधिकारियों को स्कूलों व कॉलेजों में जाकर कोरोना से बचाव के सभी नियमों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। माध्यमिक व हायर एजुकेशन वाले संस्थान अपने छात्रों को प्रोजेक्ट वर्क या काउंसलिंग के लिए 5 फरवरी से बुला सकेंगे। बशर्ते कोरोना गाइडलाइन्स का उसी प्रकार पालन किया जाए, जैसे कोरोना प्रोटोकॉल्स के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।

सबसे ऊंची पढ़ाई आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर मोक्ष प्राप्त करना है

पूर्ण परमेश्वर कबीर साहेब द्वारा दी गई शिक्षा व निर्देशों का पालन यदि मनुष्य आजीवन कर‌ लें तो फिर बार-बार जन्म नहीं होगा और न ही मृत्यु होगी और‌ न ही बार बार ‘क’ ‘ख’ ‘ग’ और ए फार एप्पल, बी बार बाॅल और सी फार कैट सिखना पढ़ेगा। यहां की शिक्षा में कम नंबर से पास और फेल होने का भय सदा बना रहता है।

पूर्ण परमेश्वर कबीर साहिब जी द्वारा दिए जा रहे आध्यात्मिक ज्ञान को प्राप्त करने वाला मनुष्य सभी सांसारिक बीमारियों, आपत्तियों से बचा रहता है और मर्यादा में रह कर भक्ति करने वालों को असफलता का भय विचलित नहीं करता और अंत में वह सभी क्षेत्रों में सफल होता हुआ पूर्ण मोक्ष, यानी कि सनातन धाम, अर्थात सतलोक ,अमरलोक, की प्राप्ति करता है, जिसका अर्थ है कि मनुष्य जीवन रहते हुए उसने सबसे ऊंची पढ़ाई की और जीवन के अंत में सबसे ऊंची उपलब्धि मोक्ष को प्राप्त करेगा। सतभक्ति करने वाला भक्त कभी इस काल लोक की परीक्षाओं, पीड़ाओं, जन्म मृत्यु, बुढ़ापा, दुख, दर्द, तकलीफ से नहीं गुजरेगा।

प्रिय छात्रगण, अध्यापकों और अधिकारियों को चाहिए कि अपने शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थानों में संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा लिखित पुस्तकों को पढ़ा और पढ़ाया जाए तथा पूरे मानव समाज को आध्यात्मिक ज्ञान को ग्रहन करने हेतु संत रामपाल जी महाराज जी के सत्संग यूट्यूब सतलोक आश्रम चैनल पर सुनने आरंभ करने चाहिए ताकि समस्त मानव समाज सतभक्ति और मोक्ष की ओर बढ़ सके।

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