संत रामपाल जी के सानिध्य में बिना बैंड बाजा होने वाले विवाह (रमैनी) बने चर्चा का विषय

Published on

spot_img

क्या आपने ऐसा कोई विवाह देखा है जहां दूल्हा दुल्हन साधारण वेशभूषा में हों। जहाँ बिना हल्दी, मंडप आदि रस्मों के पूर्ण परमात्मा की उपस्थिति में विवाह सम्पन्न हुआ हो? जहां दहेज के नामोनिशान न हो? ऐसे एक नहीं अनेक विवाह हुए हैं। जगतगुरु तत्वदर्शी सन्त रामपाल जी महाराज जी के सान्निध्य में होने वाले विवाह अनोखे हैं जिनमें बिना बैंड बाजे के, साधारण वेशभूषा में होने वाले विवाह चर्चा का विषय बने हुए हैं।

गुरुवाणी से मात्र 17 मिनट में सम्पन्न हुए विवाह

ऐसा एक विवाह जिला गया बिहार में देखने को मिला जहाँ एक दहेज रहित विवाह संपन्न हुआ। साधारण वेशभूषा में कम लोगो की उपस्थिति के साथ बिना नाच गाने के बहुत ही शालीन व सभ्य तरीके से विवाह संपन्न हुआ।

ग्राम रोहतास जिला रोहतास (बिहार) की निवासी भक्तमति सृष्टि दासी (D/O पारसनाथ पासवान दास) का विवाह ग्राम करमा जिला रामगढ़ के निवासी भक्त रवि कुमार (S/O श्री नागेश्वर महतो) के साथ बहुत ही साधारण तरीके से हुआ। इस विवाह में नाममात्र लोग शामिल हुए साथ ही दान दहेज का कोई नामोनिशान नहीं था। जिसमें गुरुवाणी से मात्र 17 मिनट में दूल्हा दुल्हन विवाह बंधन में बंध गए। वहीं शिक्षा की बात करें तो लड़की झारखंड पुलिस के पद पर कार्यरत है और लड़का प्राइवेट जॉब कर रहा है.

“सच होगा अब सबका सपना, दहेज मुक्त होगा भारत अपना”

वही एक ऐसा ही विवाह सतलोक आश्रम धुरी पंजाब में भी देखने को मिला जहां मंडी गोविंदगढ़ के निवासी दूल्हा-रोहित दास और लुधियाना पंजाब की निवासी सोनू दासी दुल्हन ने बिना लेनदेन और फिजूलखर्ची के मात्र 17 मिनट में विवाह करके दहेज रूपी रावण राक्षस को मार खदेड़ा। बात दें की शिक्षा की तो दूल्हा BA PGDCA और दुल्हन इंग्लिश में m.a. B.Ed की उपाधि प्राप्त है

दहेज रूपी कुप्रथा को जड़ से समाप्त कर रहे हैं संत रामपाल जी महाराज के अनुयाई

  • कुचामन सिटी जिला नागोर राजस्थान में भी हुआ एक अनोखा दहेज मुक्त विवाह।
  • शंकर सैनी (S/O बाबूलाल सैनी) का विवाह भक्तमती जमना सैनी D/O आसुराम सैनी के साथ मात्र 17 मिनट में बहुत ही सादगी से संपन्न हुआ
  • दहेजमुक्तभारत अभियान के तहत आज #संतरामपालजी_महाराज जी के नेतृत्व में एक अनोखी शादी हो रही है जो समाज को एक नई दिशा दे रही है जिसमें ना तो कोई लेन-देन है और ना ही दहेज और ना कोई दूसरा आडंबर ।
  • ग्राम-कोडेवा, जिला-बालोद के निवासी तेजराम साहू का विवाह आर्य नगर, भिलाई, जिला- दुर्ग की निवासी प्रियंका साहू के साथ बहुत ही सादगी से सम्पन्न हुआ।
  • वही एक ऐसा ही विवाह ग्राम- धनगाव, जिला- बालोद के निवासी रविकुमार भारती, का विवाह ग्राम टेकापार, जिला-बालोद की निवासी फनेश्वरी बंजारे के साथ बिना किसी फिजूलखर्ची के सम्पन्न हुआ।
  • ग्राम-नवागांव, जिला-बालोद के निवासी हरीश साहू का विवाह भी बिना किसी बैंड बाजे के ग्राम- ढडारी, जिला-बालोद की निवासी हसीना साहू के साथ सम्पन्न हुआ।
  • ठीक ऐसा ही एक और विवाह ग्राम भेगारी, जिला-बालोद में भी देखने को मिला जहां कुलेश्वर साहू, का विवाह ग्राम- ढडारी, जिला-बालोद की निवासी ओमेश्वरी साहू के साथ बहुत ही सभ्य तरीके से सम्पन्न हुआ।
  • गांव सुखरी, जिला बालोद, के निवासी दुल्हे प्रखर साहू- ने ग्राम भूसरेंगा,जिला बालोद की निवासी दुल्हन सबनम बर्मन के साथ बिना दहेज और फिजूलखर्ची के विवाह करके समाज को एक अजूबा संदेश दिया है।
  • इसमें सादगी की मिशाल पेश की है इस शादी में ना घोड़ा,ना बाराती,ना बेंड ना बाजे सिर्फ 17 मिनट में रमैणी {शादी} गुरुवाणी के द्वारा हो जाती है.

सबसे श्रेष्ठ विधि के हैं ये विवाह

रमैनी के माध्यम से होने वाले विवाह सबसे श्रेष्ठ विधि के हैं। ये वेदों में वर्णित विधि पर आधारित हैं और इसी प्रकार आदिशक्ति ने अपने तीनो बेटों ब्रह्मा, विष्णु और महेश का विवाह किया था। इस विवाह में पूर्ण परमेश्वर कविर्देव के साथ विश्व के सभी देवी देवताओं का आव्हान किया जाता है। इससे पूर्ण परमेश्वर तो साथ रहते ही हैं साथ ही विश्व के सभी देवी देवता भी उस विवाहित जोड़े की सदा सहायता करते हैं। ऐसे दहेजमुक्त विवाहों ने बेटियों का जीवन आसान कर दिया है।

दहेजमुक्त भारत केवल सन्त रामपाल जी महाराज के तत्वज्ञान से सम्भव

दहेजप्रथा से मुक्ति के लिए सरकार ने कानून भी बनाये किन्तु सब निष्फल रहा। इस कार्य को तत्वज्ञान के बिना कर पाना सम्भव नहीं था। यह तत्वज्ञान तो केवल कोई तत्वदर्शी सन्त ही दे सकते हैं और पूर्ण तत्वदर्शी सन्त पूरे विश्व मे एक ही होता है जिसका तत्वज्ञान नशा, दहेज, चोरी, भ्रष्टाचार आदि से मुक्ति दिला सकता है। तत्वज्ञान होने के पश्चात व्यक्ति स्वयं ही इन सभी बुराइयों से दूर होने लगता है उसे अपने कर्मों की सजा मालूम होती है।

किंतु यह तभी सम्भव है जब सन्त पूर्ण तत्वदर्शी हो। सन्त रामपाल जी महाराज के ज्ञान के कारण आज लोग स्वयं ही दहेज लेने से इंकार कर देते हैं। नशाखोरी से दूर हैं यहाँ तक कि सन्त रामपाल जी महाराज के शिष्यों को रिश्वत देना भी मुमकिन नहीं है। सन्त रामपाल जी महाराज का ज्ञान इतना अच्छा है कि लालच, मोह, लोभ से व्यक्ति स्वतः दूर हटने लगता है।

तत्वज्ञान से ही होगा मोक्ष

ये दहेजमुक्त अद्भुत विवाह तो केवल बानगी हैं। तत्वज्ञान ने तो लोगों का जीवन सरल एवं सुगम बना दिया है। लोग सन्त रामपाल जी महाराज जी के ज्ञान से प्रेरित होकर उनसे नामदीक्षा लेकर अपना कल्याण करवा रहे हैं। क्योंकि मोक्ष तो केवल तत्वदर्शी सन्त की शरण में जाने से ही सम्भव है। अधिक जानकारी के लिए देखें Satlok Ashram YouTube Channel

Latest articles

रोहतक के निगाना गांव की कहानी: बाढ़, बीमारी और उम्मीद की एक नई सुबह

हरियाणा के रोहतक जिले का छोटा-सा गांव निगाना कुछ महीनों पहले तक ऐसी त्रासदी...

Atrocities (52 Badmashi) Against God Kabir Saheb JI

Updated on 17 April 2026: Atrocities Against God Kabir: Prakat Diwas of Kabir...

Hidden and Unheard Teachings of Kabir Saheb Ji (Revealed)

Sage Kabir is a name everyone recognizes as we all have studied His couplets...
spot_img

More like this

रोहतक के निगाना गांव की कहानी: बाढ़, बीमारी और उम्मीद की एक नई सुबह

हरियाणा के रोहतक जिले का छोटा-सा गांव निगाना कुछ महीनों पहले तक ऐसी त्रासदी...

Atrocities (52 Badmashi) Against God Kabir Saheb JI

Updated on 17 April 2026: Atrocities Against God Kabir: Prakat Diwas of Kabir...