COVID-19 की दूसरी लहर

COVID-19 की दूसरी लहर: सद्भक्ति से ही संभव है स्थायी समाधान

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वैश्विक महामारी COVID-19 का प्रकोप पुनः एक बार फिर लौट आया है। अगर वर्तमान में संक्रमित मरीजों के आंकड़ों को देखा जाए तो ये आंकड़े बीते वर्ष की तुलना में और भी चिन्तनीय व भयावह हैं। इसका मुख्य कारण है लोगों में दिखती वैश्विक महामारी COVID-19 के प्रति असावधानी। तत्वदर्शी सन्त रामपाल जी महाराज जी के द्वारा दी हुई सद्भक्ति ही वैश्विक महामारी COVID-19 का स्थायी समाधान है।

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस : कुछ खास बातें

  • एक बार फिर खतरे की घंटी, शुरू हो चुकी है COVID-19 की दूसरी लहर
  • COVID-19 के संक्रमितों में दिन प्रतिदिन हो रहा है इजाफा
  • लगातार बढ़ रहे COVID-19 के संक्रमित मामलों ने सरकार की नींद उड़ा दी है
  • वैश्विक महामारी COVID-19 की दूसरी लहर का शिकार हुईं अक्षय कुमार, आमिर खान सहित 25 हस्तियां
  • देश मे कुल 8 करोड़ 31 लाख 10 हजार 926 लोगों को COVID-19 की वैक्सीन लगाई जा चुकी है
  • अगले चार सप्ताह काफी अहम : स्वास्थ्य मंत्रालय
  • स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा COVID-19 की दूसरी लहर ने दी दस्तक
  • सद्भक्ति है घातक रोगों, महामारियों तथा आपदाओं से बचने की एकमात्र अचूक दवा
  • सतलोक ही एकमात्र शाश्वत स्थान है जहां नहीं आती हैं किसी प्रकार की महामारी तथा आपदाएं

क्या है कोरोना वायरस की भारत में वर्तमान स्थिति?

वैश्विक महामारी कोरोनावायरस (COVID-19) का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार बीते 24 घण्टे में देश में वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के 96,982 नए संक्रमित मरीज मिले हैं तथा इस दौरान 446 लोगों ने जान गंवाई है। इस प्रकार अब तक देश में कोरोनावायरस से संक्रमितों की कुल संख्या 1 करोड़ 26 लाख 86 हजार 49 हो गई है तथा इस दौरान हुई 446 नई मौतों के बाद कुल मौतों की संख्या 1 लाख 65 हजार के पार हो गई है।

वैश्विक महामारी COVID-19 चिंताजनक

आंकड़ों के अनुसार, देश में लगातार 27 दिनों से नए मामलों में हो रही बढ़ोतरी के बाद सक्रिय मामलों की संख्या भी बढ़कर 7 लाख 88 हजार 223 हो गई, जो कि कुल मामलों (1 करोड़ 26 लाख 86 हजार 49) का 6.21 फीसद है तथा 1 करोड़ 17 लाख 32 हजार 279 लोग अभी तक संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। हालांकि मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर गिरकर अब 92.48 प्रतिशत हो गई है। वहीं, कोरोना से मृत्यु दर 1.30 प्रतिशत है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार, देश में 5 अप्रैल तक 25 करोड़ 2 लाख 31 हजार 269 नमूनों की जांच की गई है। इसमें से 12 लाख 11 हजार 612 नमूनों की जांच सोमवार को की गई।

लापरवाही की वजह से बढ़ रहे हैं Covid-19 के मामले : डॉ. हर्षवर्धन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि लोगों को वैश्विक महामारी कोरोनावायरस (COVID-19) से बचाव के उपाय पता हैं, फिर भी उनका पालन नही किया जा रहा है। लोगों को लगता है कि वैक्सीन आ गयी है, इसलिये मास्क पहनने तथा उचित दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) बनाये रखने की जरूरत नहीं है। इन्हीं सब कारणों से ही कोरोनावायरस  (COVID-19) के मामले बढ़ने लगे हैं। स्वास्थ्य मंत्री जी ने बताया कि मंगलवार शाम को उन्होंने 11 राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठक की है। 8 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भी राज्यों के साथ बैठक करने वाले हैं। उन्होंने बताया कि जिन राज्यों में मामले बढ़ रहे हैं, वहां केन्द्र से 50 टीमें भेजी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि देश में हर जगह कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन 11 राज्य ऐसे हैं, जहां से सबसे ज्यादा नए मामले सामने आये हैं।

जानिए चुनावी रैलियों को लेकर क्या कहा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने?

चुनावी राज्यों में कोरोना के ज्यादा मामले न आने पर जब हर्षवर्धन से पूछा गया तो उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं है। कई तरह के फैक्टर होते हैं, कहीं भी भीड़ हो, रैली हो, अगर वहां covid-19 प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जाएगा, तो मामले बाद में आएंगे ही।”

देशव्यापी लॉकडाउन की नहीं है कोई संभावना

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने लॉकडाउन की संभावनाओं पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, “देश ने इतना बड़ा लॉकडाउन किया था, तो दोबारा लग सकता है ऐसी कोई संभावना नहीं है, लेकिन जो राज्य ज्यादा प्रभावित हैं, वो अपनी स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए निर्णय ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर संभव मदद दे रही है।

पूर्ण परमेश्वर की सद्भक्ति से ही हो सकता है सर्व दुःखों का निवारण

सुमरण से सुख होत है, सुमरण से दुःख जाए ।

कहे कबीर सुमरण किए, सांई (परमात्मा) में समाए ।।

तत्वदर्शी अर्थात पूर्ण सन्त के द्वारा दी हुई सद्भक्ति से भीषण से भीषण पापों का क्षय हो जाता है तथा भविष्य में किसी प्रकार के दुख, महामारी तथा आपदा का सामना नहीं करना पड़ता है। सर्व धर्मों के पवित्र सद्ग्रन्थों तथा भविष्यवक्ताओं की भविष्यवाणियों से प्रमाणित हो चुका है कि वर्तमान समय में सन्त रामपाल महाराज जी एकमात्र तत्वदर्शी पूर्ण सन्त हैं, जिनके द्वारा दी हुई सद्भक्ति से ही सर्व दुःखों का अंत होगा तथा जीवन सुखमय होगा।

कबीर, कर्मफांस छूटे नहीं, केतो करे उपाय।

सतगुरु मिले तो ऊबरे, नातो परलय जाय।।

वास्तविक नाम (सतनाम) के सुमरण से क्षणभर में ही समाप्त हो जाते हैं घोर पाप तथा दुःख

कबीर, कर्म रख सागरबन्धयौ, सौ योजन मरजाद।

बिन अक्षर कोई ना छुटै, सो अक्षर अगम अगाध।।

कोई भी रोग हमें छू नहीं सकता है, यदि हम पूर्ण संत जी के द्वारा बताई सदभक्ति कर रहे हैं। परमात्मा के नाम में वो शक्ति है कि सर्व पापों का पल में नाश कर हमें पूर्ण सुख प्रदान करता है । हम जब सतनाम (तत्वदर्शी संत द्वारा प्राप्त किया जाता है ) का एक सुमरण करते है तो अनेकों पापों का नाश पल में ऐसे हो जाता है जैसे पुराने घास के ढेर में एक आग की चिंगारी पड़ जाए तो पूरे घास के ढेर को पल में राख बना देती है ।

कबीर, जबही सत्य नाम ह्रदय धरो, भयो पाप को नाश ।

जैसे चिंगारी अग्नि की, पड़ी पुराने घाँस ।।

मनुष्य जीवन के मूल्य को समझें, संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा प्राप्त करें

वर्तमान समय में पूरे विश्व में एकमात्र तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ही हैं जो वास्तविक तत्वज्ञान के आधार पर पूर्ण परमात्मा की पूजा-आराधना बताते हैं। तो सत्य को जानें और पहचान कर पूर्ण तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज से  वास्तविक नाम लेकर अपने मनुष्य जीवन को सफल बनाएं।

गुरु के मिले कटें दुःख पापा।

जन्म -जन्म के मिटें संतापा ।।

प्रिय पाठक इस बात से भली-भांति परिचित हैं कि समझदार को संकेत ही काफी होता है,  अधिक जानकारी के हेतु सतलोक आश्रम यूट्यूब चैनल पर सत्संग श्रवण करें । जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नाम की दीक्षा लेने के लिए कृपया नीचे दिए गए फॉर्म को भरकर आज ही पंजीकृत करें. दुनिया की सबसे अधिक डाउनलोड की जाने वाली तथा सबसे लोकप्रिय आध्यात्मिक बुक जीने की राह का आप भी अवश्य अध्ययन करें.


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