January 21, 2026

बाल दिवस (Children’s Day) पर जानिए कैसे मिलेगी बच्चों को सही जीने की राह?

Published on

spot_img

Last Updated on 11 November 2025 IST | Children’s Day (बाल दिवस 2025): प्रत्येक वर्ष बाल दिवस (Children’s Day in Hindi) 14 नवंबर को मनाया जाता है। आप सभी जानते है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू को बच्चों और गुलाब के फूलों से विशेष प्रेम था। बच्चों को इस दिन खूबसूरत संदेशों के जरिए बाल दिवस के अवसर पर प्रेरित करने वाली शिक्षाएं दी जाती हैं। सभी बच्चे इस दिवस की हर वर्ष उत्सुकता से प्रतीक्षा करते हैं और उनके लिए यह एक विशेष दिन खास होता है जो पूरी तरह से उन्हें समर्पित है। यह दिवस बच्चों की प्रतिभाओं, जिज्ञासाओं और कलात्मकता को उजागर करने के लिए समर्पित है। भारतवर्ष ही नहीं अपितु विश्वभर के कई देश अपने तरीके से अलग-अलग तारीखों पर बाल दिवस मनाते हैं। माता पिता को अपने बच्चों को सतसाधना करना बाल्यावस्था से ही सिखाना चाहिए।

Children’s Day 2025 [Hindi] के मुख्य बिन्दु

  • बाल दिवस को 20 नवंबर से 14 नवंबर करने के लिए भारतीय संसद में एक प्रस्ताव लाकर पारित किया गया। 
  • भारत में प्रत्येक वर्ष बाल दिवस 14 नवंबर को पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाते हैं।
  • ऐसा कहा जाता है कि जवाहरलाल नेहरू का बच्चों के प्रति अत्यधिक प्रेम था, इसलिए उन्हें प्यार से “चाचा” या “चाचा जी” कहा जाता था।
  • संयुक्त राष्ट्र महासंघ (UN) के अनुसार नवंबर 20 को अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस मनाया जाता है।
  • बच्चों को बाल दिवस के अवसर पर प्रेरित करने वाली शिक्षाएं दी जाती हैं।
  • यह दिन बच्चों की प्रतिभाओं, भावनाओं और जिज्ञासाओं को उजागर करने के लिए समर्पित होता है।
  • जवाहरलाल नेहरू को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) जैसे कई शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना का श्रेय दिया जाता है।
  • बच्चों को बाल दिवस पर जानना चाहिए कि सत साधना क्या है और यह क्यों ज़रूरी है?

कौन थे जवाहर लाल नेहरू (Who was Pandit Jawaharlal Nehru)?

Children’s Day (Hindi): जवाहर लाल नेहरू (नवम्बर 14, 1889 – मई 27, 1964) भारत के प्रथम प्रधानमन्त्री थे। महात्मा गांधी के नेतृत्व में, वे भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन के सर्वोच्च नेता के रूप में उभरे और उन्होंने 1947 में भारत के एक स्वतन्त्र राष्ट्र के रूप में स्थापना से लेकर 1964 तक अपने निधन तक, भारत पर शासन किया। कश्मीरी पण्डित समुदाय के होने की वजह से वे पण्डित नेहरू भी बुलाए जाते थे, जबकि भारतीय बच्चे उन्हें चाचा नेहरू के रूप में जानते हैं। जवाहर लाल नेहरू ने दुनिया के कुछ बेहतरीन स्कूलों और विश्वविद्यालयों में शिक्षा प्राप्त की थी। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा हैरो से और कॉलेज की शिक्षा ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज (लंदन) से पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने अपनी लॉ की डिग्री कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से पूरी की।

जम कर लिखने वाले नेताओं में वे अलग से पहचाने जाते हैं। नेहरू जी ने उनकी आत्मकथा मेरी कहानी (ऐन ऑटो बायोग्राफी) भी लिखी और इंदिरा गांधी को काल्पनिक पत्र लिखने के बहाने उन्होंने विश्व इतिहास का अध्याय-दर-अध्याय लिख डाला। ये पत्र वास्तव में कभी भेजे नहीं गये, परंतु इससे विश्व इतिहास की झलक जैसा सहज संप्रेष्य तथा सुसंबद्ध ग्रंथ सहज ही तैयार हो गया। भारत की खोज (डिस्कवरी ऑफ इंडिया) ने लोकप्रियता के अलग प्रतिमान रचे हैं।

क्यों मनाया जाता है बाल दिवस?

Children’s Day (Hindi): बाल दिवस भारत वर्ष में पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।  जवाहर लाल नेहरू का जन्‍म प्रयाग राज में 14 नवंबर, 1889 (November 14, 1889) को हुआ था। पंडित जी को बच्चों से बहुत प्यार था इसी कारण से बच्‍चे उन्‍हें ‘चाचा नेहरू’ कहकर बुलाते हैं। नेहरू जी के अनुसार बच्चे देश का उज्ज्वल भविष्य हैं इसलिए बच्चों को पूरा प्यार किया जाना चाहिए और उनकी अच्छी तरह से देखभाल की जानी चाहिए ताकि बच्चे अपने पैरों पर खड़े हो सकें। बाल दिवस 2025, 14 नवंबर के दिन मनाया जाएगा।

कैसे हुई देश में बाल दिवस मनाने की शुरुआत?

Children’s Day (Hindi): 27 मई 1964 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु के निधन के पश्चात बच्चों के प्रति उनके अपार स्नेह को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया कि प्रत्येक वर्ष उनके जन्मदिवस पर यानी नवंबर 14 को बाल दिवस मनाया जाएगा और बाल दिवस के कार्यक्रम पूरे देश में आयोजित किए जाएंगे। तभी से देश में प्रत्येक वर्ष नवंबर 14 को बड़े ही उत्साह के साथ यह दिवस मनाया जाता है। 

क्या है विश्व बाल दिवस (World Children’s Day) का इतिहास?

Children’s Day (Hindi): प्रारम्भिक तौर पर बाल दिवस साल 1925 से मनाया जाना शुरू किया गया था। संयुक्त राष्ट्र महासंघ (UN) ने 1954 में नवंबर 20 को विश्व बाल दिवस मनाने की घोषणा कर दी थी। बाल दिवस विभिन्न देशों में मनाया जाता है। सभी अपने राष्ट्रीय महत्व को देखते हुए अलग-अलग तारीखों पर बाल दिवस मनाते हैं। भारत में बाल दिवस प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के निधन के बाद से वर्ष 1964 से नवंबर 14 को मनाया जाने लगा।

क्या उद्देश्य है संयुक्त राष्ट्र (UN) के अनुसार बाल दिवस मनाने का?

Children’s Day (Hindi): बच्चों में छिपी प्रतिभा को उजागर करने, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति सजग करने और उनकी भावनाओं को प्रबल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने विश्व के सभी राष्ट्रों से सिफारिश की कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सभी देशों को बाल दिवस मनाना चाहिए।

■ यह भी पढ़ें: गांधी जयंती (Gandhi Jayanti) पर जानिए वर्तमान में कौन है सत्य व अहिंसा के सच्चे पथ प्रदर्शक?

संयुक्त राष्ट्र (UN) के अनुसार बाल दिवस को विश्व भर में भाईचारे और समझ के प्रतीक के रूप मनाया जाना चाहिए और यह दिन बच्चों के कल्याण को बढ़ावा देने के विचार करने के लिए समर्पित एक अनुपम अवसर होना चाहिए।

Children’s Day 2025: अन्य देशों में बाल दिवस (Children’s Day in Hindi)

  • चीन में 1 जून को बाल दिवस मनाया जाता है। अन्य राष्ट्रों की तरह चीन में यह एक महत्त्वपूर्ण अवसर होता है और यहाँ इस दिन आधिकारिक अवकाश रखा जाता है। यहां इस दिन बच्चों के लिए कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस दिन को यहां इंटरनेशनल चिल्ड्रन्स डे की संज्ञा दी गई है।
  • जर्मनी में बाल दिवस को किंडरटैग के नाम से पुकारते हैं और आधिकारिक रूप से 20 सितम्बर को मनाते हैं। यहां वर्ष में दो बार बाल दिवस मनाया जाता है। जर्मनी देश पहले दो भागों में बंटे होने के कारण पश्चिमी जर्मनी द्वारा बाल दिवस सितम्बर 20 को और पूर्वी जर्मनी द्वारा जून 1 को अपनाया गया था।
  • मैक्सिको में बाल दिवस मनाने की शुरुआत वर्ष 1925 में हुई थी और यह अप्रैल 30 को हर वर्ष मनाया जाता है यहां इस दिवस को अल डिया डेल निनो के नाम से मनाते हैं। इस दिवस पर यहां अवकाश नहीं किया जाता अपितु शिक्षा संस्थानों और नागरिकों द्वारा बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।

भारत में कैसे मनाया जाता है बाल दिवस?

बाल दिवस (Children’s Day) के अवसर पर विद्यालयों में नाना प्रकार के रंगारंग कार्यक्रमों, बाल मेलों और अनेकों प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर विद्यालयों में बच्‍चों को उपहार, मिठाईयां और टॉफियां भेंट स्वरूप बांटी जाती हैं तथा साल भर में स्कूल और उसके अन्य स्कूलों में आयोजित हो चुकी प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों में जीत चुके बच्चों और अध्यापकों को ईनाम, ट्राफियां और सर्टिफिकेट आदि भी दिए जाते हैं।

Read in English: Children’s Day: Know The Appropriate Way Of Living Every Child Needs To Have

  • बाल दिवस (Children’s Day) के अवसर पर बच्चों को उपहार दिए जाते हैं
  • इस दिन विद्यालयों में नाना प्रकार के कार्यक्रमों को आयोजित किया जाता है
  • बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है
  • बाल दिवस (Children’s Day) के अवसर पर स्कूलों में पढ़ाई न करवाकर अधिकतर खेल कूद प्रतियोगिताओं का आयोजन भी करते हैं
  • बाल दिवस (Children’s Day) के अवसर पर विद्यालय बच्चों के लिए शैक्षणिक यात्रा का आयोजन भी करते हैं

क्या हैं बच्चों के विकास के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू के विचार?

Children’s Day 2025 (बाल दिवस) पर जानते हैं पंडित जवाहरलाल नेहरू के अनमोल विचार

  • जब व्यक्ति अपने आदर्शों, उद्देश्यों और सिद्धांतों को भूल जाता है तब उसे विफलता ही मिलती है।
  • संकट के समय में छोटी से छोटी बात का भी महत्व होता है।
  • लोगों की कला उनके मन के विचारों को दर्शाती है।
  • मन और आत्मा का विस्तार है संस्कृति।
  • जिस व्यक्ति को सब कुछ मिल जाता है, वह हमेशा शांति और व्यवस्था के पक्ष में रहता है।
  • सुखी जीवन के लिए शांतिमय वातावरण का होना आवश्यक है।
  • दीवार के चित्रों को बदल कर हम इतिहास के तथ्यों को नहीं बदल सकते हैं।
  • किसी भी कार्य को लगन और कुशलतापूर्वक करने से ही सफलता मिलती है। सफलता तुरंत नहीं मिलती है, सफलता के लिए इंतजार करना पड़ता है।
  • लोकतंत्र अच्छा है क्योंकि अन्य प्रणालियां इससे कहीं गुना खराब हैं।

बाल दिवस पर जानिए यथार्थ आध्यात्मिक शिक्षा बच्चों के लिए क्यों ज़रूरी है?

बाल दिवस पर बच्चों को यह ज़रूर जानना चाहिए कि हमें मनुष्य रूप में जीवन मिलने का वास्तविक उद्देश्य क्या है? मनुष्य जीवन का प्रारंभिक उद्देश्य मात्र किताबी शिक्षा प्राप्त करके और वयस्क होकर मात्र जीविकोपार्जन करना नहीं है अपितु शास्त्रों के अनुसार तत्वज्ञान को जानना, तत्वदर्शी संत की पहचान करना और सत साधना करके जन्म मृत्यु के चक्र से मुक्ति पाना है जिससे हम शाश्वत स्थान सतलोक में पहुंच सकें। मनुष्य जीवन अनमोल है और इसे समझने के लिए “सतलोक आश्रम यूट्यूब चैनल” पर तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सत्संग श्रवण कीजिए और “पवित्र पुस्तक जीने की राह” पढ़िए।

कैसे होगा भविष्य उज्ज्वल?

लोग सोचते हैं कि भक्ति तो बुढ़ापे में करनी चाहिए जबकि वेद बताते हैं कि जब बच्चा तीन साल का हो जाए तो उसे तत्वदर्शी संत से नामदीक्षा दिलानी चाहिए। सतभक्ति करने से बच्चा उत्तम शिष्य तो बनेगा ही साथ ही कभी भी कुमार्ग पर नहीं जाएगा। वह बचपन से ही विवेकी, सहनशील, बड़ों का सम्मान और छोटों से प्रेम करने वाला बनेगा, कक्षा में अच्छे अंकों से पास होगा और माता पिता, गुरु और अपने परिवार का नाम ऊंचा करेगा।

संत रामपाल जी के बताए सतमार्ग पर चलने से बच्चे तो बच्चे बड़े भी कभी विकारों के आधीन नहीं होते उनका भविष्य उज्ज्वल, रूकावट रहित व सेहतमंद हो जाता है। बचपन से ही बच्चे गुणों की खान बन जाते हैं यह माता पिता का कर्तव्य है कि वह हर बेटा बेटी को संत रामपाल जी महाराज जी की शरण में लाएं

मातापिता को यह कदापि नहीं सोचना और कहना चाहिए कि बच्चों को भक्ति तो बुढ़ापे में करनी चाहिए बल्कि यह समझना चाहिए कि किसी को भी मृत्यु कब आ जाएगी यह अनिश्चित है अतः बाल्यकाल से ही तत्वज्ञान को ग्रहण करना बहुत ही आवश्यक है।

FAQs About Children’s Day (Hindi)

Q. भारत में बाल दिवस कब मनाया जाता है?

उत्तर: भारत में बाल दिवस 14 नवंबर को मनाया जाता है।

Q. भारत में 14 नवंबर को बाल दिवस क्यों मनाया जाता है?

उत्तर: भारत में 14 नवंबर को बाल दिवस भारत के पहले प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू को श्रद्धांजलि के रूप में मनाया जाता है। चाचा नेहरू ने बच्चों को पूर्ण शिक्षा देने की वकालत की।

Q. भारत में बाल दिवस क्यों मनाया जाता है?

उत्तर: बच्चों के अधिकारों, देखभाल और शिक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए भारत में बाल दिवस मनाया जाता है।

निम्नलिखित सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर हमारे साथ जुड़िए

WhatsApp ChannelFollow
Telegram Follow
YoutubeSubscribe
Google NewsFollow

Latest articles

लोवा कलां, हरियाणा में ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ का चमत्कार: संत रामपाल जी महाराज ने 24 घंटे में बदली किसानों की तकदीर

झज्जर, हरियाणा: हरियाणा के झज्जर जिले की बहादुरगढ़ तहसील में लोवा कलां नाम का...

TVS Orbiter Electric Scooter 2026 Launched at ₹99,900 With 158 km Range

TVS Orbiter Electric Scooter 2026: TVS Motor Company has expanded its electric scooter portfolio...

झज्जर के गाँव मुंडा खेड़ा की 50 साल पुरानी बाढ़ की त्रासदी का अंत हुआ, ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज को अपनी पगड़ी...

झज्जर (हरियाणा): हरियाणा राज्य के झज्जर जिले की बादली तहसील में मुँडाखेड़ा नामक गाँव...

National Girl Child Day (NGCD) 2026: How Can We Ensure A Safer World For Girls?

Last Updated on 21 January 2026 | National Girl Child Day 2026: The question...
spot_img

More like this

लोवा कलां, हरियाणा में ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ का चमत्कार: संत रामपाल जी महाराज ने 24 घंटे में बदली किसानों की तकदीर

झज्जर, हरियाणा: हरियाणा के झज्जर जिले की बहादुरगढ़ तहसील में लोवा कलां नाम का...

TVS Orbiter Electric Scooter 2026 Launched at ₹99,900 With 158 km Range

TVS Orbiter Electric Scooter 2026: TVS Motor Company has expanded its electric scooter portfolio...

झज्जर के गाँव मुंडा खेड़ा की 50 साल पुरानी बाढ़ की त्रासदी का अंत हुआ, ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज को अपनी पगड़ी...

झज्जर (हरियाणा): हरियाणा राज्य के झज्जर जिले की बादली तहसील में मुँडाखेड़ा नामक गाँव...