हरियाणा के झज्जर जिले का ऐतिहासिक गाँव बादली बाढ़ के पानी में समा चुका था। हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई थी, और किसान खून के आंसू रो रहे थे। सरकारी तंत्र से कोई मदद नहीं मिली, और चारों तरफ सिर्फ निराशा थी। ऐसे कठिन समय में सतगुरु रामपाल जी महाराज की अपार करुणा ने गाँव को डूबने से बचा लिया।
ग्रामीणों की पुकार और सतगुरु का दरबार
गाँव के समाजसेवी हवा सिंह, सतपाल और पंचायत के सदस्य जब हर जगह से निराश हो गए, तो वे बरवाला आश्रम पहुंचे। उन्होंने सतगुरु रामपाल जी महाराज के चरणों में प्रार्थना पत्र रखा और पानी निकालने के लिए मदद की गुहार लगाई।
ऐतिहासिक राहत सामग्री: एक महा-अभियान
सतगुरु देव जी का आदेश होते ही राहत का एक ऐसा काफिला बादली पहुंचा जिसे देखकर पूरा जिला दंग रह गया। यह मदद उम्मीद से कहीं ज़्यादा थी:
- 32,000 फीट पाइप: लगभग 10 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन।
- 10 विशाल मोटरें: जिनमें 5 मोटरें 20 हॉर्स पावर की और 5 मोटरें 15 हॉर्स पावर की शामिल थीं।
- शून्य खर्च: स्टार्टर, तार, और फिटिंग का हर सामान साथ भेजा गया। ग्रामीणों का एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ।

ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत और पगड़ी भेंट की
जब यह सामान गाँव पहुंचा, तो माहौल उत्सव जैसा हो गया। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ सतगुरु जी के सेवादारों का स्वागत किया। कृतज्ञता व्यक्त करते हुए, गाँव के सरपंच और बुजुर्गों ने सेवादारों को पगड़ी पहनाई, जो हरियाणा में मान-सम्मान का सर्वोच्च प्रतीक है। उन्होंने कहा, “पगड़ी देने का मतलब है कि हमने अपना शीश गुरुजी के चरणों में रख दिया है।”
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ग्रामीणों के भावुक शब्द
समाजसेवी हवा सिंह जी ने गदगद होकर कहा:
”हरि (भगवान) हरियाणा में आ गए हैं। जो काम आज संत रामपाल जी महाराज ने किया है, वो केवल भगवान ही कर सकता है। 36 बिरादरी आज उनकी ऋणी है।”
सरपंच ने कहा:
”हमने तो थोड़ी मदद मांगी थी, लेकिन महाराज जी ने तो खजाना खोल दिया। हमारा 5 पैसा भी नहीं लगा और करोड़ों की राहत मिल गई। अब हमारे खेतों में फिर से हरियाली होगी।”
अनुशासन और पारदर्शिता
राहत सामग्री के साथ सतगुरु जी का कड़ा संदेश भी आया:
- सामग्री का उपयोग पूरी ईमानदारी से हो।
- पानी समय पर निकलना चाहिए ताकि किसान अगली फसल बो सकें।
- पारदर्शिता के लिए गाँव का ड्रोन सर्वे करवाया गया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मदद सही जगह पहुंच रही है।
सतगुरु की दया से हुआ नया सवेरा
अब बादली गाँव से पानी निकल रहा है और किसानों के चेहरे पर रौनक लौट आई है। जो गाँव कल तक डूब रहा था, आज वहां सतगुरु रामपाल जी महाराज की जय-जयकार हो रही है। हर जुबान पर बस एक ही बात है, “असली भगवान तो संत रामपाल जी ही हैं।”



