February 12, 2026

जलमग्न खेतों से राहत की सांस तक: कैसे संत रामपाल जी महाराज की विशेष दया ने आदुपुर गांव की किस्मत बदल दी

Published on

spot_img

पांच वर्षों से अधिक समय तक आदुपुर गांव के किसान अपने खेतों को तालाब बनते हुए देखते रहे। फसलें नष्ट हो गईं, आमदनी खत्म हो गई और सरकारी सहायता कहीं नजर नहीं आई। ऐसे कठिन समय में गांववासियों की एक सच्ची और हृदय से निकली गुहार संत रामपाल जी महाराज तक पहुंची और उसी क्षण से गांव की किस्मत बदल गई। संत रामपाल जी महाराज ने बाढ़ राहत उपकरण उपलब्ध कराकर आदुपुर गांव को अभूतपूर्व सहायता प्रदान की, जिससे न केवल खेतों में पानी की निकासी संभव हुई, बल्कि लोगों की मानवता और ईश्वर में आस्था भी पुनः जागृत हुई। इस लेख में जानिए कि यह सहायता कैसे पहुंची और गांववासियों ने इसके आगमन पर भव्य स्वागत कैसे किया।

आदुपुर गांव को निगल लेने वाला संकट

हरियाणा के पलवल जिले में स्थित आदुपुर गांव पिछले पांच से छह वर्षों से गंभीर संकट का सामना कर रहा था। बाढ़ का पानी खेतों में भर गया था और निकलने का नाम नहीं ले रहा था। जो खेत कभी गेहूं से लहलहाते थे, वे स्थायी जलभराव के कारण अनुपयोगी हो गए। किसान किसी भी प्रकार की फसल उगाने में असमर्थ हो गए। उन्होंने कई बार सरकारी अधिकारियों से सहायता मांगी, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं मिला।

यह पानी केवल फसलों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने घरों, स्कूलों और चिकित्सालयों को भी नुकसान पहुंचाया। चारे की फसलें नष्ट हो जाने से पशुओं के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया। आदुपुर गांव में 36 अलग-अलग समुदाय रहते थे और यह आपदा सभी को समान रूप से प्रभावित कर रही थी।

आदुपुर गांव की हृदयस्पर्शी गुहार

अंततः गांव की पंचायत ने एक पत्र के माध्यम से ट्रस्ट कार्यालय के जरिए संत रामपाल जी महाराज से सहायता की गुहार लगाई। पत्र में गांव की मुख्य आवश्यकताओं का उल्लेख किया गया, जिनमें शामिल थे:

  • 8 इंच के 4,000 फीट ड्रेनेज पाइप
  • 15 एचपी के तीन मोटर

गांववासियों की आखिरी उम्मीद संत रामपाल जी महाराज थे और इसके बाद जो हुआ, वह उनकी कल्पना से भी कहीं अधिक था।

संत रामपाल जी महाराज की कृपा, तुरंत प्रभाव के साथ

संत रामपाल जी महाराज के दिव्य मार्गदर्शन में मात्र कुछ ही दिनों के भीतर राहत सामग्री से भरे वाहनों का एक विशाल काफिला आदुपुर गांव पहुंचा। यह केवल भौतिक सहायता नहीं थी, बल्कि गांववासियों के लिए ईश्वर में पुनः आस्था का संचार भी था। संत रामपाल जी महाराज द्वारा गांव को निम्नलिखित राहत सामग्री प्रदान की गई:

  • 8 इंच के 4,000 फीट उच्च गुणवत्ता वाले ड्रेनेज पाइप
  • 50 एचपी के तीन भारी क्षमता वाले मोटर
  • इलेक्ट्रिकल स्टार्टर, फिटिंग, नट-बोल्ट आदि

पानी की निकासी तुरंत शुरू हो सके, इसके लिए आवश्यक हर छोटा-बड़ा सामान संत रामपाल जी महाराज ने गांववासियों को निःशुल्क उपलब्ध कराया। यह सहायता स्थायी रूप से गांव को दी गई, ताकि भविष्य की फसलें भी सुरक्षित रह सकें।

गांववासियों द्वारा भव्य स्वागत

जब राहत सामग्री से भरे ट्रक गांव पहुंचे, तो सैकड़ों ग्रामीण उनका स्वागत करने के लिए बाहर निकल आए। वाहनों के स्वागत के लिए एक विशाल ट्रैक्टर रैली का आयोजन किया गया। इस स्वागत से साफ झलकता था कि गांववासियों को इस सहायता की कितनी सख्त जरूरत थी।

पंचायत ने इस अलौकिक सहायता के लिए संत रामपाल जी महाराज के प्रति आभार व्यक्त करने हेतु एक समारोह का आयोजन किया। सरपंच और गांव के बुजुर्गों ने हरियाणवी संस्कृति के सर्वोच्च सम्मान स्वरूप, एक सम्मानित पगड़ी संत रामपाल जी महाराज को उनके अनुयायियों के माध्यम से अर्पित की। इसके साथ शॉल, स्मृति-चिह्न और एक पवित्र चित्र भी भेंट किया गया। गांववासियों ने स्वीकार किया कि यह सहायता उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है और वे संत रामपाल जी महाराज को ईश्वर के तुल्य मानते हैं।

संत रामपाल जी महाराज द्वारा सुनिश्चित की गई जल निकासी

संत रामपाल जी महाराज ने यह भी सुनिश्चित किया कि बाढ़ राहत उपकरणों का उपयोग केवल जनकल्याण के लिए ही हो। इसके लिए उन्होंने सहायता के साथ कुछ नियम और शर्तें भी निर्धारित कीं। उनके निर्देशानुसार एक औपचारिक पत्र सभी गांववासियों के समक्ष पढ़कर सुनाया गया, जिसमें सहायता उपयोग की शर्तें स्पष्ट की गईं।

संत रामपाल जी महाराज ने निर्देश दिया कि पानी की निकासी यथाशीघ्र की जाए ताकि अगली बुवाई समय पर हो सके। साथ ही उन्होंने खेतों की ड्रोन फुटेज तीन चरणों में तैयार करने के निर्देश दिए:

  • जब खेतों में पानी भरा हो
  • जब खेतों से पानी निकाल दिया जाए
  • फसल के सफलतापूर्वक उगने के बाद

यह ड्रोन फुटेज सतलोक आश्रम में प्रदर्शित की जाएगी, ताकि दानदाताओं को यह जानकारी मिल सके कि उनके दान का उपयोग मानव कल्याण के लिए किया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कुछ और सामान की आवश्यकता है तो गांव मांग रख सकता है लेकिन अगर उपकरणों का उपयोग सही से नहीं हुआ और जल निकासी करके अगली बिजाई नहीं हुई तो संत रामपाल जी महाराज भविष्य में गांव की कोई सहायता नहीं करेंगे। 

यह भी पढ़ें: संत रामपाल जी महाराज ने संदलाना गांव को कृषि संकट से उबारा: एक ऐतिहासिक पहल

भौतिक सहायता से आगे: संत रामपाल जी महाराज की सच्ची सेवा

‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के अंतर्गत संत रामपाल जी महाराज अब तक हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात सहित अन्य पड़ोसी राज्यों के 400 से अधिक बाढ़ प्रभावित गांवों की सहायता कर चुके हैं। अन्य धार्मिक नेताओं से अलग, संत रामपाल जी महाराज दान की राशि का उपयोग वास्तव में जरूरतमंद लोगों के कल्याण के लिए करते हैं। बाढ़ राहत के साथ-साथ संत रामपाल जी महाराज, रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान जैसी आवश्यकताओं में भी देश-विदेश में लोगों की सच्ची सहायता कर रहे हैं।

विश्व के उद्धारकर्ता — संत रामपाल जी महाराज

नास्त्रेदमस, फ्लोरेंस जैसे अनेक प्रसिद्ध भविष्यवक्ताओं ने एक दिव्य आध्यात्मिक शक्ति के अवतरण की भविष्यवाणी की है। उनकी भविष्यवाणियां जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के दिव्य कार्यों और गुणों से मेल खाती प्रतीत होती हैं।

इन भविष्यवाणियों में एक ऐसे स्वर्ण युग की बात कही गई है, जहां बिना किसी भेदभाव के सभी को समान अधिकार प्राप्त होंगे। समाज भ्रष्टाचार, रिश्वत, जुआ, दहेज जैसी कुरीतियों से मुक्त होगा। लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा और धन के प्रति अत्यधिक लालच समाप्त होगा, क्योंकि सभी एक पूर्ण परमेश्वर की उपासना करेंगे।

संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में उनके अनुयायी वर्षों से इन्हीं सिद्धांतों का पालन कर रहे हैं। उनके द्वारा प्रकाशित मार्ग सृष्टिकर्ता, पूर्ण परमात्मा कबीर की संपूर्ण भक्ति का ज्ञान देता है। 

Latest articles

संत रामपाल जी महाराज ने विशाल राहत सामग्री भेजकर लोहारहेड़ी गांव में 8 महीने से जारी जलभराव के संकट को किया समाप्त

झज्जर, हरियाणा – संकट के समय, जब प्रशासनिक तंत्र की गति अक्सर धीमी पड़...

रूस में WhatsApp, YouTube और Facebook ब्लॉक; 10 करोड़ यूजर्स के लिए देसी ऐप की तैयारी

रूस में कई प्रमुख अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच अचानक बंद हो...

Lakhpati Bitiya Yojana | Delhi Approves Revamped Scheme for Girls, New Framework Effective from April 1

The Government of Delhi has approved the ‘Lakhpati Bitiya Yojana,’ aimed at strengthening girls’...

रोहतक के मसूदपुर के खेतों से 20 साल पुराना समंदर कैसे सूखा, कैसे लहलहाने लगी फसल ?

हरियाणा के रोहतक जिले का मसूदपुर गांव आज एक नई उम्मीद की किरण के...
spot_img

More like this

संत रामपाल जी महाराज ने विशाल राहत सामग्री भेजकर लोहारहेड़ी गांव में 8 महीने से जारी जलभराव के संकट को किया समाप्त

झज्जर, हरियाणा – संकट के समय, जब प्रशासनिक तंत्र की गति अक्सर धीमी पड़...

रूस में WhatsApp, YouTube और Facebook ब्लॉक; 10 करोड़ यूजर्स के लिए देसी ऐप की तैयारी

रूस में कई प्रमुख अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच अचानक बंद हो...

Lakhpati Bitiya Yojana | Delhi Approves Revamped Scheme for Girls, New Framework Effective from April 1

The Government of Delhi has approved the ‘Lakhpati Bitiya Yojana,’ aimed at strengthening girls’...