हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और विदेश से आए विभिन्न सामाजिक संगठनों, गौशाला समितियों, जनप्रतिनिधियों तथा किसानों ने भारत के सबसे बड़े दानवीर संत रामपाल जी महाराज से भेंट की। इस व्यापक मुलाकात के दौरान ग्रामीण विकास, गौशालाओं के प्रबंधन, चारे की व्यवस्था और युवाओं के खेल प्रशिक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई। आगंतुकों ने संत जी द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों के लिए संचालित कल्याणकारी कार्यों के प्रति आभार व्यक्त किया और अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं से अवगत कराया।
विभिन्न राज्यों के गौशाला प्रतिनिधियों की संत रामपाल जी महाराज से भेंट
हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों से बड़ी संख्या में गौशाला संचालक मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त करने पहुंचे। सोनीपत जिले के भैंसवाल गांव से आई गौशाला समिति ने वहां बन रहे शेड निर्माण कार्य के लिए आभार जताया। संत रामपाल जी महाराज ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि शेड का निर्माण पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा।
चरखी दादरी के बिलावल गांव से आए गौशाला प्रधान ने 300 गायों के लिए तूड़ी पहुंचाने पर धन्यवाद किया तथा अतिरिक्त शेड निर्माण की मांग रखी, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के मलसीसर और ननाऊ गांव से भी गौशाला प्रतिनिधिमंडल पहुंचे। मलसीसर के प्रतिनिधियों ने पूर्व में मिले चारे के सहयोग पर कृतज्ञता प्रकट की और ट्रैक्टर-ट्रॉली उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
ननाऊ गांव के प्रतिनिधियों ने भी चारे और टीन शेड की मांग रखी। संत रामपाल जी महाराज ने स्पष्ट किया कि सैकड़ों गौशालाओं के शेड निर्माण का कार्य चरणबद्ध रूप से जारी है और सभी को क्रमानुसार शेड व चारा उपलब्ध कराया जाएगा।
चूरू जिले के देवगढ़, पुनरास और बिरमी गांवों से भी शिष्टमंडल पहुंचे। देवगढ़ से आए 21 सदस्यों ने संत जी से नाम दीक्षा ग्रहण की।
पुनरास (तहसील तारानगर) से आए सरपंच और 50 सदस्यों के दल ने चारे तथा ट्रैक्टर का प्रबंध करने का निवेदन किया।
बिरमी (सिद्धमुख क्षेत्र) से 60 ग्रामीणों ने आकर सूखे के कारण उत्पन्न चारे के संकट की जानकारी दी। महाराज जी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि किसी भी गोवंश को भूखा नहीं रहने दिया जाएगा और चारा व शेड दोनों मंजूर किए गए।
किसान, जनप्रतिनिधि, पहलवान और विदेशी श्रद्धालु की सहभागिता
सोनीपत के हुलाना स्थित शुगर मिल से किसान प्रधान जोगेंद्र मलिक और कर्मचारी डायरेक्टर ने भेंट कर सामाजिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा कबीर साहेब की विचारधारा का प्रसार ऐतिहासिक स्तर पर किया जा रहा है।
इसी प्रकार गोहाना (सोनीपत) क्षेत्र के किसान केवल दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंचे।
मध्य प्रदेश के भिंड जिले के हीरापुरा गांव से पूर्व सरपंच ने संत जी से मुलाकात की। उन्होंने आश्रम की अन्नपूर्णा मुहिम की प्रशंसा करते हुए बताया कि इससे जरूरतमंदों तक दैनिक राशन पहुंच रहा है। उन्होंने अपने गांव के शासकीय स्कूल के जीर्णोद्धार और एक किलोमीटर लंबे आम रास्ते के निर्माण हेतु पत्र सौंपा।
रोहतक जिले के मोखरा-मदीना क्षेत्र से संजय पहलवान लगभग 40 युवा पहलवानों के साथ पहुंचे। उन्होंने महम क्षेत्र के अखाड़े में भीषण गर्मी और सर्दी से बचाव के लिए शेड निर्माण की मांग रखी, जिसे महाराज जी ने तुरंत स्वीकार कर लिया।
इसके अतिरिक्त संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) से आए एक विदेशी युवा श्रद्धालु ने भी अपने माता-पिता की प्रेरणा से संत जी से शिष्टाचार भेंट की और आश्रम की सेवा भावना की सराहना की।
संत रामपाल जी महाराज का सभी आगंतुकों के लिए संदेश
संत रामपाल जी महाराज ने सभी आगंतुकों को संबोधित करते हुए निःस्वार्थ सेवा, परोपकार और सच्ची ईश्वर भक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य शुभ कर्म करना और पूर्ण परमात्मा का सिमरन करना है। उन्होंने श्रद्धालुओं को अनावश्यक खर्च और दिखावे से दूर रहने की प्रेरणा देते हुए केवल सादगी से माला लेकर आने का निर्देश दिया। महाराज जी ने स्पष्ट किया कि समाज के दीन-दुखियों, लाचारों और बेजुबान पशुओं की सेवा करना प्रत्येक मनुष्य का प्राथमिक दायित्व है।
सामाजिक उत्थान और सहयोग के संकल्प के साथ समापन
इस बहुपक्षीय भेंट का समापन सकारात्मक और उत्साहवर्धक वातावरण में हुआ। आगंतुकों ने संत जी के वचनों और प्राप्त सहयोग के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों को उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन मिला। सभी आगंतुक संत रामपाल जी महाराज से आशीर्वाद और आध्यात्मिक प्रेरणा प्राप्त कर अपने-अपने क्षेत्रों के लिए प्रस्थान कर गए।



