संत रामपाल जी महाराज से मिले विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि: गौशालाओं को मिला मदद का आश्वासन

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सामाजिक, सांस्कृतिक और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने हाल ही में संत रामपाल जी महाराज से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राजस्थान के सूखा प्रभावित क्षेत्रों की गौशाला समितियों, हरियाणा के ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और लोक कलाकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मुलाकात के दौरान राजस्थान के ग्रामीण अंचलों में गौवंश के समक्ष उत्पन्न चारे और छाया के संकट का विषय प्रमुखता से सामने आया। इसके साथ ही सामाजिक उत्थान, जनकल्याणकारी सेवाओं और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी गहन चर्चा हुई।

संत रामपाल जी महाराज ने सभी आंगतुकों की समस्याओं और बातों को अत्यंत धैर्यपूर्वक सुना। उन्होंने समाज सेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने की प्रेरणा देते हुए गौशालाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसा दिया।

राजस्थान के गौशाला प्रतिनिधियों ने रखी चारे और शेड की मांग

राजस्थान के चूरू जिले के गांव आसपालसर बड़ा से गौशाला कोषाध्यक्ष और हनुमानगढ़ जिले के गांव रामका से गौशाला अध्यक्ष ने संत रामपाल जी महाराज से भेंट की। प्रतिनिधियों ने बताया कि अकाल और प्रतिकूल मौसम के कारण गौशालाओं में चारे की भारी किल्लत हो गई है। इसके अलावा गौवंश की सुरक्षा के लिए शेड, छाया और परिवहन साधन की भी तत्काल आवश्यकता है। आसपालसर बड़ा गौशाला की ओर से चार प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें तत्काल चारा और टीन शेड प्रमुख थे।

रामका, हनुमानगढ़ के प्रतिनिधियों ने भी चारे के संकट, शेड निर्माण और एक वाहन की आवश्यकता का उल्लेख किया। इस पर संत रामपाल जी महाराज ने गौ सेवा को अत्यंत सराहनीय कार्य बताते हुए सभी मांगें स्वीकार कर लीं। उन्होंने कहा कि गौवंश की रक्षा के लिए सबसे पहले चारे की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी भी गाय की भूख से जान न जाए। इसके बाद टीन शेड और आवश्यक साधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

हरियाणवी गायक सुमित देशवाल ने प्रस्तुत किए विचार

हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव खेड़ी दमकन निवासी गायक सुमित देशवाल ने भी संत रामपाल जी महाराज के दर्शन किए। मुलाकात के दौरान सुमित देशवाल ने संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान और समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अपने भाव प्रकट करते हुए एक भजन की पंक्तियां भी सुनाईं, जिसमें संत रामपाल जी महाराज के विचारों को जीवन संवारने वाला बताया गया। सुमित देशवाल ने कहा कि सच का साथ देने वाले को समाज में हमेशा आत्मबल मिलता है। संत रामपाल जी महाराज ने उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान किया।

गिरावड़ के सरपंच सोनू ने की सामाजिक विषयों पर चर्चा

हरियाणा के झज्जर जिले के गांव गिरावड़ के सरपंच सोनू ने संत रामपाल जी महाराज से विशेष मुलाकात की। सरपंच सोनू ने किसान अन्नपूर्णा मुहिम तथा अन्य सामाजिक कल्याणकारी पहलों की खुले दिल से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जब कोई समाज में भलाई और निस्वार्थ सेवा का बड़ा कार्य करता है, तो कुछ विरोधी व्यर्थ की आलोचना करते हैं, किंतु अंततः सच्चाई की ही विजय होती है।

इसी दौरान गिरावड़ के साथ मुंबई से आशीर्वाद लेने पहुंची एक श्रद्धालु महिला का भी परिचय कराया गया। संत रामपाल जी महाराज ने सभी को आशीर्वाद दिया और निष्काम भाव से जनकल्याण के कार्यों में लगे रहने की प्रेरणा दी।

संत रामपाल जी महाराज का सभी आगंतुकों के लिए संदेश

संत रामपाल जी महाराज ने सभी आगंतुकों को संबोधित करते हुए कहा कि मानव जीवन का सच्चा उद्देश्य दीन-दुखियों की सेवा, परोपकार और कबीर परमेश्वर की भक्ति करना है। गौवंश की रक्षा और भूखों को अन्न पहुंचाना सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कबीर भगवान के भंडार में किसी वस्तु की कोई कमी नहीं है, बस मनुष्य की नीयत साफ और निष्काम होनी चाहिए। सामाजिक कार्यों में आने वाली बाधाओं या आलोचनाओं की परवाह किए बिना व्यक्ति को सदैव सत्य और सेवा के पथ पर अडिग रहना चाहिए।

सेवा, समर्पण और सकारात्मक बदलाव का संकल्प

विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों की यह मुलाकात समाज सेवा और सहयोग के संकल्प के साथ संपन्न हुई। राजस्थान के गौशाला पदाधिकारियों ने चारे और टीन शेड की तुरंत व्यवस्था किए जाने के आश्वासन पर संत रामपाल जी महाराज के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। वहीं, लोक कलाकार सुमित देशवाल और सरपंच सोनू ने संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाए जा रहे नैतिक व सामाजिक अभियानों से जुड़कर समाज हित में कार्य करते रहने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह मुलाकात परोपकार, गौ सेवा और मानवीय मूल्यों के संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक संदेश देती है।

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