संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित राष्ट्रव्यापी गौ सुरक्षा अभियान के तहत राजस्थान के चूरू जिले की राजगढ़ तहसील के अंतर्गत आने वाले समरपुरा गांव में स्थित श्री हरि मुनिराम गौ सेवा संस्थान (श्री मुनि श्री हरि मुनिराम जी गौशाला कमेटी) को राहत सामग्री पहुंच गई है। स्थानीय ग्रामीण प्रबंधकों और समिति सदस्यों के वक्तव्यों के अनुसार, क्षेत्र में अकाल जैसी गंभीर परिस्थितियों के कारण गौवंश के भरण-पोषण के लिए चारे की भारी कमी उत्पन्न हो गई थी। गौशाला में केवल एक दिन का चारा शेष बचा था जो राहत सामग्री पहुंचने के दिन ही समाप्त हो चुका था। पूर्व में चारे की व्यवस्था केवल स्थानीय ग्रामीणों के व्यक्तिगत प्रयासों पर निर्भर थी, जो कि अपर्याप्त थी।
गौशाला समिति द्वारा सतलोक आश्रम में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने की प्रक्रिया
गौशाला में उत्पन्न गंभीर चारे के संकट के समाधान हेतु समरपुरा ग्राम पंचायत के गणमान्य नागरिकों तथा श्री मुनि श्री हरि मुनिराम जी गौशाला कमेटी के प्रतिनिधि सतलोक आश्रम धनाना धाम, जिला सोनीपत, हरियाणा पहुंचे। वहां कमेटी ने संत रामपाल जी महाराज के चरणों में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। प्रार्थना पत्र में मुख्य रूप से दो मांगें रखी गईं:
- गौवंश के लिए लगभग 250 क्विंटल सूखा चारा उपलब्ध कराने का अनुरोध।
- गौशाला परिसर में 100 बाय 30 फीट आकार के टिन शेड (3-shed) के निर्माण की स्वीकृति।
सर्वे टीम का निरीक्षण और राहत सामग्री का आवंटन
संत रामपाल जी महाराज ने प्रार्थना पत्र प्राप्त होते ही तुरंत अपनी सर्वे टीम को समरपुरा गांव की गौशाला का भौतिक निरीक्षण करने का आदेश दिया। सर्वे टीम ने गौशाला पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अपनी रिपोर्ट संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रस्तुत की, जिसमें गौशाला की मांगों को तथ्यात्मक रूप से जायज पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर संत रामपाल जी महाराज ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए और राहत सामग्री का वितरण सुनिश्चित किया:
- निर्धारित 250 क्विंटल के स्थान पर 255 क्विंटल सूखा चारा स्वीकृत किया गया।
- कुल 255 क्विंटल सूखा चारा पांच पिकअप वाहनों के माध्यम से समरपुरा गौशाला कमेटी को आधिकारिक रूप से हैंडओवर किया गया।
- टिन शेड (3-shed) की मांग के संबंध में यह स्पष्ट किया गया कि गौशाला कमेटी से 40 से 50 व्यक्तियों को पुनः सतलोक आश्रम आकर आवेदन करना होगा, जिसके पश्चात आगे की सर्वे प्रक्रिया पूरी कर टिन शेड का निर्माण कराया जाएगा।
अन्य सामाजिक कल्याण एवं परोपकारी योजनाएं
संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में चलाए जा रहे सेवा अभियानों के अंतर्गत केवल गौशालाओं को ही नहीं, बल्कि समाज के अन्य असहाय और कमजोर वर्गों को भी व्यापक स्तर पर सहायता प्रदान की जा रही है:
- जिन बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है (अनाथ बच्चे) या जिनके माता-पिता जीवित होने के बावजूद उनकी शिक्षा और पालन-पोषण में असमर्थ हैं, उन्हें सहायता दी जाती है।
- गंभीर बीमारियों से ग्रस्त आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के इलाज और चिकित्सा का पूरा खर्च उठाया जाता है।
- आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई जारी रखने में असमर्थ विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहायता प्रदान की जाती है।
- जिन परिवारों के पास सिर छिपाने के लिए छत नहीं है, ऐसे लाखों बेघर परिवारों को आवास निर्माण हेतु सहायता दी जाती है।
राहत सामग्री का विवरण
| विवरण श्रेणी | विवरण एवं मात्रा | स्थान एवं संस्था |
| राहत सामग्री (चारा) | 255 क्विंटल सूखा चारा (5 पिकअप वाहन) | श्री हरि मुनिराम गौ सेवा संस्थान |
| भौगोलिक स्थिति | समरपुरा, राजगढ़, चूरू, राजस्थान | समरपुरा गौशाला परिसर |
समरपुरा गौशाला में चारे के संकट का समाधान और राहत वितरण का प्रभाव
संत रामपाल जी महाराज के गौ सुरक्षा अभियान के तहत समरपुरा गांव की गौशाला में 255 क्विंटल सूखा चारा समय पर उपलब्ध हो जाने से गौवंश की भूख और जीवन का संकट टल गया है। गौशाला समिति के सदस्यों, स्थानीय ग्रामीणों, बालकों और बुजुर्गों ने इस त्वरित सहायता पर संतोष व्यक्त किया है तथा संत रामपाल जी महाराज के प्रति आभार प्रकट किया है। इस प्रकार यह अभियान राजस्थान के विभिन्न जिलों में गौशालाओं के समक्ष उत्पन्न चारे और संसाधनों की कमी को दूर करने में प्रभावी सिद्ध हो रहा है।



