राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील के अंतर्गत आने वाले परलीका गांव में स्थित श्री कृष्ण गौशाला में संत रामपाल जी महाराज के गौ सुरक्षा अभियान के तहत 1200 क्विंटल सूखा चारा (तूड़ी) वितरित किया गया। इस राहत सामग्री का काफिला हरियाणा से पंजाब होते हुए राजस्थान के परलीका गांव पहुंचा। श्री कृष्ण गौशाला में वर्तमान में लगभग 1000 से 1500 गौवंश आश्रित हैं, जिनकी देखरेख और चारे की व्यवस्था के लिए गौशाला कमेटी ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था।
गौशाला कमेटी की मांग पर संत रामपाल जी महाराज ने तत्काल प्रभाव से 1200 क्विंटल सूखा चारा स्वीकृत किया, जो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से गौशाला परिसर में पहुंचाया गया। इसके अतिरिक्त, गौशाला के लिए 100 गुणा 60 फीट (100/60) के शेड का निर्माण भी संत रामपाल जी महाराज द्वारा स्वीकृत किया गया है, जिसका निर्माण प्रक्रियाधीन है। राहत सामग्री लेकर पहुंचे काफिले और संत रामपाल जी महाराज के स्वरूप का स्वागत गांव के सरपंच, गणमान्य नागरिकों, युवाओं, माताओं और बहनों द्वारा ढोल-नगाड़ों और फूलों की वर्षा के साथ किया गया।
गौ सुरक्षा अभियान एवं अन्य जनहितैषी परियोजनाएं
संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित गौ सुरक्षा अभियान के अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों की गौशालाओं को निरंतर सहायता पहुंचाई जा रही है। इससे पूर्व हरियाणा के झज्जर, बेरी, डीघल, सासाना, पटवाली, मोखरा तथा अन्य प्रमुख क्षेत्रों की बड़ी गौशालाओं में भी संत रामपाल जी महाराज द्वारा चारे और राहत सामग्री की व्यवस्था कराई जा चुकी है।
गौ सुरक्षा के साथ-साथ संत रामपाल जी महाराज द्वारा समाज कल्याण की अन्य योजनाएं भी क्रियान्वित की जा रही हैं:
- अन्नपूर्णा योजना: गरीबों और जरूरतमंदों को नियमित रूप से राशन और खाद्य सामग्री का वितरण।
- पेयजल एवं जल निकासी परियोजनाएं: पड़ोसी गांवों जैसे मेता/सेंद्र क्षेत्र में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए संत रामपाल जी महाराज द्वारा 7 वाटर पंप और 6 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन मंजूर की गई।
- आवास एवं शिक्षा सहायता: बेसहारा और गरीब परिवारों के लिए मकान निर्माण, बच्चों की उच्च शिक्षा और चिकित्सा उपचार की निःशुल्क व्यवस्था।
- कृषि सहयोग: किसान भाइयों को कृषि कार्यों के लिए उन्नत बीज, खाद और दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराना।
- सामाजिक सुधार अभियान: समाज को नशा मुक्त और दहेज मुक्त बनाने के लिए संत रामपाल जी महाराज द्वारा विशेष प्रेरणा दी जा रही है, जिससे करोड़ों अनुयायी जुड़े हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
परलीका गांव में आयोजित इस राहत वितरण कार्यक्रम के दौरान स्थानीय ग्रामीणों, बुजुर्गों और जनप्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज के कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं और ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार इतनी व्यवस्थित और त्वरित सहायता प्रणाली देखी है, जहां एक बार प्रार्थना करने पर बिना किसी विलंब या परिवहन शुल्क के पूरी सामग्री सीधे गौशाला तक पहुंचाई गई।
ग्रामीणों ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज के विचार और उपदेश प्रतिदिन शाम 7:30 बजे से 8:30 बजे तक साधना चैनल पर प्रसारित होते हैं। सतलोक आश्रम धनाना धाम, सोनीपत, हरियाणा (जहां कुल 15 आश्रम संचालित हैं) के माध्यम से संत रामपाल जी महाराज द्वारा समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए कार्य किए जा रहे हैं। संत रामपाल जी महाराज का जन्म 7 सितंबर 1951 को हुआ था। ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज के इन सेवा कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव आ रहा है और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित हो रहा है।
वितरित राहत सामग्री और विकास कार्य (सारणी / तालिका)
| सहायता का प्रकार | विवरण / मात्रा | स्थान / लाभार्थी |
| सूखा चारा (तूड़ी) | 1200 क्विंटल | श्री कृष्ण गौशाला, परलीका, नोहर, हनुमानगढ़, राजस्थान |
| शेड निर्माण | 100/60 फीट (स्वीकृत) | श्री कृष्ण गौशाला, परलीका, नोहर, हनुमानगढ़, राजस्थान |
| जल निकासी सहायता | 7 मोटर तथा 6 किमी पाइपलाइन | सेंद्र/मेता क्षेत्र (पड़ोसी ग्रामीण क्षेत्र) |
| अन्य समाज कल्याण कार्य | राशन, मकान निर्माण, चिकित्सा, शिक्षा, कृषि बीज | राष्ट्रव्यापी एवं विभिन्न आश्रम क्षेत्र (जैसे सतलोक आश्रम धनाना धाम) |
श्री कृष्ण गौशाला परलीका में सहायता सामग्री वितरण का विवरण एवं प्रभाव
संत रामपाल जी महाराज द्वारा परलीका गांव की श्री कृष्ण गौशाला में 1200 क्विंटल सूखा चारा पहुंचाने और 100/60 फीट शेड मंजूर किए जाने से गौवंश की देखरेख में आ रही आर्थिक कठिनाइयां दूर हो गई हैं। गौशाला समिति और ग्रामवासियों ने इस सहायता को ऐतिहासिक और अकल्पनीय बताया है। संत रामपाल जी महाराज के निर्देशन में संचालित इन लोक कल्याणकारी अभियानों से न केवल गौवंश का संरक्षण सुनिश्चित हो रहा है, बल्कि समाज के सबसे निचले तबके के जरूरतमंद लोगों, गरीबों, बेसहाराओं, विद्यार्थियों और किसानों को भी प्रत्यक्ष सहायता मिल रही है। इस प्रकार, संत रामपाल जी महाराज के सेवा कार्य देश भर में सामाजिक समरसता और कल्याण का एक सशक्त माध्यम बन चुके हैं।



