राजस्थान के चूरू जिले की भानपुर और पानीपुरा तहसील के अंतर्गत आने वाले नाहरसरा गांव में स्थित कामधेनु गौशाला में संत रामपाल जी महाराज के गौ सुरक्षा अभियान के तहत 200 क्विंटल सूखा चारा (तूड़ी) वितरित किया गया। क्षेत्र में अकाल जैसी कठिन परिस्थितियों के कारण गौवंश के चारे की गंभीर कमी उत्पन्न हो गई थी, जिसके निवारण के लिए गांव के 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के सोनीपत जिले में स्थित सतलोक आश्रम धनाना धाम जाकर संत रामपाल जी महाराज के चरणों में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा गौशाला के लिए 225 क्विंटल सूखे चारे तथा 60 गुणा 100 फीट (तथा 150 गुणा 50 फीट) के शेड (टीन शेड) की मांग रखी गई थी। संत रामपाल जी महाराज ने तत्काल प्रभाव से सर्वे टीम को गौशाला का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। सर्वे टीम द्वारा स्थिति का आकलन करने के बाद, संत रामपाल जी महाराज ने तुरंत 200 क्विंटल सूखा चारा स्वीकृत किया।
यह राहत सामग्री पिकअप गाड़ियों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से नाहरसरा गांव की कामधेनु गौशाला तक पहुंचाई गई। गांव पहुंचने पर संत रामपाल जी महाराज के इस राहत काफिले का स्वागत हाइड्रा मशीनों से फूलों की वर्षा करके तथा विशाल ट्रैक्टर रैलियों के माध्यम से किया गया।
प्रतिनिधिमंडल की सहभागिता और स्वागत समारोह
नाहरसरा गांव के प्रतिनिधिमंडल में शामिल श्याम सुंदर, रामनिवास और अन्य ग्रामीण सदस्यों ने सतलोक आश्रम धनाना धाम की व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। ग्रामीणों ने बताया कि आश्रम में आने-जाने के लिए हरियाणा और अन्य क्षेत्रों से किसी प्रकार का किराया नहीं लिया जाता है तथा संपूर्ण परिवहन व्यवस्था निःशुल्क है। गांव के 22 सदस्यों ने जब संत रामपाल जी महाराज के समक्ष अपनी मांग रखी, तो संत रामपाल जी महाराज ने बिना किसी विलंब के उनकी बात स्वीकार कर ली।
गांव में आयोजित स्वागत समारोह के दौरान स्थानीय निवासियों ने बताया कि राहत सामग्री वितरण के इस कार्यक्रम में निम्नलिखित मुख्य तथ्य और गतिविधियां शामिल रहीं:
- राहत सामग्री वितरण: कामधेनु गौशाला नाहरसरा के लिए 200 क्विंटल सूखा चारा (तूड़ी) की खेप पिकअप और ट्रैक्टरों द्वारा तुरंत पहुंचाई गई।
- शेड निर्माण प्रक्रिया: गौशाला के लिए 60×100 फीट / 150×50 फीट के शेड निर्माण की स्वीकृति के लिए 30 से 40 जिम्मेदार ग्रामीणों को पुनः सतलोक आश्रम धनाना धाम जाने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए।
- ग्रामीणों की सहभागिता: गांव के 22 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल धनाना धाम गया था, और संपूर्ण गांव ने इस सेवा कार्य में सक्रिय रूप से भाग लिया।
- स्वागत आयोजन: गांव के बाहर सैकड़ों ग्रामीणों ने एकत्र होकर हाइड्रा मशीनों और ट्रैक्टरों के काफिले के साथ संत रामपाल जी महाराज के स्वरूप का स्वागत किया तथा पारंपरिक स्वागत गीत और जयकारे लगाए।
संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित राष्ट्रव्यापी जनहितैषी सेवाएं
संत रामपाल जी महाराज द्वारा देश भर में विभिन्न लोक कल्याणकारी और समाज सुधारक अभियान संचालित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं और ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की जाने वाली अन्य निःशुल्क सेवाओं का विस्तृत विवरण साझा किया:
- चिकित्सा सुविधाएं: आश्रमों में संचालित चिकित्सा केंद्रों में सभी प्रकार की बीमारियों की दवाइयां, परामर्श और परीक्षण निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं, जिसके लिए कोई पर्ची या दवा शुल्क नहीं लिया जाता है।
- भोजन और आवास: सतलोक आश्रमों में लाखों आगंतुकों के लिए आवास, मचान, बिस्तर और भोजन की निःशुल्क तथा उच्च स्तरीय व्यवस्था निरंतर संचालित होती है।
- विवाह एवं पारिवारिक सहायता: गरीब परिवारों में विवाह योग्य बेटियों के लिए आर्थिक सहायता और दहेज-मुक्त विवाह की व्यवस्था।
- आवास निर्माण: बेसहारा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए मकान निर्माण कार्य।
- कृषि एवं बाढ़ राहत: किसानों को उन्नत बीज, खाद और दवाइयां निःशुल्क प्रदान करना तथा बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में जलभराव की निकासी के लिए निःशुल्क पाइप और मोटर उपलब्ध कराना।
- नशा मुक्ति एवं दहेज मुक्ति: समाज को कुरीतियों, नशेडिय़ों और दहेज प्रथा से मुक्त कराने के लिए संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में करोड़ों अनुयायी प्रेरित हो रहे हैं।
राहत सामग्री वितरण और शेड प्रस्ताव का सारा विवरण
| सहायता श्रेणी | विवरण एवं मात्रा | स्थान / लाभार्थी |
| सूखा चारा (तूड़ी) | 200 क्विंटल (त्वरित स्वीकृत एवं वितरित) | कामधेनु गौशाला, नाहरसरा, भानपुर/पानीपुरा, चूरू, राजस्थान |
| शेड निर्माण | 60×100 फीट / 150×50 फीट (प्रक्रियाधीन) | कामधेनु गौशाला, नाहरसरा, भानपुर/पानीपुरा, चूरू, राजस्थान |
| प्रतिनिधिमंडल | 22 सदस्यीय ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल | सतलोक आश्रम धनाना धाम, सोनीपत, हरियाणा |
| परिवहन एवं चिकित्सा | निःशुल्क बस/वाहन सेवा, निःशुल्क दवाइयां | राष्ट्रव्यापी आश्रम क्षेत्र एवं मार्ग |
| सामाजिक सुधार योजनाएं | दहेज-मुक्त विवाह, आवास, शिक्षा, बाढ़ राहत | राष्ट्रव्यापी संचालित अभियान |
कामधेनु गौशाला नाहरसरा में सहायता का प्रत्यक्ष प्रभाव
संत रामपाल जी महाराज द्वारा राजस्थान के चूरू जिले के नाहरसरा गांव की कामधेनु गौशाला में 200 क्विंटल सूखा चारा समय पर उपलब्ध कराने से भीषण अकाल और चारे के संकट से जूझ रहे गौवंश को जीवनदान मिला है। गौशाला कमेटी के अध्यक्ष, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि संत रामपाल जी महाराज के इस त्वरित और पारदर्शी सहायता तंत्र से समाज के पीड़ित और जरूरतमंद वर्गों को वास्तविक राहत प्राप्त हो रही है। संत रामपाल जी महाराज के इन अभियानों से देश भर में गौ सेवा, सामाजिक समरसता और मानवीय कल्याण के नए मानक स्थापित हो रहे हैं।



