राजस्थान के चूरू जिले की चूरू तहसील के लालासर गांव स्थित भगत हंसराम जी गौशाला में गौसेवा के लिए बड़ी मदद पहुंची है। क्षेत्र में सूखे और चारे की कमी के कारण गौशाला में गायों के भरण-पोषण की परेशानी बढ़ गई थी। ऐसे में गांव के लोग अपनी गौशाला की जरूरतें लेकर भारत के सबसे बड़े दानवीर संत रामपाल जी महाराज के पास पहुंचे। गौ रक्षा अभियान के तहत गौशाला को 300 क्विंटल सूखा चारा उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही गायों के लिए 100×50 फीट का शेड और चारा रखने के लिए 70×30 फीट का गोदाम भी मंजूर किया गया।
गौशाला समिति के अनुसार, वहां 252 गायें हैं और चारे की कमी के कारण उनके भोजन की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा था। चारा मिलने से गौशाला को राहत मिली है। दोनों शेड भी मंजूर किए गए हैं, जिनका निर्माण निर्धारित क्रम आने पर कराया जाएगा। गांव के लोगों ने फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया और संत रामपाल जी महाराज का आभार व्यक्त किया।
सूखे के कारण गौशाला में बढ़ी चारे की परेशानी
लालासर गांव की भगत हंसराम जी गौशाला में 252 गायों की देखभाल की जा रही है। गौशाला समिति के सदस्यों ने बताया कि क्षेत्र में बारिश की कमी और सूखे जैसे हालात के कारण चारे की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया था। गांव में फसलें भी बारिश की कमी से प्रभावित थीं। ऐसे में गौशाला के लिए चारा जुटाना और गायों का भरण-पोषण करना बड़ी चुनौती बन गया था।
समिति के एक प्रतिनिधि ने बताया कि पहले गौशाला में लोगों से चंदा इकट्ठा करके चारे की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन सूखे की स्थिति के कारण चंदा जुटाना भी कठिन हो गया था। इसके बाद गांव के लोगों ने एक साथ जाकर संत रामपाल जी महाराज के सामने गौशाला की जरूरतें रखने का फैसला किया।
संत रामपाल जी महाराज के सामने रखीं तीन मांगें
गौशाला समिति और गांव के लोग अपनी जरूरतें लेकर संत रामपाल जी महाराज के पास पहुंचे। समिति ने मुख्य रूप से तीन मांगें रखीं। पहली मांग 300 क्विंटल सूखे चारे की थी, ताकि गायों के लिए भोजन की व्यवस्था हो सके। दूसरी मांग 100×50 फीट के शेड की थी, जिससे गायों को धूप से बचाने के लिए जगह मिल सके। तीसरी मांग 70×30 फीट के गोदाम की थी, जहां चारा रखा जा सके।
समिति के सदस्यों के अनुसार, संत रामपाल जी महाराज ने गौशाला की तीनों मांगों को मंजूरी दी। इसके बाद 300 क्विंटल सूखा चारा लालासर की भगत हंसराम जी गौशाला पहुंचा दिया गया। दोनों निर्माण कार्य निर्धारित क्रम आने पर कराए जाएंगे।
300 क्विंटल सूखा चारा गौशाला को सौंपा गया
संत रामपाल जी महाराज के गौ रक्षा अभियान के तहत भगत हंसराम जी गौशाला को 300 क्विंटल सूखा चारा उपलब्ध कराया गया। सेवा प्रतिनिधि ने बताया कि चारा गौशाला समिति को सौंप दिया गया है।
गौशाला समिति के सदस्यों ने भी चारा मिलने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि 252 गायों के भोजन की व्यवस्था करने में परेशानी हो रही थी और इसी जरूरत को देखते हुए 300 क्विंटल चारे की मांग रखी गई थी। चारा मिलने से गायों के दैनिक भरण-पोषण में मदद मिलेगी। समिति के सदस्यों ने संत रामपाल जी महाराज का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आगे भी सहायता के लिए प्रार्थना करेंगे।
गायों के लिए 100×50 फीट का शेड और चारे के लिए 70×30 फीट का गोदाम मंजूर
गौशाला समिति ने चारे के साथ दो निर्माण कार्यों की मांग भी रखी थी। पहला 100×50 फीट का शेड है, जिसे गायों को धूप से बचाने के लिए बनवाया जाएगा। दूसरा 70×30 फीट का गोदाम है, जहां चारा रखा जा सकेगा।
भारत के सबसे बड़े दानवीर संत रामपाल जी महाराज ने गौशाला की दोनों मांगों को मंजूरी दी। कार्यक्रम में सेवा प्रतिनिधि ने बताया कि कई दूसरी गौशालाओं में पहले से शेड बनाने का काम चल रहा है। इसलिए लालासर गौशाला का क्रम आने पर दोनों निर्माण कार्य पूरे कराए जाएंगे।
शेड और गोदाम बनने से गौशाला में गायों के लिए अतिरिक्त जगह और चारा रखने की अलग व्यवस्था हो सकेगी। इससे समिति को आगे की व्यवस्थाएं संभालने में मदद मिलने की उम्मीद है।
फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत
गौ रक्षा अभियान के तहत चारा पहुंचने पर लालासर गांव में उत्साह का माहौल दिखाई दिया। गांव के लोगों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया और पुष्पवर्षा करके अपनी खुशी जताई। कार्यक्रम में बच्चे, महिलाएं और गांव के अन्य लोग भी शामिल हुए।
ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज के प्रति सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान गांव के एक व्यक्ति ने कहा, “संत रामपाल जी महाराज हमारे गांव के लिए तो भगवान हैं।” ग्रामीणों ने गौशाला की जरूरतों को पूरा करने के लिए मिली सहायता पर आभार जताया।
गांव के लोगों ने बताया कि गौशाला में चारे की कमी के कारण परेशानी बढ़ रही थी। अब 300 क्विंटल सूखा चारा मिलने से राहत मिली है। दोनों शेड मंजूर होने से आगे की व्यवस्थाओं को लेकर भी उम्मीद बनी है।
गौशाला समिति ने जताया आभार
भगत हंसराम जी गौशाला के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनकी मांग के अनुसार 300 क्विंटल सूखा चारा उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही गायों के लिए शेड और चारा रखने के लिए गोदाम भी मंजूर किए गए हैं।
समिति के सदस्यों ने कहा कि सूखे की स्थिति में गौशाला के लिए चारे का इंतजाम करना आसान नहीं था। ऐसे समय में सहायता मिलने से गायों के भोजन की व्यवस्था करने में सहयोग मिला है। उन्होंने संत रामपाल जी महाराज का धन्यवाद किया।
समिति ने यह भी बताया कि दोनों शेड का निर्माण अभी बाकी है। निर्धारित क्रम आने पर उन्हें बनवाया जाएगा। इससे गौशाला की मांगों के अनुसार आगे की व्यवस्था पूरी हो सकेगी।
गौसेवा के साथ किसानों और जरूरतमंदों की मदद
कार्यक्रम में संत रामपाल जी महाराज की ओर से गौशालाओं के अलावा किसानों और जरूरतमंद परिवारों के लिए किए जा रहे सेवा कार्यों का भी उल्लेख किया गया। इनमें अन्नपूर्णा मुहिम, नशामुक्ति अभियान और किसानों की सहायता जैसे विषय शामिल रहे।
किसानों की मदद के संदर्भ में खाद, बीज और कीटनाशक जैसी कृषि संबंधी जरूरतों के लिए सहयोग का जिक्र किया गया। वक्ताओं ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी निकालने के लिए पाइप, मोटर और जनरेटर उपलब्ध कराने की बात भी कही।
लालासर गांव की भगत हंसराम जी गौशाला में मुख्य रूप से 300 क्विंटल सूखा चारा उपलब्ध कराने और दोनों शेड मंजूर करने से जुड़ी सहायता सामने रही। इससे गौशाला की तत्काल जरूरतों को पूरा करने के साथ भविष्य की व्यवस्था बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी।
गौमाता की सेवा के लिए मिली बड़ी राहत
लालासर गांव की भगत हंसराम जी गौशाला को 300 क्विंटल सूखा चारा मिलने से 252 गायों के भरण-पोषण की व्यवस्था को सहारा मिला है। वहीं, 100×50 फीट का शेड और 70×30 फीट का गोदाम मंजूर होने से गायों के आश्रय और चारा रखने की व्यवस्था बेहतर बनाने की उम्मीद है।
गौशाला समिति और गांव के लोगों ने संत रामपाल जी महाराज का आभार व्यक्त किया। चारा गौशाला को सौंपा जा चुका है और दोनों निर्माण कार्य निर्धारित क्रम आने पर कराए जाएंगे। इससे गौशाला को मौजूदा जरूरतों में राहत मिली है और आगे की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का रास्ता भी खुला है।



