राजस्थान के चूरू जिले की खीवासर ग्राम पंचायत स्थित श्री गोपाल गौशाला में गायों के लिए चारे की व्यवस्था करना चुनौती बन गया था। सूखे जैसी परिस्थिति के कारण चारे की कमी बढ़ रही थी। ऐसे समय में गौशाला की जरूरतों को पूरा करने के लिए संत रामपाल जी महाराज के गौ सुरक्षा अभियान के तहत सहायता पहुंची। गौशाला को 300 क्विंटल सूखा चारा दिया गया और गायों को धूप से बचाने के लिए 80×80 फीट के टीन शेड को भी मंजूरी दी गई।
चारे से भरे वाहन जब खीवासर पहुंचे, तो ग्रामीणों ने उत्साह के साथ उनका स्वागत किया। गांव में मंगलाचरण हुआ, डीजे के साथ लोग एकत्र हुए और संत रामपाल जी महाराज के प्रति आभार व्यक्त किया। गौशाला समिति के लिए यह सहायता ऐसे समय में पहुंची, जब चारे की कमी उनकी सबसे बड़ी चिंताओं में शामिल थी।
खीवासर की श्री गोपाल गौशाला में चारे की कमी बनी बड़ी परेशानी
खवासर ग्राम पंचायत की श्री गोपाल गौशाला में लगभग 200 से 250 गायें होने की बात स्थानीय बातचीत में सामने आई। गौशाला से जुड़े लोगों ने बताया कि सूखे की स्थिति के कारण चारे की उपलब्धता कम हो गई थी। गायों के लिए नियमित चारे की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा था।
गौशाला समिति और ग्राम पंचायत ने इस समस्या के समाधान के लिए संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रार्थना पत्र रखा। इसमें गायों के लिए 300 क्विंटल सूखे चारे के साथ एक 80×80 फीट के टीन शेड की मांग की गई। समिति की चिंता थी कि चारे की कमी के बीच गायों की देखभाल कैसे जारी रखी जाए और उन्हें तेज धूप से बचाने की व्यवस्था कैसे हो।
संत रामपाल जी महाराज के समक्ष रखी गई मांग, सर्वे के बाद मिली मंजूरी
गौशाला से जुड़ी टीम के अनुसार, खीवासर ग्राम पंचायत और श्री गोपाल गौशाला समिति के प्रतिनिधि अपनी मांग लेकर संत रामपाल जी महाराज के चरणों में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि राजस्थान में सूखे जैसी परिस्थिति के कारण गौशाला में चारे की कमी हो रही है।
प्रार्थना मिलने के बाद संत रामपाल जी महाराज ने सर्वे टीम को गौशाला का निरीक्षण करने का आदेश दिया। टीम गांव पहुंची और गौशाला की स्थिति का जायजा लिया। सर्वे के बाद समिति की मांगों को उचित बताया गया और सहायता के लिए आदेश मिला।
इसके बाद गौ सुरक्षा अभियान के तहत गौशाला के लिए 300 क्विंटल सूखा चारा भेजा गया। साथ ही 80×80 फीट के टीन शेड को भी स्वीकृति दी गई।
गौशाला समिति को सौंपा गया 300 क्विंटल सूखा चारा
निर्धारित सहायता के अनुसार, चारे से भरे वाहन खीवासर पहुंचे और 300 क्विंटल सूखा चारा श्री गोपाल गौशाला समिति को सौंप दिया गया। इस सहायता से गौशाला में चारे की तत्काल जरूरत को पूरा करने में मदद मिलेगी।
गौशाला समिति से जुड़े लोगों ने इस सहयोग के लिए संत रामपाल जी महाराज का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि चारे की कमी के कारण परेशानी बनी हुई थी और ऐसे समय में इतनी बड़ी मात्रा में सूखा चारा मिलना उनके लिए राहत की बात है। स्थानीय लोगों ने भी इस सहायता को सराहनीय बताया। उनके अनुसार, गायों के लिए चारे की व्यवस्था करना गौशाला की सबसे बड़ी जरूरतों में शामिल था।
80×80 फीट के टीन शेड को मंजूरी, निर्माण के लिए करना होगा इंतजार
चारे के साथ गौशाला की दूसरी प्रमुख मांग टीन शेड की थी। समिति ने गायों को धूप से बचाने के लिए 80×80 फीट के शेड की मांग रखी थी। संत रामपाल जी महाराज की ओर से इस मांग को भी मंजूरी दी गई है।
गौ सुरक्षा अभियान की टीम ने स्पष्ट किया कि फिलहाल अन्य गौशालाओं में टीन शेड का निर्माण कार्य चल रहा है। खीवासर गौशाला की बारी आने पर स्वीकृत शेड का निर्माण भी कराया जाएगा। यानी चारा तत्काल पहुंचा दिया गया है, जबकि टीन शेड का काम निर्धारित क्रम के अनुसार पूरा किया जाएगा। इस तरह गौशाला को तत्काल चारे की सहायता के साथ भविष्य में छाया की व्यवस्था के लिए भी स्वीकृति मिली है।
चारे से भरे वाहन पहुंचे तो ग्रामीणों ने किया स्वागत
जब सूखा चारा लेकर वाहन खीवासर पहुंचे, तो गांव में स्वागत की तैयारियां दिखाई दीं। ग्रामीणों ने मंगलाचरण किया और डीजे के साथ काफिले का स्वागत किया। गांव से गुजरते हुए काफिले के दौरान संत रामपाल जी महाराज के जयकारे लगाए गए।
ग्रामीणों ने बताया कि गौशाला में चारे की कमी के कारण चिंता बनी हुई थी। सहायता मिलने के बाद उन्होंने खुशी जाहिर की और इसे गायों की सेवा के लिए महत्वपूर्ण सहयोग बताया।
एक स्थानीय व्यक्ति ने संत रामपाल जी महाराज के प्रति अपनी भावना व्यक्त करते हुए कहा कि वे उन्हें भगवान की तरह मानते हैं। गौशाला से जुड़े लोगों ने भी दिल से धन्यवाद दिया और कहा कि गायों के लिए चारा मिलने से उन्हें राहत मिली है।
गौशाला समिति ने जताया आभार
गौशाला समिति से जुड़े एक प्रतिनिधि ने बताया कि सूखे की वजह से चारे की कमी थी और इसी समस्या को लेकर प्रार्थना की गई थी। उन्होंने संत रामपाल जी महाराज की ओर से सहायता मिलने पर खुशी जताई। समिति के अनुसार, 300 क्विंटल चारा गौशाला को सौंप दिया गया है और टीन शेड की मंजूरी भी मिल गई है।
प्रतिनिधियों ने इस सेवा के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि गायों की देखभाल में चारे की व्यवस्था सबसे जरूरी जरूरतों में से एक है। ऐसे समय में मिली सहायता गौशाला के लिए उपयोगी साबित होगी।
गौ सुरक्षा अभियान के तहत सेवा कार्य जारी
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि गौ सुरक्षा अभियान के तहत अलग-अलग गौशालाओं की जरूरतों के अनुसार सहायता दी जा रही है। अभियान की टीम ने यह भी कहा कि गौशालाओं की मांगों का सर्वे किया जाता है और सहायता उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाई जाती है।
कार्यक्रम में अन्नपूर्णा मुहिम, नशामुक्ति और किसानों की सहायता जैसे अन्य सेवा कार्यों का भी उल्लेख किया गया। वक्ताओं ने कहा कि गौशालाओं की जरूरतों के अनुरूप चारा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रहेगा।
खीवासर की श्री गोपाल गौशाला में 300 क्विंटल सूखा चारा पहुंचना तत्काल जरूरत को पूरा करने की दिशा में अहम कदम है। वहीं, 80×80 फीट के टीन शेड की मंजूरी से गौशाला को आगे चलकर गायों को धूप से बचाने की सुविधा मिलने की उम्मीद है। गौशाला समिति और ग्रामीणों ने इस सहायता के लिए संत रामपाल जी महाराज के प्रति आभार व्यक्त किया।



