पंजाब राज्य के जिला रोपड़ के अंतर्गत आने वाले ब्लॉक नूरपुर बेदी के रोडवाना कलवा (कलमा) गाँव में श्री कृष्ण गौशाला का संचालन किया जा रहा है। यह गौशाला पिछले 16 वर्षों से स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बनाई और प्रबंधित की जा रही है। गौशाला की इमारत और ढांचा तो सुदृढ़ था, परंतु मवेशियों के बैठने के स्थान और सूखे चारे (तूड़ी) की भारी कमी बनी हुई थी।
ग्रामवासियों और प्रबंध समिति के सदस्यों के व्यस्त घरेलू जीवन तथा समय के अभाव के कारण नियमित रूप से चारे की व्यवस्था करने में कठिनाई आ रही थी, जिसके चलते गौवंश के समक्ष चारे का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया था।
अन्नपूर्णा मुहिम के तहत दूसरी बार 100 क्विंटल चारे की खेप का पहुँचना
चारे की इस विकट समस्या से उबरने के लिए गौशाला के कैशियर वासुदेव, समिति सदस्य सोम सिंह संधू और रोडवाना के सरपंच चंद लाल सहित अन्य प्रतिनिधि हरियाणा के सोनीपत स्थित धनाना धाम पहुँचे। प्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष 70 क्विंटल चारे की माँग रखी। इस प्रार्थना को स्वीकार करते हुए संत रामपाल जी महाराज ने 70 क्विंटल के स्थान पर प्रतिमाह 100 क्विंटल सूखा चारा देने का आदेश प्रदान किया।
- अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत मुनिंदर धर्मा ट्रस्ट कुरुक्षेत्र के माध्यम से इससे पहले भी इस गौशाला में 100 क्विंटल चारा पहुँचाया जा चुका है।
- चारे की आवश्यकता समाप्त होने से पहले ही संत रामपाल जी महाराज के निर्देशानुसार दूसरी बार पुनः 100 क्विंटल सूखे चारे की बड़ी खेप बड़ी ट्रॉली के माध्यम से गौशाला तक पहुँचा दी गई है।
- यह पूरी सेवा पूरी तरह निशुल्क है, जिसमें किसी भी प्रकार का परिवहन किराया गौशाला समिति से नहीं लिया गया है।
- संत रामपाल जी महाराज की इस निरंतर सेवा के कारण गौशाला की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और बचा हुआ धन अन्य बुनियादी समस्याओं के समाधान में लगाया जा रहा है।
गौशाला प्रबंधन एवं प्रतिनिधियों की प्रतिक्रियाएँ
- गौशाला के कैशियर वासुदेव ने बताया कि पहले वे लोग गाँव-गाँव जाकर चंदा इकट्ठा करते थे और चारे की व्यवस्था करते थे, परंतु संत रामपाल जी महाराज द्वारा स्थायी रूप से चारा मिलने से उनकी वित्तीय कठिनाइयाँ दूर हो गई हैं।
- रोडवाना के सरपंच चंद लाल ने कहा कि उन्होंने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष चारे की भारी कमी की बात रखी थी और संत रामपाल जी महाराज ने इसे तुरंत स्वीकार कर हर महीने 100 क्विंटल चारा देने की व्यवस्था की।
- सेवादार देवेंद्र दास ने स्पष्ट किया कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाई जाने वाली किसी भी सेवा की कोई समयसीमा नहीं होती है, और यह सहायता तब तक निरंतर जारी रहेगी जब तक प्रबंध समिति स्वयं यह न कह दे कि अब चारे की आवश्यकता नहीं है।
संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित व्यापक सामाजिक एवं जनहित कल्याणकारी कार्य
- संत रामपाल जी महाराज द्वारा पूरे देश और विदेशों में अन्नपूर्णा मुहिम चलाई जा रही है, जिसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में सेवा कार्य किए जा रहे हैं।
- हिसार में आर्थिक तंगी और भुखमरी के कारण एक परिवार द्वारा उठाए गए चरम कदम की घटना के बाद संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम की शुरुआत की थी, जिसके अंतर्गत जरूरतमंद परिवारों को प्रति माह राशन के पैकेट दिए जाते हैं।
- जिन क्षेत्रों में पीने के योग्य पानी का अभाव है, वहाँ लंबी पाइपलाइन बिछाकर, टंकियाँ बनवाकर और मोटरें लगाकर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जैसा कि असम और अन्य राज्यों में किया गया है।
- नेपाल में आई बाढ़ की आपदा के दौरान संत रामपाल जी महाराज की सेवादार टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं और वहाँ के नागरिकों को भोजन, वस्त्र तथा अन्य आवश्यक राहत सामग्री निशुल्क प्रदान की गई।
- इसके अतिरिक्त गरीब परिवारों के बच्चों की छूटी हुई शिक्षा को पूरा कराना, बीमार व्यक्तियों का निशुल्क इलाज करवाना, दहेज मुक्त विवाह का आयोजन करना, तथा रक्तदान और देहदान जैसे मानवीय कार्य संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में संचालित हो रहे हैं।
कलमा गाँव गौशाला चारा वितरण विवरण तालिका
| विवरण बिन्दु | तथ्य एवं आँकड़े |
| स्थान एवं जिला | रोडवाना कलवा (कलमा) गाँव, ब्लॉक नूरपुर बेदी, रोपड़, पंजाब |
| गौशाला का नाम | श्री कृष्ण गौशाला (संचालित विगत 16 वर्षों से) |
| मूल माँग | 70 क्विंटल सूखा चारा (तूड़ी) |
| स्वीकृत सहायता | 100 क्विंटल सूखा चारा प्रतिमाह निरंतर |
| वर्तमान प्रेषण | दूसरी बार 100 क्विंटल चारे की खेप की प्राप्ति |
| परिवहन शुल्क | पूर्णतः निशुल्क |
कलमा गाँव की गौशाला में चारे की निरंतरता का सुप्रभाव
संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की जा रही इस 100 क्विंटल प्रति माह सूखे चारे की नियमित सहायता से कलमा गाँव की श्री कृष्ण गौशाला में गौवंश के भरण-पोषण की समस्या का स्थायी समाधान हो गया है। कलयुग के इस कठिन दौर में जहाँ
सामान्यतः सहायता के नाम पर औपचारिकताएँ पूरी की जाती हैं, वहीं संत रामपाल जी महाराज द्वारा बिना किसी स्वार्थ और बिना किसी शुल्क के निरंतर रूप से राहत सामग्री पहुँचाना एक अद्वितीय और अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।



