संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित राष्ट्रव्यापी गौ सुरक्षा अभियान के तहत राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील के अंतर्गत आने वाले जोखासर गांव में स्थित श्री राधे कृष्ण गौशाला समिति (श्री कृष्ण प्रणामी गौशाला) को राहत सामग्री पहुंचाई गई है। इस अभियान के तहत गौशाला को 300 क्विंटल सूखा चारा प्रदान किया गया है। गौशाला संचालन समिति और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, सूखे और अकाल की स्थिति के कारण गौशाला संचालन में गंभीर आर्थिक और संसाधन संबंधी संकट उत्पन्न हो गया था, जिसे संत रामपाल जी महाराज द्वारा भेजी गई इस सहायता सामग्री से दूर किया गया है।
गौशाला को प्रदान किए गए प्रमुख संसाधन एवं सहायता सामग्री
कार्यक्रम के दौरान गांव में आयोजित स्वागत समारोह और वितरण प्रक्रिया में निम्नलिखित सामग्रियां और सुविधाएं गौशाला को आधिकारिक रूप से सौंपी गईं:
- 300 क्विंटल सूखा चारा: गौवंश के भरण-पोषण के लिए उच्च गुणवत्ता का सूखा चारा उपलब्ध कराया गया है।
- चारा भंडारण गोदाम: चारे के सुरक्षित भंडारण हेतु एक बड़े गोदाम का निर्माण किया जाना निर्धारित किया गया है।
- स्वराज 855 ट्रैक्टर लोडर: गौशाला के दैनिक कार्यों और सामग्री ढुलाई के लिए स्वराज 855 ट्रैक्टर लोडर प्रदान किया गया है।
- पानी का टैंकर: पेयजल आपूर्ति और प्रबंधन हेतु पानी का टैंकर उपलब्ध कराया गया है।
- अतिरिक्त सामग्री: लगभग 100 से 150 साइड एवं अन्य आवश्यक ढांचागत सामग्रियां प्रदान की गईं हैं।
स्थानीय ग्रामीणों और प्रबंधकों की प्रतिक्रियाएं
कार्यक्रम में गांव के विभिन्न आयु वर्ग के नागरिकों ने भाग लिया। स्थानीय निवासियों में अंकित (बालक), 74 वर्षीय स्थानीय बुजुर्ग ताऊ, गौशाला सेवा कार्य से जुड़े सुल्तान, तथा श्रीचंद ने अपने वक्तव्य में बताया कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की गई इस सहायता से गौशाला बंद होने के कगार से बच गई है। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से इस बात की पुष्टि की कि क्षेत्र में अकाल की स्थिति के दौरान यह सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुई है। ग्रामवासियों ने संत रामपाल जी महाराज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके निर्देशों के अनुपालन की बात कही।
किसानों तथा जरूरतमंद परिवारों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाएं
संत रामपाल जी महाराज के सेवा प्रकल्पों के अंतर्गत केवल गौशालाएं ही नहीं, बल्कि कृषि और सामाजिक वर्ग से जुड़े अन्य क्षेत्रों में भी व्यापक सहायता दी जा रही है:
- निशुल्क कृषि सामग्री: ढाई एकड़ तक भूमि वाले किसानों को खाद, बीज और दवाइयां पूर्णतः निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके लिए किसानों को अपना आधार कार्ड तथा ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण कराना होता है। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 9992600931 और 9992600932 जारी किए गए हैं।
- प्राकृतिक आपदा सहायता: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को सिंचाई पाइप, मोटर, जनरेटर और ईंधन (डीजल) की सहायता प्रदान की गई है।
- अन्नपूर्णा योजना: देश भर के जरूरतमंद, बेघर और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अन्न, आवास निर्माण, बच्चों की शिक्षा का खर्च और चिकित्सा सहायता तब तक प्रदान की जाती है जब तक वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं हो जाते।
सामाजिक सुधार एवं राष्ट्रीय स्तर पर प्रवचन प्रसारण
संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों की संख्या लगभग 15 करोड़ बताई गई है। उनके अनुयायियों के बीच नशीले पदार्थों के सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध है तथा विवाह समारोहों में दहेज प्रथा का पूरी तरह से त्याग किया जाता है, जिन्हें आश्रमों में बिना किसी नकद लेनदेन के संपन्न कराया जाता है। इसके अतिरिक्त, संत रामपाल जी महाराज के सत्संग का प्रसारण प्रतिदिन साधना चैनल पर सायं 7:30 बजे से 8:30 बजे तक किया जाता है। मुख्य संगठनात्मक केंद्र सतलोक आश्रम धनाना धाम, जिला सोनीपत, हरियाणा में स्थित है।
गौशाला को प्रदान की गई सामग्री का विवरण
| विवरण श्रेणी | विवरण / मात्रा | स्थान / संस्था |
| राहत सामग्री (चारा) | 300 क्विंटल सूखा चारा | श्री कृष्ण प्रणामी गौशाला, जोखासर |
| वाहन एवं मशीनरी | स्वराज 855 ट्रैक्टर लोडर | जोखासर, नोहर, हनुमानगढ़, राजस्थान |
| जल प्रबंधन | पानी का टैंकर | श्री राधे कृष्ण गौशाला समिति |
| ढांचागत विकास | चारा भंडारण गोदाम तथा अन्य साइड सामग्री | जोखासर गौशाला परिसर |
गौ सुरक्षा एवं ग्रामीण कल्याण पहल का प्रभाव
संत रामपाल जी महाराज के निर्देशन में संचालित इन राहत कार्यों और सामाजिक कल्याण योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था, गौशाला प्रबंधन तथा जरूरतमंद किसानों को प्रत्यक्ष और दीर्घकालिक सहायता प्राप्त हो रही है। बिना किसी स्थानीय भेदभाव के संचालित इन सेवा अभियानों के माध्यम से देश भर में गौवंश संरक्षण तथा सामाजिक उत्थान के कार्य निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।



