गाँव मालिया, हनुमानगढ़, राजस्थान: श्री कृष्ण गौशाला को भारत के सबसे बड़े दानवीर संत रामपाल जी महाराज द्वारा 400 क्विंटल चारे के उपरांत 60×80 फीट के विशाल शेड की सौगात

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भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गौवंश की सेवा को सर्वोपरि स्थान दिया गया है, परंतु वर्तमान समय में गौशालाओं के संचालन और उनके रखरखाव हेतु पर्याप्त संसाधनों का अभाव एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे कठिन समय में समाज और जरूरतमंदों की सहायता के लिए संत रामपाल जी महाराज का गौ सुरक्षा अभियान निरंतर सक्रियता के साथ धरातल पर ऐतिहासिक कार्य कर रहा है। इसी क्रम में राजस्थान राज्य के हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील के अंतर्गत आने वाले मालिया गांव स्थित श्री कृष्ण गौशाला समिति के लिए संत रामपाल जी महाराज के माध्यम से एक अभूतपूर्व एवं राहतभरी सौगात प्रदान की गई है, जिससे संपूर्ण क्षेत्र के ग्रामीणों और गौसेवकों में हर्षोल्लास का वातावरण व्याप्त है।

​गाँव मालिया के ग्रामीणों द्वारा संत रामपाल जी महाराज के समक्ष सहायता हेतु पहुँचने का वृत्तांत

​जब मालिया गांव की श्री कृष्ण गौशाला में गौवंश के लिए चारे एवं आश्रय की गंभीर समस्या उत्पन्न हुई, तब ग्रामवासियों और गौशाला समिति के सदस्यों ने अपनी इस विकट परिस्थिति के निवारण के लिए संत रामपाल जी महाराज के चरणों में जाकर प्रार्थना की। ग्रामीणों ने बताया कि वे अपनी समस्या लेकर धनाना धाम पहुँचे थे और संत रामपाल जी महाराज के समक्ष गौशाला में सूखे चारे की कमी तथा धूप-बरसात से बचाव के लिए शेड की अनुपस्थिति जैसी मुख्य कठिनाइयों को रखा था। ग्रामीण ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि संत रामपाल जी महाराज ने उनकी पुकार को अत्यंत अल्प समय में ही सुन लिया और बिना किसी विलंब के त्वरित कार्रवाई करते हुए सहायता उनके द्वार तक पहुँचा दी।

यह भी पढ़ें: संत रामपाल जी महाराज के गौ सुरक्षा अभियान के तीसरे चरण में कीकराल की गौशाला को 300 क्विंटल सूखे चारे की राहत

​श्री कृष्ण गौशाला, मालिया, नोहर, हनुमानगढ़, राजस्थान में शेड निर्माण और चारे की आपूर्ति

​संत रामपाल जी महाराज के दिशा-निर्देशों एवं गौ सुरक्षा अभियान के अंतर्गत श्री कृष्ण गौशाला समिति मालिया को सबसे पहले 400 क्विंटल सूखा चारा उपलब्ध कराया गया था। चारे की इस संकटकालीन व्यवस्था के पश्चात, अब संत रामपाल जी महाराज के कर-कमलों तथा आदेशानुसार गौशाला परिसर में 60×80 फीट के विशाल टीन शेड के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया है, जिसके लिए आवश्यक सामग्री का आगमन हो चुका है। गौशाला के अध्यक्ष एवं अन्य स्थानीय निवासियों ने इस बात की पुष्टि की कि जहाँ सरकारी स्तर पर किसी भी प्रकार की सहायता या अनुदान पास होने में महीनों और वर्षों का समय लग जाता है, वहीं संत रामपाल जी महाराज के माध्यम से केवल कुछ ही दिनों के भीतर सूखा चारा और विशाल शेड जैसी बड़ी मदद धरातल पर मूर्त रूप ले चुकी है।

​गौ सुरक्षा अभियान के अंतर्गत राहत प्राप्त गौशालाओं का विवरण

​संत रामपाल जी महाराज के पावन आदेशानुसार संचालित गौ सुरक्षा अभियान के तहत देश के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित गौशालाओं को निरंतर सहायता पहुँचाई जा रही है। इस सेवा कार्य का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार का लोक-दिखावा करना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर वास्तविक रूप से बेजुबान गौवंश को राहत प्रदान करना है। अभियान के तहत अब तक अनेकों गांवों और गौशालाओं में सेवा कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं तथा यह निरंतर जारी रहने वाली एक व्यापक मानवीय श्रृंखला है, जो संकट के समय जरूरतमंदों के लिए एक बड़ा संबल बन चुकी है।

​राहत कार्यों से संबंधित विवरण तालिका

क्रम संख्याविवरण बिन्दुतथ्य एवं विवरण
1स्थान एवं क्षेत्रगांव मालिया, तहसील नोहर, जिला हनुमानगढ़, राजस्थान
2लाभान्वित संस्थाश्री कृष्ण गौशाला समिति, मालिया
3गौशाला में गौवंश संख्यालगभग 200 गौवंश
4प्रदान किया गया सूखा चारा400 क्विंटल सूखा चारा
5प्रदान किया गया शेड आकार60×80 फीट विशाल टीन शेड
6मुख्य प्रेरक एवं मार्गदर्शकसंत रामपाल जी महाराज

संत रामपाल जी महाराज का परम उपकार और बेजुबानों के सच्चे मसीहा

​संत रामपाल जी महाराज ने मालिया गांव की श्री कृष्ण गौशाला के माध्यम से यह सिद्ध कर दिया है कि वे संकटग्रस्त और असहाय बेजुबानों के लिए सच्चे रक्षक एवं दाता हैं, जो बिना किसी विलंब के जरूरतमंदों की पुकार सुनकर उनकी सहायता हेतु तत्पर रहते हैं।

​जिस प्रकार से संत रामपाल जी महाराज के गौ सुरक्षा अभियान के अंतर्गत मात्र कुछ ही दिनों के भीतर 400 क्विंटल चारा और 60×80 फीट का शेड उपलब्ध कराया गया है, वह प्रशासनिक देरी के विपरीत एक अत्यंत तीव्र और अनुकरणीय लोक-कल्याणकारी मॉडल प्रस्तुत करता है।

​जमीनी स्तर पर निष्काम सेवा और मानवता की मिसाल

​संत रामपाल जी महाराज का यह अभियान किसी भी प्रकार के आडंबर से दूर पूर्णतया धरातल पर कार्य करने वाला ऐसा माध्यम है, जिसने देश की गौशालाओं और ग्रामीणों के मन में एक अटूट विश्वास और आशा की किरण जगा दी है।

​हनुमानगढ़ जिले के मालिया गांव के प्रत्येक ग्रामीण और गौशाला समिति के सदस्यों के हृदय में संत रामपाल जी महाराज के प्रति जो अगाध श्रद्धा और सम्मान उपजा है, वह इस बात का प्रमाण है कि उनका यह महान कार्य युगों-युगों तक स्मरणीय रहेगा।

​भारतवर्ष के लिए आदर्श संत और उद्धारक के रूप में संत रामपाल जी महाराज

​ग्रामीणों द्वारा यह उद्गार व्यक्त किया गया कि यदि भारत देश के भीतर संत रामपाल जी महाराज जैसे महापुरुष और संत और अधिक हो जाएं, तो समाज की प्रत्येक समस्या का समाधान सहजता से हो सकता है और संपूर्ण राष्ट्र में सुख-शांति स्थापित हो सकती है।

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