हरियाणा राज्य के जिला जींद के अंतर्गत आने वाले सीमावर्ती गांव जुलहेड़ा में पिछले 10 वर्षों से तालाब के गंदे पानी की निकासी न होने के कारण ग्रामीण गंभीर संकट से जूझ रहे थे। वर्षा ऋतु में तालाब का जलस्तर बढ़ने पर दूषित जल गांव की गलियों तथा रिहाइशी मकानों तक पहुंच जाता था, जिससे ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार की ढांचागत, स्वास्थ्य संबंधी तथा व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
- मकानों की क्षति एवं ध्वस्त होना: लगातार जलभराव के कारण कई मकानों की दीवारों में दरारें (रेड) आ गई थीं और पिछले समय में तीन से चार मकान पूरी तरह गिर चुके थे।
- स्वास्थ्य एवं सुरक्षा जोखिम: लंबे समय तक दूषित जल के जमा रहने से गांव में मच्छरों का प्रकोप, मक्खियां, गंदगी, सांप, जहरीले कीड़े-मकोड़े तथा संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ था।
- आवागमन में बाधा: गांव की मुख्य गलियां जलमग्न रहने के कारण ग्रामीणों का पैदल चलना तथा मवेशियों की आवाजाही बाधित हो रही थी।
- नरकीय जीवन स्थितियां: स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि वे बीते एक दशक से नरकीय जीवन जीने को मजबूर थे तथा हर बारिश में यही समस्या बार-बार उत्पन्न हो जाती थी।
ग्राम पंचायत द्वारा प्रार्थना एवं संत रामपाल जी महाराज द्वारा तुरंत सहायता प्रदान की गई
जलभराव की समस्या से मुक्ति हेतु ग्राम पंचायत जुलहेड़ा ने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत संचालित पशुधन बचाओ अभियान के अंतर्गत संत रामपाल जी महाराज के समक्ष सहायता हेतु प्रार्थना याचिका भेजी।
- प्रारंभिक मांग: ग्राम पंचायत जुलहेड़ा ने शुरुआत में 6,000 फीट पाइपलाइन तथा 1 मोटर की आवश्यकता व्यक्त की थी।
- स्थल सर्वेक्षण: संत रामपाल जी महाराज के निर्देश पर सेवादारों की एक सर्वे टीम गांव जुलहेड़ा पहुंची और धरातलीय स्थिति का जायजा लिया।
- वास्तविक आकलन: सर्वे के दौरान वास्तविक आवश्यकता 6,400 फीट 8 इंची पाइपलाइन तथा 10 एचपी क्षमता की मोटर पाई गई।
- त्वरित स्वीकृति: सर्वे रिपोर्ट संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रस्तुत की गई, जिसे उन्होंने तत्काल स्वीकृत कर दिया।
- 4 दिन में आपूर्ति: ग्राम पंचायत द्वारा प्रार्थना किए जाने के महज 4 दिनों के भीतर संपूर्ण सामग्री का काफिला गांव जुलहेड़ा पहुंचा दिया गया।
- पूर्णतः निशुल्क सेवा: संत रामपाल जी महाराज द्वारा सामग्री की खरीद, परिवहन अथवा भाड़े (किराए) का कोई भी शुल्क ग्राम पंचायत या ग्रामीणों से नहीं लिया गया।
आपूर्ति की गई सामग्री एवं तकनीकी उपकरणों की विस्तृत सूची
संत रामपाल जी महाराज के आदेश से ग्राम पंचायत जुलहेड़ा को जल निकासी हेतु मुख्य उपकरणों के साथ-साथ सभी प्रकार की छोटी-बड़ी एक्सेसरीज प्रदान की गईं :
- 6,400 फीट लंबी 8 इंची पीवीसी पाइपलाइन
- 1 10 एचपी क्षमता की क्रॉम्पटन (Crompton) कंपनी की मोटर
- 20 फीट की सुंडिया पीवीसी पाइप
- पीवीसी बैंड (PVC Bends) एवं लोहे का बैंड (Iron Bends)
- पाइप जोड़ने हेतु फेविकोल (Solvent/Adhesive)
- 1 एलएंडटी (L&T) कंपनी का स्टार्टर
- विद्युतीकरण एवं मोटर संचालन हेतु कनेक्शन वायर (Connection Wires)
- पाइपलाइन से हवा निकालने हेतु एयर वाल्व (Air Valves)
- पीवीसी प्लेट (PVC Plates)
- जैन, क्लिप, डस्टर एवं स्टील के नट-बोल्ट (Steel Nuts and Bolts)
गांव जुलहेड़ा में सामग्री आगमन पर ग्रामवासियों द्वारा स्वागत
सामग्री से भरा वाहनों का काफिला गांव जुलहेड़ा सीमा पर पहुंचने पर ग्रामीणों, सरपंच प्रतिनिधि तथा युवाओं ने भव्य स्वागत किया।
ग्रामीण अपने-अपने ट्रैक्टरों के साथ गांव के बाहर एकत्र हुए और काफिले को अगवानी देकर कार्यक्रम स्थल तक लाए। सेवादारों एवं गांव के प्रबुद्ध नागरिकों ने मंगलाचरण पाठ के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों की थाप, पुष्प वर्षा तथा संत रामपाल जी महाराज के स्वरूप पर फूल-मालाएं अर्पित कर आभार व्यक्त किया। सरपंच प्रतिनिधि एवं ग्रामीणों ने कहा कि जो कार्य स्थानीय सरकारें या जनप्रतिनिधि वर्षों में नहीं कर सके, उसे संत रामपाल जी महाराज ने मात्र 4 दिनों के भीतर पूरा कर दिया।
संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित अन्य सामाजिक एवं कृषक कल्याण अभियान
कार्यक्रम के दौरान सेवादार प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा देश भर में निःस्वार्थ भाव से विभिन्न जनकल्याणकारी अभियान चलाए जा रहे हैं:
- कृषक कल्याण (मुफ्त खाद, बीज एवं दवाई): संत रामपाल जी महाराज द्वारा ढाई एकड़ तक के छोटे किसानों को मुफ्त खाद, बीज तथा कृषि दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके लिए किसानों को फर्द, आधार कार्ड तथा ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पंजीकरण पत्र के साथ आश्रम में संपर्क करना होता है। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 9992600931 तथा 9992600932 जारी किए गए हैं।
- पेजल एवं पाइपलाइन योजनाएं: अब तक किसान मजदूर बचाओ अभियान (फेज 2), शुद्ध पेयजल सेवा अभियान तथा पशुधन बचाओ अभियान के तहत भारत के 100 से अधिक गांवों में जल निकासी एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था पूरी की जा चुकी है।
- आवास एवं राशन सहायता: अन्नपूर्णा मुहिम के तहत असहाय, बेघर व गरीब परिवारों को 10 से 15 दिनों में किचन व वॉशरूम युक्त पक्के मकान बनाकर दिए जाते हैं तथा जरूरतमंदों को मासिक राशन सामग्री दी जाती है।
- दहेज मुक्त समाज व नशा मुक्ति: संत रामपाल जी महाराज के करोड़ों अनुयायी किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहते हैं तथा बिना लेन-देन के पूर्णतः दहेज-मुक्त विवाह (रमैणी) संपन्न करते हैं।
गांव जुलहेड़ा जल निकासी परियोजना का विवरण
| विवरण श्रेणी | विशिष्ट तथ्य एवं आंकड़े |
| स्थान / गांव | गांव जुलहेड़ा, जिला जीन्द, हरियाणा (जींद जिले का आखिरी गांव) |
| प्राप्तकर्ता | ग्राम पंचायत जुलहेड़ा |
| अभियान | अन्नपूर्णा मुहिम (पशुधन बचाओ अभियान) |
| प्रदान की गई पाइपलाइन | 6,400 फीट (8 इंची व्यास) |
| प्रदान की गई मोटर | 10 एचपी मोटर (क्रॉम्पटन कंपनी) एवं एलएंडटी स्टार्टर |
| प्रार्थना से आपूर्ति समय | मात्र 4 दिन |
| ग्रामीणों हेतु लागत | ₹0 (पूर्णतः निशुल्क, शून्य परिवहन शुल्क) |
| लाभान्वित क्षेत्र/प्रभाव | तालाब का गंदा जल, जलभराव से प्रभावित मकान व गांव की गलियां |
जुलहेड़ा गांव की जलभराव समस्या का स्थायी समाधान एवं भावी प्रभाव
संत रामपाल जी महाराज द्वारा 6,400 फीट पाइपलाइन तथा 10 एचपी मोटर उपलब्ध कराए जाने से गांव जुलहेड़ा के तालाब तथा गलियों में वर्षों से जमा दूषित जल को गांव से बाहर निकाला जा सकेगा। इससे मकानों की दीवारों में आ रही दरारें और उनके ढहने का खतरा समाप्त होगा। गंदे पानी की निकासी होने से मच्छरों, मक्खियों तथा संक्रामक बीमारियों के प्रसार पर अंकुश लगेगा।
इसके अतिरिक्त, निकाला गया जल खेतों तक पहुंचने से कृषि कार्य एवं पशुधन के लिए सुरक्षित वातावरण निर्मित होगा, जिससे गांव जुलहेड़ा को जलभराव से स्थायी मुक्ति प्राप्त होगी जिसका श्रेय निःसन्देह संत रामपाल जी महाराज को ही जाता है।



