हरियाणा राज्य के भिवानी जिले की सिवानी तहसील के अंतर्गत स्थित गांव नलोई तथा इससे संबद्ध ढाणी रामजस, ढाणी किशन लाल और ढाणी मीठी की संयुक्त गौशाला (श्री श्याम गौ सेवा समिति नलोई) के विकास हेतु संत रामपाल जी महाराज ने एक करोड़ रुपये मूल्य की सामग्री प्रदान की है। दिनांक 27 सितंबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में गांव के निवासियों, गौशाला समिति के पदाधिकारियों, महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया। और सभी संत रामपाल जी महाराज जी की इस अनोखी सहायता की महिमा करते नज़र आये ।
गौशाला समिति द्वारा प्रस्तुत मांगें एवं संत रामपाल जी महाराज द्वारा स्वीकृत सहायता
गांव नलोई की गौशाला समिति और ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल एक सप्ताह पूर्व संत रामपाल जी महाराज से व्यक्तिगत रूप से भेंट करने पहुंचा था। समिति द्वारा गौवंश के संरक्षण हेतु निम्नलिखित मांगें रखी गईं, जिन्हें संत रामपाल जी महाराज ने तत्काल स्वीकृत कर लिया:
- गौशाला परिसर के भीतर एक सौ गुना दो सौ फीट (100×200 फीट) का विशाल शेड का निर्माण।
- शेर्डा नोई रोड से गौशाला के अंतिम छोर तक सोलह सौ फीट लंबा तथा बीस फीट चौड़ा पक्का ब्लॉक ईंटों का रास्ता।
- गौवंश के लिए सवा पांच सौ क्विंटल (525 क्विंटल) तूड़ी (चारा) का दान।
- इस संपूर्ण परियोजना पर अनुमानित लागत कम से कम एक करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। संत रामपाल जी महाराज के निर्देशानुसार तकनीकी एवं सर्वे टीमों ने स्थल का दो बार निरीक्षण कर निर्माण कार्य आरंभ कर दिया है।
अन्नपूर्णा मुहिम के तहत राष्ट्रव्यापी एवं क्षेत्रवार संचालित अन्य सामाजिक कल्याणकारी योजनाएं
संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित अन्नपूर्णा मुहिम और गौ सुरक्षा अभियान के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में निम्नलिखित सामाजिक और आर्थिक कल्याणकारी कार्य निरंतर किए जा रहे हैं:
- गरीब और असहाय सहायता: जिन परिवारों में कमाने वाले सदस्य की मृत्यु हो चुकी है या जो गंभीर रूप से बीमार हैं, उनके घरों में राशन, गैस सिलेंडर, चूल्हा, बच्चों की शिक्षा की फीस और वस्त्र उपलब्ध कराए जाते हैं।
- निशुल्क चिकित्सा सेवाएं: गंभीर तथा असाध्य रोगों से ग्रस्त असहाय मरीजों के लिए निःशुल्क इलाज की व्यवस्था की जाती है।
- किसान और मजदूर कल्याण: ढाई एकड़ भूमि तक के किसानों को कृषि हेतु खाद, बीज, दवाइयां और स्प्रे निःशुल्क प्रदान किए जाते हैं। इसके लिए किसानों को केवल फरद, मेरी फसल मेरा ब्यौरा और आधार कार्ड प्रस्तुत करना होता है।
- आपदा एवं राहत कार्य: आगरा से अमृतसर तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नावों के माध्यम से जल निकासी और फसल कटाई में सहायता तथा चूरू, नौहर, हनुमानगढ़ और गंगानगर जैसे सूखे से प्रभावित क्षेत्रों में हजारों ट्रैक्टरों के माध्यम से चारे की नियमित आपूर्ति की जाती है।
- आश्रम संपर्क नंबर: जरूरतमंद नागरिक सहायता प्राप्ति हेतु आश्रम के आधिकारिक दूरभाष नंबर 9992600931 और 9992600932 पर संपर्क कर सकते हैं।
गौशाला एवं राहत सामग्री वितरण सारांश तालिका
| विवरण श्रेणी | विवरण / मात्रा | लागत / मूल्य |
| भौगोलिक स्थिति | गांव नलोई, तहसील सिवानी, जिला भिवानी (हरियाणा) | – |
| गौशाला शेड | 100 × 200 फीट विशालकाय शेड | – |
| पक्का मार्ग | 1600 फीट लंबाई × 20 फीट चौड़ाई (ब्लॉक ईंट मार्ग) | – |
| चारा (तूड़ी) | सवा 500 क्विंटल (525 क्विंटल) तूड़ी | – |
| कुल लागत | अनुमानित न्यूनतम 1 करोड़ रुपये | ₹1,00,00,000 |
| संपर्क सूत्र | 9992600931, 9992600932 | – |
नलोई गांव तथा आसपास के क्षेत्रों में संचालित कल्याणकारी कार्यों का प्रभाव
गांव नलोई, ढाणी रामजस, ढाणी किशन लाल और ढाणी मीठी के निवासियों ने संत रामपाल जी महाराज के प्रति आभार व्यक्त किया है। पारंपरिक प्रशासनिक प्रक्रियाओं के विपरीत संत रामपाल जी महाराज के आश्रम में बिना किसी मध्यस्थ या विलंब के सीधे संवाद के माध्यम से एक सप्ताह के भीतर सहायता सामग्री और निर्माण कार्य मौके पर उपलब्ध कराए गए हैं। गौवंश के संरक्षण, किसानों की सहायता और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में संत रामपाल जी महाराज द्वारा उठाए गए इन ठोस कदमों से स्थानीय समाज में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।



