राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील के अंतर्गत आने वाले रानीसर गांव में स्थित श्री कृष्णा गौशाला में संत रामपाल जी महाराज के गौ सुरक्षा अभियान के तहत 200 क्विंटल सूखा चारा (तूड़ी) वितरित किया गया। रानीसर गांव में लगभग 200 घर हैं और चारे के संकट से जूझ रही गौशाला के लिए गांव के 72 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल (जिसमें गौशाला सचिव महावीर जी और अन्य ग्रामीण शामिल थे) ने 13 तारीख को रविवार के दिन हरियाणा के सोनीपत जिले में स्थित सतलोक आश्रम धनाना धाम की यात्रा की थी।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा संत रामपाल जी महाराज के समक्ष निम्नलिखित मांगें प्रस्तुत की गई थीं:
- सूखा चारा (तूड़ी): 165 क्विंटल चारे की मांग
- शेड निर्माण: 60×200 फीट का शेड चारदीवारी के साथ
- कृषि वाहन: 35 या 40 हॉर्स पावर का ट्रैक्टर और ट्रॉली
- जल आपूर्ति: 7000 लीटर क्षमता का पानी का टैंकर
संत रामपाल जी महाराज ने प्रतिनिधिमंडल की मांग पर तत्काल प्रभाव से 165 क्विंटल की मांग के विरुद्ध 200 क्विंटल सूखा चारा स्वीकृत किया, जो तुरंत प्रभाव से रानीसर गांव की श्री कृष्णा गौशाला में पहुंचा दिया गया। इसके अतिरिक्त, शेड, ट्रैक्टर-ट्रॉली और पानी के टैंकर की मांगों का सर्वे कराकर समय आने पर संत रामपाल जी महाराज के आदेश से पूर्ण करने का प्रावधान किया गया है।
ग्रामीणों की सहभागिता एवं भव्य स्वागत समारोह
राहत सामग्री लेकर पहुंचे काफिले और संत रामपाल जी महाराज के स्वरूप का स्वागत करने के लिए रानीसर गांव के बाहर लगभग 50 से अधिक ट्रैक्टरों का काफिला और सैकड़ों ग्रामीण एकत्रित हुए। गांव के बुजुर्गों, युवाओं, माताओं और बहनों ने मंगलाचरण के साथ संत रामपाल जी महाराज के स्वरूप का स्वागत किया और फूलों की वर्षा की। स्वागत समारोह और राहत वितरण कार्यक्रम के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- प्रतिनिधिमंडल यात्रा: गांव के 72 सदस्यों ने धनाना धाम जाकर चारे और अन्य उपकरणों की मांग रखी थी।
- त्वरित राहत प्रेषण: मांग से अधिक यानी 165 क्विंटल के स्थान पर 200 क्विंटल उच्च गुणवत्ता का सूखा चारा तुरंत गौशाला को प्राप्त हुआ।
- स्थानीय दान एवं योगदान: कार्यक्रम के दौरान सुनील सिंह गोदारा (लाखासर) द्वारा 51,000 रुपये का गौशाला दान तथा अन्य सामाजिक सहयोगों का उल्लेख किया गया।
- सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संदेश: संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में समाज को नशा-मुक्त बनाने, दहेज-मुक्त विवाह करने तथा वेदों और गीता के आधार पर यथार्थ भक्ति करने का संदेश दिया जा रहा है।
संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित राष्ट्रव्यापी लोक कल्याणकारी परियोजनाएं
संत रामपाल जी महाराज द्वारा देश भर में विभिन्न समाज सुधारक और जनकल्याणकारी अभियान संचालित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान साझा की गई जानकारी के अनुसार प्रमुख सेवा कार्य इस प्रकार हैं:
- गौ सुरक्षा अभियान: देश भर की गौशालाओं में सूखा चारा, शेड, ट्रैक्टर, टैंकर और पाइपलाइन की निःशुल्क व्यवस्था।
- अन्नपूर्णा योजना: बेसहारा, असहाय और गरीब परिवारों को राशन, भोजन और आवश्यक सामग्री का वितरण।
- आवास एवं शिक्षा: गरीब बच्चों की शिक्षा और बेसहारा परिवारों के लिए मकान निर्माण कार्य।
- स्वास्थ्य सेवाएं: सभी प्रकार की बीमारियों के लिए निःशुल्क चिकित्सा परामर्श और दवाइयां।
- नशा एवं दहेज मुक्ति: समाज को कुरीतियों से मुक्त कर स्वस्थ और सुखी जीवन पद्धति प्रदान करना।
राहत सामग्री वितरण और स्वीकृत विकास कार्यों का विवरण
| सहायता श्रेणी | मांग विवरण | स्वीकृत एवं वितरित विवरण | स्थान / लाभार्थी |
| सूखा चारा (तूड़ी) | 165 क्विंटल | 200 क्विंटल (तत्काल वितरित) | श्री कृष्णा गौशाला, रानीसर, नोहर, हनुमानगढ़, राजस्थान |
| शेड निर्माण | 60×200 फीट (चारदीवारी सहित) | सर्वे उपरांत प्रक्रियाधीन | श्री कृष्णा गौशाला, रानीसर, नोहर, हनुमानगढ़, राजस्थान |
| ट्रैक्टर व ट्रॉली | 35-40 हॉर्स पावर ट्रैक्टर-ट्रॉली | सर्वे उपरांत प्रक्रियाधीन | श्री कृष्णा गौशाला, रानीसर, नोहर, हनुमानगढ़, राजस्थान |
| पानी का टैंकर | 7000 लीटर क्षमता | सर्वे उपरांत प्रक्रियाधीन | श्री कृष्णा गौशाला, रानीसर, नोहर, हनुमानगढ़, राजस्थान |
| राष्ट्रव्यापी परियोजनाएं | अन्नपूर्णा, चिकित्सा, आवास, शिक्षा | राष्ट्रव्यापी संचालित | विभिन्न आश्रम क्षेत्र एवं राज्य |
रानीसर गौशाला में सहायता का प्रत्यक्ष प्रभाव और सामाजिक परिणाम
संत रामपाल जी महाराज द्वारा रानीसर गांव की श्री कृष्णा गौशाला को 200 क्विंटल सूखा चारा समय पर उपलब्ध कराने से गौवंश के संरक्षण में आ रही गंभीर कठिनाइयां समाप्त हो गई हैं। गौशाला समिति के पदाधिकारियों और ग्रामवासियों ने स्पष्ट किया कि संत रामपाल जी महाराज के इस पारदर्शी और त्वरित सहायता तंत्र से समाज के पीड़ित और जरूरतमंद वर्गों को वास्तविक राहत प्राप्त हो रही है। संत रामपाल जी महाराज के इन अभियानों से देश भर में गौ सेवा, सामाजिक समरसता और मानवीय कल्याण के नए मानक स्थापित हो रहे हैं।



