विश्व के सबसे बड़े दानवीर संत रामपाल जी महाराज ने बनियाला गौशाला को दी 1300 क्विंटल चारे की मदद, ग्रामीणों ने जताया आभार

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राजस्थान के जिला चूरू अंतर्गत तारानगर तहसील के गांव बनियाला में श्री श्याम गौ सेवा समिति संचालित गौशाला में गंभीर चारा संकट के बीच संत रामपाल जी महाराज की ओर से बड़ी राहत सामग्री पहुंचाई गई है। यह गौशाला बनियाला, ढाणी माना और भाड़ंग तीनों गांवों की सम्मिलित गौशाला है। अकाल और सूखे की विकट परिस्थितियों के कारण गौशाला में चारे की भारी किल्लत हो गई थी और गोवंश के समक्ष पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया था। इस मानवीय स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों और गौशाला प्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष सहायता की प्रार्थना रखी थी। इस विनती को स्वीकार करते हुए संत रामपाल जी महाराज की ओर से गौ सुरक्षा अभियान के अंतर्गत तुरंत राहत पहुंचाई गई।

अकाल के बीच गौशाला में गहराया चारे का संकट

चूरू जिले का यह ग्रामीण क्षेत्र भीषण सूखे और अकाल की मार झेल रहा था। गौशाला प्रबंधन के पास पशुओं के लिए पर्याप्त चारा जुटाने के सीमित साधन थे। ग्रामीणों के अनुसार पहले वे प्रतिदिन चंदे या अपने प्रयासों से एक-दो पिकअप यानी केवल 20-25 क्विंटल तक चारा ही ला पाते थे। पूरे सीजन में भी 1300 क्विंटल चारा इकट्ठा करना ग्रामीणों और पंचायतों के लिए संभव नहीं हो पा रहा था। स्थानीय स्तर पर कचरे और तूड़े की अत्यधिक किल्लत से गायें भूखी रहने को विवश थीं। संसाधनों की इस कमी ने बाहरी मानवीय सहायता की आवश्यकता को अत्यंत अनिवार्य बना दिया था।

विश्व के सबसे बड़े दानवीर संत रामपाल जी महाराज की ओर से 1300 क्विंटल चारा व संसाधन स्वीकृत

संत रामपाल जी महाराज की मानवीय पहल के तहत श्री श्याम गौ सेवा समिति को 26 गाड़ियों में भरकर कुल 1300 क्विंटल उच्च गुणवत्ता वाला गेहूं का सूखा चारा (तूड़ा) मौके पर उपलब्ध करवाया गया। चारे के साथ-साथ गौशाला की ओर से रखी गई अन्य तीन मांगों को भी संत रामपाल जी महाराज द्वारा स्वीकार कर लिया गया। इनमें 200 × 30 फुट आकार का एक बड़ा टिन शेड, जॉन डियर कंपनी का एक लोडर-सहित ट्रैक्टर और गौशाला के लिए एक टेम्पो/पिकअप शामिल हैं। सेवादारों के अनुसार 1300 क्विंटल चारा गौशाला को हैंडओवर कर दिया गया है, जबकि शेड, ट्रैक्टर और टेम्पो गौशालाओं की क्रमवार सूची के तहत तैयार कर शीघ्र उपलब्ध कराए जाएंगे।

ग्रामीणों और गौशाला प्रतिनिधियों ने रखी अपनी बात

गाँव में सहायता पहुंचने पर ग्रामीणों और प्रतिनिधियों ने खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं:

  1. ओम प्रकाश पूनिया (ग्रामीण): इन्होंने बताया कि संत रामपाल जी महाराज ने गौशाला को 1300 क्विंटल सूखा गेहूं का तूड़ा भेजा है और इसके साथ 200 × 30 फुट का टिन शेड, लोडर ट्रैक्टर और पिकअप/टेम्पो की मांग भी स्वीकार की है।
  1. बिहारी लाल: बुजुर्ग ग्रामीण बिहारी लाल ने खुशी जताते हुए कहा कि संकट की घड़ी में सरकार भी जो नहीं कर सकी, वह संत रामपाल जी महाराज ने कर दिखाया और करोड़ों की लागत का सामान देकर बड़ी राहत पहुंचाई।
  1. गौशाला अध्यक्ष: गौशाला अध्यक्ष ने पुष्टि की कि 1300 क्विंटल बढ़िया कनक (गेहूं) का चारा गौशाला में आ चुका है और टिन शेड, ट्रैक्टर व टेम्पो की बाकी तीन मांगें भी मंजूर हो चुकी हैं, जिसके लिए तीनों गांवों की तरफ से वे आभारी हैं।
  1. गौशाला प्रतिनिधिमंडल सदस्य: प्रतिनिधिमंडल में शामिल ग्रामीण ने बताया कि करीब 28-30 लोग गए थे और मात्र एक घंटे के भीतर उनकी चारों मांगें स्वीकार कर ली गईं तथा चार-पांच दिनों के भीतर ही 1300 क्विंटल चारा गांव पहुंच गया।
  1. दीपचंद सियाग (ग्रामीण): इन्होंने बताया कि चारे की 26 गाड़ियां गांव में पहुंची हैं और संकट के समय में ऐसी सहायता मिलने से पूरे गांव में अत्यधिक खुशी का माहौल है।

त्वरित कार्यवाही और पारदर्शी वितरण व्यवस्था

इस राहत कार्य में मांग से लेकर आपूर्ति तक की प्रक्रिया बेहद त्वरित और उत्तरदायी रही। ग्रामीणों द्वारा सहायता की अर्जी लगाए जाने के मात्र चार से पांच दिनों के भीतर 26 गाड़ियों में भरकर चारा गौशाला परिसर में पहुंच गया। सेवादारों ने सभा में स्पष्ट किया कि चारे की गुणवत्ता की पूरी जांच की जाती है और यदि किसी गाड़ी में तूड़ा खराब पाया जाए तो उसे तुरंत वापस कर सही माल उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही टिन शेड और वाहनों के वितरण के लिए निष्पक्षता से क्रमवार व्यवस्था अपनाई जा रही है। संत रामपाल जी महाराज से जुड़ी ये कल्याणकारी गतिविधियां उनके अनुयायियों के सहयोग से संचालित की जाती हैं, जिसका उद्देश्य बिना किसी राजनीतिक या चुनावी स्वार्थ के विशुद्ध निष्काम जनसेवा करना है।

सामाजिक सुधारक के रूप में संत रामपाल जी महाराज की भूमिका

बनियाला गौशाला में दी गई यह सहायता हरियाणा के सबसे बड़े दानवीर संत रामपाल जी महाराज के व्यापक समाज सुधार और सेवा अभियान का हिस्सा है। उनका उद्देश्य केवल गौ सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा राहत, बाढ़ पीड़ितों को पाइप और मोटर उपलब्ध कराना, बेसहारा परिवारों के मकान बनवाना और किसानों को निशुल्क खाद-बीज उपलब्ध कराना भी इसमें शामिल है। इसके अतिरिक्त, दहेज-मुक्त 17 मिनट की सादगीपूर्ण शादी (रमैणी) और नशा मुक्ति के जरिए एक नैतिक समाज का निर्माण उनकी प्रमुख शिक्षाओं का अंग है। वे पवित्र वेदों और गीता जी के अनुसार तत्वज्ञान देने वाले पूर्ण संत एवं कबीर परमेश्वर के स्वरूप हैं। धार्मिक आस्थाओं के साथ-साथ संकट में बेजुबानों और जरूरतमंदों की मदद करना उनके सामाजिक सुधार दर्शन की मुख्य धुरी बनकर सामने आता है।

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